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थर्ड मीडिया के बाद अब खबरिया चैनल भी आगे आए: स्टार न्यूज़ और ज़ी न्यूज़ भी हुए बागी

By   /  April 13, 2012  /  10 Comments

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आखिरकार मीडिया दरबार की मुहिम रंग ले ही आई। न्यूज एक्सप्रेस के बाद टॉप फाइव चैनलों ने भी बाबा का भंडाफोड़ शुरु कर दिया है। शाज़ी जमां की अगुवाई में स्टार न्यूज ने एक जोरदार मुहिम छेड़ दी है। खास बात ये है कि स्टार न्यूज़ पर बाबा का विज्ञापन रूपी कार्यक्रम भी चल रहा है। ऐसे में अपने क्लाइंट के खिलाफ़ मुहिम छेड़ना निस्संदेह एक साहसिक फैसला है।

दरअसल शाजी जमां टीवी मीडिया माध्यम के बेहतरीन संपादकों में से हैं जिन्होंने कभी दबाव में काम करना उचित नहीं समझा। स्टार न्यूज ने निर्मल बाबा के विज्ञापन रूपी कार्यक्रम को 12 मई से बंद करने का भी ऐलान किया है। शायद विज्ञापन एजेंसी का करार होगा।

ज़ी न्यूज़ ने भी अपने नेटवर्क पर चल रहे विज्ञापनों की परवाह न करते हुए बाबा के खिलाफ़ लखनऊ में दायर हुए पुलिसिया मामले की ख़बर काफी देर तक चलाई। ज़ी न्यूज़ ने निर्मल बाबा के बहनोई इंदर सिंह नामधारी का इंटरव्यू भी लिया है जिसे प्रसारित करने का फैसला किया है।

आज के बाजार प्रधान युग में विज्ञापन और फ़ायदे के लिए जूझ रहे खबरिया चैनलों का यह बदला हुआ रवैया स्वागत योग्य है। कोई बड़ा न्यूज चैनल अगर पाखंड व अंधविश्वास के फलते फूलते कारोबार को रोकने के लिए कोई पहल करता है, भले ही देर से सही, तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए। उम्मीद है दूसरे चैनल इससे सबक लेते हुए अपने चैनलों पर भी बाबावाद खत्म करने की दिशा में कोई कदम जरूर उठाएंगे।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

10 Comments

  1. Manish Jha says:

    Ashok Kumar bahut sahi kaha aap ni boss…..isne yuvraj singh se v 21 lac thag leya tha uska cancer ka treatment kar raha tha ek sal se ……. thank god benign tumor tha agar malignent hota to ek sal bina treatment ka ky hota …..

  2. Ashok Kumar says:

    wo kahte hain na k jab tak burbak aadmi rhega hoshiyaar bhooka nahi marega…………..

  3. Ashok Kumar says:

    jab tak chutiya janta rahegi tab tak aise logon ki dukandari chalti hi rahegi.

  4. Navneet Kumar says:

    BABABABABABA…….logo ab to sudhar jao…….

  5. vbmehrotra says:

    अगर nirmal baba ki saktyon per itni aastha hai tow unke hi bharose kyon na 1crore ka refund karwa le .Police mein jane ki kya zaroorat hai.

  6. Atul says:

    This shows the power of social media network and online media. [email protected] started the movement, it was furthered by many rational people. Then mediadarbar and dhadas4media took cudgels. Now Prabhat Khabar, Starnews and zeenews have taken their cue.

    Media is no more a kept of a few capitalists.

  7. amit says:

    टीवी चैनल्स की मदद के बिना, बाबावाद को khatam करना muskil कम है, ese मई, जी न्यूज़ और स्टार न्यूज़ ka कदम निर्णायक hoga

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