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बढ़ सकती हैं निर्मल बाबा की मुश्किलें, नाराज भक्त पहुंचे पुलिस के दरबार में

By   /  April 11, 2012  /  20 Comments

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लगता है निर्मल बाबा की थर्ड आई के दायरे के साथ-साथ उनकी मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस फिलहाल वहां के एक नागरिक की शिक़ायत पर बाबा के ढकोसले की जांच करने में जुटी है। इस पुराने भक्त ने दावा किया है कि उसने टीवी पर बाबा द्वारा बताए गए नुस्खों पर अमल किया था तो उसे फ़ायदा होने की बजाय नुकसान ही हो गया। इतना ही नहीं, इस नाराज़ भक्त ने बाबा पर उसकी संवेदनाओं को ठेस पहुंचाने का भी आरोप लगाया है।

दरअसल छत्तीसगढ़ के सुन्दर नगर में रहने वाले योगेन्द्र शंकर शुक्ला खुद को निर्मल बाबा का कट्टर भक्त मानते थे। उन्होंने बाबा का शो टीवी पर पूरी श्रद्धा पूर्वक देखा और उसमें बताए गए नुस्खों को अमल में भी लाए। शुक्ला का कहना है कि उन्होंने बाबा जी के कहे अनुसार दस रुपए के नए नोटों की गड्डी भी अलमारी में रखी, लेकिन बजाय फ़ायदा होन के उन्हें नुकसान ही होने लगा।

शुक्ला ने रायपुर के डीडी नगर थाने में दी गई तहरीर में लिखा है कि थर्ड आई ऑफ निर्मल बाबा नाम के कार्यक्रम ने उन्हें खासा उद्वेलित किया है क्योंकि इसमें बाबा जी को भगवान के बराबर बताया गया है। उन्होंने बाबा जी के टीवी कार्यक्रमों को समागम में बुलाने के लिए ‘उकसाने वाला’ बताया है और सवाल पूछा है कि अगर वे खुद को भगवान बताते हैं तो दर्शनार्थियों से प्रवेश शुल्क क्यों वसूलते हैं? उन्होंने लिखा है, ‘ईश्वरीय शक्तियां कभी बेची नहीं जातीं। शक्तियां जनकल्याण के लिए होती हैं, न कि धनोपार्जन के लिए।”

शुक्ला ने निर्मल बाबा के उस आह्वान पर भी ऐतराज़ जताया है जिसमें घरों में शिवलिंग न रखने की बात कही गई है। उन्होंने खुद को शिवजी का उपासक बताया है और लिखा है कि बाबा जी के कथनों से उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। शुक्ला के मुताबिक निर्मल बाबा द्वारा बताए गए उपाय किसी शास्त्र, धर्म या संप्रदाय में उल्लेख नहीं है और वे दुखी जनों के साथ और धोखा कर रहे हैं।

योगेन्द्र शंकर शुक्ला ने पुलिस से अपील की है कि वे थर्ड आई ऑफ निर्मल बाबा को रोकें और बाबा के खिलाफ उचित कार्रवाई करें। जब मीडिया दरबार ने पुलिस अधीक्षक दीपांशु काबरा से संपर्क साधने की कोशिश की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया, लेकिन थाना प्रभारी परमानंद शुक्ला ने बताया कि पुलिस ने तहरीर पर तफ्तीश शुरु कर दी है तथा साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

20 Comments

  1. Pankaj Garg says:

    hi

  2. meenu shukla says:

    पहली बार ही समागम देख कर समच आ गया था की निर्मल बाबा का ये हश्र होगा बाद मैं कभी देखा नहीं लेकिन मएरी तीसरी आँख ने उसी दिन बाबा को वैसा ही समझा जैसा आज मीडिया प्रसारित कर रहा है हर इंसान मैं थर्ड आई होती है बस उसे महसूस करे .

