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एक दिन में 4 करोड़ से भी ज्यादा कमा लेते हैं निर्मल बाबा, मीडिया भी लेता है ‘चढ़ावा’

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निर्मल दरबार लगा कर लोगों की हर समस्‍या का आसान समाधान बताने वाले निर्मल बाबा को हर रोज चढ़ावे के तौर पर कितने पैसे मिलते हैं? हर दिन टीवी पर दिख कर दर्शकों और लोगों पर शक्तियों की कृपा बरपाने वाले बाबा जी को किसी ने अन्य बाबाओं की तरह चढ़ावा या पैसा लेकर पैर छूने के लिए मिलते नहीं देखा, लेकिन फिर भी उन्हें हर रोज़ करोड़ों रुपए मिल रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि बाबा जी की इस मोटी कमाई का एक बड़ा हिस्सा मीडिया को भी मिल रहा है।

हाल ही में अचानक निर्मल बाबा के भक्तों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। अगर इंटरनेट पर ही बाबा जी की वेबसाइट की लोकप्रियता का आकलन किया जाए तो पता चलता है कि एक साल में इसे देखने वालों की संख्या में 400 प्रतिशत से भी अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। टीवी चैनलों पर उनके कार्यक्रम के दर्शकों की संख्या में भी भारी इज़ाफा हुआ है। हालांकि उनके समागम का प्रसारण देश विदेश के 35 से भी अधिक चैनलों पर होता है जिन्हें खासी लोकप्रियता भी मिल रही है, लेकिन उनके बीच कोई ब्रेक या विज्ञापन नहीं होता। न्यूज़ 24 पर पिछले हफ्ते उनके कार्यक्रम की लोकप्रियता 52 प्रतिशत रही जो शायद चैनल के किसी भी बुलेटिन या शो को नहीं मिल पाई है।

चैनलों को इन प्रसारणों के लिए मोटी कीमत भी मिल रही है जिसका नतीजा है कि उन्होंने अपने सिद्धांतों और क़ायद-क़ानूनों को भी ताक पर रख दिया है। नेटवर्क 18 ने तो बाबा के समागम का प्रसारण अपने खबरिया चैनलों के साथ-साथ हिस्ट्री चैनल पर भी चलवा रखा है। खबर है कि इन सब के लिए नेटवर्क 18 की झोली में हर साल करोड़ रुपए से भी ज्यादा बाबा के ‘आशीर्वाद’ के तौर पर पहुंच रहे हैं। कमोवेश हरेक छोटे-बड़े चैनल को उसकी हैसियत और पहुंच के हिसाब से तकरीबन 25,000 से 2,50,000 रुपए के बीच प्रति एपिसोड तक।

फेसबुक पर निर्मल बाबा का ये कार्टून खासा लोकप्रिय हो रहा है

अब जरा देखा जाए कि चढ़ावा नहीं लेने वाले निर्मल बाबा के पास इतनी बड़ी रकम आती कहां से है? महज़ डेढ़ दो सालों मे लोकप्रियता की बुलंदियों को छू रहे निर्मल बाबा हर समस्या का आसान सा उपाय बताते हैं और टीवी पर भी ‘कृपा’ बरसाते हैं। काले पर्स में पैसा रखना और अलमारी में दस के नोट की एक गड्डी रखना उनके प्रारंभिक सुझावों में से है। इसके अलावा जिस ‘निर्मल दरबार’ का प्रसारण दिखाया जाता है उसमें आ जाने भर से सभी कष्ट दूर कर देने की ‘गारंटी’ भी दी जाती है। लेकिन वहां आने की कीमत 2000 रुपये प्रति व्यक्ति है जो महीनों पहले बैंक के जरिए जमा करना पड़ता है। दो साल से अधिक उम्र के बच्चे से भी प्रवेश शुल्क लिया जाता है। अगर एक समागम मे 10 से 20 हजार लोग (कई समागमों में तो इससे ज्यादा लोग मौज़ूद होते हैं) भी आते हैं तो उनके द्वार जमा की गई राशि 2 से 4 करोड़ रुपये बैठती है।

ये समागम हर दूसरे दिन किसी इनडोर स्टेडियम में होता है और अगर महीने में 15 ऐसे समागम भी होते हों, तो बाबा जी को कम से कम 30 से 60 करोड़ रुपये के बीच का प्रवेश शुल्क मिल चुका होता है। बाबा जी को सिर्फ स्टेडियम का किराया, सुरक्षा इंतजाम और ऑडियो विजुअल सिस्टम पर खर्च करना पड़ता है जो कि महज़ कुछ हज़ार रुपय़े होते हैं। समागम कुछ ही घंटो का होता है जिसमें बाबा जी अपनी बात कहते कम और सुनते ज्यादा हैं। महज़ कुछ घंटे आने और कृपा बरसाने के लिए करोड़ों रुपये कमा लेने वाले बाबा जी अपना कार्यक्रम अधिकतर दिल्ली में ही रखते हैं जहां सारी सुविधाएं कम खर्चे में आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।

यह अलग बात है कि दिल्ली में समागम अधिकतर तालकटोरा इंडोर स्टेडिम में होता है् जहां साढ़े तीन-चार हजार लोग बैठते हैं। यानि यहां की कमाई 70 से 80 लाख प्रति समागम होती है। इन दिनों हर महीने कम से कम छः-सात समागम हो ही जाते हैं। इसके अलावा दसवंद और दूसरे चंदों के नाम पर भी कई लाख रुपए हर रोज़ बाबा जी के अकाउंट में आ जाते हैं। कुछ बैंक अधिकारियों का कहना है कि बाबा जी के अकाउंट में एक दिन में चार-पांच करोड़ रुपए जमा होना मामूली बात है।

इस मोटी कमाई में एक छोटा, लेकिन अहम हिस्सा उस मीडिया को भी जाता है जिसने बाबा जी को इतनी शोहरत दी है। हालांकि अब कुछ अनचाहे हिस्सेदार भी मिलने लगे हैं। पिछले महीने निर्मल बाबा को एक ‘भक्त’ के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस तक की मदद लेनी पड़ी। आरोप है कि लुधियाना के रहने वाले इंद्रजीत आनंद ने अपने परिवार के साथ मिल कर जालसाज़ी से बाबा जी को भेजे जाने वाले पैसे में से 1.7 करोड़ रुपये अपने और अपने परिवार के खाते में डलवा लिए। पुलिस ने बताया कि निर्मल बाबा ने बैंक को शिकायत दी थी। बैंक ने जांच की, जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ़ मामला दर्ज किया गया।

उनके भक्त अपनी समस्या सुलझाने के लिए सवाल तो करते ही हैं, उन पर पिछले दिनों बरसी कृपा का गुनगान भी करते है। टीवी चैनलों पर उनके भाव विह्वल होकर सुनाए गए अनुभवों का प्रसारण भी किया जाता है जिसमें उसके सभी कष्टों के निवारण का विवरण होता है। लोगों को कार्यक्रम का यही हिस्सा सबसे ज्यादा प्रभावित करता है दरबार में आने के लिए। निर्मल बाबा की बढ़ती लोकप्रियता ने उन्हें चर्चा में ला दिया है। ट्विटर पर उन्हें फॉलो करने वालों की संख्या करी 40 हजार हो चुकी है। रहे हैं। फेसबुक पर निर्मल बाबा के प्रशंसकों का पेज है, जिसे 3 लाख लोग पसंद करते हैं। इस पेज पर निर्मल बाबा के टीवी कार्यक्रमों का समय और उनकी तारीफ से जुड़ी टिप्पणियां हैं।

लेकिन सभी लोग निर्मल बाबा के प्रशंसक नहीं हैं। फेसबुक पर कई लोग उन पर और उनके दावों पर संदेह भी जता रहे हैं। किसी ने उन्हें ‘फ्रॉड’ बताया है तो कोई ‘पैसे हजम करने वाला’। एक शख्स ने तो लिखा है, ‘बाबा बहुत चालाक आदमी है… आपको हाथ दिखाएगा तो आप पर ऊपर वाले की कृपा हो जाएगी…सिर्फ टीवी देखने से भी भला होता है?’ एक दूसरे व्यक्ति ने लिखा है: ‘महाठग जो बुद्धू लोगों को चूना लगा रहा है और लोग हंस रहे है..पता नहीं लोग कब समझेंगे भगवान और आदमी का
फर्क..?’

निर्मल बाबा के जीवन या उनकी पृष्ठभूमि के बारे में बहुत कम लोगों को पता है। उनकी आधिकारिक वेबसाइट निर्मलबाबा. कॉम पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। इस वेबसाइट पर उनके कार्यक्रमों, उनके समागम में हिस्सा लेने के तरीकों के बारे में बताया गया है और उनसे जुड़ी प्रचार प्रसार की सामग्री उपलब्ध है। झारखंड के एक अखबार के संपादक ने फेसबुक पर निर्मल बाबा की तस्वीर के साथ यह टिप्पणी की है, ‘ये निर्मल बाबा हैं। पहली बार टीवी पर उन्हें देखा। भक्तों की बात भी सुनी। पता चला..यह विज्ञापन है. आखिर बाबाओं को विज्ञापन देने की जरूरत क्यों पड़ती है? सुनने में आया है…ये बाबा पहले डाल्टनगंज (झारखंड) में ठेकेदारी करते थे?’

लेकिन एक दूसरी वेबसाइट निर्मलबाबा.नेट.इन उनके बारे में कई दावे किए गए हैं। वेबसाइट के मुताबिक निर्मल बाबा आध्यात्मिक गुरु हैं और भारत में वे किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। इस वेबसाइट पर उन्हें दैवीय इंसान बताया गया है। उनकी शान में कसीदे गढ़ते हुए बताया गया है कि किसी भी इंसान का सबसे बड़ा गुण ‘देना’ होता है और निर्मल बाबा लंबे समय से लोगों को खुशियां दे रहे हैं। वेबसाइट का दावा है कि बाबा के पास छठी इंद्रिय (सिक्स्थ सेंस) भी है जिससे मनुष्य को भविष्य में होने वाली घटना के बारे में पहले से ही पता चल जाता है। ग़ौरतलब है कि उनके समागम का शीर्षक ही ‘थर्ड आई ऑफ निर्मल बाबा’ होता है।

हालांकि, निर्मलबाबा.कॉम में बताया गया है कि निर्मलबाबा.नेट.इन एक फर्जी वेबसाइट है, लेकिन इसमें बाबा की तारीफ़ ही छपी है। वेबसाइट के अनुसार, ‘बाबा नई दिल्ली में रहने वाले आध्यात्मिक गुरु हैं। वेबसाइट के मुताबिक वे 10 साल पहले साधारण व्यक्ति थे, लेकिन बाद में उन्होंने ईश्वर के प्रति समर्पण से अपने भीतर अद्वितीय शक्तियों का विकास किया। ध्यान के बल पर वह ट्रांस (भौतिक संसार से परे किसी और दुनिया में) में चले जाते हैं। ऐसा करने पर वह ईश्वर से मार्गदर्शन ग्रहण करते हैं, जिससे उन्हें लोगों के दुख दूर करने में मदद मिलती है।

उनकी इस साईट के मुताबिक निर्मल बाबा के पास मुश्किलों का इलाज करने की शक्ति है। वे किसी भी मनुष्य के बारे मेंटेलीफोन पर बात करके पूरी जानकारी दे सकते हैं। यहां तक कि सिर्फ फोन पर बात करके वह किसी भी व्यक्ति की आलमारी में क्या रखा है, बता सकते हैं। उनकी रहस्मय शक्ति ने कई लोगों को कष्ट से मुक्ति दिलाई है।’ निर्मल बाबा के बारे में जानने के लिए उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो नंबर लगातार व्यस्त रहे।

निर्मल बाबा के दावों पर कुछ लोग सवाल भी उठा रहे हैं। इंडीजॉब्स. हबपेजेस.कॉम वेबसाइट पर निर्मल बाबा की कार्यशैली और दावों पर कुछ सवाल उठाए गए थे, लेकिन बाद में डिलीट कर दिए गए। हबपेजेस.कॉम पर कोई भी व्यक्ति अपनी पसंद के आर्टिकल प्रकाशित कर सकता है। इस वेबसाइट पर दावा किया गया है कि ऐसे आर्टिकल प्रकाशित करने पर क्लिक के आधार पर वह पैसे भी कमा सकता है।

इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख ‘इज निर्मल बाबा अ फ्रॉड’ में कहा गया था कि उनके इतिहास के बारे में बेहद कम जानकारी उपलब्ध है। वेबसाइट के मुताबिक, ‘वे वर्तमान में समागम के अलावा क्या करते हैं और अपने भक्तों से मिलने वाली करोड़ों रुपये की राशि से वे क्या कर रहे हैं, इसके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। अगर प्रकृति ने उन्हें दैवीय शक्ति दी है, तो वे लोगों से पैसे लेकर क्यों उनका भला कर रहे हैं?

हालांकि अब ये पेज उपलब्ध नहीं है। लेख में लिखा था ‘अगर आपके पास पैसे नहीं हैं, तो निर्मल बाबा आपका चेहरा तक नहीं देखेंगे।’

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About Author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

142 Comments

  1. ha Shashi ji dekhah tv par.
    भक्त – बाबा मैं बहुत दिनों से परेशान हूँ मेरी परेशानी खतम ही नहीं हो रही हैं मैं क्या करू बाबा?
    निर्मल बाबा – अपने समोसा कब खाया था?
    भक्त – जी दो दिन पहले ही खाया था,
    निर्मल बाबा – समोसों के साथ कौन सी सौस खायी थी?
    भक्त – जी चिली सौस,
    निर्मल बाबा – अब समोसों के साथ टोमाटो सौस खाना, कृपा बन जाएगी.

  2. PRAMOD KUMAR WARAY, BALLARSHAH.DIST-CHANDRAPUR. (M.S)INDIA on

    baba G tumari too waat lag gyi yaar …pura plan chowpat ho gya loog jaag gyee yaar ….tum too jaa se chale thee vahi par aa gye yaar…tum tumara jadu fail ho gya yaar…you bad luk…baba

  3. KISI BHEE BABA KO POPULAR KARANE ME MEDIA KA BAHUT BADA HATH HOTA HAI…PATRAKARITA KI NAITIKTA SE PARE, MEDIA KEWAL PAISE KE LIYE MARE JA RAHI HAI.T V CHANNEL KO NAITIKTA SE KOI SAROKAR NAHI , PAISA DO AUR KUCHH BHEE DIKHAO…..JAI HO BHARAT DESH.

  4. Soumya Mitra on

    सीधी बात है की निर्मल बाबा लोगो को लूट कर उनके पैसो से अपना महल तयार कर रहे है……..और उनको पुब्लिसिटी दिलाने के लिए मीडिया भी आगे बढ़ कर आयी है……वर्ना एक बार मिलने के लिए २००० लगते है…..ये तो सीधा सीधा धोखाधारी है……अगर यही सब पैसा हमारे देश की तरक्की के लिए लगता तो आज हमारा भारत एक शक्तिशाली देश होता…..ऐसे कुछ लोगो की वजह से आज हमारे देश की ऐसी हालत है……corruption से pirit है हमारा भारत………

  5. sanjeev kumar ruhela on

    क्या निर्मल बाबा ही दोसी है सोचना जरुरी है क्या वें लोग दोसी नहीं है जो इन् चीजो को बढ़ावा देती है मेरे ख्याल से मीडिया न्यूज़ चैनल और समागम मैं जाने वाला हर शक्श गुनेहगार है जिन्होने निर्मल हो इतना फेलाने फूलने का मोका दिया जनता के पास बोहत पैसा है तभी तो ऐसे लाखो बाबा ट्रस्ट और संसथान माला माल है आज भारत का कितना पैसा इन babon और माथो के पास है..इस का अगर देश की उन्नेत्ति मैं लगा दिया जाये तो भारत मैं बेरोजगारी…भुकमरी….ख़तम हो जायगी ……

  6. NARESH KUMAR SHARMA on

    जिस आदमी का ईमान पैसा, जिसका धर्म पैसा, जिसकी हर बात में पैसा झलकता हो. जो इंसान सिर्फ पैसे की भाषा बोलता हो ,ऐसा आदमी किसी का क्या भला करेगा. ये ढोंगी तो लोगों को बेवक़ूफ़ बना कर सिर्फ अपना भला कर रहा है.
    एक छोटी सी बात -ये अपने आप को अंतर्यामी बोलता है फिर तो इस आदमी को. समागम में बैठे किसी भी इन्सान से ये पूछने की क्या जरूरत है कि वो कहाँ से आया है. और क्या करता है? हमें चाहिए कि हम अपने आप पर भरोसा करें और अपनी मेहनत से अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करें बजाय की ऐसे पाखंडियों का घर रूपयों से भरने के.
    ऐसे लोग अपना मतलब साधने के लिए धर्म की गरिमा के साथ खिलवाड़ करते रहते हैं. और हम सिर्फ अपने लालच के मारे इन जैसे ढोंगी लोगों को भगवान मान बैठते हैं.
    धर्म का इससे बड़ा मजाक उड़ाना और क्या होगा कि ये कहना कि आप अपनी गाड़ियों से. भगवान की फोटो हटा कर मेरी यानि निर्मल बाबा की फोटो लगाओ.
    यह सब कुछ प्रचार का नतीजा है. मै व्यक्तिगत रूप से कई बाबाओं से मिल चुका हूँ, और यह भली भाती जान चुका हूँ की ये सब भी हमारे-आपके तरह साधारण इन्सान हैं. निर्मल बाबा भी ऐसे ही हैं.

  7. Nitesh Choudhary on

    सबसे बड़ा चोर निर्मल बाबा है और उससे भी बड़ा चोर मीडिया है……. सब लोग एक दुसरे की मारने पर लगे हुए है…….
    और इस देश की जनता पागल है साली ……
    सारे बाबा , सारे नेता , ठग है सिर्फ और सिर्फ ठग ,,,,,,,,,,
    और देश की जनता तो भेडचाल चलती है….. इनमे तो दिमाग ही नहीं है…..
    रोज साला नया बाबा पैदा हो जाता है इंडिया में.

  8. PANKAJ MATHUR on

    NIRMAL BABA G. KO KOTI-KOTI PRANAM. BABA G. MUGH PAR AUR MARE PARIVAR PAR AAP APNI KRIPA BANAY RAKHANA. BABA G. GHAR ME SUKH-SAMRADHI-SHANTI BANI RAHE. GHAR ME SAB LOG SAWASTHY RAHE. SAMAJ ME IZZAT BANI RAHE. BABA G. GHAR ME SAB KO SAAD BUDDHI DO.BABA G. KO KOTI-KOTI PRANAM.

  9. Vipin Mehrotra on

    Baba ji maine tow aksar samose hari aur lal dono rang ki chatni se khai hai par fayda nahin hua.Mere liye kaun sa rang saahi rahega.Golgappe bhee khata rahta hoon.Kripa kab barsegi.

  10. सही है देश सही जा रहा है एक तरफ हमारे नेता नोच रहे है दूसरी और रोज कोई नया बाबा आ जाता है सही वो भी क्या करे बेवकूफ लोगो को थोडा और बेवकूफ बना कर मजे ले रहे है सबसे मजे की बात तो ये है हिंदुस्तान में किसी पूजा पाठ से इकट्ठा की गयी रकम के बारे इन्कोमे टैक्स वाले भी कुछ नहीं बोलते क्या इन पर टैक्स नहीं लगता?
    हिंदुस्तान में बाबाओ की बड़ी मौज है मई भी सोचता हु बाबा बनुगा बड़े फायदे है फ़ोकट की सेवा सत्कार पैसा तो पुच्चो मत …………..

    सरम करो हरम की खाने वालो …………………….

