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अब राखी सावंत ने किया ‘सत्यमेव जयते’ पर हमला, कहा: ‘‘आमिर ने चुराया कॉन्सेप्ट”

By   /  May 9, 2012  /  5 Comments

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अपनी सनसनीखेज़ अदाओं और गर्मागर्म बयानों की बदौलत हमेशा विवादों में रहने वाली राखी सांवत सत्यमेव जयते की आशातीत सफलता का हिस्सेदार बनने में भी पीछे नहीं रहना चाहती हैं। आमिर खान के इस पहले टेलीविजन शो के खिलाफ वो मीडिया के सामने जम कर भड़ास निकाल रही हैं।

अपने ताज़ातरीन बयान में राखी ने आमिर पर आरोप लगाया है कि उन्होंने सत्यमेव जयते का कॉन्सेप्ट उनके पुराने प्रोग्राम से चुराया है। राखी का दावा है कि उनके शो ‘राखी का इंसाफ’ का कॉन्सेप्ट भी हू-ब-हू यही था जिसे सत्यमेव जयते में दिखाया जा रहा है।

राखी ने कहा कि वो आमिर के खिलाफ नहीं हैं। ‘‘वो एक अच्छे इंसान हैं। सत्यमेव जयते की तारीफ केवल इसलिए की जा रही है क्योंकि उससे आमिर खान जुड़े हुए हैं।” राखी ने पत्रकारों से कहा। उन्होंने आगे जोड़ा, ‘‘लेकिन मेरा शो भी कम मेहनत भरा नहीं था। जिस तरह के लोगों से मेरा वास्ता पड़ा था, उनके बारे में सोच-सोच कर ही शो के बाद मुझे हस्पताल में भर्ती तक होना पड़ गया था।”

राखी के मुताबिक उनके शो का समय देर रात कर दिया गया था जबकि आमिर के शो को रविवार सुबह का समय दिया गया है।
ग़ौरतलब है कि इससे पहले मशहूर बैंड यूफोरिया ने दावा किया कि सत्यमेव जयते का थीम सॉन्ग उनके बैंड के पुराना गीत ‘सत्यमेव जयते’ से लिया गया है। इस बैंड के सिंगर पलाश सेन ने शो के क्रिएटिव टीम को इसके बाबत लीगल नोटिस भी भेजा है।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

5 Comments

  1. Ram Sharma says:

    Shiva Jain reporter ho kar aise baate aapke dawara thik nahi hai

  2. राखी के माता पिता का देहांत उसके बालपन में ही हो चुका है, उसके पास संस्कार नाम की कोई वस्तु नहीं है. इसलिए बेटियों को इस मामले में मत लाइए और न ही भ्रूण हत्या जैसे महापाप का हिस्सा बनने का पक्ष लें.. _/_

  3. Atul Agarwal says:

    बेटी अगर बड़ी हो कर राखी सावंत जैसी बेशर्म,बेहाया और नंगेपन पर उतारू हो.नग्नता जिसका परिचय हो ,तो मैं भी शायद कन्या भ्रूण हत्या जैसे महापाप का पक्षधर हो सकता हूँ .

  4. Ghatiya Mansikata Se Paripoorna Dramebaj Rakhi Savant Ko Gambhir Vishayo Se Kya Lena-Dena……

  5. Vijay Pandey says:

    is baat pe sirf tahake mar ke hansa ja sakta hai…..thnx dhiraj jee.

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