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एक दिन में 4 करोड़ से भी ज्यादा कमा लेते हैं निर्मल बाबा, मीडिया भी लेता है ‘चढ़ावा’

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निर्मल दरबार लगा कर लोगों की हर समस्‍या का आसान समाधान बताने वाले निर्मल बाबा को हर रोज चढ़ावे के तौर पर कितने पैसे मिलते हैं? हर दिन टीवी पर दिख कर दर्शकों और लोगों पर शक्तियों की कृपा बरपाने वाले बाबा जी को किसी ने अन्य बाबाओं की तरह चढ़ावा या पैसा लेकर पैर छूने के लिए मिलते नहीं देखा, लेकिन फिर भी उन्हें हर रोज़ करोड़ों रुपए मिल रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि बाबा जी की इस मोटी कमाई का एक बड़ा हिस्सा मीडिया को भी मिल रहा है।

हाल ही में अचानक निर्मल बाबा के भक्तों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। अगर इंटरनेट पर ही बाबा जी की वेबसाइट की लोकप्रियता का आकलन किया जाए तो पता चलता है कि एक साल में इसे देखने वालों की संख्या में 400 प्रतिशत से भी अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। टीवी चैनलों पर उनके कार्यक्रम के दर्शकों की संख्या में भी भारी इज़ाफा हुआ है। हालांकि उनके समागम का प्रसारण देश विदेश के 35 से भी अधिक चैनलों पर होता है जिन्हें खासी लोकप्रियता भी मिल रही है, लेकिन उनके बीच कोई ब्रेक या विज्ञापन नहीं होता। न्यूज़ 24 पर पिछले हफ्ते उनके कार्यक्रम की लोकप्रियता 52 प्रतिशत रही जो शायद चैनल के किसी भी बुलेटिन या शो को नहीं मिल पाई है।

चैनलों को इन प्रसारणों के लिए मोटी कीमत भी मिल रही है जिसका नतीजा है कि उन्होंने अपने सिद्धांतों और क़ायद-क़ानूनों को भी ताक पर रख दिया है। नेटवर्क 18 ने तो बाबा के समागम का प्रसारण अपने खबरिया चैनलों के साथ-साथ हिस्ट्री चैनल पर भी चलवा रखा है। खबर है कि इन सब के लिए नेटवर्क 18 की झोली में हर साल करोड़ रुपए से भी ज्यादा बाबा के ‘आशीर्वाद’ के तौर पर पहुंच रहे हैं। कमोवेश हरेक छोटे-बड़े चैनल को उसकी हैसियत और पहुंच के हिसाब से तकरीबन 25,000 से 2,50,000 रुपए के बीच प्रति एपिसोड तक।

फेसबुक पर निर्मल बाबा का ये कार्टून खासा लोकप्रिय हो रहा है

अब जरा देखा जाए कि चढ़ावा नहीं लेने वाले निर्मल बाबा के पास इतनी बड़ी रकम आती कहां से है? महज़ डेढ़ दो सालों मे लोकप्रियता की बुलंदियों को छू रहे निर्मल बाबा हर समस्या का आसान सा उपाय बताते हैं और टीवी पर भी ‘कृपा’ बरसाते हैं। काले पर्स में पैसा रखना और अलमारी में दस के नोट की एक गड्डी रखना उनके प्रारंभिक सुझावों में से है। इसके अलावा जिस ‘निर्मल दरबार’ का प्रसारण दिखाया जाता है उसमें आ जाने भर से सभी कष्ट दूर कर देने की ‘गारंटी’ भी दी जाती है। लेकिन वहां आने की कीमत 2000 रुपये प्रति व्यक्ति है जो महीनों पहले बैंक के जरिए जमा करना पड़ता है। दो साल से अधिक उम्र के बच्चे से भी प्रवेश शुल्क लिया जाता है। अगर एक समागम मे 10 से 20 हजार लोग (कई समागमों में तो इससे ज्यादा लोग मौज़ूद होते हैं) भी आते हैं तो उनके द्वार जमा की गई राशि 2 से 4 करोड़ रुपये बैठती है।

ये समागम हर दूसरे दिन किसी इनडोर स्टेडियम में होता है और अगर महीने में 15 ऐसे समागम भी होते हों, तो बाबा जी को कम से कम 30 से 60 करोड़ रुपये के बीच का प्रवेश शुल्क मिल चुका होता है। बाबा जी को सिर्फ स्टेडियम का किराया, सुरक्षा इंतजाम और ऑडियो विजुअल सिस्टम पर खर्च करना पड़ता है जो कि महज़ कुछ हज़ार रुपय़े होते हैं। समागम कुछ ही घंटो का होता है जिसमें बाबा जी अपनी बात कहते कम और सुनते ज्यादा हैं। महज़ कुछ घंटे आने और कृपा बरसाने के लिए करोड़ों रुपये कमा लेने वाले बाबा जी अपना कार्यक्रम अधिकतर दिल्ली में ही रखते हैं जहां सारी सुविधाएं कम खर्चे में आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।

यह अलग बात है कि दिल्ली में समागम अधिकतर तालकटोरा इंडोर स्टेडिम में होता है् जहां साढ़े तीन-चार हजार लोग बैठते हैं। यानि यहां की कमाई 70 से 80 लाख प्रति समागम होती है। इन दिनों हर महीने कम से कम छः-सात समागम हो ही जाते हैं। इसके अलावा दसवंद और दूसरे चंदों के नाम पर भी कई लाख रुपए हर रोज़ बाबा जी के अकाउंट में आ जाते हैं। कुछ बैंक अधिकारियों का कहना है कि बाबा जी के अकाउंट में एक दिन में चार-पांच करोड़ रुपए जमा होना मामूली बात है।

इस मोटी कमाई में एक छोटा, लेकिन अहम हिस्सा उस मीडिया को भी जाता है जिसने बाबा जी को इतनी शोहरत दी है। हालांकि अब कुछ अनचाहे हिस्सेदार भी मिलने लगे हैं। पिछले महीने निर्मल बाबा को एक ‘भक्त’ के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस तक की मदद लेनी पड़ी। आरोप है कि लुधियाना के रहने वाले इंद्रजीत आनंद ने अपने परिवार के साथ मिल कर जालसाज़ी से बाबा जी को भेजे जाने वाले पैसे में से 1.7 करोड़ रुपये अपने और अपने परिवार के खाते में डलवा लिए। पुलिस ने बताया कि निर्मल बाबा ने बैंक को शिकायत दी थी। बैंक ने जांच की, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ़ मामला दर्ज किया गया।

