Loading...
You are here:  Home  >  मीडिया  >  Current Article

साल भर बाद पूनम पांडेय ने निभाया न्यूड होने का वादा, वो भी आधा ‘For Adults Only’

By   /  March 1, 2012  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

श्रीलंका पर टीम इंडिया की 28 फरवरी को हुई धमाकेदार जीत से कप भले ही न मिला हो, हॉट मॉडल पूनम पांडेय ने टॉपलेस होकर अपना तोहफा दे दिया है। इंटरनेट पर तो इस फोटो की धूम मच गई है। खास बात यह है कि इस फोटो के साथ चेतावनी भी जारी की गई जिसमें साफ-साफ कहा गया है कि 18 वर्ष से कम आयु के लोग इस फोटो पर नजर न डालें। 

खबर है कि पूनम ने श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया का शानदार मैच लाइव देखा और जीत पर खुशी से झूम उठीं थी। इसके फौरन बाद उन्होंने टीम के लिए टॉपलेस फोटो अपलोड करने का वायदा कर डाला। मैच के दौरान ही पूनम ने अपने चाहने वालों से ट्वीट करना शुरू कर दिया था। जैसे ही टीम इंडिया को जीत मिली, पूनम ने टॉपलेस फोटो जल्द ही पोस्ट करने का वायदा कर दिया। पूनम ने अपने ट्वीट पर ही अपनी उस फोटो का नाम ‘पूनम विदआउट बिकनी’ रख डाला था।

लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन पूनम ने अपना वायदा निभा दिया। हालांकि उन्होंने अपनी सिर्फ एक टॉपलेस फोटो पोस्ट की है। उनके चाहने वाले इसे पूनम का टीम इंडिया को जीत का तोहफा बता रहे हैं। हालांकि कुछ लोग इस फोटो को गरमा-गरम मान रहे है जबकि कुछ को निराशा हाथ लगी है, उन्हें और ज्यादा बिंदास फोटोग्राफ की उम्मीद थी। ग़ौरतलब है कि पूनम ने वर्ल्‍डकप में टीम इंडिया की जीत पर न्‍यूड होने का वादा किया था।

इससे पहले पूनम पांडेय अपनी बिकीनी से ट्विटर पर तहलका मचा चुकी हैं। पूनम ने ट्विटर पर अपनी कई बिकीनी फोटो अपलोड की थी। जिससे वह इस सोशल साइट पर छा गई। ट्विटर पर पूनम का इतना शोर था कि #PoonamPandeyinBikini ट्विटर ट्रेंड्स में टॉप 5 में छा गया था। पूनम ने अपने अनोखे ऑफर में ट्वीट किया था कि जो भी अपने ट्वीट में #BikiniPandey को शामिल करेगा, वह ऐसे पहले 100 लोगों को फॉलो करेंगी। पूनम की इस घोषणा के बाद उनके फॉलोअर्स की लाइन लग गई थी।

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

एक जज की मौत : The Caravan की सिहरा देने वाली वह स्‍टोरी जिस पर मीडिया चुप है..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: