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निर्मल बाबा मंदिर बनाना चाहते हैं या फाइव स्टार होटलों की चेन?

By   /  April 14, 2012  /  5 Comments

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-सुग्रोवर||

विवादास्पद निर्मल बाबा दो – दो हज़ार रुपये लेकर अपने दरबार में आये दुखियारों पर कथित ‘किरपा’ बरसा पाए या नहीं लेकिन समागम में आने वालों से वसूले जाने वाले रुपये से होटल चेन बना रहें हैं. पिछले दिनों आजतक पर दिए अपने इंटरव्यू में बाबा ने साफ कहा था कि वे अपने भक्तों से पैसे इसलिए वसूल रहे हैं कि उन्हें किरपा बरसाने वाली शक्तियों का  का प्रचार करने के लिए एक मंदिर बनाने के लिए इसकी जरूरत है।

हमारे एक सुधी पाठक संजीव ने हमें मेल के जरिए ध्यान दिलाया कि निर्मलजीत नरुला उर्फ निर्मल बाबा एक होटल चला रहे हैं. हमने जब इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि निर्मल बाबा ने निर्मलहोटल.कॉम वेब साईट भी बनाई है. इस साईट पर इसे पञ्च सितारा होटल बताया जा रहा है. इस वेब साईट का डोमेन दो अक्तूबर उन्नीस सौ ग्यारह को नेट फॉर इण्डिया के जरिये पंजीकृत करवाया गया. जब हमने इस डोमेन के मालिक का पता लगाया तो हम हक्का बक्का रह गए क्योंकि ये डोमेन निर्मलजीत नरूला उर्फ़ निर्मल बाबा हैं.
इस वेबसाइट के अनुसार होटल की लोकेशन E 66, ग्रेटर कैलाश एक है. जहाँ एक्ज़ीक्यूटिव डबल रूम छह हज़ार रूपये का है तो डीलक्स रूम 5500 रुपये में उपलब्ध है.

होटल के वेबसाइट की डिटेल

वेबसाइट के अनुसार इंदिरा गाँधी हवाई अड्डे से 5 कि.मी. दूर स्थित इस वातानुकूलित बेहतरीन बुटीक होटल में एलसीडी उपग्रह टेलीविजन, सीधे डायल टेलीफोन, 24 घंटे कॉफी शॉप की पेशकश मल्टी भोजन मेनू, 24 घंटे कक्ष सेवा, कक्ष में चाय-कॉफी मेकर मशीन, डीवीडी प्लेयर जैसी सुविधाओं के साथ वाई-फाई युक्त वातानुकूलित कमरे उपलब्ध कराता है.

जब हमारी टीम ने होटल जाकर वहां के स्टाफ से इस बारे में जानना चाहा तो वहां सभी ने चुप्पी साध ली. हालांकि आस-पास के लोगों ने साफ कहा कि ये होटल किसी बाबा का ही है. समाचार चैनल स्टार न्यूज से बातचीत में इस होटल के पूर्व मालिक अश्विनी कपूर ने बताया है कि निर्मल बाबा होटलों की एक श्रृंखला शुरू करना चाहते थे. इसी क्रम में सितंबर 2011 के पहले सप्ताह में इस होटल की डील की. बाबा के पास जाने से पहले इसका नाम अक्षरा होटल था. अश्विनी कपूर कंपिटेंट होल्डिंग के प्रमुख हैं.

अब आप ही तय करें कि ये निर्मल बाबा जो आजतक पर कथित साक्षात्कार के दौरान कहते हैं कि वे भक्तों से मिलाने वाली राशि से एक विशाल मंदिर बनाना चाहते हैं. अब आप खुद अंदाज़ा लगा लें वे कौन सा मंदिर बना रहें है
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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

5 Comments

  1. Niraj Saini says:

    hamare country me baba & neta ki he chalti h.

  2. logon ko aapne upper vishwas hona chahiye takki koi bhi dhongi baba unke smasyaon ka fayeda na utha ske agar hum hi kamjor rhenge to log to humein andhvishwas ke bahane lootenge hi.aur phir hum kin kin ko jail mein daalen.yaha kai aise log hain jo bhrastachar.andhvishwas faila rhe hain.hume aapne aap ko majboot banana hoga.takki hum kisi ke baaton mein na aa skein.