उनके भक्त अपनी समस्या सुलझाने के लिए सवाल तो करते ही हैं, उन पर पिछले दिनों बरसी कृपा का गुनगान भी करते है। टीवी चैनलों पर उनके भाव विह्वल होकर सुनाए गए अनुभवों का प्रसारण भी किया जाता है जिसमें उसके सभी कष्टों के निवारण का विवरण होता है। लोगों को कार्यक्रम का यही हिस्सा सबसे ज्यादा प्रभावित करता है दरबार में आने के लिए। निर्मल बाबा की बढ़ती लोकप्रियता ने उन्हें चर्चा में ला दिया है। ट्विटर पर उन्हें फॉलो करने वालों की संख्या करी 40 हजार हो चुकी है। रहे हैं। फेसबुक पर निर्मल बाबा के प्रशंसकों का पेज है, जिसे 3 लाख लोग पसंद करते हैं। इस पेज पर निर्मल बाबा के टीवी कार्यक्रमों का समय और उनकी तारीफ से जुड़ी टिप्पणियां हैं।

लेकिन सभी लोग निर्मल बाबा के प्रशंसक नहीं हैं। फेसबुक पर कई लोग उन पर और उनके दावों पर संदेह भी जता रहे हैं। किसी ने उन्हें ‘फ्रॉड’ बताया है तो कोई ‘पैसे हजम करने वाला’। एक शख्स ने तो लिखा है, ‘बाबा बहुत चालाक आदमी है… आपको हाथ दिखाएगा तो आप पर ऊपर वाले की कृपा हो जाएगी…सिर्फ टीवी देखने से भी भला होता है?’ एक दूसरे व्यक्ति ने लिखा है: ‘महाठग जो बुद्धू लोगों को चूना लगा रहा है और लोग हंस रहे है..पता नहीं लोग कब समझेंगे भगवान और आदमी का
फर्क..?’

निर्मल बाबा के जीवन या उनकी पृष्ठभूमि के बारे में बहुत कम लोगों को पता है। उनकी आधिकारिक वेबसाइट निर्मलबाबा. कॉम पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। इस वेबसाइट पर उनके कार्यक्रमों, उनके समागम में हिस्सा लेने के तरीकों के बारे में बताया गया है और उनसे जुड़ी प्रचार प्रसार की सामग्री उपलब्ध है। झारखंड के एक अखबार के संपादक ने फेसबुक पर निर्मल बाबा की तस्वीर के साथ यह टिप्पणी की है, ‘ये निर्मल बाबा हैं। पहली बार टीवी पर उन्हें देखा। भक्तों की बात भी सुनी। पता चला..यह विज्ञापन है. आखिर बाबाओं को विज्ञापन देने की जरूरत क्यों पड़ती है? सुनने में आया है…ये बाबा पहले डाल्टनगंज (झारखंड) में ठेकेदारी करते थे?’

लेकिन एक दूसरी वेबसाइट निर्मलबाबा.नेट.इन उनके बारे में कई दावे किए गए हैं। वेबसाइट के मुताबिक निर्मल बाबा आध्यात्मिक गुरु हैं और भारत में वे किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। इस वेबसाइट पर उन्हें दैवीय इंसान बताया गया है। उनकी शान में कसीदे गढ़ते हुए बताया गया है कि किसी भी इंसान का सबसे बड़ा गुण ‘देना’ होता है और निर्मल बाबा लंबे समय से लोगों को खुशियां दे रहे हैं। वेबसाइट का दावा है कि बाबा के पास छठी इंद्रिय (सिक्स्थ सेंस) भी है जिससे मनुष्य को भविष्य में होने वाली घटना के बारे में पहले से ही पता चल जाता है। ग़ौरतलब है कि उनके समागम का शीर्षक ही ‘थर्ड आई ऑफ निर्मल बाबा’ होता है।

हालांकि, निर्मलबाबा.कॉम में बताया गया है कि निर्मलबाबा.नेट.इन एक फर्जी वेबसाइट है, लेकिन इसमें बाबा की तारीफ़ ही छपी है। वेबसाइट के अनुसार, ‘बाबा नई दिल्ली में रहने वाले आध्यात्मिक गुरु हैं। वेबसाइट के मुताबिक वे 10 साल पहले साधारण व्यक्ति थे, लेकिन बाद में उन्होंने ईश्वर के प्रति समर्पण से अपने भीतर अद्वितीय शक्तियों का विकास किया। ध्यान के बल पर वह ट्रांस (भौतिक संसार से परे किसी और दुनिया में) में चले जाते हैं। ऐसा करने पर वह ईश्वर से मार्गदर्शन ग्रहण करते हैं, जिससे उन्हें लोगों के दुख दूर करने में मदद मिलती है।

उनकी इस साईट के मुताबिक निर्मल बाबा के पास मुश्किलों का इलाज करने की शक्ति है। वे किसी भी मनुष्य के बारे मेंटेलीफोन पर बात करके पूरी जानकारी दे सकते हैं। यहां तक कि सिर्फ फोन पर बात करके वह किसी भी व्यक्ति की आलमारी में क्या रखा है, बता सकते हैं। उनकी रहस्मय शक्ति ने कई लोगों को कष्ट से मुक्ति दिलाई है।’ निर्मल बाबा के बारे में जानने के लिए उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो नंबर लगातार व्यस्त रहे।

निर्मल बाबा के दावों पर कुछ लोग सवाल भी उठा रहे हैं। इंडीजॉब्स. हबपेजेस.कॉम वेबसाइट पर निर्मल बाबा की कार्यशैली और दावों पर कुछ सवाल उठाए गए थे, लेकिन बाद में डिलीट कर दिए गए। हबपेजेस.कॉम पर कोई भी व्यक्ति अपनी पसंद के आर्टिकल प्रकाशित कर सकता है। इस वेबसाइट पर दावा किया गया है कि ऐसे आर्टिकल प्रकाशित करने पर क्लिक के आधार पर वह पैसे भी कमा सकता है।

इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख ‘इज निर्मल बाबा अ फ्रॉड’ में कहा गया था कि उनके इतिहास के बारे में बेहद कम जानकारी उपलब्ध है। वेबसाइट के मुताबिक, ‘वे वर्तमान में समागम के अलावा क्या करते हैं और अपने भक्तों से मिलने वाली करोड़ों रुपये की राशि से वे क्या कर रहे हैं, इसके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। अगर प्रकृति ने उन्हें दैवीय शक्ति दी है, तो वे लोगों से पैसे लेकर क्यों उनका भला कर रहे हैं?