  11. ऐसे बाबा को तो सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर जूत्ते मारने चाहियें ताकि इसकी सारी पीढियां गंजी पैदा हों और याद रखें कि निर्मलजीत नरूला के फर्जी बाबा बनने के कारन सारा खानदान गंजा रहने को अभिशिप्त है…

  12. मनोज सिंह on

    बाबा का बज गया बाजा.. और बिना शक़ इसका श्रेय आपके इस बेबाक लेख को जाता है। मैं कई वेबसाइटों पर इस खबर को हू-ब-हू पढ़ा है। कुछ में धीरज जी का नाम है, कुछ में नही, लेकिन इतना जरूर है कि आपके नाम से ज्यादा आपका काम बोल रहा है।
    आपके जज्बे को सलाम

  13. अभिलाषा सिंह on

    एकदम सटीक विश्लेषण.. धीरज जी, आपके इस एक लेख ने ही बाबा की बख्या उधेड़ दी.. बधाई हो

  14. वैसे तो व्यक्ति पूजा के खिलाफ आवाज़ बुलंद होनी ही चाहिए, मगर किसी की श्रद्धा पर भी अंकुश नही लगाना चाहिए , किसी को अगर किसी की कृपा से फायदा होता है तो ये उसकी अपनी सोच है और किसी की सोच को कोई नही बदल सकता…..

  15. Rajinder Singh on

    Shashi Ranjan Kumar Verma जी यह बाबा फुद्दू है अप्प पागल हो जो इनके पीछे लगे हुए हो !! तेरी तो बुधि भ्रस्त हो गयी है ! सभी पागल है जो एस पाखंडी को बाबा कहते है !

  16. saale shashi ranjan…….tere jaise logo ki wajeh se hi ye sab ho rha hai………..jinhone…………bina sachchai jane us kutte ko bhagwan bna diya hai…………sale wahan bolne waaale bhi usi k aaadmi hote hai…………….jago yaaarooon aaaagggoooo

  17. निर्मल बाबा गलत नहीं है उनके बारे में गलत अफ्वाये फ़ले जा रही है पैसे निर्मल बाबा नहीं मांग रहे है भक्त अपनी मर्जी से दे रहा है

  18. इस में किसी का कोई दोष नहीं है , यह दोष उन लोगो का है जो नाकारा है और हमेशा किसी चमत्कार को देखना या सुनने से ही भक्तो की लिस्ट में शामिल हो जाते है. यह सभी लोग वो भेड़ है जो किसी के भी साथ चल पड़ते है. और इन् जैसे बाबाओ की दुकान चल पड़ती है.

  19. nirmal baba je ……….ke baare me kisi ko kuch galt bolne ka koi hack nahi he kyoki tum kisi ke baare me kuch nahi jante ho……. rahe baat media ke media to chikna ghada he kidher bhe ludak jata he …aur rahe baat nirmal baba ke unke bhakt jaante he ke baba je galt nahi he we support nirmal baba je………

  20. कुते की गति सब जानते हैं, यहाँ गया दो ठोकर, वहां गया दो ठोकर! सोचो अप लोग, इसने ये तक कहा की मई भगवन हूँ. हिन्दू धर्मं को ठेस पहुंचाई है इस कमीने ने इसे तो रोड से थोक थोक के क्या कहूँ अब जाओ समोसे खालो और चटनी उनकी गंद में लगा दो वो सही हो जायेंगे

  21. मने आज तक बाबा का समागम में नहीं गया हु, लेकिन निर्मल बाब गतल नहीं हो सके है, वो किसी बी इंसान को अपनी पूजा करने के लिय नहीं बोलते हे, वो सिर्फ इंसान के रोजमर के कम करने के tarike को बदलने की सलहा देते हे, बाबा कोई बागवान नही हो सकते, वो सिर्फ एक जरिया ह बागवान की बात हमे तक pahuchane का, और आज तक किसी बी इंसान को बाबा स कोई शिकायत भी नहीं हुई है, अगर कुछ लोगो को बाबा पर शक है तो बाबा को जाच करावी जा सकती ह,, अगर बाबा की किरपा झोटी है तो सब सच सामने आ ही जायेगा… धन्यवाद.

    • अभिषेक on

      अब क्या कहते हो पंकज बाबा? अब तो दूध को दूध- पानी का पानी हो गया। रोजमर्रा का तरीका समोसा और जलेबी खाकर नहीं बदला जा सकता।

  22. बाबा जी में सचमुच सच्ची शक्ति है और मैंने महसूस भी किया है जिन लोगों ने बाबा जी की किर्पा नहीं पाई है
    वह लोग तो अनाब-शनाब बोलते ही रहेंगे सो उन्हें बोलने दो, हम भक्तों को उन पर विशवास रखना है और उनकी
    बातों पर अमल करते रहना है जय निर्मल बाबा जी महाराज की

    • अभिषेक on

      अब क्या हुआ शैलजा डोगरा जी..? किरपा मिल गई..?

  23. Sandeep Sisodia on

    Atul Agarwal जब तक मूर्ख जिंदा हैं अक्लमंद भूखा नही मर सकता। शायद यह बात बाबा ने सिद्ध कर दी । बाबा की लोकप्रियता का कारण एक और हो सकता है कि लोग पैसा कमाने शार्टकट का इस्तेमाल करना चाहते हैं मेहनत नही करना चाहते।

  24. abe tune jis bhagwan ka photo lagaya hai apani profile me o bhi 1 insan the jo mahabharat jaise ladai me samil the unako tu bhagwan kah sakta aur jo achchh kam kar raha sabki bhlai kar raha hai usake bare me aisa bol raha ha tujhe kuchchh bhi malum hai ki nahi ya aise hi net chalu kiya aur kisi ke bareme kuchh bhi likh diya

  25. ज़रा इस वीडियो को गौर से देखिये! यहाँ आप को पता चल जायेगा कि कैसे यह ढोंगी बाबा अपने ही चमचों को छांट छांट कर बुलाता है… इन चमचो से पहले ही डायलोग रटाया जाता है. यह बाबा के मंझे हुए कलाकार होते हैं. फिर कार्यक्रम के वक्त यही कलाकार अपने दुखों का मार्मिक किस्से सुनते हैं और फिर यह बताते हैं कि बाबा जी कि कृपा से हमारे दुःख दूर हो गए. बाकि मूर्खों कि भीड़ इस से प्रभावित हो कर जय जय कार क…रने लगते हैं. बड़ा ही गज़ब का अभिनय होता है इस पाखंडी बाबा के दरबार में!
    मगर इस विडियो में सभी कलाकार मंझे हुए नहीं हैं. कईयों के डायलोग बोलते वक्त हंसी छूट रही है. अनाड़ी लग रहे हैं बेचारे.. अभी इन कलाकारों को रिहर्सल की ज़रूरत है.
    एक शख्स कहता है कि वह नागपुर से आया है और मेरा चौथा समागम है , इस के हाव भाव से ही पता चल रहा है कि यह अभिनय में अभी पक्का नहीं है. कहता है मुझे सीमेंट का डीलर भी आप ने बना दिया , मुझे पैसे भी बहुत दिए. इन सब लोगों के बयान लिए जाने चाहिए क्यों कि यह लोग भी इस षड्यंत्र के हिस्सेदार हैं. इन सब कलाकारों के वीडयो भी डाउन लोड कर के रखा जाए और बाद में इन पर भी जाँच की जाए!

  26. बाबा अब बाबागिरी को छोड़ कर माफिया गिरी में उतर आये है. जय हो ऐसे बाबे की. एक तो चोरी और ऊपर से सीना जोरी! ऐसा बाबा आगे चल कर किसी को भी रास्ते से हटा सकता सकता है…..

  27. भाई लोगो आप सोचो ये बाबा लोग प्रवचन दे दे कर करोडो लोगो को कामधाम से दूर कर देते है !!! आदमी जितना समय इनके प्रवचन सुनता है उतना देर मेहनत और लगन से काम करे तो किसी बाबा के पास जाने की जरुरत नहीं है !!!मैं नहीं कहता की ऊपर लिखे पोस्ट गलत है पर भाई लोगो जो लोग भगवान् की खोज में हमेशा रहते है उन्हें पता होना चाहिए इस दुनिया में सब इन्सान है कोई भगवान् नहीं है !और जो भगवान को नहीं खोजता उसके तो दिल में भगवान् है !
    दिल से अपना कर्म करो बुरा करके भगवान् को खोजने की बजे अच्छा करो भगवान् सबको देख रहा है सबको अपने किये का फल मिलता है किसी को कम समय में तो किसी को ज्यादा समय में
    और निर्मल बाबा भी १ इंसान है और में किसी की निंदा नहीं करता क्यों की कोई सही है या गलत है ये फैसला करने का हक़ सर भगवान् को है मुझे नहीं पर …..मेहनत करना किसी पाखंडियो के चक्कर में पड़ना मेरे हाथ वो में नहीं करूँगा …पर जो लोग इन पर विस्वास करते है तो उसमे भी उनका स्वार्थ होता है ……

  28. निर्मल बाबा तुम दुसरे लोगो को ठग ते हो तुम्हे पता हे | की गरीब आदमी किस तरह पैसा कमाता हे |तुम भगवान बन ते हो एक दिन तुम्हे भगवान भी माफ़ नही करेगे …..

    • अबे xxx तू कुछ भी लिखेगा तो लोग मन जायेंगे क्या अगर तुझमे इतना है तो तू भी जरा ऐसा कर के दिखा है क्या dam

      • अभिषेक on

        क्या हुआ राम चाचा? लोग मान भी गए और दम निकल भी गया तेरे बाबा का।

  29. Khaleel jibran ki ek chhoti si story hai…. ""maine kaha ki us gulam ko sone do, ho sakta hai wo aazadi ke sapne dekh raha ho…" "usne mujhse kaha- nahi us sote gulam ko jagao aur use batao ki aajadi kaise hasil ki ja sakri hai….!" Jo log dhongiyon ke chakkar me pade hain, unhe un dhongiyon ke chagul se bachane ki koshish jaroor karni chahiye. Log yah soch kar chup rah jate hain ki yah samne wale ka opinion hai…. Dongi Babaon le bachane ke sath-sath anya logon ko bhi sawdhan karne ki jarurat hai. Bhale wo mane ya na Khaleel jibran ki ek chhoti si story hai…. ""maine kaha ki us gulam ko sone do, ho sakta hai wo aazadi ke sapne dekh raha ho…" "usne mujhse kaha- nahi us sote gulam ko jagao aur use batao ki aajadi kaise hasil ki ja sakri hai….!" Jo log dhongiyon ke chakkar me pade hain, unhe un dhongiyon ke chagul se bachane ki koshish jaroor karni chahiye. Log yah soch kar chup rah jate hain ki yah samne wale ka opinion hai…. Dongi Babaon le bachane ke sath-sath anya logon ko bhi sawdhan karne ki jarurat hai. Bhale wo mane ya na mane….!

