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और जब भोजपुरी पहुंची राष्ट्रपति भवन में… वीर कुंवर सिंह को याद किया

By   /  April 25, 2012  /  1 Comment

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वीर कुंवर सिंह का 155 वां विजयोत्सव पहली बार राष्ट्रपति भवन में मनाया गया . वीर कुंवर सिंह फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत विजयोत्सव  समारोह  की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति, भारत श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने  वीर कुंवर सिंह के फोटो पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजली देते हुए की . तदोपरांत महामहीम को वीर कुंवर सिंह फाउंडेशन के अध्यक्ष निर्मल सिंह ने  संस्था का प्रतीक चिन्ह भेंट किया और अपने संबोधन में कहा की आजादी के बाद संभवत पहली बार वीर कुंवर सिंह का स्मृति स्थल राष्ट्रपति भवन  बना है .

इस अवसर पर  वीर कुंवर सिंह को याद करते हुए प्रतिभा  पाटिल ने कहा की जिन्दगी सिर्फ भोजन पर नहीं चलती..प्रेरणा पर चलती है . जिस तरह   वीर कुंवर सिंह ने बलिदान दिया उससे लोगो को प्रेरणा मिली . ऐसे लोग समय और काल में बंधे हुए नही होते . इन्हें हजारों सालो तक याद किया जाएगा . समारोह को जनार्दन द्विवेदी(महासचिव, अखिल भारतीय कांगेस ), डा० कर्ण सिंह और डा० भीष्म नारायण  सिंह(पूर्व राज्यपाल) ने भी संबोधित किया . कार्यक्रम में सांसद महाबल मिश्रा , भोजपुरी समाज दिल्ली के अध्यक्ष अजीत दूबे, विश्व भोजपुरी सम्मलेन दिल्ली इकाई के अध्यक्ष कवि मनोज भावुक, समाजसेवी राकेश सिंह परमार, पत्रकार  कुलदीप श्रीवास्तव, मुन्ना पाठक  सहित आमंत्रित अतिथिगण उपस्थित थे। (प्रेस विज्ञप्ति)

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  • Published: 6 years ago on April 25, 2012
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  • Last Modified: April 25, 2012 @ 4:42 pm
  • Filed Under: मीडिया

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. yes to hona hi tha bhai. hum hi apane aap ko bahoot pichhe rakhe huwe hain. bhojpuri & bhojpuri wasi log ko bahoot bahoot badhai.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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