हालांकि अब ये पेज उपलब्ध नहीं है। लेख में लिखा था ‘अगर आपके पास पैसे नहीं हैं, तो निर्मल बाबा आपका चेहरा तक नहीं देखेंगे।’

Post By मीडिया दरबार खबरों की खबर (2,660 Posts)

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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65 comments on “एक दिन में 4 करोड़ से भी ज्यादा कमा लेते हैं निर्मल बाबा, मीडिया भी लेता है ‘चढ़ावा’

  1. +1 Vote -1 Vote +1PRAMOD KUMAR WARAY, BALLARSHAH.DIST-CHANDRAPUR. (M.S)INDIA
    says:

    baba G tumari too waat lag gyi yaar …pura plan chowpat ho gya loog jaag gyee yaar ….tum too jaa se chale thee vahi par aa gye yaar…tum tumara jadu fail ho gya yaar…you bad luk…baba

  2. +2 Vote -1 Vote +1Soumya Mitra
    says:

    सीधी बात है की निर्मल बाबा लोगो को लूट कर उनके पैसो से अपना महल तयार कर रहे है……..और उनको पुब्लिसिटी दिलाने के लिए मीडिया भी आगे बढ़ कर आयी है……वर्ना एक बार मिलने के लिए २००० लगते है…..ये तो सीधा सीधा धोखाधारी है……अगर यही सब पैसा हमारे देश की तरक्की के लिए लगता तो आज हमारा भारत एक शक्तिशाली देश होता…..ऐसे कुछ लोगो की वजह से आज हमारे देश की ऐसी हालत है……corruption से pirit है हमारा भारत………

  3. +2 Vote -1 Vote +1sanjeev kumar ruhela
    says:

    क्या निर्मल बाबा ही दोसी है सोचना जरुरी है क्या वें लोग दोसी नहीं है जो इन् चीजो को बढ़ावा देती है मेरे ख्याल से मीडिया न्यूज़ चैनल और समागम मैं जाने वाला हर शक्श गुनेहगार है जिन्होने निर्मल हो इतना फेलाने फूलने का मोका दिया जनता के पास बोहत पैसा है तभी तो ऐसे लाखो बाबा ट्रस्ट और संसथान माला माल है आज भारत का कितना पैसा इन babon और माथो के पास है..इस का अगर देश की उन्नेत्ति मैं लगा दिया जाये तो भारत मैं बेरोजगारी…भुकमरी….ख़तम हो जायगी ……

  4. +2 Vote -1 Vote +1sunder
    says:

    साला ढोगी ह ….बहुदा साला XXमी …

  5. +2 Vote -1 Vote +1NARESH KUMAR SHARMA
    says:

    जिस आदमी का ईमान पैसा, जिसका धर्म पैसा, जिसकी हर बात में पैसा झलकता हो. जो इंसान सिर्फ पैसे की भाषा बोलता हो ,ऐसा आदमी किसी का क्या भला करेगा. ये ढोंगी तो लोगों को बेवक़ूफ़ बना कर सिर्फ अपना भला कर रहा है.
    एक छोटी सी बात -ये अपने आप को अंतर्यामी बोलता है फिर तो इस आदमी को. समागम में बैठे किसी भी इन्सान से ये पूछने की क्या जरूरत है कि वो कहाँ से आया है. और क्या करता है? हमें चाहिए कि हम अपने आप पर भरोसा करें और अपनी मेहनत से अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करें बजाय की ऐसे पाखंडियों का घर रूपयों से भरने के.
    ऐसे लोग अपना मतलब साधने के लिए धर्म की गरिमा के साथ खिलवाड़ करते रहते हैं. और हम सिर्फ अपने लालच के मारे इन जैसे ढोंगी लोगों को भगवान मान बैठते हैं.
    धर्म का इससे बड़ा मजाक उड़ाना और क्या होगा कि ये कहना कि आप अपनी गाड़ियों से. भगवान की फोटो हटा कर मेरी यानि निर्मल बाबा की फोटो लगाओ.
    यह सब कुछ प्रचार का नतीजा है. मै व्यक्तिगत रूप से कई बाबाओं से मिल चुका हूँ, और यह भली भाती जान चुका हूँ की ये सब भी हमारे-आपके तरह साधारण इन्सान हैं. निर्मल बाबा भी ऐसे ही हैं.

  6. +2 Vote -1 Vote +1Nitesh Choudhary
    says:

    सबसे बड़ा चोर निर्मल बाबा है और उससे भी बड़ा चोर मीडिया है……. सब लोग एक दुसरे की मारने पर लगे हुए है…….
    और इस देश की जनता पागल है साली ……
    सारे बाबा , सारे नेता , ठग है सिर्फ और सिर्फ ठग ,,,,,,,,,,
    और देश की जनता तो भेडचाल चलती है….. इनमे तो दिमाग ही नहीं है…..
    रोज साला नया बाबा पैदा हो जाता है इंडिया में.

  7. +1 Vote -1 Vote +1PANKAJ MATHUR
    says:

    NIRMAL BABA G. KO KOTI-KOTI PRANAM. BABA G. MUGH PAR AUR MARE PARIVAR PAR AAP APNI KRIPA BANAY RAKHANA. BABA G. GHAR ME SUKH-SAMRADHI-SHANTI BANI RAHE. GHAR ME SAB LOG SAWASTHY RAHE. SAMAJ ME IZZAT BANI RAHE. BABA G. GHAR ME SAB KO SAAD BUDDHI DO.BABA G. KO KOTI-KOTI PRANAM.