  30. अगर आपके पास पैसे नहीं हैं, तो निर्मल बाबा आपका चेहरा तक नहीं देखेंगे।’ Jai ho Fraud baba ki..

  31. निर्मल बाबा के खिलाफ मीडिया ओर जनता को मिलकर काम करना होगा पर मीडिया पेसे के लालच में इस आडंबर को बढ़ावा दे रहा है, जो बहुत ही दुर्भाग्य पूर्ण है , कभी मीडिया पाखंड ओर अंधविश्वाश के खिलाफ बोलता है ओर कभी उसे बढ़ावा दे रहा है, ओर भारत एक निहायत ही अन्ध्भ्कत लोग समोसा, रुमाल, ट्रेन यात्रा ओर नोटो की नयी गद्दी में अपना भाग्य देख रहे है, इस तरह निर्मल बाबा बनकर अपना घर भर रहा है, 2000 रुपया सिर्फ़ एंट्री फिश ओर उसके सिवा आना जाना ओर ठहरना सब मिलकार आदमी हज़ारों रुपये बर्बाद कर रहे हेन , यही पाखंड देश के विकाश मे अवरोधक है

  32. AAP KI BAAT SE MAI SAHMAT HU , PAR EK BAAT ME AAP SE BHI PUCHTA HU.
    KYA RAM,SHRI KRISHNA,SIRDI KE SAI KYEE YE AAM JANOO SE Rs.2000/- magte thee kyaa,,
    NAHI MANGTE THE TABHI TO YE AAJ BHAGWAN KAHLATE HAI ……………..RUPYA MANGNE WALE DHONGI HOTE HAI YAAR OR KUSH NAHI …………..

  33. बेस्ट कॉमेडी शो का अवार्ड तो निर्मल दरबार को ही मिलना चाहिए और बेस्ट कॉमेडियन ke अवार्ड पर तो सिर्फ निर्मल बाबा ka ही हक है.
    निर्मल बाबा- sada हक – अत्थे रख !

  34. भक्त- बाबा पहले मेरी शादी पक्की हो चुकी थी लेकिन जब से आपका नाम लिया मेरी शादी टूट गयी यह सब आपकी कृपा से hee संभव हो सका है .जय हो nirmal बाबा की!
    इसी ही कृपा सभी पर बनाये रखना .

  35. दोषी तो हम भी कम नहीं हैं जो अपने लालच के कारण ऐसे ढोंगी और पाखंडी बाबाओं के चक्कर में फँस जाते हैं .

  36. परवीन कुमार जी इस ढोंगी बाबा का दुस्साहस इतना बढ़ चुका है कि अब वो किसी को भी अपनी मूर्खतापूर्ण टिप्स दे कर काबू करना चाहता है. लेकिन मज़े कि बात यह है कि इस का पाला अभी तक मूर्ख लोगों से ही पड़ा है. बाकि सारा ड्रामा तो पूर्व नियोजित ही होता है. वैसे भी दो – तीन हज़ार मूर्खों की भीड़ में कितनों को सवाल करने का मौका दिया जाता है ?

  37. सर अगर ऐसा हो तो इस देश के भ्रष्ट नेता , अफसर और ढोंगी बाबे लोग फुटपाथ पे आ जायेंगे .. ही ही ही …

  38. इक्कीसवी शताब्दी में विज्ञानं और तकनीक का इस्तेमाल करते हुए अन्धविश्वास को किस कद्र बढ़ावा दिया जा रहा है इसे देख कर हैरानी होती है. निर्मल बाबा ने तो सारी हदें पार कर दी है. . कितना बैखौफ हो कर जनता को चूतिया बनाता आ रहा है. कोई है रोकने वाला ? शायद कोई नहीं. अगर कोई सवाल उठाये तो उसे तुरंत नोटिस भेज कर कार्रवाई करने की धमकी दी जाती है. यह बाबा गिरी है या माफिया गिरी ?

  39. सरकार का काम है देश की आबादी को गरीबी के गर्त में धकेलना. जो गरीब है वो हर तरफ से मुसीबत में घिरा होता है उतने ही उन के दुःख निवारण के लिए बाबागिरी की दुकान खुलते हैं. अपनी मुसीबतों से छुटकारा पाने के लिए वो किसी चमत्कार की उम्मीद करते हैं. जनता की कमजोरी को भुनाने के लिए फिर बाबे पैदा किये जाते हैं. यह बाबे लूटे हुए दीन- हीन लोगों को और लूट कर उन को झूठी तसल्ली प्रदान करते हैं. इस बीच मीडिया अपना अहम रोल अदा करती है. वो ऐसे बाबों को घर- घर में पहुंचा देती है. जिस का जितना बड़ा नाम उतनी ही झूठी तस्सल्ली लोगों को मिलने लगती है. चूँकि हमारे देश की बहुत बड़ी आबादी बुद्धिमान लोगों की है जो इस तरह की बातों में बहुत यकीन रखते हैं.
    ..

  40. मुझे तो ऐसा लगता है कि यह बाबा भी एक प्यादा ही है. असली खिलाडी कोई और ही है जो इस को ज्यादा से ज्यादा मशहूर करना चाहता है. रही बात मीडिया की , तो मीडिया के लिए तो यह बाबा कमाऊ पूत है. मीडिया कभी इस को ख़त्म होने नहीं देगा. बाकि देश की बुद्धिमान जनता की असीम कृपा इस पर बरस ही रही है.

  41. प्रवीण कुमार on

    Iska jabab jarur puchhiye apne aas pass ke logon se jo N.Baba ke bhakt hai.
    ——————————————————————————————

    *Samagam bade bade hotalon me kyun hote hai jahan ki seat simit hoti hai?
    *Samagam kisi play ground me kyun nahi hoti? jahnan 50,000 se adhik *logon ko ek baar me hi kripa mil jati?
    *Kya ulte- pulte nukse pura karne se hi kripa aayegi?
    *jinke pass black purse nahi hai o log nahi kamate hai, aur unpe laxmi ki kripa nahi aati?
    * kripa lene ka adhikar sirf unhe hi hai jo 2000 rupee de sakte hai, baki logon pe baba ki kripa kab aayegi?

  42. Atul Agarwal on

    बहुत अफ़सोस की बात है कि हमारा मीडिया ऐसे पाखंडी के गुण गा रहा है ऐसे में मीडिया दरबार का कदम वास्तव में सराहनीय है.
    ऐसे ढोंगी और पाखंडी का भांडा तो फूटना ही चाहिए और सच्चाई सबके सामने आनी चाहिए.बस यही समझ में नहीं आता कि इस मक्कार की सच्चाई सामने आने पर हमारा मीडिया कहीं अपनी विश्वसनीयता न खो दे.
    चाहे ये इन्सान जो भी हो कम से कम इसने दुनिया को ये तो बता ही दिया है कि हम भारतीय बहुत ही लालची क़िस्म के होते हैं और हराम के पैसों का लालच दिखा कर बड़े आसानी से बेवक़ूफ़ बनाया जा सकता है.इसके समागम में बैठे ज्यादातर लोग सिर्फ अपने लालच में ही वहां पहुचे हैं और हराम में सब कुछ मिल जाये इसके लिए इस पाखंडी की जय जयकार करते हैं.इतने सालों से कितने ही बाबाओं ने हमें बेवक़ूफ़ बनाया पर हम हैं की मानते ही नहीं.काफी हद तक तो दोषी हम भी हैं जो इन पाखंडियों को फलने फूलने देते हैं.

  43. सॉरी दोस्तों , बुरा ना मानना. थोड़े समय से मैं भी ये प्रोग्राम देखने लगा हूँ . मुझे लगता है इससे बढ़िया कॉमेडी शो आज की डेट मैं कोई नहीं है . जब कभी बोरियत हो तो निर्मल ***** बाबा का शो देखो, मजे लो…बहुत ***** होते हैं उस शो मैं तरह तरह के .

  44. PERSONNALY I don't believe in any type of BABA and specially EXPOSED BABAS ON CHANNELS AND their THANK YOU SESSION…..but when someone is in trouble den itz obvious dat he/she can trust to any1 who can assure him to solve their prblm…. itz all about believe or not to believe….ur believe can make u sometime FOOL but not to believe DOES'T,,,,,if sum people in billions of this country believe that NIRMAL BABA is one of them who can solve their problems and prevents from thier upcoming problems den it z definetly their own personal call….it z quite helpful for those who r helpless in critical situation….BUT BE READY IF IT DOES'T WORK BECAUSE UR BELIEVE MAKE IT HAPPEN…..BELIEVE IN UR SELF AND YES TO OUR GOD WHO IS IN US….UR BELIEVE CAN DECIDE UR PATH N SUCEESS…SO BEFORE U CHOOSE SUM1 TO BELIEVE…BE AWARE

  45. हमें सबसे ज्यादा डर उस चीज़ से लगता है जिसके बारे में हम कुछ भी नहीं जानते……अगर उस डर को जान जाएँ तो डर ख़त्म हो जाता है और हिम्मत आनी शुरू हो जाती है…………अज्ञानता बहुत बड़ा अन्धकार है……….और अँधेरे में आपके पास आँखे हो या न हों कोई फर्क नहीं पड़ता.

