Loading...
You are here:  Home  >  अपराध  >  Current Article

निर्मल बाबा के गुर्गों ने किया मीडिया दरबार पर साइबर हमला, 3 घंटे तक ट्रैफिक गड़बड़ाया

By   /  April 14, 2012  /  10 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

मीडिया दरबार शुरुआत से निर्मल बाबा के राज खोलने में जुटा है और इसीलिए उनके वकीलों ने हमें लीगल नोटिस भी भेजा। हमारे अभियान ने न सिर्फ़ देश भर के मीडिया चैनलों में एक नई बहस छेड़ दी बल्कि बाबा को पूरी तरह बेनकाब करके रख दिया है।

जब निर्मल बाबा की मीडिया दरबार पर चलाये गए पोल खोल अभियान ने निर्मल बाबा की जिंदगी में तूफ़ान ला दिया और इस ढोंगी बाबा ने कई तरीकों से मीडिया दरबार के इस अभियान को रोकने का हर संभव प्रयास किया मगर निर्मलजीत सिंह नरूला का दुर्भाग्य कि जिस किरपा को वह खुद दूसरों कि समस्याओं को सुलझाने के लिए टीवी के रिमोट के जरिए सारी दुनिया में बैठे उनके भ्रामक विज्ञापन के दर्शकों को बाँटने का दावा करता है, मीडिया दरबार के मामले में खुद उसपर ही किरपा बंद हो गयी।

आखिरकार वही हुआ जिसका अंदेशा था। इस फर्जी और ढोंगी बाबा ने तंग आकर मीडिया दरबार पर सायबर हमला करवा दिया जिसके चलते शुक्रवार शाम सात बजे से रात दस बज़ कर तीस मिनट तक मीडिया दरबार पर आने वाले विजिटर्स को वेब साईट खोलने में दिक्कत होती रही और विजिटर्स निराश हो कर हमें मेल करते रहे. ज्ञात हो कि मीडिया दरबार को होस्ट करने के लिए चार बड़े सर्वर्स को आपस में जोड़ा गया है, इसी कारण साईट तो डाउन नहीं हुई मगर कई जगह खुल भी नहीं पाई.

एक वक्त तो ऐसा आया कि मीडिया दरबार पर करीब पांच लाख आईपी से अटैक शुरू हो गया मगर हमारे सर्वर प्रबंधकों ने लगातार सर्वर अप रखने के लिए इन आई पी’ज को ब्लॉक करने में अपनी जी जान लगा दी और तीन घंटे के अथक प्रयासों से इस सायबर हमले को नाकाम कर दिया.

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

10 Comments

  1. RAJU NAPALI says:

    NIRMALJEET SINGH NARULA IS TOTALY FROAD MAN. HE IS ONLY SIMPAL MEN NOT GOD.

  2. Mukul Mitra says:

    inki mob se kaha kaha baat ki jati hai jach honi chaiye.

  3. mukul says:

    inka mob no se kaha kaha baat hui hai ye bhi pata lagana jaruri hai

  4. सीधे आरोप लगाना गलत है,
    अगर आप वाकई में जानते है तो ठीक है अन्यथा किसी पर ऐसे आरोप लगाना ठीक नहीं …………

    मीडिया दरबार एक अच्छी वेबसाइट है. वैसे मुझे नहीं लगता की इनके पास कोई प्रूफ नहीं होगा………

  5. Chhinder Pal says:

    nice comments, I am from Pb. such fake babas (eg Nirmal, Kumar Swamy recharger of beej mantra like mobile connections) are fooling innocents in name of Aastha, faith, exploiting religious sentiments and are actual extremists. we true indians must unite, think & act at all levels to avoid further exploitation of poor innocent Indians.

