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मीडिया से हुआ मोहभंग, साले निर्मलजीत के बचाव में खुलकर उतरे जीज़ा नामधारी

By   /  April 25, 2012  /  9 Comments

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‘‘ये न्यूज़ चैनल दोहरे चरित्र वाले हैं। अगर इन चैनलों का ईमान अचानक जाग ही गया है तो वे एडवांस में ली गई रकम लौटा कर निर्मल बाबा के विज्ञापन वाले कार्यक्रम को बंद क्यों नहीं कर देते? ”   -इंदर सिंह नामधारी

कुछ दिनों पहले ही अपने साले निर्मलजीत नरुला उर्फ निर्मल बाबा की करतूतों का भंडाफोड़ कर सुर्खियां बटोर रहे चतरा के निर्दलीय सांसद इंदर सिंह नामधारी अब ‘पैच-अप’ में जुट गए मालूम पड़ते हैं। झारखंड के बोकारो में नामधारी ने न सिर्फ बाबा का जोरदार बचाव किया, बल्कि टीवी चैनलों पर भी दोहरा चरित्र अपनाने का दोष लगाते हुए उन्हें जम कर कोसा।

नामधारी को अब निर्मल बाबा की पुरानी बातें याद आने लगी हैं। उन्होंने एक भक्त की तरह पत्रकारों से कहा कि बाबा में कुछ न कुछ सिद्धियां तो जरूर हैं। उन्होंने बताया कि कई चीजों के बारे में निर्मल बाबा को पहले ही आभास हो जाता है। उन्होंने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में पहली बार अपने साले का जमकर बचाव किया।

नामधारी ने किसी राज की तरह बताया कि जब 3 दिसंबर 2011 को झारखंड में उनके ऊपर नक्सली हमला हुआ था, उससे आठ दिन पहले ही निर्मलजीत उर्फ निर्मल बाबा ने उन्हें सावधान किया था। उन्होंने कहा कि दिल्ली स्थित आवास में कहा था, ‘‘आपके ऊपर खतरा संभावित है, बुलेटप्रुफ वाहन में चला करें।” इस पर मैंने कहा था, ‘‘जब भगवान को मारना होगा, तो कोई नहीं बचा पाएगा और यदि जीवन बचना होगा, तो कोई मार नहीं पाएगा।” याद करते हुए नामधारी ने आगे कहा, ‘‘जब मैने निर्मल की बात पर ध्यान नहीं दिया, तो देखा कि मेरी पत्नी के सामने उसकी की आंखों में आंसू आ गए थे।”

‘‘ मेरी पत्नी को उसने कहा था, जीजाजी मुझे कभी गंभीरता से नहीं लेते।” नामधारी ने आगे बताया कि जब उनके काफिले पर नक्सली हमला हो गया, तो उसके एक हफ्ते बाद फिर दिल्ली स्थित आवास पर निर्मलजीत आए और कहा कि खतरे की बात आपको पहले ही बताई थी। इस पर नामधारी ने कहा था कि बुलेटप्रूफ गाड़ी वाले उड़ गए, लेकिन बिना बुलेटप्रूफ के ही भगवान ने उन्हें बचा लिया।

सूत्रों का कहना है कि नामधारी पिछले कुछ दिनों से भारी घरेलू दबाव में थे। उनकी पत्नी अपने सगे भाई के चरित्र हनन में अपने पति की भूमिका से नाराज़ तो थी हीं, बच्चे भी तकरीबन हर रोज फोन कर उन्हें अपने मामा जी के पक्ष में बोलने के लिए कहते थे। नामधारी का परिवार निर्मल बाबा से खासी नज़दीकियां रखता है और उनकी ‘शक्तियों’ से खासा प्रभावित है।

नामधारी ने यहां सोमवार को मीडिया से बातचीत में इलेक्ट्रानिक मीडिया पर जमकर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि निर्मल बाबा पर एक अंगुली उठाने पर तीन अंगुलियां मीडिया पर ही उठेंगी। 35-36 चैनलों पर निर्मल बाबा का आत्म प्रचार विज्ञापन के रूप में चल रहा है। जिन चैनलों ने निर्मल बाबा को बेनकाब करने का बीड़ा उठाया है, उन्हीं चैनलों पर अभी भी निर्मल बाबा के कामर्शियल विज्ञापन चल रहे हैं।