  3. Chhinder Pal says:

    jaisay ek doosray hain kumar swamy, beej mantra ko bechte hain, bahut bhaari rates pr aur fir boltay hain periodically recharge krvao mobile connections ke tarah. uski bhi jaanch honi chahiyay. media should come forward.

  4. Yadi nirmal baba ke pas saktiya he aur wo busines ke rup me hi sahi, logo ka bhala kar rahe he to isme galat hi kya he. Logo ko kuchh na kuchh to labh ho raha he tabhi to itne log jamaa hote he. Bina aag ke dhua nahi hota. Aur yadi wo apni saktio se dhan kamaa rahe he aur apne personal interest ke lie use kar rahe he to kya galat he. Kya kisi ko moral ka paath jabardasti padana theek hota he. Ek baat to he ki log jate he, wo nahi bulate, phir logo ko is baat ko samajhna chahiye ki kya sahi he aur kya galat he. Wese sachchai to yahi he ki insaan sirf insaan hi hota he, ho sakta he kisi me kam buraiya ho aur kisi me jyada, lekin buraiya to hogi jarur. Aur jinke pas saktiya hoti he wo apne aap ko mahima mandit nahi karte. Wese mene to yesa bhi padaa, suna he ki yadi saktio se dhan laabh koi leta he to uski saktiya khatam hone lagti he. Ho sakta hai nirman baba ne iske liye hi saktiya prapt ki ho ki wo logo ko cheat karke dhan kamaye aur logo ko kuchh fayda ho ya nahi lekin wo saktiya apna to kam kar hi rahi he ki nirmal baba ji ko to kripa prapt ho hi rahi he.

  5. निर्मल बाबा तो बहाना है: पिछले लगभग पॉच छह वर्षों से पूरे भारत में अंधविश्वास फैला कर लोगों को लूट रहे निर्मल नरूला उर्फ निर्मल बाबा सरेआम अधिकॉश न्यूज चैनलों और अन्य मनोरंजक चैनलों पर रोज आकर अपनी ठगी का धंधा चला रहा था और उसके इस ठगी और लूट के धंधे में ये टीवी चैनल बाराबर के हिस्सेदार बने हुऐ थे तथा चुपचाप माल बटोर रहे थे लेकिन अचानक क्या हुआ कि ये सारे के सारे चैनल जो उसका नमक खा रहे थे अचानक नमक हरामी पर उतर आऐ है यह बड़ा रहस्य है?
    दरअसल यह सब अचानक नहीं हुआ है इसके पीछे बड़ा गहरा षड़यंत्र प्रतीत हो रहा है क्योंकि तीन जून से बाबा रामदेव का भारत स्वाभिमान के तहत कालेधन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर व्यवस्था परिवर्तन का महाऑदोलन प्रारंभ हो रहा है जिससे सरकार के हाथ पॉव अभी से फूल रहे है क्योंकि सरकार के पास उनकी मॉगों/मुद्दों का कोई भी काट नहीं है इसलिये सरकार न्यूज चैनलों के माध्यम से निर्मल बाबा को शिकार करने के बहाने बाबाओं के बदनाम कर तथा बाबा रामदेव पर निशाना लगाने का बहाना ढॅूढ रही है जिससे उनको और उनके व्यवस्था परिवर्तन की महाक्रॉति को बदनाम किया जा सके। आजकल सरकार के षड़यंत्र की प्रथम कड़ी में टीवी पर बहस में बैठे तथाकथित बुद्धिजीवी (परजीवी) अपनी बहस में बाबा रामदेव का नाम भी इस निर्मल बाबा के साथ शामिल करने की कोशिश करते देखे जा रहे है तथा तीन जून से आते आते ये सरकार देश में ऐसा वातावरण तैयार करना चाहती है जिससे बाबा रामदेव को बदनाम कर उनके ऑदोलन को दबाया जा सके। इसीलिये भॉड न्यूज चैनल और बिकी हुई मीडिया अभी से इस कोशिश में लग गयी है। लेकिन देश की जनता जाग चुकी है तथा हमें इन षड़यंत्रों की तरफ सबका ध्यान खींचते हुऐ महाक्रॉति के पक्ष में वातावरण बनाना होगा।.

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