  6. निर्मल बाबा तो बहाना है: पिछले लगभग पॉच छह वर्षों से पूरे भारत में अंधविश्वास फैला कर लोगों को लूट रहे निर्मल नरूला उर्फ निर्मल बाबा सरेआम अधिकॉश न्यूज चैनलों और अन्य मनोरंजक चैनलों पर रोज आकर अपनी ठगी का धंधा चला रहा था और उसके इस ठगी और लूट के धंधे में ये टीवी चैनल बाराबर के हिस्सेदार बने हुऐ थे तथा चुपचाप माल बटोर रहे थे लेकिन अचानक क्या हुआ कि ये सारे के सारे चैनल जो उसका नमक खा रहे थे अचानक नमक हरामी पर उतर आऐ है यह बड़ा रहस्य है?
    दरअसल यह सब अचानक नहीं हुआ है इसके पीछे बड़ा गहरा षड़यंत्र प्रतीत हो रहा है क्योंकि तीन जून से बाबा रामदेव का भारत स्वाभिमान के तहत कालेधन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर व्यवस्था परिवर्तन का महाऑदोलन प्रारंभ हो रहा है जिससे सरकार के हाथ पॉव अभी से फूल रहे है क्योंकि सरकार के पास उनकी मॉगों/मुद्दों का कोई भी काट नहीं है इसलिये सरकार न्यूज चैनलों के माध्यम से निर्मल बाबा को शिकार करने के बहाने बाबाओं के बदनाम कर तथा बाबा रामदेव पर निशाना लगाने का बहाना ढॅूढ रही है जिससे उनको और उनके व्यवस्था परिवर्तन की महाक्रॉति को बदनाम किया जा सके। आजकल सरकार के षड़यंत्र की प्रथम कड़ी में टीवी पर बहस में बैठे तथाकथित बुद्धिजीवी (परजीवी) अपनी बहस में बाबा रामदेव का नाम भी इस निर्मल बाबा के साथ शामिल करने की कोशिश करते देखे जा रहे है तथा तीन जून से आते आते ये सरकार देश में ऐसा वातावरण तैयार करना चाहती है जिससे बाबा रामदेव को बदनाम कर उनके ऑदोलन को दबाया जा सके। इसीलिये भॉड न्यूज चैनल और बिकी हुई मीडिया अभी से इस कोशिश में लग गयी है। लेकिन देश की जनता जाग चुकी है तथा हमें इन षड़यंत्रों की तरफ सबका ध्यान खींचते हुऐ महाक्रॉति के पक्ष में वातावरण बनाना होगा।.

  7. Jai Niraml Baba… sala yahan ek ek roti jorney ko..har ek mahnat kas insan..paseeney baha rha hai..aur yes pakandi..bolta hai..10 rupey k prasad charaney sey kya hoga…40 kii charao.. 2000 jutey draft k bajay maro aisey pakhandiyon ko…

  8. Sunil Arora says:

    बिना मेहनत किये ये परजीवी बाबा आज तक समाज में जिन्दा हैं? बुद्ध, महावीर, तुलसी, कबीर को न तो प्रेस की जरूरत थी न ही प्रवचनों की? उन्हें दलालों की फ़ौज खडी करने की जरूरत ही कहाँ थी? कबीर ने जीवन भर कपडा बुन कर अपनी साधना पूरी की… बिना श्रम की एक रोटी भी उन्हें नहीं चाहिए थी.
    निर्मल बाबा बेशर्मी से बकवास करते रहते हैं… दो हजार देकर आशीर्वाद पाने वाले कोई मनरेगा और बीपीएल वाले नहीं हैं… ये सब पढ़े लिखे बेवकूफ लोग हैं जो इन बाबाओं को बाज़ार प्रदान कर रहे हैं…

    निर्मल दरबार एक पूरी व्यवस्था का नाम है… निर्मल बाबा से घर माँगने पर बंगला दे देते हैं… मनमोहन सिंह को इस दरबार में अवश्य जाना चाहिए, इंदिरा आवास योजना का संकट ही ख़त्म हो जायेगा… रेल मंत्री और वित्त मंत्री को इस दरबार में जरूर जाना चाहिए, एक मिनट में देश की समस्या छू मंतर हो जायेगी? निर्मल बाबा देश को जाहिलों और बेवकूफों का देश समझ कर अपना भाग्य बाज़ार फैलाये हुए हैं…एक तो चोरी, उस पर सीनाजोरी? अपनी बेवकूफी को प्रसारित और प्रचारित करना हास्यस्पद है.

