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डरपोक बाबा ने मीडिया को समागम से बाहर किया, भक्तों से कहा: ‘‘चैनलों को फोन करो”

By   /  April 19, 2012  /  8 Comments

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खबर है कि दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में निर्मल बाबा के समागम के बाहर बाबा के समर्थकों ने पत्रकार से बदसलूकी की है। आरोप है कि बाबा के समर्थकों ने चैनल वन के पत्रकार नागेंद्र भाटी के साथ बाबा के समर्थकों ने धक्का मुक्की की और जबरन भीतर ले जाने की कोशिश की। नागेंद्र ने बिना पुलिस वालों के भीतर जाने से मना किया जिसको लेकर बहुत देर तक बाहर में विवाद हुआ। बाद में जब पुलिस की टीम पहुंची तो नागेंद्र और बाबा के समर्थक को पुलिस थाने ले गई। बाबा के समर्थकों के खिलाफ शिकायत की गई है। बाबा के समर्थकों की बदसलूकी के शिकार पत्रकार नागेंद्र भाटी का कहना है कि उन्होंने थाने में शिकायत की. उनका कहना है कि बाबा के समर्थक उनके साथ मारपीट करने पर उतारू थे।

उधर बाबा ने खुद मोर्चा संभाला तालकटोरा स्टेडियम के भीतर जहां उन्होंने भक्तों से पुछवाया कि क्या उन्हें पैसे मिले हैं? भक्तों ने कहा कि उन्हें पैसा नहीं मिला है। वे तो खुद अपनी मर्ज़ी से बाबा का गुणगान कर रहे हैं। यह अलग बात थी कि बाबा ने कुछ चुने हुए भक्तों से ही सवाल-जवाब किया। यह वीडियो यू ट्यूब पर डाल दिया गया है और इसका लिंक फेसबुक पर भी पड़ा हुआ है।

इसके अलावे बाबा ने अपनी वेबसाइट पर भी अपने भक्तों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और सभी चैनलों में फोन करके उन्हें होने वाले लाभ के बारे में बताएं। दिलचस्प बात यह है कि वेबसाइट पर प्रवचन प्रसारित करने वाले चैनलों की सूची में उनसे पंगा लेने वाले स्टार न्यूज़ का नाम अभी भी सबसे उपर लिखा है।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

8 Comments

  1. Atul Agarwal says:

    इस डरपोक ने सिर्फ चैनल वालों को फोन करने के अलावा और भी कुछ करने को कहा है अपने तथाकथित मानसिक तौर पर गुलाम भक्तों को.हा हा हा हा.

    निर्मल सिंह निरुला उर्फ़ निर्मल बाबा और उसके तथाकथित भक्तों का नैतिक स्तर कितना निम्न है इसका एक उदहारण:

    १४ अप्रैल को मेरे पास http://www.facebook.com/narendera.uk.
    से बड़ी ही फूहड़ भाषा में लिखा हुआ एक मेसेज आया था जिसे मैंने आज ही देखा.

    baba ji ko dhongi batata hai yes bta aaj tak kis baba ne kisi ko yes bataya hai ki tum yahan se aaye ho aur yes kha kar aaye ho…. are lolu yes to satya sai bhi nahi bta paye aur rahi paise ki baat koi bhi bakt uski jo shrda hoti hai vo baba ji paisa chadta hai hai aur proparty to satya sai aur jitne bhi baba hain sabki lakho karodo rupaye hai… jabki unko kuch pta bhi nahi hota saale vo dhongi hain…. main aaj tak kisi baba ya ase kisi bhi parson jo apne aapko bagwan manta hai kisi par vishvas nahi karta hoon lekin inke kahi har baat mere jiwan main sach hui hai…tukka to ek ya 2 baaton par lagta hai par sari baatain sach honi yes tukka nahi hai samja…aur yes jo tune massage likha tha iska fall tuje 2 ya 4 din main jaroor milega…

    जिसका जवाब मैंने इस प्रकार दिया है.

    जिसकी भाषा इतनी फूहड़ और गन्दी हो वो ही निर्मल सिंह जैसे फूहड़ इंसान का भक्त हो सकता है.चलो आज तुम्हारी सोच देख कर इस पाखंडी और इसको मानने वाले तुम जैसे तथाकथित भक्तों के मानसिक स्तर का पता तो चल ही रहा है.रहा मेरा सवाल तो दो चार दिन तो क्या पूरा जीवन मेरा कुछ नहीं बिगड़ सकता है.वैसे भी ये पाखंडी तुम लोगों पर क्या कृपा करेगा ,अभी तो ये तो खुद तुम जैसे अपने तथाकथित भक्तों की दया का मोहताज़ बना हुआ है और सफाई देने की कोशिश कर रहा है.

    तो ये है सच्चाई इस पाखंडी गुरु और इसके पीछे चलने वाले इसके तथाकथित भक्त की.जिसकी भाषा इतनी ख़राब है उसकी सोच कितनी गंदी होगी.ऐसे भक्तों पर तो सिर्फ इस ढोंगी की ही कृपा हो सकती है भगवान् की तो कभी नहीं.