  46. यहाँ तो पत्रकार भी चोरी करने लगे..
    आपके इस आलेख को इस कथित पत्रकार ने अपनी रिपोर्ट बता के अख़बारों में भी छपवा दिया…
    http://www.dailynewsactivist.com/Details.aspx?id=18376&boxid=28177368&eddate=4/5/2012
    http://epaper.rajexpress.in/Details.aspx?id=73804&boxid=83723343
    http://www.facebook.com/people/Siddhartha-Shankar-Gautam/100001267039870
    http://3.bp.blogspot.com/-GSNX-XYdWUc/T3z_VN5oHDI/AAAAAAAAAgc/n_eNLLprH3A/s1600/nirmal%2Bbaba.jpg
    http://siddharthashankargautam.blogspot.in/2012/04/blog-post_05.html

  47. Yogesh Kalal on

    हम ना कहते थे की निर्मल बाबा ढोंगी (निर्मलजीत सिंह नरुला) है देख लीजिये अब तो अख़बार में भी आ गया …

    कुछ लिंक है निर्मल बाबा की ढोंगी बाबागिरी प्रक्रिया के तहत हमारे असली हीरो युवराज सिंह का केंसर ईलाज बहुत देर में हुआ इस विडियो को देखें :- http://youtu.be/q8r-tRariBQ

  48. rohit srivastava on

    आप इस जनता को क्यों समझा रहे हो बाबा ने सब को लगता है माला माल कर दिया है ये हमारा भारत है इस लिए इतना पीछे नहीं है इस तरह बाबा आते है लुट के चले जाते है फिर ये चिलाते है सरकार क्या कर रही है पुलिस क्या कर अगर भारत के इन बाबा के भक्त से बोला जाये की हमारे लिए सीमा पे जो शहीद हो रहे है जो की हमें दिख रहा है उनके परिवार के नाम एक -एक रुपया एक आदमी दे उनके परिवार की हालात ठीक नहीं है तो सायद एक आदमी भी आगे हाथ नहीं करे गा तो आप इनको इन बाबा के बारे में मत बताइए ये नाराज हो जायेगे क्यों की वो भगवान है उनके लिए आप का पैसा है चाहे जैसे उड़ाइए जय हिंद जय भारत

  49. P. V. Srivastava on

    Agar nirmal baba phone pe baat karte huye aapki almaari me dekh sakte hain to media ko chahiye ki phone karke doodh ka doodh aur paani ka pani kar le.
    -P. V. Srivastava
    Special Reporter
    Media Times,
    Weekly News Paper,
    Lucknow

  50. निर्मल बाबा सच्चे हैं या झूठे – ये बात तो पत्रकार महोदय को प्रमाण के साथ रखना चाहिए ! बस चिल्लाने भर से कि- “निर्मल बाबा फ्रॉड हैं” काम नहीं चलेगा ! पुरे लेख में सिर्फ एक बात बार-बार , नौसिखिया की तरह, रटी गयी है कि – निमल बाबा ने इतना कमाया-उतना कमाया ! इस दुनिया में लाखों लोग कमा रहे हैं ! गर कोई गलत तरीके से कमा रहा है तो उसे साबित करने के लिए प्रमाण रखना चाहिए ! सिर्फ “वो कमा रहा है ” “वो कमा रहा है ” का शोर मचाने से अपनी ही भद पीटती है !
    विश्वसनीयता प्रमाण के साथ आती है ! विज्ञान भी प्रमाण के साथ अपने-आप को सत्यापित करता है ! अफ़सोस – कि लेखक महोदय, “वो कमा रहा है ” “वो कमा रहा है ” , चिल्लाते भर रह गए , पुख्ता प्रमाण नहीं रख पाए !

    • यह एक अंधविश्वास की पराकाष्ठा है जहाँ एक बाबा लोगों को उल्लू बना रहा है और भाई साब को प्रमाण की जरूरत है…..तो फिर मनी प्लांट लगाओ और पैसे कमाओ…

    • Tum jaise log hi nirmal jaise lalchi aur kamine logon ko mota bana rahe hain khila khila ke! Ab agar in lekhak ne awaj uthayi hai to inhe hi jhuthla rahe ho? Sharm ani chahiye! Jao darbar me samose khalo chhih

    • @नीरज
      आप बिलकुल सही कह रहे हो . मैं आपके बात का समर्थन करता हूँ . क्युकी “वह इतना कम रहा है, इसलिए वह झूठा है” – आपके इस बिना प्रूफ तर्क का समर्थन मैं अगर विश्वास करू, तो यह भी अंध विश्वास है

      • अभिषेक on

        अप तो सबकुछ सामने आ गया राजा जी? प्रमाण भी मिल गया और विश्वास भी हो गया?

  51. pata nahi isko kya maza aata hai logo ki taklif aur apni wah wah sun ne main… aur yeh garibo ka paisa kha kar pata nahi kya karega… narak main bhi jagah nahi milegi isko… bina paise k entry bhi nahi hai iske samagam main.. kam se kam 2000rs charge karta hai….. and private meeting k liye 1-2 lakh rs leta hai…. 21century main bhi log aise baba pe vishwas karte hai…. chutiye log hai…. pls people stop all this blind faith like this money maker baba…

  52. सारे भारत मे एक नागरिक का एक ही बेंक मे एक ही खाता हो तो निकलता हे कि नहीं सारा काला धन । मंदिरो और घरो दुकानों और फेक्टरी मे कोई भी नागरिक 25 लाख से जयादा धन नही रख सकता हो । अगर इस से ज्यादा होगा तो साकार का होना चाहिए । एक ही नागरिक का एक ही राशन कार्ड ,वोट कार्ड और बेंक खाता सारे भारत मे होना चाहिए ।.

  53. सारे भारत मे एक नागरिक का एक ही बेंक मे एक ही खाता हो तो निकलता हे कि नहीं सारा काला धन । मंदिरो और घरो दुकानों औ
    र फेक्टरी मे कोई भी नागरिक 25 लाख से जयादा धन नही रख सकता हो । अगर इस से ज्यादा होगा तो साकार का होना चाहिए । एक ही नागरिक का एक ही राशन कार्ड ,वोट कार्ड और बेंक खाता सारे भारत मे होना चाहिए ।

  54. रातों-रात प्रकट हुए एक चमत्कारी बाबा पर आजकल खूब चर्चा हो रही है। बाबा के भक्त उनके शिविर में कुछ इस तरह की प्रतिक्रिया दे रहा है-

    जेबकतरा : बाबा जी के चरणों में कोटि कोटि नमन! बाबा में पहले लोगों के जेब काटता था, तो 50 -100 रुपये ही मिलते थे! लेकिन अब आपका नाम लेकर जेब काटता हूँ, तो एक हज़ार से ऊपर की रकम मिलती है! जय हो बाबा की!

    शराबी (नशे के अंदाज़ में) : बाबा जी को प्रणाम! क्या बात है बाबा, आज एक ही कुर्सी पर आप जैसे दो-दो बाबा बैठे हैं ?? बाबा, पहले में दस बोतल भी पिता था तो भी नहीं चढ़ती थी! अब आपका बताया ब्रांड, आपका नाम लेकर पीता हूँ तो एक पैग में ही चढ़ जाती है! अभी तो सिर्फ आधा पैग ही पीकर आया हूं। जय बाबा की। बाबा जी आपके बगल में आपके भाई को भी जय बोलना।

    भक्त : बाबा आप सचमे चमत्कारी है बाबा! पहले बीबी मुझे डंडे से पीटती थी! जब आपका नाम लेता हूं, तो जूते से मारती है! बाबा, आपका नाम लेने से ही बड़े औजार (डंडा) छोटे औज़ार (जूता) में बदल गया। इसे और छोटा करो बाबा।

    अधिकारीः बाबा आप सच में महान ब्रांड हैं। पहले एक फाइल पास करने के लिए पांच सौ मुंह से मांगने पड़ते थे। जब से आपकी तस्वीर गांधी जी के बगल में लगाई है तब से बिना मांगे ही फाइल के अंदर से हजार निकलते हैं। बाबा आपकी शरण में आकर रिश्वत लेना भी पवित्र कार्य सा लगने लगा है, शाम को नोटों को गिनते वक्त अध्यात्म की अनुभूति होती है बाबा। बाबा, आपका हिस्सा पैकेट में रखकर पहुंचा दिया है। आप सच में चमत्कारी हैं।

    आशिकः बाबा आपकी तीसरी आंख का आशिर्वाद मिलते ही मैं धन्य हो गया हूं। मोहल्ले की सभी लड़कियां अब मुझे पहले से ज्यादा सुंदर दिखती हैं। बाबा पहले आंख मारने पर जूते पड़ते थे। अब तो सिर्फ थप्पड़ ही पड़ते हैं। आप धन्य हैं बाबा, सच्ची सुंदरता आपकी तीसरी आंख से ही दिखती है बाबा..।

  55. Jaswant Singh Rajpurohit on

    Abhay Arunrao Paunikar wo chamatkar nahi hota h wo jadu totka hota h shriman ji or yaha par shree ram, karishan ,se tulna kisi ki bhi ho rahi h just unki kahi huii bato ko as a example use liya gaya h

  56. Naresh Kumar on

    इन बाबाओं के घर सरकार छापा क्यो नहीं मारती… jab tak ye baba sarkar ke khilaf kuch nahin bolega…. tab tak sarkar ise kuch nahin kahegi…… Ramdev baba ka sab kuch sahi chal raha tha … lekin jaise hi unhone sarkar ke khilaf kuch bol diya… unke sare accounts, education, degree etc. ki jaanch sarkar ne shuru kar di….

  57. निर्मल बाबा जैसे भी हो हमारे हर समस्या का समाधान केए है. इनके बारे में हम सपने में व् गलत नहीं सोच सकते है. जिन लोगो को नहीं मन्ना है न मने पर गलत नहीं बोले. क्योंकि ये महान है

    • bahoot achchha दोस्त येही सोच सभी को रखनी चाहिए लेकिन साले sochate नहीं है
      क्यो की साले खुद ही बुरे है इशके लिए किसी की अच्छाई नज़र नहीं आती

    • Jao to aur samose khalo. iski bhi halat satya sanyi ki tarah hi hogi! Tum jaise log hi badhawa de rahe hain nirmal jaise nich insano ko pair jamane me! Mahan hota to paise kyun khata ilaj ke badle? Dashwand se apna vajan kyun badhwata? \Dhikkar hai wahan jane aur us nich ki jay jaykar karne wale tum jaise logon ka! papi hio tum bhi aur tera nirmal bhi. Chhi Thuh

  58. NIRMAL BABA KO BHAGWAAN SHRI RAM, SHRI KRISHAN, SAI BABA KE SAATH COMPARE KARNA SOORAJ KO DIYA DIKHAANE KE BARABAR HAI AUR MAHA MOORAKTHA HAI. NIRMAL BABA SIRF APNI ADVERTISEMENT KARTE HAIN. AGAR VO ITNEY HEE BADE BABA HAI TO UNHAY APNI PUBLICITY KARNE KI KYA ZAROORAT HAI? VO AC ROOM MAIN SOTE HAIN, MEHNGI IMPORTED GAADIYON MAIN GHOOMTE HAIN, BADIYA KHAANA KHAATE HAI..UNKE ANDAR TYAAG KI BHAWAANA KAHAN HAI ? KYUN VO DASVANDH MAANGTE HAIN ? PAHLE VO YE BATYEN KI ITNEY SAARE RUPEES KA VO KARTE KYA HAI ? KYA VO POOR PEOPLE KO DETE HAIN ? KYA IN RUPEES KA VO KOI SCHOOL, UNIVERSITY, FREE HOSPITAL CHALAATE HAI YA SIRF APNE "SWISS ACCOUNT' KO BHAR RAHE HAIN ?