  3. निर्मल बाबा तो बहाना है: पिछले लगभग पॉच छह वर्षों से पूरे भारत में अंधविश्वास फैला कर लोगों को लूट रहे निर्मल नरूला उर्फ निर्मल बाबा सरेआम अधिकॉश न्यूज चैनलों और अन्य मनोरंजक चैनलों पर रोज आकर अपनी ठगी का धंधा चला रहा था और उसके इस ठगी और लूट के धंधे में ये टीवी चैनल बाराबर के हिस्सेदार बने हुऐ थे तथा चुपचाप माल बटोर रहे थे लेकिन अचानक क्या हुआ कि ये सारे के सारे चैनल जो उसका नमक खा रहे थे अचानक नमक हरामी पर उतर आऐ है यह बड़ा रहस्य है?
    दरअसल यह सब अचानक नहीं हुआ है इसके पीछे बड़ा गहरा षड़यंत्र प्रतीत हो रहा है क्योंकि तीन जून से बाबा रामदेव का भारत स्वाभिमान के तहत कालेधन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर व्यवस्था परिवर्तन का महाऑदोलन प्रारंभ हो रहा है जिससे सरकार के हाथ पॉव अभी से फूल रहे है क्योंकि सरकार के पास उनकी मॉगों/मुद्दों का कोई भी काट नहीं है इसलिये सरकार न्यूज चैनलों के माध्यम से निर्मल बाबा को शिकार करने के बहाने बाबाओं के बदनाम कर तथा बाबा रामदेव पर निशाना लगाने का बहाना ढॅूढ रही है जिससे उनको और उनके व्यवस्था परिवर्तन की महाक्रॉति को बदनाम किया जा सके। आजकल सरकार के षड़यंत्र की प्रथम कड़ी में टीवी पर बहस में बैठे तथाकथित बुद्धिजीवी (परजीवी) अपनी बहस में बाबा रामदेव का नाम भी इस निर्मल बाबा के साथ शामिल करने की कोशिश करते देखे जा रहे है तथा तीन जून से आते आते ये सरकार देश में ऐसा वातावरण तैयार करना चाहती है जिससे बाबा रामदेव को बदनाम कर उनके ऑदोलन को दबाया जा सके। इसीलिये भॉड न्यूज चैनल और बिकी हुई मीडिया अभी से इस कोशिश में लग गयी है। लेकिन देश की जनता जाग चुकी है तथा हमें इन षड़यंत्रों की तरफ सबका ध्यान खींचते हुऐ महाक्रॉति के पक्ष में वातावरण बनाना होगा।.

  4. पाखंडियों के पोषक देश में एक और पाखंडी का पदार्पण हुआ है . वे है ***निर्मल बाबा ? जो आजकल टी.वी. पर खूब छाए हुए है . लोग उनके दरबार में लाचार , हीनभावना से ग्रस्थ , रोते – गिडगिडाते नजर आते है , इन लोगो को देखकर लगता है की उनमे आत्म विश्वास की कमी है और बिना कुछ किये सबकुछ मिलाने की कामना लिए हुए आते है ……. निर्मल बाबा लोगो को अपना पर्श खुला रखने कहते है और हाथ ऊपर उठाकर आशीर्वाद देते हुए कहते की " ये शक्ति आपको सब परेशानी से मुक्त कर देगी " उनके हाथ उठाने से ही दरबार में बैठे लोगो तक शक्ति का संचार होता है ….? कोई हादसे से बचाता है तो वह निर्माल बाबा ही है , कोई नौकरी मिलाती है तो वह निर्माल बाबा के कारन , कोई बिमारी से बचाता है तो वह निर्माल बाबा ही बचाते है , कोई परीक्षा में अच्छे नम्बर लाता है तो वह निर्मल बाबा की शक्ति का कमाल होता है …… लोग अपना अपना एक्सिपिरेंस इस तरह की बाते कहते हुए रो -रोकर बताते है . . आश्चर्य तो तब होता है की निर्मल बाबा जादू टोना ,टोटको , तंत्र मंत्र को तो पाखंड कहते रहते है कितु उनको अपना सबसे बड़ा पाखंड, पाखंड नही लगता है फिर निर्मल बाबा अपने अनेको बेंक खातों का एकाउंट नम्बर देते है और उसमे लोगो को अपनी आमदनी का 10% राशि को जमा करने के निर्देश देते है साथियों अपने आप पर विश्वास करे …!!! अपना प्रकाश स्वयं बने …. आत्मविश्वास ही इंसान को आगे बडने की प्रेरणा देता है …..आत्म विश्वास बनाए रखे …