  8. +1 Vote -1 Vote +1vipin gupta
    says:

    सही है देश सही जा रहा है एक तरफ हमारे नेता नोच रहे है दूसरी और रोज कोई नया बाबा आ जाता है सही वो भी क्या करे बेवकूफ लोगो को थोडा और बेवकूफ बना कर मजे ले रहे है सबसे मजे की बात तो ये है हिंदुस्तान में किसी पूजा पाठ से इकट्ठा की गयी रकम के बारे इन्कोमे टैक्स वाले भी कुछ नहीं बोलते क्या इन पर टैक्स नहीं लगता?
    हिंदुस्तान में बाबाओ की बड़ी मौज है मई भी सोचता हु बाबा बनुगा बड़े फायदे है फ़ोकट की सेवा सत्कार पैसा तो पुच्चो मत …………..

    सरम करो हरम की खाने वालो …………………….

  9. +1 Vote -1 Vote +1Radha Raman
    says:

    ऐसे बाबा को तो सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर जूत्ते मारने चाहियें ताकि इसकी सारी पीढियां गंजी पैदा हों और याद रखें कि निर्मलजीत नरूला के फर्जी बाबा बनने के कारन सारा खानदान गंजा रहने को अभिशिप्त है…

  10. +1 Vote -1 Vote +1मनोज सिंह
    says:

    बाबा का बज गया बाजा.. और बिना शक़ इसका श्रेय आपके इस बेबाक लेख को जाता है। मैं कई वेबसाइटों पर इस खबर को हू-ब-हू पढ़ा है। कुछ में धीरज जी का नाम है, कुछ में नही, लेकिन इतना जरूर है कि आपके नाम से ज्यादा आपका काम बोल रहा है।
    आपके जज्बे को सलाम

  11. +1 Vote -1 Vote +1अभिलाषा सिंह
    says:

    एकदम सटीक विश्लेषण.. धीरज जी, आपके इस एक लेख ने ही बाबा की बख्या उधेड़ दी.. बधाई हो

  12. +1 Vote -1 Vote +1Rajinder Singh
    says:

    Shashi Ranjan Kumar Verma जी यह बाबा फुद्दू है अप्प पागल हो जो इनके पीछे लगे हुए हो !! तेरी तो बुधि भ्रस्त हो गयी है ! सभी पागल है जो एस पाखंडी को बाबा कहते है !

  13. -2 Vote -1 Vote +1Akhilesh
    says:

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  14. +2 Vote -1 Vote +1Hitesh Jain
    says:

    इस में किसी का कोई दोष नहीं है , यह दोष उन लोगो का है जो नाकारा है और हमेशा किसी चमत्कार को देखना या सुनने से ही भक्तो की लिस्ट में शामिल हो जाते है. यह सभी लोग वो भेड़ है जो किसी के भी साथ चल पड़ते है. और इन् जैसे बाबाओ की दुकान चल पड़ती है.

  15. +2 Vote -1 Vote +1Anonymous
    says:

    कुते की गति सब जानते हैं, यहाँ गया दो ठोकर, वहां गया दो ठोकर! सोचो अप लोग, इसने ये तक कहा की मई भगवन हूँ. हिन्दू धर्मं को ठेस पहुंचाई है इस कमीने ने इसे तो रोड से थोक थोक के क्या कहूँ अब जाओ समोसे खालो और चटनी उनकी गंद में लगा दो वो सही हो जायेंगे

  16. -1 Vote -1 Vote +1pankaj
    says:

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    • +2 Vote -1 Vote +1अभिषेक
      says:

      अब क्या कहते हो पंकज बाबा? अब तो दूध को दूध- पानी का पानी हो गया। रोजमर्रा का तरीका समोसा और जलेबी खाकर नहीं बदला जा सकता।

  17. -1 Vote -1 Vote +1shailja dogra
    says:

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    • +1 Vote -1 Vote +1अभिषेक
      says:

      अब क्या हुआ शैलजा डोगरा जी..? किरपा मिल गई..?

  18. +1 Vote -1 Vote +1SHRAWAN
    says:

    भाई लोगो आप सोचो ये बाबा लोग प्रवचन दे दे कर करोडो लोगो को कामधाम से दूर कर देते है !!! आदमी जितना समय इनके प्रवचन सुनता है उतना देर मेहनत और लगन से काम करे तो किसी बाबा के पास जाने की जरुरत नहीं है !!!मैं नहीं कहता की ऊपर लिखे पोस्ट गलत है पर भाई लोगो जो लोग भगवान् की खोज में हमेशा रहते है उन्हें पता होना चाहिए इस दुनिया में सब इन्सान है कोई भगवान् नहीं है !और जो भगवान को नहीं खोजता उसके तो दिल में भगवान् है !
    दिल से अपना कर्म करो बुरा करके भगवान् को खोजने की बजे अच्छा करो भगवान् सबको देख रहा है सबको अपने किये का फल मिलता है किसी को कम समय में तो किसी को ज्यादा समय में
    और निर्मल बाबा भी १ इंसान है और में किसी की निंदा नहीं करता क्यों की कोई सही है या गलत है ये फैसला करने का हक़ सर भगवान् को है मुझे नहीं पर …..मेहनत करना किसी पाखंडियो के चक्कर में पड़ना मेरे हाथ वो में नहीं करूँगा …पर जो लोग इन पर विस्वास करते है तो उसमे भी उनका स्वार्थ होता है ……

  19. +1 Vote -1 Vote +1sonu pandit
    says:

    निर्मल बाबा तुम दुसरे लोगो को ठग ते हो तुम्हे पता हे | की गरीब आदमी किस तरह पैसा कमाता हे |तुम भगवान बन ते हो एक दिन तुम्हे भगवान भी माफ़ नही करेगे …..

