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‘‘आप तो खा-म-ख्वाह पीछे पड़ गए, ‘सिर्फ’ 70 लाख ही तो हर रोज़ कमाते हैं निर्मल बाबा”

By   /  April 13, 2012  /  21 Comments

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निर्मल बाबा की एक दिन की कमाई कितनी है? कुछ लाख, करोड़, दो करोड़ या चार करोड़?

मीडिया दरबार ने ये बहस शुरु की तो तरह तरह के जवाब मिले। भक्तों ने कहा कि तालकटोरा इंडोर स्टेडियम की क्षमता ही साढ़े तीन हज़ार की ही है तो उस हिसाब से महज़ 70 लाख ही हुए। किसी ने कहा, लखनऊ में 22-23 हज़ार लोग आए थे, वहां तो साढ़े चार करोड़ के आस-पास कमाई हो गई होगी। किसी ने लिखा, पटना में बाबा को साढ़े तीन करोड़ की कमाई हुई थी। तो किसी ने कहा, आपने तो चार करोड़ बहुत कम रकम बताई है। इतनी रकम तो गुप-चुप तौर पर दसवंद में ही आ जाती होगी। कुछ भक्त हमें गालियों भरा मेल भेज रहे हैं तो कुछ अधर्म के खिलाफ़ इस जंग में हमारे साथ खड़े होने का भरोसा दिला रहे हैं।

बाबा जी की एक भक्त (या सलाहकार) ने तो फोन करके इस पेज को हटाने के लिए भी कहा, लेकिन जब हमने उनसे पूछा कि असल कमाई वे ही बता दें, तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। बाबा के वकील ने तो बाकायदा कानूनी नोटिस भेजा और हमारे उठाए मुद्दे को गलत, आधारहीन और उनके मुवक्किल का अपमान करने वाला बताया, लेकिन सच्चाई क्या है ये किसी ने नहीं बताया।

दरअसल तमाम टीवी चैनलों पर ‘थर्ड आई ऑफ निर्मल बाबा’ के नाम से बाबा का विज्ञापन दिन-रात प्रसारित हो रहा है। इस विज्ञापन में बाबा जी कहते हैं कि टीवी पर उन्हें देखने से भी किरपा आ जाती है। जैसे जैसे ये विज्ञापन लोकप्रिय हो रहा है वैसे-वैसे उनके समागम की लोकप्रियता भी बढ़ रही है. निर्मल बाबा के किसी भी समागम में शामिल होने के लिए भक्तों को 2000 रुपये की फीस चुकानी पड़ती है (दो साल से उपर के बच्चे का रजिस्ट्रेशन जरूरी है). फीस महीनों पहले जमा हो जाती है।

बुकिंग का तरीका निर्मल बाबा की वेबसाइट nirmalbaba.com पर लिखा है। साथ ही दर्ज़ है समागम की जगह और तारीख. इसी सूची के आगे लिखा रहता है ओपेन या क्लोज्ड और स्टेटस यानी बुकिंग चालू है या बंद हो चुकी है. आने वाले महीनों के सभी समागम कार्यक्रमों की एडवांस बुकिंग फिलहाल बंद दिखाई दे रही है. वेबसाइट के पहले ही पन्ने पर इसकी फीस और इसे जमा कराने का तरीका भी दर्ज है. फीस जमा कराने के लिए वेबसाइट पर निर्मल दरबार के दो एकाउंट नंबर भी दिए गए हैं. ये एकाउंट नंबर टीवी के थर्ड आई ऑफ निर्मल दरबार कार्यक्रम के दौरान भी प्रचारित किए जाते हैं.

