Loading...
You are here:  Home  >  दुनियां  >  देश  >  राज्य  >  Current Article

कार्रवाई से बौखला गया कृपाशंकर सिंह का परिवार, बेटे ने मीडिया को किया अभद्र इशारा

By   /  March 3, 2012  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

मुंबई: मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कृपाशंकर सिंह और उनके परिजनों पर आय से अधिक सम्‍पत्ति के मामले का मुकदमा दर्ज होने तथा सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद लग रहा है यह परिवार बौखला गया है। अब कृपाशंकर सिंह और उनके परिजनों पर गिरफ्तारी की भी तलवार लटक रही है। कृपाशंकर पूरे दिन गायब रहे। मीडिया उनका पक्ष जानने के लिए उनके घर के पास मौजूद थी तो कृपाशंकर सिंह के बेटे नरेंद्र सिंह ने मीडियाकर्मियों को भद्दा इशारा करते दिखे।

कहा जा रहा है कि कृपाशंकर गिरफ्तारी से बचने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं और उनका पूरा परिवार मुश्किल में है। उनकी पत्‍नी, बेटा, बहू, बेटी, दामाद सब पर आय से अधिक सम्‍पत्ति की तलवार लटक रही है। इस बीच पुलिस ने उनका मुंबई में स्थित बंगला और फ्लैट सील कर दिया है। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे मुंबई क्राइम ब्रांच और एसआईटी ने कृपाशंकर के बांद्रा स्थित बंगले पर छापा मारा था।

मीडियाकर्मी जब इस मामले में खबर करने के लिए कृपाशंकर सिंह के घर के सामने खड़े थे तो उनके बेटे नरेंद्र सिंह अपने घर से मीडियाकर्मियों के लिए अंगुली का इशारा करते हुए दिखे। इस अभद्र इशारे की मीडियाकर्मियों ने निंदा की है। मीडियाकर्मियों का कहना है कि वे अपना काम कर रहे थे परन्‍तु नरेंद्र सिंह ने उनलोगों की तरफ भद्दे इशारे करने के बाद चले गए। उल्‍लेखनीय है कि कृपाशंकर इनदिनों मुश्किलों में हैं। पहले बीएमसी की हार, फिर मुंबई कांग्रेस का अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा और अब आय से अधिक सम्‍पत्ति मामले ने उन्‍हें तथा उनके परिवार को परेशान कर रखा है।

हालांकि बाद में कृपाशंकर सिंह के बेटे ने अपनी आपत्तिजनक इशारेबाजी के लिए मीडिया से माफी मांगी है। नरेंद्र ने दुख जताते हुए कहा है कि वो एक जिम्‍मेदार नागरिक है और मीडिया का सम्‍मान करते हैं। उन्‍होंने जो अश्‍लील इशारा किया वो गलत है। इसके लिए मैं सभी मीडियाकर्मियों से क्षमा मांगता हूं।

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

You might also like...

रवीश कुमार का ख़त, बिहारियों के नाम..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: