/CNEB में आने से हरीश गुप्ता का इंकार, अनुरंजन गए बारिश में गर्मी की छुट्टी मनाने, किशोर मालवीय ने संभाली कमान

CNEB में आने से हरीश गुप्ता का इंकार, अनुरंजन गए बारिश में गर्मी की छुट्टी मनाने, किशोर मालवीय ने संभाली कमान

कंप्लीट न्यूज एंड इंटरटेनमेंट ब्रॉडकास्ट यानि सीएनईबी से ये खबर है कि हरीश गुप्ता ने वहां जाने से इंकार कर दिया है। उधर मौजूदा सीओओ अनुरंजन झा के कांट्रैक्ट रिन्यू होने की कोई खबर नहीं है। हालांकि पहले बताया जा रहा था कि उन्हें एक महीने की मोहलत दी गई है, लेकिन खबर है कि अनुरंजन की सम्मानजनक विदाई की तैयारियां शुरु हो गई हैं और वे अभी दक्षिण भारत के ‘पारिवारिक दौरे’ पर चले गए है। उधर जीएनएन में भी उनकी दाल नहीं गल पाई है क्योंकि दोनों चैनलों के मालिकों के आपसी संबंध गहरे बताए जाते हैं।

बताया जाता है कि हरीश गुप्ता इस चैनल में अभी आने को इसलिए तैयार नहीं हुए क्योंकि इससे उनका कद छोटा हो रहा था। फिलहाल वे एक राष्ट्रीय अंग्रेजी दैनिक के नैश्नल एडीटर हैं जहां उनकी कुर्सी पर कोई खतरा नहीं है। दूसरे अगर वे अनुरंजन के बाद इस चैनल की कमान संभालते हैं तो बाजार में उनकी तुलना उनसे कहीं जूनियर और अयोग्य व्यक्ति से होने लगेगी जिसके लिए वे तैयार नहीं थे।

हालांकि हरीश गुप्ता के इंकार के बाद सीएनईबी में नए मुखिया की तलाश तेज हो गई लेकिन खबर है कि कोई भी बड़े कद का पत्रकार वहां आ कर अपनी तुलना अनुरंजन जैसे नए चेहरे से करवाने मे दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। इधर सरान पिता पुत्र की दुविधा यह है कि वे एक बार अपने चैनल का स्तर गिरा चुके हैं और अब इसे किस तरह उठाएं यह समझ नहीं पा रहे हैं।

ऐसे में खबर ये भी आ रही है कि चैनल मे सलाहकार की हैसियत से आए किशोर मालवीय कुछ दिनों के लिए चैनल प्रमुख बनाए जा सकते हैं। दरअसल किशोर मालवीय का प्रोफाइल अनुरंजन के प्रोफाल से बहुत ऊंचा है। किशोर मालवीय कभी नवभारत टाइम्स और  फिर ज़ी न्यूज़ के स्टार रिपोर्टर हुआ करते थे और उन्हें पत्रकारिता का लगभग बीस वर्षों का अनुभव है। इस दौरान वे आंखो-देखी,  नेपाल-1, वाइस ऑफ इंडिया जैसे कई चैनलों में उच्च पदों पर रह चुके हैं।

कभी अनुरंजन भी किशोर मालवीय की नौकरी बजा चुके हैं और यहां सीएनईबी में भी उन्हें वही लेकर आए थे। यही कारण है कि किशोर मालवीय अनुरंजन से अपने संबंधों को बिगाड़ना नहीं चाहते। माना जा रहा है कि अभी अनुरंजन को ‘निकाला गया’ बता कर उनकी मार्केट खराब नहीं की जा रही है और यह बताया जा रहा है कि वह लंबी छुट्टी पर दक्षिण भारत के दौरे पर हैं। इस दौरान किशोर मालवीय ही काम-काज देखेंगे और हो सका तो अनुरंजन की नौकरी बचाने के लिए जुगाड़ भी भिड़ाएंगे।

अनुरंजन ने फेसबुक पर बंगलुरू से तस्वीरें भी पोस्ट करनी शुरु कर दी हैं और उनके शुभ-चिंतकों तथा चमचों  ने उसकी तारीफ में कमेंट भी करने शुरु कर दिए हैं, हालांकि इस बात को लेकर किसी ने सवाल नहीं उठाया है कि अनुरंजन बच्चों की गर्मी की छुट्टियां खत्म होने के बाद ‘पारिवारिक छुट्टी’ पर क्यों गए हैं?

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.