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मीडिया मुगल मर्डोक फिर उतरे मैदान में, ‘द सन ऑन संडे’ लांच

पिछले कई महीनों से फोन हैकिंग के आरोपों के मुकदमों और बदनामी का दंश झेल रहे मीडिया मुगल रुपर्ट मर्डोक एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं। ‘द न्‍यूज ऑफ द वर्ल्‍ड’ के बंद होने के बाद परेशानी में चल रहे मर्डोक ने रविवार से नई राह चुकी है। मर्डोक अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले टैबलॉइड अखबार ‘द सन’ का संडे एडिशन लांच किया है। अखबार की लांचिंग के दौरान उन्होंने लोगों को आश्वासन तथा भरोसा दिया है कि अब फोन हैकिंग जैसी घटना दोबारा नहीं होगी।

मर्डोक ने ‘द सन’ को 1969 में खरीदा था। तब ये लगायत अब तक यह अखबार संडे को छोड़कर सप्‍ताह के छह दिन प्रकाशित किया जा रहा है। संड़े को मर्डोक की कंपनी 168 साल पुराने अखबार ‘द न्‍यूज ऑफ द वर्ल्‍ड’ का प्रकाशन करती थी। मर्डोक के इस अखबार की बिक्री लाखों में थी। ब्रिटेश के सबसे ज्‍यादा चर्चित अखबारों में शामिल था ‘द न्‍यूज ऑफ द वर्ल्‍ड’, पर फोन हैकिंग के विवादों के बाद इस अखबार को बंद कर दिया गया था। कई गिरफ्तारियां भी हुई थी। कंपनी, अखबार के साथ मर्डोक पिता-पुत्र की भी काफी छीछालेदर हुई थी।

मर्डोक ने अब अब ‘न्‍यूज ऑफ द वर्ल्‍ड’ की जगह सन का ‘द सन’ के ‘संडे एडिशन’ लांच करके अपने खोए हुए पाठकों को दोबारा हासिल करने की कोशिश में जुट गए हैं। पिछले सप्ताह मर्डोक लंदन आए थे और उन्होंने द सन के पहले संडे एडिशन की प्रिंटिंग भी देखी। अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ने के पुराने फार्मूले ‘कम दाम’ यानी प्राइस वार पर चलते हुए मर्डोक ने अपने अखबार की कीमत मात्र 50 पेंस रखी है। खबर है कि इस अखबार के पहले अंक को बढि़या प्रतिक्रिया मिली है।

‘द सन ऑन सनडे’ के प्राइव वार के चक्‍कर में डेली स्टार संडे ने भी अपने दाम एक पाउंड से घटाकर 50 पेंस कर दिए हैं। डेली मिरर ने अपनी कीमतें पूर्ववत एक पाउंड ही रखी हैं। द सन के संडे अवतार का ले आउट पहले जैसा ही रहेगा। इसके कंटेंट में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। द सन ऑन सनडे के पहले संस्करण के एक संपादकीय में लिखा गया कि पाठक पत्रकारों पर सभ्याचार के नियम पालन करने का भरोसा कर सकते हैं। पाठक और आलोचक इसकी तुलना बंद हो चुके अखबार न्यूज ऑफ द वर्ल्ड से जरूर करेंगे।

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