निर्मल दरबार सिर्फ समागम से कमाई नहीं करता. दसवंद नाम से एक और जरिया है पैसे वसूलने का। बाबा का कहना है कि उनकी कृपा से किसी समस्या के समाधान हो जाने पर भक्त को अपनी कमाई का दसवां हिस्सा दसवंद के तौर पर देना होता है लेकिन इसके लिए कोई दबाव नहीं डाला जाता. अलबत्ता कई विज्ञापनों में निर्मल बाबा ये कहते हुए जरूर सुनाई पड़ते हैं कि अगर अपनी कमाई या लाभ का दसवां हिस्सा हर महीने पूर्णिमा से पहले नहीं जमा करवाओगे तो नुकसान होना भी शुरु हो जाता है। ग़ौरतलब है कि सिख धर्म में दसवंद गुरुद्वारों में जमा करने की पुरानी परंपरा रही है, लेकिन वहां भक्तों को अपने
दान के खर्च पर नज़र रखने का भी अधिकार होता है।

पंजाब नैशनल बैंक इन बाबा जी का प्रिय बैंक है। इसका अकाउंट नंबर वेबसाइट पर और चैनलों पर भी प्रसारित होता है। इस अकाउंट में नगद, डिमांड ड्राफ्ट या फिर निर्मल दरबार के विशेष चालान से फीस जमा की जाती है। बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि देश भर की उनकी शाखाओं में बाबा जी दिन भर चर्चा का मुद्दा बने रहते हैं। बैंक की सभी शाखाएं इंटरनेट से जुड़ी हैं और वरिष्ठ अधिकारी इसका स्टेटस देख सकते हैं। हर रोज बाबा जी का लाखों-करोड़ों में बढ़ता बैलेंस पूरी शाखा में गॉसिप का केंद्र बना रहता है। खास बात ये है कि बाबा जी के अकाउंट से नियमित अंतराल पर ये पैसे ‘कहीं और’ ट्रांसफर भी होते रहते हैं।

आज ही झारखंड के एक प्रमुख अखबार ने बाबा जी के दो अकाउंटों का हवाला देते हुए राजफाश किया है कि उसमें कल यानि 12 अप्रैल 2012 को सोलह करोड़ रुपए जमा हुए थे। ग़ौरतलर्ब है कि निर्मल दरबार अपने विज्ञापन में कम से कम तीन अकाउंटों का प्रचार करता है।  बाबाजी से उनकी कमाई और खर्चे को लेकर उनसे कई सवाल पूछे गए, लेकिन कभी कोई जवाब नहीं मिला। उन्हें मेल भेजने पर ऑटो रिप्लाई के जरिए उनका अकाउंट नंबर ही आ जाता है तथा फोन पर कोई जवाब भी नहीं मिलता।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

21 Comments

  1. Sunil Arora says:

    निर्मल बाबा तो बहाना है: पिछले लगभग पॉच छह वर्षों से पूरे भारत में अंधविश्वास फैला कर लोगों को लूट रहे निर्मल नरूला उर्फ निर्मल बाबा सरेआम अधिकॉश न्यूज चैनलों और अन्य मनोरंजक चैनलों पर रोज आकर अपनी ठगी का धंधा चला रहा था और उसके इस ठगी और लूट के धंधे में ये टीवी चैनल बाराबर के हिस्सेदार बने हुऐ थे तथा चुपचाप माल बटोर रहे थे लेकिन अचानक क्या हुआ कि ये सारे के सारे चैनल जो उसका नमक खा रहे थे अचानक नमक हरामी पर उतर आऐ है यह बड़ा रहस्य है?
    दरअसल यह सब अचानक नहीं हुआ है इसके पीछे बड़ा गहरा षड़यंत्र प्रतीत हो रहा है क्योंकि तीन जून से बाबा रामदेव का भारत स्वाभिमान के तहत कालेधन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर व्यवस्था परिवर्तन का महाऑदोलन प्रारंभ हो रहा है जिससे सरकार के हाथ पॉव अभी से फूल रहे है क्योंकि सरकार के पास उनकी मॉगों/मुद्दों का कोई भी काट नहीं है इसलिये सरकार न्यूज चैनलों के माध्यम से निर्मल बाबा को शिकार करने के बहाने बाबाओं के बदनाम कर तथा बाबा रामदेव पर निशाना लगाने का बहाना ढॅूढ रही है जिससे उनको और उनके व्यवस्था परिवर्तन की महाक्रॉति को बदनाम किया जा सके। आजकल सरकार के षड़यंत्र की प्रथम कड़ी में टीवी पर बहस में बैठे तथाकथित बुद्धिजीवी (परजीवी) अपनी बहस में बाबा रामदेव का नाम भी इस निर्मल बाबा के साथ शामिल करने की कोशिश करते देखे जा रहे है तथा तीन जून से आते आते ये सरकार देश में ऐसा वातावरण तैयार करना चाहती है जिससे बाबा रामदेव को बदनाम कर उनके ऑदोलन को दबाया जा सके। इसीलिये भॉड न्यूज चैनल और बिकी हुई मीडिया अभी से इस कोशिश में लग गयी है। लेकिन देश की जनता जाग चुकी है तथा हमें इन षड़यंत्रों की तरफ सबका ध्यान खींचते हुऐ महाक्रॉति के पक्ष में वातावरण बनाना होगा।.

  2. Rahul Garg says:

    लूटो बाबा जी दुनिया पागल है आप फायेदा उठाओ लूटो और लूटो

  3. Sudhir Gaur says:

    किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार देश की जनता का पैसा अपने निजी नाम से जमा करने या निजी प्रयोग करने का कोई भी हक नहीं बनता है ।निर्मल बाबा के बैंक खातों मे जनता का शायद अरबों रुपया आया फिर कहां गया ये जाच का विषय है क्योंकि 15 वर्ष पहले के इस निम्न मध्यम वर्ग के व्यक्ति ने इस देश की जनता का पैसा अपने निजी नाम से जमा किया कोई ट्रस्ट आदि भी नही बनाया ना ही कोई धर्म या समाज आदि के लिए कुछ भी किया। सिर्फ अपने परिवार के लिए होटल प्रापर्टी आदि खरीदी, ऐश कि जिंदगी जी और कुछ नहीं……………..

  4. Saurabh Srivastava
    Bilkul sahi bola aapne!!!

  5. sunil soni says:

    मेने कभी निर्मल बाबा पर विश्वास नहीं किया लेकिन जिसने भी विश्वास किया शायद उनको कुछ मिला होगा तभी तो किया और जो कुछ भी देना था वो दिया लेकिन लोग क्या भगवन को भूल गए जो किसी पर भी विश्वास कर लेते है भगवन के साथ उनका फोटो रख कर आरती उतारने लगते है जैसे आशाराम,निर्मल जीत सिंह की
    हमारे देश के लोगो को क्या हो गया है
    और हां मेंने निर्मल बाबा का कई बार प्रोग्राम देखा उन्होंने भक्तो को भगवान् में आस्था रखने को ही बोला तो निर्मल बाबा ने नहीं भगवान् ने किरपा दिखाई वो उसका जरिया बन गए
    जब मीडिया को उन्होंने बोला की आप मेरा प्रोग्र्रम फ्री में दिखाओ में समागम फ्री में करुगा तो मीडिया क्यों चुप थी
    और रही मीडिया की बात तो मीडिया ने बाबा रामदेव,आश्रम,निर्मल बाबा,अन्ना हजारे की इनकम का खुलाशा तो जोर शोर से किया टी.वी पर लाइव साक्षात्कार को बुलाया क्यामे जान सकता हु क्यों हमारे देश के नेताओं का इस तरह लाइव साक्षात्कार नहीं लिया गया