  59. अब तक अनेक बार के कार्यक्रम मिलाकर कुल 2 घंटे मैंने निर्मल बाबा का टीवी विज्ञापन कार्यक्रम देखा है लेकिन इन कार्यक्रमों में मुसलिम चेहरे, दाड़ी, पहचान का कोई व्यक्तित्व नहीं देखा तथा प्रशंसा करते लोगों में नाम नहीं सुना जो मुलिम पहचान देता हो और जो लोग भक्त भाव के अब तक मिले हैं उनमें भी मुसलिम नहीं थे। बाबा के दिल्ली के कार्यक्रमों की अधिकता को स्वीकार कर लें तो भी मुसलिम नगण्यता यह बताती है कि यह 'विद्या' उन पर प्रभावी नहीं हो रही है।.
    हालांकि बाबा तो पीर फकीर सूफी शहीद के यहां जाने के लिए भी इस बीच अनेकों को भेज चुके हैं जबकि वे जातक हिंदू थे। यहां यह दोनों विरोधाभास देख लें और समझ लें कि बाबा की 'किरपा' सेक्यूप्लर है व हिंदू उसी मुसलिम परस्ती का शिकार हिंदू बाबा से हो रहे हैं जो मुसलिमों से लाभ या प्राप्ति या विश्वास प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।.
    श्रद्धा फलदायकं मानने कीबात कहने वाले, स्वार्थ के पूरा होने का साधन किरपा को मानने वाले हिंदू वर्ग ने धर्म को पहले से ही इतना बौना कर दिया है कि पिछले 1000 वर्षों में विदेशी व विधर्मी प्रभाव का नकारात्मक पक्ष ही हिंदू के हिस्से में आया है। यह सीख जब 1000 वर्षों से नहीं मिली है तो अब मिल जाएगी यह नहीं कहा जा सकता। समस्त उपासना स्थल समस्त पंथिक जन स्वार्थ की झीलें बनाकर इस पंथ सरिता से स्वयं को तारने में लगे हैं अब एक बड़ा नाम यह भी आ गया है जो शायद 2-4 साल अपना कोठा भर ले किंतु हिंदू समाज के लिए कुछ सार्थक होने की आशा नहीं जगाता है। राजनीति प्रशासन तंत्र व न्याय तंत्र के बाद मीडिया, कार्पोरेट, अपराधी व चमत्कारी भी इस हिंदू समाज को लूटने या निचोड़ने में आगे हैं विदेशी व विधर्मी तो वर्षों से इस कार्य को कर ही रहे हैं।.
    इस प्रतिक्रिया में सत्य साईं बाबा का नाम भी लेना चाहता हूँ जिनके प्रयासों से स्वास्थ्य सेवा का महाभियान प्रशांतनिलयम में चला जो निश्चय ही उपलब्धि की श्रेणी में आता है। बाबा रामदेव ने योग आयुर्वेद स्वदेशी को फिर से एक ऊँचाई दी है करोड़ों की कमाई से यह उपलब्धि कहीं अधिक हैं। यदि उस तरह के कार्य भी निर्मल बाबा की किरपा से हों तो शेष बातें पीछे रह सकती हैं अन्यथा तो निर्मलता को धूल धुसरित ही पाता हूँ।.

  60. हम बस यहाँ ये सब लिख कर अपनी भड़ास निकल लेते है. और जो कर्त्तव्यनिष्ठ है उनका साथ नहीं देते, कुछ निर्मल बाबा का गुणगान कर रहे है कुछ अवहेलना, पर सबसे बड़ी बात ये है की हम कभी इंसान बनकर नहीं जी पा रहे. बस भेड़ चाल चल रहे है. अपने आप को समझे और अपने अधिकारों को. हिन्दुत्व को देखे तो बस आज तक तीन बाबा ही हुए है. भोले बाबा, साईं बाबा, और वो जिसने हमे जनम दिया हमारे बाबा ( पापा, पिताजी, बापू, आदि| ). सत्य मेव जयते|

  61. एक दिन में 4 करोड़ से भी ज्यादा कमा लेते हैं निर्मल बाबा, मीडिया भी लेता है ‘चढ़ावा’.
    निर्मल बाबा की बढ़ी बौखलाहट: कानूनी कार्रवाई की धम…
    sachi khaber ko koi nahi rok sakta, vo sunami lekar hi ati hai..

  62. Kamlendra Singh on

    Ravindra Gupta मेरे ख्याल से मुझे हक़ नहीं की मै किसी ( निर्मल बाबा ) के ऊपर कटाक्ष करूँ परन्तु जब निगाह देश के हालात पर जाती तब प्रश्न ये उठता है की क्या ईश्वर की कृपा के हकदार सिर्फ वो लोग ही हैं जो मूल्य चुकाकर वातानुकूलित हाल में बैठते है ? क्या इन निर्मल बाबा की कृपा-द्रिष्टि हमारे देश की इतनी बड़ी जनसंख्या (आम जनता) जो भ्रस्टाचार, अपराध और महंगाई से त्राहि-त्राहि कर रही उन पर नहीं पड़ रही ? क्या संसद में बैठे हमारे प्रतिनिधि जो देश को लूट-लूट कर हमारे तकदीर में मुसीबत ही मुसीबत लिख रहे हैं…मेरे कहने का मतलब है की अगर कृपा करनी ही है तो हमारे देश की आम जनता पर करें संसद में बैठे हमारे लूटेरे प्रतिनिधियों को सद्बुद्धि देकर और अगर यह नहीं कर सकते तो आम जनता को लूटना बंद करे क्योंकि ऐसी परिस्थिति में मुझे संसद में बैठे हमारे लूटेरे प्रतिनिधि और वातानुकूलित हाल में बैठे इन निर्मल बाबा में तो मुझे कोई अंतर नहीं दिखता ये बात हुई की " जेहि विधि होहि नाथ हित मोरा " मेरा भला होता रहे मेरा बैंक बैलेंस बढता रहे आम जनता लुटती रहे, मेरा आशय किसी को भी तकलीफ देना नहीं है मै सिर्फ यह कहना चाहता हूँ की अगर इनमे तकलीफ दूर की क्षमता है तो हमारे देश में जो भ्रस्टाचार, अपराध और महंगाई की जो मार चल रही है उसे दूर करें जिस दिन ऐसा हो सका मै मेरे इस कथन पर नतमस्तक होकर माफ़ी मान लूँगा I

  63. Jaswant Singh Rajpurohit on

    Shashi Ranjan Kumar Verma GITA ME bhagwan shri krishan ne kha h ki karm kro fhal ki chinta mat karo kyo ki karam karna hi tumhare hath me h so dear karm karo kyu time waste karte ho inke piche kuch nahi rakha in babao me agar inke hi hatho me sab dukho ka niwarn karne ki sakti hoti to phir pure world se hi dukh ka nas ho jana chahiye har inshan ko sukhi hona chahiye par aesa nahi h kyu ki ye dhongi h sachai ik din to apne aap hi samne aa jati h chahe kitna hi pesa khila do usko dabane ke liye ok life jese hi karm karoge uska fhal bhi yahi isi jivan kal me milega upar jane ke bad sirf bhagwan ka liya huaa nam kam aata h nahi karm ok so karm or bhakti me fark karna samjho is kalyug ke time me koi baba apni jagha sahi nahi sab dhongi or money h to honey ki dharna liye huee h ok
    jab bhhi bhgwan ka is dhara par avtran hoga wo din alag hi hoga or us din se papi loga ka vinash hona apne aap start ho jayega or wo hogi new yug ki starting

  64. to kaam karke hi samsya ka hal dhunda ja sakta hai aur vo kaam bhi samsya suljhane se related hona chahiye. Ye nahi kya naukari na milna kisi ki samsya hai aur baba bol den ki safed rang ki chocolate kha le naukari mil jayegi. Bhala chocolate khake naukari milne ka kya relation.

  65. राजीव जयसवाल on

    रवीन्द्र गुप्ता जी भी दरबार के आदमी ही मालूम पड़ते हैं। शायद वे भूल रहे हैं कि ये वहूी तालकटोरा स्टेडियम है जहां राजनीतिक पार्टियां अपने लाखों कार्यकर्ताओं के साथ रैलियां करती हैं। दरबार में स्टे़डियम की उस जगह पर भी लोग बैठे दिखते हैं जहां खेल के आयोजन होते हैं। और फिर अगर गुप्ता जी के शब्दों में ही 3000 लोग भी हैं तो रकम 60 लाख बैठती है।
    किसी गरीब देश में जहां प्रति व्यक्ति औसत आय हजारों में भी नहीं होती, 60 लाख रुपये हर रोज की कमाई कम नही होती।

  66. Hari Krishna Mishra on

    Shashi Ranjan Kumar Verma
    are kasam se ye baba aur es baba ke log dono ek se badhkar ek hai………….sala pata nahi kya-2 upay batata rahta hai………..bolta hai …Jalebi kha lo …..Cake mat khao…..ye baba Chutiya ka L…. hai…………./

  67. I never wanted to be part of this but now its high time that sensible and people from the same line should speak up. I have been into the sadhna from more than 10 years now and have met with many people who hold great knowledge of Tantra but Nirmal baba is different or i should say a smart man who knows how to mint money by playing with the beleifs of others.