    • -1 Vote -1 Vote +1ram
      says:

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      • Vote -1 Vote +1अभिषेक
        says:

        क्या हुआ राम चाचा? लोग मान भी गए और दम निकल भी गया तेरे बाबा का।

  20. +1 Vote -1 Vote +1pankaj
    says:

    निर्मल बाबा के खिलाफ मीडिया ओर जनता को मिलकर काम करना होगा पर मीडिया पेसे के लालच में इस आडंबर को बढ़ावा दे रहा है, जो बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण है , कभी मीडिया पाखंड ओर अंधविश्वाश के खिलाफ बोलता है ओर कभी उसे बढ़ावा दे रहा है, ओर भारत एक निहायत ही अन्ध्भ्कत लोग समोसा, रुमाल, ट्रेन यात्रा ओर नोटो की नयी गद्दी में अपना भाग्य देख रहे है, इस तरह निर्मल बाबा बनकर अपना घर भर रहा है, 2000 रुपया सिर्फ़ एंट्री फिश ओर उसके सिवा आना जाना ओर ठहरना सब मिलकार आदमी हज़ारों रुपये बर्बाद कर रहे हेन , यही पाखंड देश के विकाश मे अवरोधक है

  21. +1 Vote -1 Vote +1Raghu
    says:

    बेस्ट कॉमेडी शो का अवार्ड तो निर्मल दरबार को ही मिलना चाहिए और बेस्ट कॉमेडियन ke अवार्ड पर तो सिर्फ निर्मल बाबा ka ही हक है.
    निर्मल बाबा- sada हक – अत्थे रख !

  22. +1 Vote -1 Vote +1Rahgu
    says:

    भक्त- बाबा पहले मेरी शादी पक्की हो चुकी थी लेकिन जब से आपका नाम लिया मेरी शादी टूट गयी यह सब आपकी कृपा से hee संभव हो सका है .जय हो nirmal बाबा की!
    इसी ही कृपा सभी पर बनाये रखना .

  23. +1 Vote -1 Vote +1Rajesh
    says:

    सॉरी दोस्तों , बुरा ना मानना. थोड़े समय से मैं भी ये प्रोग्राम देखने लगा हूँ . मुझे लगता है इससे बढ़िया कॉमेडी शो आज की डेट मैं कोई नहीं है . जब कभी बोरियत हो तो निर्मल ***** बाबा का शो देखो, मजे लो…बहुत ***** होते हैं उस शो मैं तरह तरह के .

  24. +2 Vote -1 Vote +1Pyare Mohan
    says:

    यहाँ तो पत्रकार भी चोरी करने लगे..
    आपके इस आलेख को इस कथित पत्रकार ने अपनी रिपोर्ट बता के अख़बारों में भी छपवा दिया…
    http://www.dailynewsactivist.com/Details.aspx?id=18376&boxid=28177368&eddate=4/5/2012
    http://epaper.rajexpress.in/Details.aspx?id=73804&boxid=83723343
    http://www.facebook.com/people/Siddhartha-Shankar-Gautam/100001267039870
    http://3.bp.blogspot.com/-GSNX-XYdWUc/T3z_VN5oHDI/AAAAAAAAAgc/n_eNLLprH3A/s1600/nirmal%2Bbaba.jpg
    http://siddharthashankargautam.blogspot.in/2012/04/blog-post_05.html

  25. +1 Vote -1 Vote +1rohit srivastava
    says:

    आप इस जनता को क्यों समझा रहे हो बाबा ने सब को लगता है माला माल कर दिया है ये हमारा भारत है इस लिए इतना पीछे नहीं है इस तरह बाबा आते है लुट के चले जाते है फिर ये चिलाते है सरकार क्या कर रही है पुलिस क्या कर अगर भारत के इन बाबा के भक्त से बोला जाये की हमारे लिए सीमा पे जो शहीद हो रहे है जो की हमें दिख रहा है उनके परिवार के नाम एक -एक रुपया एक आदमी दे उनके परिवार की हालात ठीक नहीं है तो सायद एक आदमी भी आगे हाथ नहीं करे गा तो आप इनको इन बाबा के बारे में मत बताइए ये नाराज हो जायेगे क्यों की वो भगवान है उनके लिए आप का पैसा है चाहे जैसे उड़ाइए जय हिंद जय भारत

  26. Vote -1 Vote +1P. V. Srivastava
    says:

    Agar nirmal baba phone pe baat karte huye aapki almaari me dekh sakte hain to media ko chahiye ki phone karke doodh ka doodh aur paani ka pani kar le.
    -P. V. Srivastava
    Special Reporter
    Media Times,
    Weekly News Paper,
    Lucknow

  27. -1 Vote -1 Vote +1neeraj
    says:

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    • +1 Vote -1 Vote +1prem verma
      says:

      यह एक अंधविश्वास की पराकाष्ठा है जहाँ एक बाबा लोगों को उल्लू बना रहा है और भाई साब को प्रमाण की जरूरत है…..तो फिर मनी प्लांट लगाओ और पैसे कमाओ…

    • +1 Vote -1 Vote +1Anonymous
      says:

      Tum jaise log hi nirmal jaise lalchi aur kamine logon ko mota bana rahe hain khila khila ke! Ab agar in lekhak ne awaj uthayi hai to inhe hi jhuthla rahe ho? Sharm ani chahiye! Jao darbar me samose khalo chhih

    • -1 Vote -1 Vote +1raja
      says:

      (click to show comment)

      • Vote -1 Vote +1अभिषेक
        says:

        अप तो सबकुछ सामने आ गया राजा जी? प्रमाण भी मिल गया और विश्वास भी हो गया?

  28. +1 Vote -1 Vote +1praveen
    says:

    रातों-रात प्रकट हुए एक चमत्कारी बाबा पर आजकल खूब चर्चा हो रही है। बाबा के भक्त उनके शिविर में कुछ इस तरह की प्रतिक्रिया दे रहा है-

    जेबकतरा : बाबा जी के चरणों में कोटि कोटि नमन! बाबा में पहले लोगों के जेब काटता था, तो 50 -100 रुपये ही मिलते थे! लेकिन अब आपका नाम लेकर जेब काटता हूँ, तो एक हज़ार से ऊपर की रकम मिलती है! जय हो बाबा की!