  6. निर्मल बाबा तो बहाना है: पिछले लगभग पॉच छह वर्षों से पूरे भारत में अंधविश्वास फैला कर लोगों को लूट रहे निर्मल नरूला उर्फ निर्मल बाबा सरेआम अधिकॉश न्यूज चैनलों और अन्य मनोरंजक चैनलों पर रोज आकर अपनी ठगी का धंधा चला रहा था और उसके इस ठगी और लूट के धंधे में ये टीवी चैनल बाराबर के हिस्सेदार बने हुऐ थे तथा चुपचाप माल बटोर रहे थे लेकिन अचानक क्या हुआ कि ये सारे के सारे चैनल जो उसका नमक खा रहे थे अचानक नमक हरामी पर उतर आऐ है यह बड़ा रहस्य है?
    दरअसल यह सब अचानक नहीं हुआ है इसके पीछे बड़ा गहरा षड़यंत्र प्रतीत हो रहा है क्योंकि तीन जून से बाबा रामदेव का भारत स्वाभिमान के तहत कालेधन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर व्यवस्था परिवर्तन का महाऑदोलन प्रारंभ हो रहा है जिससे सरकार के हाथ पॉव अभी से फूल रहे है क्योंकि सरकार के पास उनकी मॉगों/मुद्दों का कोई भी काट नहीं है इसलिये सरकार न्यूज चैनलों के माध्यम से निर्मल बाबा को शिकार करने के बहाने बाबाओं के बदनाम कर तथा बाबा रामदेव पर निशाना लगाने का बहाना ढॅूढ रही है जिससे उनको और उनके व्यवस्था परिवर्तन की महाक्रॉति को बदनाम किया जा सके। आजकल सरकार के षड़यंत्र की प्रथम कड़ी में टीवी पर बहस में बैठे तथाकथित बुद्धिजीवी (परजीवी) अपनी बहस में बाबा रामदेव का नाम भी इस निर्मल बाबा के साथ शामिल करने की कोशिश करते देखे जा रहे है तथा तीन जून से आते आते ये सरकार देश में ऐसा वातावरण तैयार करना चाहती है जिससे बाबा रामदेव को बदनाम कर उनके ऑदोलन को दबाया जा सके। इसीलिये भॉड न्यूज चैनल और बिकी हुई मीडिया अभी से इस कोशिश में लग गयी है। लेकिन देश की जनता जाग चुकी है तथा हमें इन षड़यंत्रों की तरफ सबका ध्यान खींचते हुऐ महाक्रॉति के पक्ष में वातावरण बनाना होगा।.

  7. VIKASMEHTA says:

    यह बात तो theek hai ki अपने बाबा का खुलासा किया lekin अब उस बात का भी virodh kare जो मिडिया कर रहा hai पूरे हिन्दू समाज ki मान्यताओ या फिर बाबाओ par ungli utha कर

  8. अभिषेक says:

    करोड़ों के वारे-न्यारे कर रहा है निर्मलजीत नरुला.. और कितनों के काम बने हैं ये तो नहीं पता, लेकिन उसके खुद के काम तो बन ही गए हैं रंजीत हंसराज साहब.. लगता है बाबा जी ने सवाल पूछने वालों की तरह कमेंट करने वाले भी रख लिए हैं।

  9. eske lie to har gali kam hai?????

  10. Vipin Mehrotra says:

    aap pahle

  11. RANJIT HANSRAJ says:

    KISI KO DHARAM KI RHA PAR LANAN KOI BURI BAT NAHI HAI KAIYO KE KAM PURE HUYE HAI
    KAI YESE LOG HOTE HAI JO APNE DHARAM KO CHHOD KAR DUSRE DHARAM ME JATE HAI TO US DHARAM KE ANUYAI UNHE SAB KUCHA PUJA PATH MANDIR ME NAHI JANA MASJIT ME NAHI JANA LEKIN NIRMAL BABA JI LOGO KO UNKE DHARAM SE JUDE RHE HAE KO KEHTE HAI OR HAR DHARAM KA AADAR KARNE KO KEHETE HAI ME NAHI MANTA ISME KOI BURI BAT HAI JAJ LOG APNE DHARAM KO BHUL RHE HAI APNI SANSKRITY KO BHUL RAHE HAI
    UNKO SAHI RHA DIKH REHE HAI NIRMAL BABA JI

  12. Firoz Saifi says:

    aise dhongi baba ko janta ke hawale kar dena chahiye.

  13. Firoz Saifi says:

    jab baba hi des ko loot rha hai to neta q chodenge.

  14. Rawat Aman says:

    yes sab paiso me bike k….hai.

  15. Rawat Aman says:

    baba apne bhakto ko aashirbad do.

  16. Rawat Aman says:

    nirmal baba ji ki hai…………bhalai ka jamana gaya.

  17. Rawat Aman says:

    aap sabhi ek bar samagam attaned karo yes bak bak khud hi band ho jayegi.

  18. After 10 years of career (Bank Deposit):-)
    Teacher: 50 Lakhs.
    Doctor: 60 Lakhs.
    Engineer: 55 Lakhs.
    IAS Officer: 70 Lakhs..
    Sadhu/baba/Sant : 1,177 Crore.

    "Choose Your Career Carefully".

  19. कटोरी में खिचड़ा.
    ढोंगी निर्मल हिजड़ा!

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