    Those who think that Nirmal baba is really a divine person and holds super natural powers should think twice.

    If he can give money to anyone then why does he charge them. Why not he let people offer him according to their Yathashakti? Why is it fixed or same for the people of different sects of society.

    Tantra is also a science. A science that helps a person to achieve his goals with less efforts and it cannot be denied that mantra does not make any effect.

    OM is considered as a powerful beeja mantra that can do wonders. If you chant OM for a long time it increases your hameglobin. Its nothing but the sound vibrations produced during the recitation of the mantra that effects which can be confirmed using scientif methods. Every mantra has a its own powers (DIFFERENT VIBIRATIONS) and effects. My reason here is to give this example is to say that 2+2=4 for a class 2 student and same for a Phd in mathematics means science is same for everyone. So why do people visit such people why don’t they use the science by their own when everything is easily available.

    And if Nirmal Baba ji claims that he can cure any disease without any medication then he surely is a God who is greater or bigger then Lord Rama who also needed Sanjivani to get his brother’s life back.

    If he is god and can do wonders then why does he need TV channels to aware people about himself why can’t he just come in everybody’s dream and solve their problems and bless them as many of his devotees claim. Why there is a need to attend his samagams?

    If he says that he can cure any tantra effect then he is surely bigger than Lord Shiva who created Tantra.

    Iam not here to debunk anyone but just to aware those who are getting ripped off by people like him. One should understand that its nothing but a psycological game. Also if you observe that the daily horroscope that gets published in a news paper is beleived by many because in population of more than 100 crores there will be many with whom that forecast will match its nothing but probability. Same way if someone says that remember me (Baba ji) before you enter an office for your interview and you will get a job. Out of 100 if 10 will do this and out of those 10 even if 1 will get a job on his merit even will think that Baba ji did the wonder. This is how the game works.

    There are people who really poses powers but one should know who is the real one and who is a con man.

    I know after this comment lot of people will abuse me also but that won’t make a difference to me and for those my comment won’t matter at all.

    But for revealing the truth I challange if their Baba ji is real and really hold any powers then I would like to experience it (Anything from God to the worst) and if it will happen then I will donate all my assests to their baba’s trust (More than 2 crores) Just predict on the same forum that what will happen to me (Good or Bad) on a particular date or within any time period or few days

    and if that will really happen then I will become Baba ji’s bakht and will donate everything.

    Now those who will say baba ji does not show his powers to prove himself must understand that even Lord Rama, Lord Krishna, Lord Hanuman had to show their powers to make others beleive.

    Thank you

    Jai Ho

  68. Ye baba log bharat me hi kyu paida hote hai ? 300 se jyada aur desho me kyu nahi? Kyuki bharat ke logo ko aashani se wewkoof banaya ja sakta hai

  69. एक इंसान किसी दुसरे इंसान को भगवान क्यूं मान लेता है ?जैसे आप कोई नौकरी या व्यवसाय करते हो वैसे ही वो भी अपना व्यवसाय कर रहा है और अपनी बुद्धि से लोगों को बेवक़ूफ़ बना कर बिना कोई मेहनत किये धनोपार्जन कर रहा है .

  70. Shashi Ranjan Kumar Verma मुझे बतायेगे निर्बल बाबा क्या काम कर रहा है ???? हिन्दुस्तान की समस्या ये है की यहाँ बाबा नाम से बैठे बिठाए दूकान चल पड़ती है … और बाबा में मान भी लिया जाए की कोई शक्ति है तो पैसे लेकर ही लोगो का समाधान क्यों करता है ये बाबा ??? गरीबो पर मजदूरो पर कृपा क्यों नहीं करता ….

  71. pankaj kathuria on

    g m pankaj kathuria malout punjab dosto mera bhai vikas kathuria jo abohar mai minakshi batra ke sath married tha 18-1-2009 ko minakshi or uske pariwar walo ne mere bhai ko abohar ke sant nirankari satsang haal mai bulaya or dhokh se koi zehrili chize khila di vo bechara 3 hour vha zindgi or mout ke bich rha kisi ne uski help nhn ki mere bhai ko maar diya sant nirankari satsang ki sewadaar minakshi batra or uske pariwar walo ne aaj tak abohar police ne fir no 21 19-1-2009 per koi b action nhn liya hai

  72. जिस आदमी का ईमान पैसा, जिसका धर्म पैसा, जिसकी हर बात में पैसा झलकता हो. जो इंसान सिर्फ पैसे की भाषा बोलता हो ,ऐसा आदमी किसी का क्या भला करेगा. ये ढोंगी तो लोगों को बेवक़ूफ़ बना कर सिर्फ अपना भला कर रहा है.
    एक छोटी सी बात -ये अपने आप को अंतर्यामी बोलता है फिर तो इस आदमी को. समागम में बैठे किसी भी इन्सान से ये पूछने की क्या जरूरत है कि वो कहाँ से आया है. और क्या करता है? हमें चाहिए कि हम अपने आप पर भरोसा करें और अपनी मेहनत से अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करें बजाय की ऐसे पाखंडियों का घर रूपयों से भरने के.
    ऐसे लोग अपना मतलब साधने के लिए धर्म की गरिमा के साथ खिलवाड़ करते रहते हैं. और हम सिर्फ अपने लालच के मारे इन जैसे ढोंगी लोगों को भगवान मान बैठते हैं.
    धर्म का इससे बड़ा मजाक उड़ाना और क्या होगा कि ये कहना कि आप अपनी गाड़ियों से. भगवान की फोटो हटा कर मेरी यानि निर्मल बाबा की फोटो लगाओ.

  73. एक इंसान किसी दुसरे इंसान को भगवान क्यूं मान लेता है ?जैसे आप कोई नौकरी या व्यवसाय करते हो वैसे ही वो भी अपना व्यवसाय कर रहा है और अपनी बुद्धि से लोगों को बेवक़ूफ़ बना कर बिना कोई मेहनत किये धनोपार्जन कर रहा है .

  74. Atul Agarwal on

    जिस आदमी का ईमान पैसा, जिसका धर्म पैसा, जिसकी हर बात में पैसा झलकता हो
    जो इंसान सिर्फ पैसे की भाषा बोलता हो ,ऐसा आदमी किसी का क्या भला करेगा
    ये ढोंगी तो लोगों को बेवक़ूफ़ बना कर सिर्फ अपना भला कर रहा है.
    एक छोटी सी बात -ये अपने आप को अंतर्यामी बोलता है फिर तो इस आदमी को
    समागम में बैठे किसी भी इन्सान से ये पूछने की क्या जरूरत है कि वो कहाँ से आया है
    और क्या करता है?
    हमें चाहिए कि हम अपने आप पर भरोसा करें और अपनी मेहनत से अपने सपनों को पूरा
    करने की कोशिश करें बजाय की ऐसे पाखंडियों का घर रूपयों से भरने के .
    ऐसे लोग अपना मतलब साधने के लिए धर्म की गरिमा के साथ खिलवाड़ करते रहते हैं
    और हम सिर्फ अपने लालच के मारे इन जैसे ढोंगी लोगों को भगवान मान बैठते हैं.
    धर्म का इससे बड़ा मजाक उड़ाना और क्या होगा कि ये कहना कि आप अपनी गाड़ियों से
    भगवान की फोटो हटा कर मेरी यानि निर्मल बाबा की फोटो लगाओ.

    • इस निर्मल का कोई दोष नहीं है, इस देश में बेवकूफ बनाने वालो की कमी है बनने वालो की नहीं. जब लोग खुद ही स्वार्थ में अंधे हो कर इनके पीछे भागेगें तो कोई क्या कर सकता है! इतना विवेक तो इंसान में होना ही चाहिए की मात्र १० के नोटों की गडी रखने से और घर में मनी प्लांट का पोधा लगाने से धन आने लगे तो देश के हर गली कुचे में मनी प्लांट ही नजर आता

  75. kaam karna to har manushya ke liye juroori hai, bina karm kiye phal kaise mile ga. is karm bhoomi me to bhagwan krishna aur ram ji ko bhi kaam rana pra tha. hum to aam insan hain. lekin kaam karane ke wabjood kaion ko zindagi ke thaperon se gujarna partha hai un thaperon se bachane ya zindagi ki galtiyon ko sudharkar nai rah dikhanewale bhawan ke saman hi hota hai.

  76. ye baba saala bhagwan ho gaya kya jo har samsya ka samadhan kar deta hai. Phir kaam kyon karte ho. sabhi iske bhakt pade raho iske pas phir dekhna konsi samsya hal hoti hai? isko paise ki samsya hai to khud hi apni samsya hal kyon nahi kar leta? kyo logo se mangta hai?

  77. Ravindra Gupta on

    केवल सुन कर या पढ़ कर मत लिखो, अगर कुछ लिखना है तो पहले पूरी जानकारी एकत्र करो. लेकिन ये बात जरूर धयान में रखना की ये श्रद्धा और विश्वास का मामला है. बाबा के पिछला जानने के लिए अधिकाँश लोग इच्छुक है आप कोशिश करो पता करने की – निर्मल सिंह संधू उर्फ़ निर्मल बाबा पहले क्या थे. केवल ठेकेदार कहने से काम नहीं चलेगा.
    तालकटोरा इनडोर स्टेडियम मैं बैठने की क्षमता मात्र ३००० + है तो आपको ये आकड़ा २० ००० दर्शको का कहाँ से मिल गया. ये हिसाब किताब का मामला है अगर सही आकडे हो तो दो, केवल सुनी सुनाई बातो पर मत जाओ. छोटे बड़े शहरो में भी किसी इंडोर स्टेडियम में भी इतनी क्षमता नहीं है.
    पिछले साल तक जब टी वी पर केवल ५ या ६ चैनेलो पर ये प्रोग्राम आता था तो किसी ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी, जैसे ही टी वी चैनलों की संख्या बढ़ी, बरसाती मेढक उछलने लगे अगर इन्हें भी हिस्सा मिल जाये तो ये भी शांत हो जायेंगे मीडिया की तरह.

