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सोशल मीडिया पर सख्ती की तैयारी में सरकार

By   /  May 6, 2012  /  2 Comments

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-सुमेश ठाकुर||

अभिषेक मनु सिंघवी सीडी प्रकरण के बाद केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया पर सख्ती करने की तैयारी कर ली है। सोशल मीडिया पर नकेल कसने के लिए संसद में विचार विमर्श चल रहा है और इसके तकनीकी पहलुओं पर गंभीरता से फोकस किया जा रहा है।

शनिवार को बार काउंसिल ऑफ पंजाब एवं हरियाणा के गोल्डन जुबली कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने यह संकेत दिए।
उन्होंने कहा कि देश में ज्यादातर सोशल नेटवर्किंग साइट्स का इस्तेमाल दूसरे की साख पर हमला करने के लिए हो रहा है।

सीडी प्रकरण और ब्लैकमेलिंग के सवाल पर खुर्शीद ने कहा कि यह सारा मामला मीडिया का है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का कुछ लोग गलत फायदा उठा रहे हैं। हालांकि उन्होंने सिंघवी सीडी प्रकरण पर कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि ऐसे मीडिया हथकंडों का प्रयोग कभी भी और किसी के लिए भी हो सकता है।

साइबर क्राइम सेल में हररोज सैकड़ों ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनका इस्तेमाल उचित है या अनुचित, यह लंबी बहस का मुद्दा है। मगर मीडिया से पैदा हो रही असुरक्षा की भावना ज्यादा चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि संसद इस पर भी गंभीरता से ध्यान दे रही है कि अमेरिका, चीन, ब्रिटेन जैसे देशों की सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर क्या चल रहा है और वहां की सरकारें उन पर कैसे नियंत्रण रख रही हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से देखा गया है कि इन साइट्स का इस्तेमाल प्रोपगेंडा करने के लिए अधिक हो रहा है। उन्होंने साफ किया कि इन नेटवर्किंग साइटों पर संसद में आम सहमति बनाने के बाद ही कोई कड़ा कदम उठाया जाएगा।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. IF SOCIAL MEDIA IS NOT PARTIAL IN ITS OWN GUIDE LINES , THERE IS NO.
    GOVERNMENT / COMMUNITY / GROUP OF LEADERS WHO CAN DEMOLISH IT.NO ONE CAN THROUGH THE DUST IN THE EYES OF INDIAN, IT IS TRUE.

  2. b l tiwari says:

    AB TO PARISTHIT SARKAR YE NIYANTARN SE BAHAR HAI IEN KE KUKAR SAB BAHAR AAJYENGE IES NAHI ROKA JA SAKTA HAI JANTA ROAD
    PAR AA JAYEGI

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