    शराबी (नशे के अंदाज़ में) : बाबा जी को प्रणाम! क्या बात है बाबा, आज एक ही कुर्सी पर आप जैसे दो-दो बाबा बैठे हैं ?? बाबा, पहले में दस बोतल भी पिता था तो भी नहीं चढ़ती थी! अब आपका बताया ब्रांड, आपका नाम लेकर पीता हूँ तो एक पैग में ही चढ़ जाती है! अभी तो सिर्फ आधा पैग ही पीकर आया हूं। जय बाबा की। बाबा जी आपके बगल में आपके भाई को भी जय बोलना।

    भक्त : बाबा आप सचमे चमत्कारी है बाबा! पहले बीबी मुझे डंडे से पीटती थी! जब आपका नाम लेता हूं, तो जूते से मारती है! बाबा, आपका नाम लेने से ही बड़े औजार (डंडा) छोटे औज़ार (जूता) में बदल गया। इसे और छोटा करो बाबा।

    अधिकारीः बाबा आप सच में महान ब्रांड हैं। पहले एक फाइल पास करने के लिए पांच सौ मुंह से मांगने पड़ते थे। जब से आपकी तस्वीर गांधी जी के बगल में लगाई है तब से बिना मांगे ही फाइल के अंदर से हजार निकलते हैं। बाबा आपकी शरण में आकर रिश्वत लेना भी पवित्र कार्य सा लगने लगा है, शाम को नोटों को गिनते वक्त अध्यात्म की अनुभूति होती है बाबा। बाबा, आपका हिस्सा पैकेट में रखकर पहुंचा दिया है। आप सच में चमत्कारी हैं।

    आशिकः बाबा आपकी तीसरी आंख का आशिर्वाद मिलते ही मैं धन्य हो गया हूं। मोहल्ले की सभी लड़कियां अब मुझे पहले से ज्यादा सुंदर दिखती हैं। बाबा पहले आंख मारने पर जूते पड़ते थे। अब तो सिर्फ थप्पड़ ही पड़ते हैं। आप धन्य हैं बाबा, सच्ची सुंदरता आपकी तीसरी आंख से ही दिखती है बाबा..।

  29. -1 Vote -1 Vote +1Vidya Sagar Roy
    says:

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    • -2 Vote -1 Vote +1rakesh
      says:

      (click to show comment)

    • +1 Vote -1 Vote +1Anonymous
      says:

      Jao to aur samose khalo. iski bhi halat satya sanyi ki tarah hi hogi! Tum jaise log hi badhawa de rahe hain nirmal jaise nich insano ko pair jamane me! Mahan hota to paise kyun khata ilaj ke badle? Dashwand se apna vajan kyun badhwata? \Dhikkar hai wahan jane aur us nich ki jay jaykar karne wale tum jaise logon ka! papi hio tum bhi aur tera nirmal bhi. Chhi Thuh

  30. +1 Vote -1 Vote +1Vishal
    says:

    हम बस यहाँ ये सब लिख कर अपनी भड़ास निकल लेते है. और जो कर्त्तव्यनिष्ठ है उनका साथ नहीं देते, कुछ निर्मल बाबा का गुणगान कर रहे है कुछ अवहेलना, पर सबसे बड़ी बात ये है की हम कभी इंसान बनकर नहीं जी पा रहे. बस भेड़ चाल चल रहे है. अपने आप को समझे और अपने अधिकारों को. हिन्दुत्व को देखे तो बस आज तक तीन बाबा ही हुए है. भोले बाबा, साईं बाबा, और वो जिसने हमे जनम दिया हमारे बाबा ( पापा, पिताजी, बापू, आदि| ). सत्य मेव जयते|

  31. +1 Vote -1 Vote +1राजीव जयसवाल
    says:

    रवीन्द्र गुप्ता जी भी दरबार के आदमी ही मालूम पड़ते हैं। शायद वे भूल रहे हैं कि ये वहूी तालकटोरा स्टेडियम है जहां राजनीतिक पार्टियां अपने लाखों कार्यकर्ताओं के साथ रैलियां करती हैं। दरबार में स्टे़डियम की उस जगह पर भी लोग बैठे दिखते हैं जहां खेल के आयोजन होते हैं। और फिर अगर गुप्ता जी के शब्दों में ही 3000 लोग भी हैं तो रकम 60 लाख बैठती है।
    किसी गरीब देश में जहां प्रति व्यक्ति औसत आय हजारों में भी नहीं होती, 60 लाख रुपये हर रोज की कमाई कम नही होती।

  32. +2 Vote -1 Vote +1Shiva
    says:

    I never wanted to be part of this but now its high time that sensible and people from the same line should speak up. I have been into the sadhna from more than 10 years now and have met with many people who hold great knowledge of Tantra but Nirmal baba is different or i should say a smart man who knows how to mint money by playing with the beleifs of others.

    Those who think that Nirmal baba is really a divine person and holds super natural powers should think twice.

    If he can give money to anyone then why does he charge them. Why not he let people offer him according to their Yathashakti? Why is it fixed or same for the people of different sects of society.

    Tantra is also a science. A science that helps a person to achieve his goals with less efforts and it cannot be denied that mantra does not make any effect.

    OM is considered as a powerful beeja mantra that can do wonders. If you chant OM for a long time it increases your hameglobin. Its nothing but the sound vibrations produced during the recitation of the mantra that effects which can be confirmed using scientif methods. Every mantra has a its own powers (DIFFERENT VIBIRATIONS) and effects. My reason here is to give this example is to say that 2+2=4 for a class 2 student and same for a Phd in mathematics means science is same for everyone. So why do people visit such people why don’t they use the science by their own when everything is easily available.

    And if Nirmal Baba ji claims that he can cure any disease without any medication then he surely is a God who is greater or bigger then Lord Rama who also needed Sanjivani to get his brother’s life back.

    If he is god and can do wonders then why does he need TV channels to aware people about himself why can’t he just come in everybody’s dream and solve their problems and bless them as many of his devotees claim. Why there is a need to attend his samagams?

    If he says that he can cure any tantra effect then he is surely bigger than Lord Shiva who created Tantra.

    Iam not here to debunk anyone but just to aware those who are getting ripped off by people like him. One should understand that its nothing but a psycological game. Also if you observe that the daily horroscope that gets published in a news paper is beleived by many because in population of more than 100 crores there will be many with whom that forecast will match its nothing but probability. Same way if someone says that remember me (Baba ji) before you enter an office for your interview and you will get a job. Out of 100 if 10 will do this and out of those 10 even if 1 will get a job on his merit even will think that Baba ji did the wonder. This is how the game works.