  78. अगर निर्मल बाबा जी अपनी तिजोरी भर रहे हैं तो सभी को ऐतराज है, बड़े बड़े लेख लिख रहे हैं. लेकिन पूरा भारत ये जनता है की हमारे नेता लोग भी इनसे ज्यादा गलत तरीके से अपनी income को बढ़ा रहे हैं तो फिर उन पर ऐसे लेख क्यूँ नहीं लिखे जाते हैं. कोई इंसान अगर किसी की समस्या को दूर कर रहा है और उसके बदले अगर फीस ले रहा है तो इसमें गलत क्या है? डॉक्टर भी तो फीस लेता..लेकिन ये नेता लोग क्या लेते हैं..गरीबो का खून…अगर आवाज उठानी है तो उन भार्स्ताचारी नेता के ऊपर उठाओ जो इस देश को खोखला कर रहे हैं और अपनी जेब भर रहे हैं

    • bandhu baaat ye nahi hai ki kaun kya le raha hai or kaun kitna bhrasht hai. baat to ye hia ki aaj bhi hum log kitne aashawadi or aasani se vishwas kar lete hian. neta to humse paisa churate hian magar , is type ke baba hume ullu banate hia or hum unhe poojte hai , thats my single point. till when we indians will follow such people blindly, atleast attempt to change the nature of thinking and make other innocent people aware of it. this will be a great social service.

    • देवांग on

      किसी को ऐतराज नहीं है मगर किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार देश की जनता का पैसा अपने निजी नाम से जमा करने या निजी प्रयोग करने का कोई भी हक नहीं बनता है ।निर्मल बाबा के बैंक खातों मे जनता का शायद अरबों रुपया आया फिर कहां गया ये जाच का विषय है क्योंकि 15 वर्ष पहले के इस निम्न मध्यम वर्ग के व्यक्ति ने इस देश की जनता का पैसा अपने निजी नाम से जमा किया कोई ट्रस्ट आदि भी नही बनाया ना ही कोई धर्म या समाज आदि के लिए कुछ भी किया। सिर्फ अपने परिवार के लिए होटल प्रापर्टी आदि खरीदी, ऐश कि जिंदगी जी और कुछ नहीं……………..

  79. ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ on

    ਕਰ ਲੋ ਇਕੱਠੇ ਜਿਤਨੇ ਚਾਹੋ ਹੀਰੇ-ਮੋਤੀ,
    ਪਰ ਏਕ ਬਾਤ ਯਾਦ ਰਖਨਾ ਕਫਨ ਮੇਂ ਜੇਬ ਨਹੀਂ ਹੋਤੀ "

    "kar lo ekathe jitne chaho heere-moti, par ek baat yaad rakhna kafan mein jeb nahi hoti "

    Source: http://www.gurbanisuno.com/

  80. अगर निर्मल बाबा सच्‍चे नहीं हैं तो चैनलवाले उन्‍हें दिखाकर अपनी जेबें क्‍यों भर रहें और लोगों को गुमराह कर रहे हैं। लोगों को गुमराह तो चैनल वाले कर रहे हैं ना की निर्मल बाबा। जहां तक समागम में पैसे लेकर लोगों का प्रवेश देने की बात है तो बाबा किसी को यह नहीं कहते कि आप हमारे दरबार में आओ ही जिनको उनमें विश्‍वास और श्रद्वा और जिनका उनका नाममात्र लेने से उनके जिंदगी के गम कर हो रहे हैं वही समागम में पहुंचते हैं और बहुतों का तो नम्‍बर भी नहीं आ पाता। ये बात श्रध्‍दा और विश्‍वास की है । अगर आपको उनके बारे में समझना है तो टीवी देखिए उनके बारे में सारी गलत फहमी दूर हो जाएगी। जहां तक झूठ और लालची कहने वाले की बात है तो जमाने ने तो भगवान राम, श्रीक़ष्‍ण और शिरडी के साईं भगवान को भी आरोप के दायरे में लाया था। लेकिन आज उन्‍हें हम भगवान मानते हैं।

  81. इन बाबाओं के घर सरकार छापा क्यो नहीं मारती अगर वे करोड़ो रुपये कमाते हे ।

  82. आपने भी वो ही किया जो आपके अनुसार टी वी चैनल वाले कर रहे है , आपकी खबर से बाबा का प्रचार ज्‍यादा हो रहा है , हकीकत कही सामने नही आ रही है अगर आप स्‍वस्‍थ प‍त्रकारिता की सोच रख रहे है तो जिन मुद्दो पर आप शंका कर रहे है उनकी हकीकत जान उजागर करे नही तो आपमे और उन टीवी चैनलो मे कोई फर्क नही है ।। फिर भी धन्‍यवाद ।।.

  83. आपने भी वो ही किया जो आपके अनुसार टी वी चैनल वाले कर रहे है , आपकी खबर से बाबा का प्रचार ज्‍यादा हो रहा है , हकीकत कही सामने नही आ रही है अगर आप स्‍वस्‍थ प‍त्रकारिता की सोच रख रहे है तो जिन मुद्दो पर आप शंका कर रहे है उनकी हकीकत जान उजागर करे नही तो आपमे और उन टीवी चैनलो मे कोई फर्क नही है ।। फिर भी धन्‍यवाद ।।.

  84. ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ on

    ਕਰ ਲੋ ਇਕੱਠੇ ਜਿਤਨੇ ਚਾਹੋ ਹੀਰੇ-ਮੋਤੀ,
    ਪਰ ਏਕ ਬਾਤ ਯਾਦ ਰਖਨਾ ਕਫਨ ਮੇਂ ਜੇਬ ਨਹੀਂ ਹੋਤੀ "

    "kar lo ekathe jitne chaho heere-moti, par ek baat yaad rakhna kafan mein jeb nahi hoti "

    Source: http://www.gurbanisuno.com/

  85. अगर निर्मल बाबा सच्‍चे नहीं हैं तो चैनलवाले उन्‍हें दिखाकर अपनी जेबें क्‍यों भर रहें और लोगों को गुमराह कर रहे हैं। लोगों को गुमराह तो चैनल वाले कर रहे हैं ना की निर्मल बाबा। जहां तक समागम में पैसे लेकर लोगों का प्रवेश देने की बात है तो बाबा किसी को यह नहीं कहते कि आप हमारे दरबार में आओ ही जिनको उनमें विश्‍वास और श्रद्वा और जिनका उनका नाममात्र लेने से उनके जिंदगी के गम कर हो रहे हैं वही समागम में पहुंचते हैं और बहुतों का तो नम्‍बर भी नहीं आ पाता। ये बात श्रध्‍दा और विश्‍वास की है । अगर आपको उनके बारे में समझना है तो टीवी देखिए उनके बारे में सारी गलत फहमी दूर हो जाएगी। जहां तक झूठ और लालची कहने वाले की बात है तो जमाने ने तो भगवान राम, श्रीक़ष्‍ण और शिरडी के साईं भगवान को भी आरोप के दायरे में लाया था। लेकिन आज उन्‍हें हम भगवान मानते हैं।

  86. इन बाबाओं के घर सरकार छापा क्यो नहीं मारती अगर वे करोड़ो रुपये कमाते हे ।

  87. media ko atmchintan karne ki sakht zaroorat hai, khoji patrkaarita paise ke dher main lup ho chuki hai, isi ka parinaam hai ki chanels ke maadhyam ka durupyog kar ye aaj ke mahatma logon ko thag rahe hain.par isme hamari janta bhi doshi hai–india main moorkh banane waalon ki kami nahi hai aur na hi moorkh banne waalon ki.ye silsila to chalta hi rahega thanx to our imaandaar jagrat media.

  88. media ko atmchintan karne ki sakht zaroorat hai, khoji patrkaarita paise ke dher main lup ho chuki hai, isi ka parinaam hai ki chanels ke maadhyam ka durupyog kar ye aaj ke mahatma logon ko thag rahe hain.par isme hamari janta bhi doshi hai–india main moorkh banane waalon ki kami nahi hai aur na hi moorkh banne waalon ki.ye silsila to chalta hi rahega thanx to our imaandaar jagrat media.

  89. एक अखबार के मुताबिक बाबा जी का प्रवचन 39 चैनलों पर 25 घंटे प्रसारित होता है।.

  90. shailendra kumar singh on

    यह सब कुछ प्रचार का नतीजा है. मै व्यक्तिगत रूप से कई बाबाओं से मिल चुका हूँ, और यह भली भाती जान चुका हूँ की ये सब भी हमारे-आपके तरह साधारण इन्सान हैं. निर्मल बाबा भी ऐसे ही हैं. उनके समागम को देखने के बाद स्पष्ट हो जाता है. मै ही अगर १०० लोगों के बारे में भविष्यवाणी करूँ और १०-२० सही निकल जाये तो लोग केवल इन्हीं को याद रखेंगे और बाकि ८०-९० को भूल जायेंगे. अभी फेसबुक पर मैंने देखा की देवरहावा बाबा के बारे में लिखा था की वे २५० वर्ष से भी ज्यादा जिन्दा थे, लेकिन सत्य यह है की वे १०० वर्ष के लगभग जिन्दा थे. वे उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना के एक यादव परिवार में पैदा हुए थे, और उनके परिवार के लोगों से मैं १९८२ में मिला था, जब मेरे पिता जी सीओ हर्रैया थे. इसी तरह से किम्वदंतियां बनाई जाती हैं. यही निर्मल बाबा के बारे में भी सत्य है.

  91. निर्मल जी ने हमारे सीधे साढ़े ओर्र सरल भारतीयों को अपने चतुर चालाकी की धूर्त कला मई फशाने का सद्यन्त्र करके बेबकुफ़ बनारखा है बे किया बोलते है मुझे पकोड़े ओर्र दही कियो दिख्रह है तुम जाकर पकोड़े ओर्र्दाही जा कर खालो ओर्र थोड़े से किसी गरीब को भिदेदें तुमेह ठुम्ह्ही समस्या से छुटकारा मिलजायेगा समस्या किया किसी को नहिमलुम बाबा को भी नहीं ओर्र ना ही उस भक्ति को वह रे बाबा व किया बात है लोग भोले भले है या परदे के पीछे से वो भी पैसे लेते है पूरे देश को सब के सामने बेबकुफ़ बनारहे है ओर्र लोग बन भी रहे है

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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