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मारुति की ‘सर्वो’ दीवाली धमाके को तैयार: मीडिया को है खबर, लेकिन डीलरों को पता नहीं

By   /  May 5, 2012  /  1 Comment

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भारत की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड जल्दी ही बाजार में मारुति ऑल्टो से भी सस्ती कार ‘सर्वो’ को लाने की तैयारी कर रही है। इस कार  को दीवाली में लांच करने की उम्मीद है। हालांकि इसकी तस्वीरें और तकनीकी डिटेल मीडिया के पास पहुंच चुकी हैं, लेकिन कंपनी के डीलरों को इस बारे में कम ही जानकारी है।

खबर है कि इस कार की कीमत दो-सवा दो लाख रुपए के बीच हो सकती है। भारत में सर्वो को इस साल दीवाली पर लांच किया जा सकता है। हालांकि इस कार को लेकर कंपनी की तरफ से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।

मारुति की ये नई कार टाटा मोटर्स की लखटकिया ‘नैनो’ को चुनौती दे सकती है। कीमत के मामले में ये नैनो से थोड़ी महंगी जरूर होगी पर जानकारों का कहना है कि इसके फीचर्स भी नैनो के मुकाबले बेहतर होंगे।

अपनी इस नई कार के जरिए मारुति देश की पहली इकनॉमिक कार ‘मारुति-800’ की कमी को भी पूरा करेगी, जिसका निर्माण बंद हो चुका है। मारुति 800 नए एमिशन नॉर्म्स पर खरी नहीं उतरती इसलिए इसकी बिक्री अब कई शहरों में बंद हो गई है। माना जा रहा है कि सर्वो में 660 सीसी का पेट्रोल इंजन लगा होगा जो नए मानदंडों को पूरा करेगा।

सर्वो के माइलेज को लेकर कंपनी की तरफ से किसी तरह का खुलासा नहीं किया गया है। लेकिन सूत्रों की मानें तो एंट्री लेवल कारों के सेग्मेंट में सर्वो सबसे बेहतरीन माइलेज देगी। ग़ौरतलब है कि मारुति 800 को कंपनी एंट्री लेवल से भी पहले यानि ‘टू व्हीलर अपग्रेडेशन’ सेग्मेंट का मानती थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि ये कार एक लीटर में 20-24 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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