    There are people who really poses powers but one should know who is the real one and who is a con man.

    I know after this comment lot of people will abuse me also but that won’t make a difference to me and for those my comment won’t matter at all.

    But for revealing the truth I challange if their Baba ji is real and really hold any powers then I would like to experience it (Anything from God to the worst) and if it will happen then I will donate all my assests to their baba’s trust (More than 2 crores) Just predict on the same forum that what will happen to me (Good or Bad) on a particular date or within any time period or few days

    and if that will really happen then I will become Baba ji’s bakht and will donate everything.

    Now those who will say baba ji does not show his powers to prove himself must understand that even Lord Rama, Lord Krishna, Lord Hanuman had to show their powers to make others beleive.

    Thank you

    Jai Ho

  33. +1 Vote -1 Vote +1Monu
    says:

    Ye baba log bharat me hi kyu paida hote hai ? 300 se jyada aur desho me kyu nahi? Kyuki bharat ke logo ko aashani se wewkoof banaya ja sakta hai

  34. Vote -1 Vote +1pankaj kathuria
    says:

    g m pankaj kathuria malout punjab dosto mera bhai vikas kathuria jo abohar mai minakshi batra ke sath married tha 18-1-2009 ko minakshi or uske pariwar walo ne mere bhai ko abohar ke sant nirankari satsang haal mai bulaya or dhokh se koi zehrili chize khila di vo bechara 3 hour vha zindgi or mout ke bich rha kisi ne uski help nhn ki mere bhai ko maar diya sant nirankari satsang ki sewadaar minakshi batra or uske pariwar walo ne aaj tak abohar police ne fir no 21 19-1-2009 per koi b action nhn liya hai

  35. +1 Vote -1 Vote +1Atul Agarwal
    says:

    जिस आदमी का ईमान पैसा, जिसका धर्म पैसा, जिसकी हर बात में पैसा झलकता हो
    जो इंसान सिर्फ पैसे की भाषा बोलता हो ,ऐसा आदमी किसी का क्या भला करेगा
    ये ढोंगी तो लोगों को बेवक़ूफ़ बना कर सिर्फ अपना भला कर रहा है.
    एक छोटी सी बात -ये अपने आप को अंतर्यामी बोलता है फिर तो इस आदमी को
    समागम में बैठे किसी भी इन्सान से ये पूछने की क्या जरूरत है कि वो कहाँ से आया है
    और क्या करता है?
    हमें चाहिए कि हम अपने आप पर भरोसा करें और अपनी मेहनत से अपने सपनों को पूरा
    करने की कोशिश करें बजाय की ऐसे पाखंडियों का घर रूपयों से भरने के .
    ऐसे लोग अपना मतलब साधने के लिए धर्म की गरिमा के साथ खिलवाड़ करते रहते हैं
    और हम सिर्फ अपने लालच के मारे इन जैसे ढोंगी लोगों को भगवान मान बैठते हैं.
    धर्म का इससे बड़ा मजाक उड़ाना और क्या होगा कि ये कहना कि आप अपनी गाड़ियों से
    भगवान की फोटो हटा कर मेरी यानि निर्मल बाबा की फोटो लगाओ.

    • +1 Vote -1 Vote +1V dhingra
      says:

      इस निर्मल का कोई दोष नहीं है, इस देश में बेवकूफ बनाने वालो की कमी है बनने वालो की नहीं. जब लोग खुद ही स्वार्थ में अंधे हो कर इनके पीछे भागेगें तो कोई क्या कर सकता है! इतना विवेक तो इंसान में होना ही चाहिए की मात्र १० के नोटों की गडी रखने से और घर में मनी प्लांट का पोधा लगाने से धन आने लगे तो देश के हर गली कुचे में मनी प्लांट ही नजर आता

  36. Vote -1 Vote +1Ravindra Gupta
    says:

    केवल सुन कर या पढ़ कर मत लिखो, अगर कुछ लिखना है तो पहले पूरी जानकारी एकत्र करो. लेकिन ये बात जरूर धयान में रखना की ये श्रद्धा और विश्वास का मामला है. बाबा के पिछला जानने के लिए अधिकाँश लोग इच्छुक है आप कोशिश करो पता करने की – निर्मल सिंह संधू उर्फ़ निर्मल बाबा पहले क्या थे. केवल ठेकेदार कहने से काम नहीं चलेगा.
    तालकटोरा इनडोर स्टेडियम मैं बैठने की क्षमता मात्र ३००० + है तो आपको ये आकड़ा २० ००० दर्शको का कहाँ से मिल गया. ये हिसाब किताब का मामला है अगर सही आकडे हो तो दो, केवल सुनी सुनाई बातो पर मत जाओ. छोटे बड़े शहरो में भी किसी इंडोर स्टेडियम में भी इतनी क्षमता नहीं है.
    पिछले साल तक जब टी वी पर केवल ५ या ६ चैनेलो पर ये प्रोग्राम आता था तो किसी ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी, जैसे ही टी वी चैनलों की संख्या बढ़ी, बरसाती मेढक उछलने लगे अगर इन्हें भी हिस्सा मिल जाये तो ये भी शांत हो जायेंगे मीडिया की तरह.

  37. -2 Vote -1 Vote +1Arun
    says:

    (click to show comment)

    • +3 Vote -1 Vote +1amit
      says:

      bandhu baaat ye nahi hai ki kaun kya le raha hai or kaun kitna bhrasht hai. baat to ye hia ki aaj bhi hum log kitne aashawadi or aasani se vishwas kar lete hian. neta to humse paisa churate hian magar , is type ke baba hume ullu banate hia or hum unhe poojte hai , thats my single point. till when we indians will follow such people blindly, atleast attempt to change the nature of thinking and make other innocent people aware of it. this will be a great social service.