  2. निर्मल बाबा मेरी मुरादे पूरी कर दे तो आधी सम्पति देने को तैयार हु?——–
    निर्मल बाबा बुरी तरह फस चुके है कभी वह अपने भक्तो को सफाई देते है तो कभी मीडिया पर लांछन लगा रहे है । किस किसको सफाई देगे बाबा । कृपा से निर्मल बाबा का भला हुआ है भक्तो नहीं , मगर अभी भी कुछ भक्त बाबा के गुणगान गा रहे है ।.

    निर्मल बाबा मेरी मुरादे पूरी कर दे तो आधी सम्पति देने को तैयार हु? इसके लिए मुझे क्या करना होगा ये मुझे निर्मल बाबा बताये । हर बन्दे की जिन्दगी में दर्दो गम होता है । मेरे भी जिन्दगी का गम दूर करो निर्मल बाबा ।.

    एडिटर
    सुशील गंगवार
    मीडिया दलाल.कॉम
    साक्षात्कार.कॉम

  3. kritika jamuar says:

    कल के समागम में अगर ध्यान दिया जाये तो आप ये देखेंगे की निर्मल बाबा ने खुद बोला की आप जो सबसे आगे की सीट पे बइठे हैं उनको बोलने दें की क्या उन्हें पैसे दिए गए वहां जाने या कुछ बोलने के लिए. देखने वाली बात यह है की अगर उन्हें पैसे नही दिए जाते तो सिर्फ आगे की सीट वाले लोग ही आपना एक्सपेरिएंस क्यों बात रहे,
    निर्मल बाबा ने बाकी या पीछे की सीट के किसी व्यक्ति से क्यों नहीं कुछ बोला ये इस बात का सबोत है की उनका समागम एक setting होता है
    निर्मल बाबा की कही हुई किसी बात से मुझे कोई आपति नही क्यों की उन्होंने कभी ऐसे कोई बात नही की जिससे किसी का अहित हो परन्तु जिस तरह उन्होंने पैसे जमा किये वो यही दर्शाता है की उन्हें किसी भी भक्त से ज्यादा आपने पैसों को बढ़ाने का सोचा है

  4. 1. but ek baat bataiye… yes insaan ab bhagwan h..or rahi baat shakti/kripa ki wo to shaitaan bhi deta h…ager aap shaitaan se mango to wo bhi dega… lakin yes nahi pta k jab tak aap iske pass ho tab tak sahi raoge aapko sab thik lagega..lakin jab aap dur hote to to aapki haalat pahle se bhi bekaar ho jayegi…. or aap pahle se bhi jyada pareshan ho jaoge… lakin wo sukoon aapko nahi milega to parmeshwar se milta hai…apne liye na sahi apne bachcho k liye to socho yr ek insaan ko tum bhagwan maan rhe ho…
    2. 2000/- per person entry fees, jiske pass 2000 rupee nahi h or wo mar rha ho kisi karan-wash.. or us time wo bolega koi to mujhe bacha lo..or us time kon bachayega use..bhagwan bachayega..ya insaano ne jis insaan ko aaj bhagwan bana liye hai w bachayega…or wo insaan to bolega 2000/- rupee entry free lagegi… matlab ek poor man to gya..aaj paisa kamane k liye insaan bhagwan ban gye h….or jo real hai use bhul gye… or yes baba bhi aise hi logo ko bhatka rha hai…. what's is happening.

  5. प्रवीण कुमार says:

    Baba ko ab bhakton se kripa ki jarrurat.

  6. प्रवीण कुमार says:

    Docter ya hospital mat jaiye Baba ka naam ligiye ilaj ho jayega kya?

  7. प्रवीण कुमार says:

    Apna bhi bharosa kho chuke hai N. Baba

  8. ईश्वर शर्मा says:

    बाबा का सूपड़ा साफ नहीं हुआ ‘देवी’ प्रकट हो गईं

    अजीब देश है अपना भी. निर्मल बाबा का सूपड़ा अभी ठीक से साफ भी नहीं हुआ है कि फेसबुक पर ‘परम श्रद्धेय श्री राधे मां’ नाम की एक नई देवी मां चमत्‍कार कर रही हैं. ये अचानक पैदा हुई देवी नहीं हैं, लगता है कि पंजाब, हरियाणा क्षेत्र में लोगों को लम्‍बे समय से मूर्ख बना रही हैं. इनको फेसबुक पर लाइक करने वालों की संख्‍या तेरह हजार से ऊपर जा चुकी है. अब ये क्‍या चमत्‍कार दिखा रही हैं भगवान जाने, परन्‍तु फेसबुक पर इनका पेड एड चल रहा है.
    हो सकता है कल को ये स्‍टार न्‍यूज, जी, आजतक पर भी चलने लगे. हां, इनका मेकअप और तामझाम देखिए तो ये देवी कम ‘श्रीदेवी’ ज्‍यादा लगती हैं. आप इनको इनके फेसबुक पेज पर भी देख सकते हैं. फेसबुक की ये लिंक टटोलिए जरा…सोचिए जरा.

    http://www.facebook.com/ShriRadheMaa?sk=wall

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