  5. Chandramohan Poddar लोगों को प्रीपेड कृपा रूपी अदृश्य चीज़ बेचने वाले निर्मल बाबा पर अब चारों तरफ से हमले होने शुरू हो गए हैं. सब से ज्यादा हमले सोशल नेटवर्क के ज़रिये होने लगे हैं. देर आये दुरुस्त आये, लोगों की आँखें खुलनी शुरू हो गयी हैं. कई भुक्तभोगी जो अपनी आप बीती सुना चुके है कि किस तरह बाबा ने उन पर कृपा करने का वायदा कर के उन से पैसे ऐंठ लिए मगर ऐसा कुछ फर्क उन की जिंदगी में नहीं पड़ा अलबत्ता उन की माली हालत और बिगड़ ज़रूर गयी . अपने साथ हुए धोखे से क्रुद्ध लोगों ने अब बाबा के खिलाफ आवाज़ उठाने शुरू कर दिए हैं. जिस समागम में भाग लेने के लिए पीड़ित को प्रीपेड शुल्क दो हज़ार रूपी प्रति व्यक्ति के हिसाब से चुकाना पड़ता है जो कि महीने में करीब 17 बार आयोजित किये जाते हैं और हर बार कम से कम 2500 लोग भाग लेते हैं. समागम में बाबा एक विशाल AC वाले हाल में या स्टेडियम में लोगो के दुःख दूर करने का काम करने लगते हैं. वहां पर बाबा के मंझे हुए चेले उर्फ़ कलाकार बड़े ही मार्मिक ढंग से अपनी आपबीती सुनाना शुरू कर देते हैं , मसलन किसी की शादी नहीं हो रही है तो उसे बाबा जी लड्डू खाने का उपाय सुझाते हैं , किसी का बच्चा नहीं हो रहा तो उसे गोलगप्पे खाने की सलाह देते नज़र आते हैं. इस तरह कुछ ही घंटों का समागम का वक्त बाबा के ही चेले ड्रामा करते हुए बिता देते हैं और जो दो- दो हज़ार की पर्चियां काट कर दूर से सफ़र कर के आये हुए दुःख से पीड़ित लोगों को अपना दुखड़ा तक सुनाने का अवसर नहीं मिल पाता. दरअसल यह सब निश्चित प्लानिंग के तहत होता है ताकि कोई बाहरी भक्त फालतू के सवाल खड़ा न कर दे. ऐसे में बाबा के चरणों में अपना धन और समय अर्पित करने वाला भक्त अपने आप को ठगा सा महसूस करने लगता है. चलो देर से ही सही मगर ठोकर खाने के बाद असलियत समझ में आने लगता है. मैं ऐसे कई भक्तों को जानती हूँ जिन्हों ने अपना समय और धन खर्च कर के बाबा जी से कृपा लेने चल दिए थे मगर बाबा जी ने उन की तरफ ध्यान तक नहीं दिया….lolll

  6. Sab ki apeksha puri nahi ho sakti !
    Agar aisa hone lage to jeevan ekras ho jayega.

  7. निर्मल बाबा~ आतँकवादियो से कब मिलने गये थे।.
    राहुल~ बाबा एक महीने पहले ही मिला था।.
    निर्मल बाबा~ एक महीने मे एक बार मिलोगे तो कैसे कृपा आयेगी। कसाब से एक हफ्ते मे दो बार और अफजगुरु से तीन बार मिला करो और उनका पूरा ध्यान रखो किसी चीज की कोई परेशानी ना हो जाओ रुकी कृपा चालू हो जायेगी।.
    और हाँ जब भी जाओ मुर्गे और बकरे का प्रसाद जरूर चढ़ा देना अपने कसाब और गुरू को 😀

  8. Atul Agarwal says:

    ये तो अब लोगों की समझ में आने लग गया होगा कि ये आदमी पूरी तरह ठग है और मीडिया के साथ मिल कर इसने लोगों को लूटने की कोशिश की है.चलो दोषी हम भी हैं जो अपने लालच के कारण इस मक्कार के बहकावे में आ रहे हैं.शक मुझे इस बात का भी है कि जिस तरह से ये ढोंगी शक्तियों का डर दिखा कर पूरे हक़ से दश्वंद, यानी आपकी कमाई का दस प्रतिशत,मांगता है जैसे लोग उसके कर्जदार हैं ,तो मुझे ये लगता है की किसी इंसान ने दो चार महीने पैसे भेज दिए और बाद में भेजना बंद कर दिया तो कहीं इस कमीने का फ़ोन से डिमांड न आ जाये.क्योकि लालच तो इसके शक्ल पर लिखा दिखाई देता है.

  9. Right dada,neta ke bad ye baba hi lootne me lage haiiiii…….

  10. Vivek Tiwari says:

    lagta to sahi h

  11. इस बाबे को जितनी जल्दी हो सके जेल पहुंचा दो वरना यह देश को बर्बाद कर के रख देगा.
    गरीब जनता को झूठे ख्वाब दिखा कर लगातार लूट मचाने वाला यह अपराधी हमारे पढ़े लिखे नौजवानों के दिमाग को खोखला कर के उन्हें निकम्मा और भाग्यवादी बना रहा है.
    इस दुष्ट अपराधी को फांसी की सजा दी जानी चाहिए!

  12. All Baba, s r doing fraud…Be aware..

  13. All baba, s r doing fraud….Be aware.

  14. Raju Verma says:

    to esiliye inder shing ram dhari………pahle M.LA BANE PHIR M.P.

  15. Akhil K. Jaiswal says:

    sahi hai

  16. Raj Sagre says:

    Logo ko bewakuf banakar paisa loot rahe h….

  17. Praveen Gulati says:

    is this true.

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