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बाबा रे बाबा… ये क्या हो गया? लखनऊ में दर्ज़ हुआ निर्मलजीत नरुला के खिलाफ़ FIR

By   /  May 12, 2012  /  4 Comments

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सीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद निर्मल बाबा के खिलाफ गोमतीनगर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई। निर्मलजीत सिंह नरुला उर्फ़ निर्मल बाबा पर धोखाधड़ी और आस्था के नाम पर ठगी का आरोप है। आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर की बेटी तनया ठाकुर और बेटे आदित्य ठाकुर के आवेदन पर निर्मल बाबा के खिलाफ धारा पुलिस ने आईपीसी की धारा 417, 419, 420 के तहत धोखाधड़ी व अन्य आरोपों और धारा 508 के तहत एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस ने बताया कि निर्मल बाबा के खिलाफ धोखाधड़ी, बरगलाने और समाज में अंधविश्वास पैदा करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि तनया और आदित्य ने 10 अप्रैल 2012 को थाना गोमतीनगर, लखनऊ में निर्मजीत सिंह नरूला के विरुद्ध एफआईआर के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, परन्‍तु पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद दोनों लखनऊ के एसएसपी/डीआईजी आशुतोष पांडेय और एडीजी, लॉ ऑर्डर से भी रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई, लेकिन यहां भी उनकी शिकायत को अनसुना कर दिया गया।

इसके बाद दोनों बच्चों ने धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत याचिका दायर कर के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। इस मामले पर सुनवाई के बाद अदालत ने एफआईआर दर्ज करने का पर्याप्‍त सबूत मानते हुए पुलिस को मामला दर्ज करने का आदेश दिया।

अगर निर्मल बाबा पर लगे सभी आरोप कोर्ट में सही साबित होते हैं तो बाबा की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। आरोप सिद्ध होने पर निर्मल बाबा को सात साल तक की सजा हो सकती है। इस मामले पर उनके पक्ष का बयान भी आ गया है। निर्मल बाबा के प्रवक्ता अशोक मेहता ने एफआईआर दर्ज होने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि केस दर्ज कराने वालों को भगवान का डर होना चाहिए। निर्मल बाबा के वकील अमन लेखी ने कहा है कि यह कानून का दुरुपयोग है।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

4 Comments

  1. Iss baba ko jail karva do

  2. Bipin Tiwari says:

    Riya ji mai nirmal baba ya kisi b baba ka samarthak nahi hu
    lekin 1 baat ka virodh mai kar raha hu ki media kis baat ki thikedari kar rahi hai
    agar media nispaksh hai to aaj b nirmal se b khatarnak ojha tantrik samaj k liye khatarnak bane huye hai unke bare me kyo nahi dikha rahi hai
    ye media wale marketing kar rahe hai
    desh me sabse bhrasht kary aaj media kar rahi hai rajnaitik partiyo se paise lekar khabar chalana hi inki roji roti ho chuki hai.

  3. Bipin Tiwari says:

    Riya ji mai nirmal baba ya kisi b baba ka samarthak nahi hu
    lekin 1 baat ka virodh mai kar raha hu ki media kis baat ki thikedari kar rahi hai
    agar media nispaksh hai to aaj b nirmal se b khatarnak ojha tantrik samaj k liye khatarnak bane huye hai unke bare me kyo nahi dikha rahi hai
    ye media wale marketing kar rahe hai
    desh me sabse bhrasht kary aaj media kar rahi hai rajnaitik partiyo se paise lekar khabar chalana hi inki roji roti ho chuki hai.

  4. Sachin Khatana Gurjar says:

    Riya ji aise babao ne hi ish desh ka nash kiya h

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