उन्होंने चैनलों पर आरोप लगाया कि वे दोहरे चरित्र वाले हैं और पैसे के साथ-साथ पब्लिसिटी भी कमाना चाहते हैं। नामधारी ने पत्रकारों से ही सीधा सवाल किया, ‘‘अगर इन चैनलों का ईमान अचानक जाग ही गया है तो क्या वे एडवांस में ली गई रकम लौटा कर कार्यक्रम बंद नहीं कर सकते?”

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

9 Comments

  1. vbmehrotra says:

    नामधारी निर्मल बाबा के पैसे से प्रभावित हैं और पैसा प् कर गुरगां कर रहे हैं. अगर निर्मल बाबा को सब पता चल जाता है तो उनके सारे बिज़नस इस धूर्तता के पहले फ़ैल क्यों हुए.

  2. sunil kumar keshri says:

    अगर बाबा के पास शिद्धि है तो क्यों अपने भक्तो से पूछते है की आप कहाँ से आये है ,आपका नाम क्या है ,आप क्या करते है ?क्यों नही अपने शक्तियों से पता कर भक्त का नाम ,पता ,व्यवसाय खुद ही बोल देते है . कहते है भक्त के घर में रखा फ्रीज़ का सामान नजर आ जाता है ,तो उसका नाम,पता क्यों नही ???????????????????????? है कोई जबाब बाबा के पास ??????????????

  3. Atul Agarwal says:

    अब तो भैया जब जीजा भी मान रहा है कि साले के पास सिद्धि है तो भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन?
    साला तो अब अपने चमत्कार से जीजा को प्रधानमंत्री बनवा ही देगा.चलो एक सरदार जी जायेंगे तो दुसरे सरदार जी आयेंगे.

  4. Atul Agarwal says:

    अब तो भैया जब जीजा भी मान रहा है कि साले के पास सिद्धि है तो भारत का अगला प्रधानमंत्री कौन?
    साला तो अब अपने चमत्कार से जीजा को प्रधानमंत्री बनवा ही देगा .चलो एक सरदार जी जायेंगे तो दुसरे सरदार जी आयेंगे.

  5. Ravi Singh Sengar says:

    mukesh ji ka bhi kuch na kuch to hidden agenda hai bhai. subah se saam tak dainik raasiphal aur kaisa rahega aap ka din batane wale channels achanak pragatisheel banne ki kosish kar rahe hain. janta itni murkh nahi hai bhai. yes sab samajhti hai. han koi manch uske paas nahi hai jo aap se bahas kar sake live.

  6. bilkul sahi kah rahe hai

  7. Deepak Lohia says:

    Mai Namdhari ji ki is kathan se purnatah sahmat hu ki अगर इन चैनलों का ईमान अचानक जाग ही गया है तो वे एडवांस में ली गई रकम लौटा कर निर्मल बाबा के विज्ञापन वाले कार्यक्रम को बंद क्यों नहीं कर देते? ” -इंदर सिंह नामधारी.

  8. amit says:

    सब कुछ गोलमाल है, नामधारी ji

  9. नामधारी जी आपका जय हो, मीडिया के बारे में आपने कुछ तो बोला, लेकिन यह भी आपको याद रखना चाहिए कि आप एक राजनेता हैं, आप राजधर्म भी होना चाहिए था, आपमें नैतिकता होनी चाहिए थी, कि आप अपने सेल के काले करतूतों को जनहित में राज्यसभा में उठाते, लेकिन आपने ऐसा न कर मीडिया वालों के साथ साथ आप भी गुनाहगार हैं, ऐसा आप मानते हैं कि नहीं?
    http://raznama.com/?p=11317,
    http://drishtipat.com/index.php?option=com_content&view=section&layout=blog&id=13&Itemid=122&limitstart=9, इस पोस्ट को भी पढ़िए कृपा कर नामधारी जी और आप जवाब दीजिए जनता.

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