    • +1 Vote -1 Vote +1देवांग
      says:

      किसी को ऐतराज नहीं है मगर किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार देश की जनता का पैसा अपने निजी नाम से जमा करने या निजी प्रयोग करने का कोई भी हक नहीं बनता है ।निर्मल बाबा के बैंक खातों मे जनता का शायद अरबों रुपया आया फिर कहां गया ये जाच का विषय है क्योंकि 15 वर्ष पहले के इस निम्न मध्यम वर्ग के व्यक्ति ने इस देश की जनता का पैसा अपने निजी नाम से जमा किया कोई ट्रस्ट आदि भी नही बनाया ना ही कोई धर्म या समाज आदि के लिए कुछ भी किया। सिर्फ अपने परिवार के लिए होटल प्रापर्टी आदि खरीदी, ऐश कि जिंदगी जी और कुछ नहीं……………..

  38. आपने भी वो ही किया जो आपके अनुसार टी वी चैनल वाले कर रहे है , आपकी खबर से बाबा का प्रचार ज्‍यादा हो रहा है , हकीकत कही सामने नही आ रही है अगर आप स्‍वस्‍थ प‍त्रकारिता की सोच रख रहे है तो जिन मुद्दो पर आप शंका कर रहे है उनकी हकीकत जान उजागर करे नही तो आपमे और उन टीवी चैनलो मे कोई फर्क नही है ।। फिर भी धन्‍यवाद ।।.

  39. Vote -1 Vote +1Mohit Ranjan
    says:

    yes nirmal baba pakka fraud hai.

  40. Vote -1 Vote +1ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ
    says:

    ਕਰ ਲੋ ਇਕੱਠੇ ਜਿਤਨੇ ਚਾਹੋ ਹੀਰੇ-ਮੋਤੀ,
    ਪਰ ਏਕ ਬਾਤ ਯਾਦ ਰਖਨਾ ਕਫਨ ਮੇਂ ਜੇਬ ਨਹੀਂ ਹੋਤੀ "

    "kar lo ekathe jitne chaho heere-moti, par ek baat yaad rakhna kafan mein jeb nahi hoti "

    Source: http://www.gurbanisuno.com/

  41. अगर निर्मल बाबा सच्‍चे नहीं हैं तो चैनलवाले उन्‍हें दिखाकर अपनी जेबें क्‍यों भर रहें और लोगों को गुमराह कर रहे हैं। लोगों को गुमराह तो चैनल वाले कर रहे हैं ना की निर्मल बाबा। जहां तक समागम में पैसे लेकर लोगों का प्रवेश देने की बात है तो बाबा किसी को यह नहीं कहते कि आप हमारे दरबार में आओ ही जिनको उनमें विश्‍वास और श्रद्वा और जिनका उनका नाममात्र लेने से उनके जिंदगी के गम कर हो रहे हैं वही समागम में पहुंचते हैं और बहुतों का तो नम्‍बर भी नहीं आ पाता। ये बात श्रध्‍दा और विश्‍वास की है । अगर आपको उनके बारे में समझना है तो टीवी देखिए उनके बारे में सारी गलत फहमी दूर हो जाएगी। जहां तक झूठ और लालची कहने वाले की बात है तो जमाने ने तो भगवान राम, श्रीक़ष्‍ण और शिरडी के साईं भगवान को भी आरोप के दायरे में लाया था। लेकिन आज उन्‍हें हम भगवान मानते हैं।

  42. इन बाबाओं के घर सरकार छापा क्यो नहीं मारती अगर वे करोड़ो रुपये कमाते हे ।

  43. media ko atmchintan karne ki sakht zaroorat hai, khoji patrkaarita paise ke dher main lup ho chuki hai, isi ka parinaam hai ki chanels ke maadhyam ka durupyog kar ye aaj ke mahatma logon ko thag rahe hain.par isme hamari janta bhi doshi hai–india main moorkh banane waalon ki kami nahi hai aur na hi moorkh banne waalon ki.ye silsila to chalta hi rahega thanx to our imaandaar jagrat media.

  44. Vote -1 Vote +1Mohit Ranjan
    says:

    yes nirmal baba pakka fraud hai.

  45. +2 Vote -1 Vote +1shailendra kumar singh
    says:

    यह सब कुछ प्रचार का नतीजा है. मै व्यक्तिगत रूप से कई बाबाओं से मिल चुका हूँ, और यह भली भाती जान चुका हूँ की ये सब भी हमारे-आपके तरह साधारण इन्सान हैं. निर्मल बाबा भी ऐसे ही हैं. उनके समागम को देखने के बाद स्पष्ट हो जाता है. मै ही अगर १०० लोगों के बारे में भविष्यवाणी करूँ और १०-२० सही निकल जाये तो लोग केवल इन्हीं को याद रखेंगे और बाकि ८०-९० को भूल जायेंगे. अभी फेसबुक पर मैंने देखा की देवरहावा बाबा के बारे में लिखा था की वे २५० वर्ष से भी ज्यादा जिन्दा थे, लेकिन सत्य यह है की वे १०० वर्ष के लगभग जिन्दा थे. वे उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना के एक यादव परिवार में पैदा हुए थे, और उनके परिवार के लोगों से मैं १९८२ में मिला था, जब मेरे पिता जी सीओ हर्रैया थे. इसी तरह से किम्वदंतियां बनाई जाती हैं. यही निर्मल बाबा के बारे में भी सत्य है.

  46. +3 Vote -1 Vote +1B L TIWARI
    says:

    निर्मल जी ने हमारे सीधे साढ़े ओर्र सरल भारतीयों को अपने चतुर चालाकी की धूर्त कला मई फशाने का सद्यन्त्र करके बेबकुफ़ बनारखा है बे किया बोलते है मुझे पकोड़े ओर्र दही कियो दिख्रह है तुम जाकर पकोड़े ओर्र्दाही जा कर खालो ओर्र थोड़े से किसी गरीब को भिदेदें तुमेह ठुम्ह्ही समस्या से छुटकारा मिलजायेगा समस्या किया किसी को नहिमलुम बाबा को भी नहीं ओर्र ना ही उस भक्ति को वह रे बाबा व किया बात है लोग भोले भले है या परदे के पीछे से वो भी पैसे लेते है पूरे देश को सब के सामने बेबकुफ़ बनारहे है ओर्र लोग बन भी रहे है

  47. Vote -1 Vote +1Ravindra Gupta
    says:

    ek chainal aap bhi khol lo

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