    'राष्ट्र सर्वप्रथम सर्वोपरि'.
    वन्दे मातरम्…

  9. Atul Agarwal says:

    निर्मल सिंह निरुला अपने तथाकथित भक्तों के सामने दावा करता है कि उसके किसी भी भक्त पर कोई बुरी नज़र डालेगा तो ये तथाकथित बाबा उसका निपटारा बैठे बैठे कर देगा और अपने भक्त पर कोई आंच नहीं आने देगा.मैं ते पूछता हूँ इस ढोंगी से कि जब तुम्हारे बैंक खाते से कोई फर्जी तरीके से रुपये निकल लिया तो क्यों गए पुलिस के पास ,कर देते निपटारा बैठे बैठे.
    तुम दावा करते हो कि तुम अपने हर भक्त के घर जाते हो ,जब भी कोई भक्त तुम्हारे सामने आता है तो तुम्हे उसका सारा इतिहास भूगोल उसका भूत भविष्य पता होता है तब तुम क्यों पूछते हो कि कौन कहाँ से आया है और क्या करता है किसने कब क्या खाया, क्या पहना,कब कहाँ गया.
    मीडिया दरबार ने तुम्हारे खिलाफ एक मुहीम छेड़ी तो तुमने कानूनी नोटिस भिजवा दी.कर देते इनका हिसाब किताब अपनी जगह से बैठे बैठे.मैं ये पूछता हूँ कि जब तुम अपने ऊपर आने वाले थपेड़ो से अपनी रक्षा स्वयं नहीं कर सकते हो,इसके लिए तुम पुलिस और कानून के पास जाते हो तो भक्तो से उनकी रक्षा करने का दावा कैसे करते हो?
    आधे घंटे के टीवी विज्ञापन में सिवाय पैसे के दूसरी कोई बात तुम नहीं करते हो तो मैं ये पूछता हूँ कि बाबा और पैसे का क्या मेल?
    तुम दावा करते हो कि तुम्हारे लिए सब धर्म एक सामान है ,अच्छी बात है.तुम तो सिख थे फिर तुमने अपने केश क्यों कटवाए और सिख धर्म क्यों छोड़ा.क्योकि सिख धर्म में ऐसा पाखंड स्वीकार्य नहीं है इसलिए अपना लिया हिन्दू धर्म.तुम जैसे पाखंडियों ने हिन्दू धर्म को बहूत सस्ता बना दिया है. दोष तो हम लोगों का है जो अपने लालच के कारण तुम जैसे पाखंडियों को भगवान मान बैठते हैं और हम खुद ही ऐसे पाखंड के खिलाफ उठने वाली आवाज़ को इर्ष्या का नाम देते हैं.मैं दावा करता हूँ कि जिस दिन हिन्दू जाग गया उस दिन तुम जैसे पाखंडियों को मूह छिपाने कि जगह भी नहीं मिलेगी.
    गीता में साफ लिखा है कि हर इंसान को उसके कर्मों के अनुसार फल मिलता है लेकिन तुम तो भाई हर किसी पर कृपा करने का दावा करते हो पैसे ले कर.क्या तुम्हारी कृपा इतनी सस्ती है कि जो चाहे ले लो बस पैसे देते जाओ.क्योंकी तुम्हारे एक विज्ञापन में मैंने सुना था कि एक इंसान ने जब ये कहा कि उसने दश्वंद के लिए निकला हुआ पैसा खर्च कर दिया तब तुमने उसके ऊपर भगवान की कृपा रोक देने का दावा किया था.तुम क्या भगवान के रिकवरी एजेंट समझते तो अपने आप को.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

You might also like...

पुलिस वालों द्वारा राहजनी के संकेत मिलते हैं विवेक तिवारी की हत्या के पीछे

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: