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मीडिया में कयासों के दायरे में कई हीरोइनें, नुपुर ने दी ‘द संडे टाइम्स’ पर मुकद्दमे की धमकी

By   /  March 12, 2012  /  1 Comment

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बॉलीवुड अभिनेत्री नुपुर मेहता ने उन आरोपों को बकवास बताया है जिनमें कहा गया था कि वो पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच मोहाली में खेले गए विश्व कप सेमीफाइनल में मैच फिक्सिंग में शामिल थी। उन्होंने लंदन के अखबार द संडे टाइम्स के खिलाफ मुकदमा करने की धमकी दी है।

द संडे टाइम्स ने दिल्ली के एक सटोरिये पर स्टिंग ऑपरेशन की रिपोर्ट छापी है जिसमें दावा किया गया है कि 2011 का सेमीफाइनल मैच फिक्स था। अखबार ने दावा किया कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खराब प्रदर्शन करने के लिए बॉलीवुड की एक अभिनेत्री का इस्तेमाल किया गया था। अखबार ने हालांकि उस अभिनेत्री का नाम नहीं छापा है लेकिन एक धुंधली सी तस्वीर छापी है। इस तस्वीर को देखकर लगता है कि यह नुपुर हो सकती है।

सन्नी देओल अभिनीत जो बोले सो निहाल में काम करने वाली नुपुर ने कहा कि उन पर उस अपराध के आरोप लगाए गए हैं जो उन्होंने किए ही नहीं। ”मैं यह कह सकती हूं कि मैं इसके लिए दोषी नहीं हूं। उन्होंने जिस तस्वीर का उपयोग किया है वह मेरी फिल्म जो बोले सो निहाल के दौरान ली गई थी।” नुपुर ने ब्रिटिश अखबार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी।

उधर भारतीय मीडिया में नुपुर के इस इंकार के बाद कयासों का सिलसिला तेज हो गया है। सब ये अनुमान लगाने में जुटे हैं कि आखिर क्रिकेट जगत में मैच फिक्स करने के लिए किस बॉलीवुड हसीना का इस्तेमाल किया गया था? द संडे टाइम्स ने बताया है कि अभिनेत्री एक हिंदी फिल्म में काम भी कर चुकी है और फैशन शो में भी कई बार अपने जलवे बिखेर चुकी हैं। मीडिया में मोनिकांग्ना दत्ता और नीतू चंद्रा के नाम की चर्चा होने लगी है।

द संडे टाइम्स की मानें तो क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 में भारत-पाकिस्तान के बीच खेला गया सेमीफाइनल मैच इसी बॉलीवुड अभिनेत्री ने फिक्स कराया था। इस अभिनेत्री का हुश्न भारतीय फैशन शो में ही नहीं बल्कि मिलान और पैरिस फैशन शो में बिखर चुका है। खास बात यह है कि ब्रिटिश संडे टाइम्स ने चेहरा छिपाते हुए एक हॉट फोटो भी पब्लिश की है।

अखबार के मुताबिक इस हॉट हसीना के सहारे कई खिलाड़ियों से संपर्क साधा गया था। जिसके बाद खिलाड़ी पूरी तरह फिक्सिंग के जाल में फंस गए। धन और शबाब के बूते खिलाड़ियों को फंसाने का एक बड़ा नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है। पैसा और हुस्न का जाल ही वह नेटवर्क है, जिसके जरिए बुकी अपने काम को अंजाम देते हैं।

इसके अलावा सभी अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल जैसे टूर्नामेंट भी इस नेटवर्क के निशाने पर रहते हैं। छोटे टूर्नामेंट इस नेटवर्क के लिए काफी फायदे का सौदा साबित होते हैं। क्योंकि इनमें मैच फिक्स करने का शक आसनी से नहीं किया जाता और पैसा भी बहुत कमाया जा सकता है।

इस बीच मीडिया में मोनिकांग्ना दत्ता और नीतू चंद्रा के नाम की चर्चा होने लगी है। मोनिकांग्ना दत्ता गुवाहाटी की रहने वाली हैं। फिलहाल वह मुंबई में रह रही हैं। इसके अलावा वे कई फैशन शो में भी भाग ले चुकी हैं। इस बीच नीतू चंद्रा ने अपने ऊपर लग रहे मैच ‌फिक्सिंग के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रेस को जारी एक बयान में नीतू कहा है कि उनका किसी क्रिकेट खिलाड़ी से कोई संबंध नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले में बिना आधार के शामिल किया जा रहा है।

उधर आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट ने भी साफ कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मोहाली में हुए वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच की जांच नहीं की जाएगी। उन्होंने साथ ही ब्रिटिश अखबार के फिक्सिंग के दावों को बेबुनियाद बताया है।

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  • Published: 6 years ago on March 12, 2012
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  • Last Modified: March 18, 2012 @ 8:04 pm
  • Filed Under: मीडिया

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. anil sharma says:

    सुन्दर रचना खेल विषयक टिपण्णी मुझसे असंभव है

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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