/साल भर बाद पूनम पांडेय ने निभाया न्यूड होने का वादा, वो भी आधा ‘For Adults Only’

साल भर बाद पूनम पांडेय ने निभाया न्यूड होने का वादा, वो भी आधा ‘For Adults Only’

श्रीलंका पर टीम इंडिया की 28 फरवरी को हुई धमाकेदार जीत से कप भले ही न मिला हो, हॉट मॉडल पूनम पांडेय ने टॉपलेस होकर अपना तोहफा दे दिया है। इंटरनेट पर तो इस फोटो की धूम मच गई है। खास बात यह है कि इस फोटो के साथ चेतावनी भी जारी की गई जिसमें साफ-साफ कहा गया है कि 18 वर्ष से कम आयु के लोग इस फोटो पर नजर न डालें। 

खबर है कि पूनम ने श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया का शानदार मैच लाइव देखा और जीत पर खुशी से झूम उठीं थी। इसके फौरन बाद उन्होंने टीम के लिए टॉपलेस फोटो अपलोड करने का वायदा कर डाला। मैच के दौरान ही पूनम ने अपने चाहने वालों से ट्वीट करना शुरू कर दिया था। जैसे ही टीम इंडिया को जीत मिली, पूनम ने टॉपलेस फोटो जल्द ही पोस्ट करने का वायदा कर दिया। पूनम ने अपने ट्वीट पर ही अपनी उस फोटो का नाम ‘पूनम विदआउट बिकनी’ रख डाला था।

लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा, लेकिन पूनम ने अपना वायदा निभा दिया। हालांकि उन्होंने अपनी सिर्फ एक टॉपलेस फोटो पोस्ट की है। उनके चाहने वाले इसे पूनम का टीम इंडिया को जीत का तोहफा बता रहे हैं। हालांकि कुछ लोग इस फोटो को गरमा-गरम मान रहे है जबकि कुछ को निराशा हाथ लगी है, उन्हें और ज्यादा बिंदास फोटोग्राफ की उम्मीद थी। ग़ौरतलब है कि पूनम ने वर्ल्‍डकप में टीम इंडिया की जीत पर न्‍यूड होने का वादा किया था।

इससे पहले पूनम पांडेय अपनी बिकीनी से ट्विटर पर तहलका मचा चुकी हैं। पूनम ने ट्विटर पर अपनी कई बिकीनी फोटो अपलोड की थी। जिससे वह इस सोशल साइट पर छा गई। ट्विटर पर पूनम का इतना शोर था कि #PoonamPandeyinBikini ट्विटर ट्रेंड्स में टॉप 5 में छा गया था। पूनम ने अपने अनोखे ऑफर में ट्वीट किया था कि जो भी अपने ट्वीट में #BikiniPandey को शामिल करेगा, वह ऐसे पहले 100 लोगों को फॉलो करेंगी। पूनम की इस घोषणा के बाद उनके फॉलोअर्स की लाइन लग गई थी।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.