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जीएनएन में एस के राय के खिलाफ़ असंतोष, अतुल ने कहा गुडबाय

By   /  May 18, 2011  /  1 Comment

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खबर है कि अपकमिंग न्यूज चैनल जीएनएन में एस के राय के खिलाफ़ असंतोष अपने चरम पर है। सबसे पहले ज्वाइन करने वालों में से एक वरिष्ठ पत्रकार अतुल सिंघल ने संस्थान को गुडबाय कह कर न्यूज एक्सप्रेस का दामन थाम लिया है।

अतुल इसके पहले एमएच -1 में मेट्रो एडीटर थे। हालांकि इस मामले पर कोई भी कुछ कहने से बच रहा है, लेकिन सूत्रों की मानें तो जीएनएन में नव नियुक्त मैनेजिंग एडीटर एस के राय के खिलाफ भारी असंतोष व्याप्त है।

एस के राय करीब दो साल पहले वीओआई के बंद होने तक उसमें जमे रहे थे और बीच में कुछ दिनों के लिए पी-7 भी गए थे, लेकिन वहां से भी उनकी जल्दी ही विदाई हो गई थी। राय की मुख़ालफत करने वालो का कहना है कि उन्होंने चैनल को बदनामी के रास्ते मशहूर करने का जरिया बना लिया है और इसीलिए इंडस्ट्री की सबसे बदनाम हस्तियों को अपने संस्थान से जोड़ना शुरु कर दिया है।

कहा जा रहा है कि राय ने उन्हें चैनल में लाने वाले राघवेश अस्थाना के खिलाफ़ भी मोर्चा खोल लिया है और दोनों के बीच मनमुटाव हो गया है।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. charan says:

    राय जैसे लोगों के रहते जीएनएन का तो भगवान ही मालिक है. वैसे तो प्रमोटर्स के सामने राय की पोल खुल चुकी है और वो कुछ ही दिन का मेहमान है .

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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