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सरकार ने कसा शिकंजा तो आक्रामक हुआ थर्ड मीडिया: सुप्रीम कोर्ट और कांग्रेस की साइट ब्लॉक

By   /  May 17, 2012  /  1 Comment

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-सुग्रोवर-

लोकतंत्र में सरकारों को जनता का भय होना चाहिए न कि जनता को सरकार से डरना चाहिए. मगर भारत में ठीक इसके विपरीत हो रहा है. सत्ताधीश डरा रहे हैं और आम जनता डर रही है. सरकारी विज्ञापनों से होने वाली बड़ी आमदनी के चक्कर में बड़े अख़बारों के कस्बाई संस्करण खबरों को क़स्बा स्तर से बाहर नहीं जाने देते थे. ऐसे में इन्टरनेट ने अपने पांव पसारे और नेटवर्किंग वेबसाइटस तथा छोटे – बड़े खबरिया पोर्टल एक जबर्दस्त भूमिका में सामने आये. नेटवर्किंग वेबसाइटस पर लोग अपने विचारों का आदान-प्रदान करने लगे.

देश में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है. आये दिन नेताओं और अधिकारियों पर हजारों करोड़ रुपये के घोटालों का आरोप लगता है मगर उनका बाल भी बांका नहीं होता. भारत में भ्रष्ट नेताओं, अधिकारियों,  पुलिस, मीडिया, कार्पोरेट्स और मुनाफाखोरों के कई संगठित गिरोह बन चुके हैं. जो इस देश की जनता द्वारा कड़ी मेहनत से कमाए गए धन से उलटे सीधे टैक्स लगा कर उगाहे गए पैसों का गबन और घोटालों के जरिये अपनी तिज़ोरिया भर रहे हैं. यदि कोई इनका विरोध करता है तो उसकी हत्या तक करवा दी जाती है.

ऐसे समय में  इन्टरनेट और सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटस एक ऐसे मंच के रूप में सामने आये हैं जहाँ कुछ ही पलों में अपनी बात दुनिया भर में फैलाना आसान बात हो गयी है. अपने-अपने घरों में बैठे करोड़ों लोग वैचारिक क्रांति का हिस्सा बन जाते हैं. जब इन्टरनेट पर सरकार या उसकी किसी एजेंसी अथवा सत्ताधीशों के डर कि बजाय उनकी खुली आलोचना होने लगी और भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन नेटवर्किंग वेबसाइटस  के जरिये पूरे देश की आवाज बन गए तो इन भ्रष्ट सत्ताधारियों की नींद हराम हो गयी और उनके भीतर डर बैठ गया, जो कि इन सत्ताधीशों के लिए अस्वाभाविक था.

यहाँ (इन्टरनेट पर) किसी की खैर नहीं. यदि कोई गलत है तो उसका बाजा बज़ने में जरा भी देर नहीं लगती. जब इन सत्ताधीशों को लगा कि इन्टरनेट जैसे माध्यम उसकी खाल खींच रहे हैं, यहाँ कोई सौदेबाज़ी भी संभव नहीं. सब अपने मन के राजा हैं, तो बस इन सब ने येन – केन – प्रकारेण इस माध्यम पर नकेल कसने की तैयारी कर ली और आईटी ऐक्ट में सुरक्षा के बहाने बेहिसाब शक्तियां हासिल कर ली ताकि जो भी वेबसाइट या सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटस उनके हितों पर वार करती हो. सुरक्षा के नाम पर ब्लॉक करवा दो और इसका धणी धौरी बना दिया दूर संचार विभाग को.

अब दूर संचार विभाग ने इन्टरनेट सर्विस प्रदाता कम्पनियों को सुरक्षा के नाम पर कुछ वेबसाइट्स की लिस्ट थमा आदेश जारी कर दिए कि इनको ब्लॉक कर दो. आदेश की पालना में ये वेबसाइट्स भारत में ब्लॉक होनी शरू भी हो गयीं. इसी से चिढ़ कर एक अज्ञात समूह ने आज कई सरकारी वेबसाइटस के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट और कांग्रेस की वेबसाइट का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया.

इस अज्ञात समूह ने बाकायदा एक चेतावनी भी जारी की है जिसका मजमून इस प्रकार है:

Citizens of India and World,
We are Anonymous.
We are a collective bent at serving free will and justice.

It has been known that the Government of India and its ministers are commiting Aristrocracy.
The idea of democracy remains an idea only.

We were and are watching closely on all activities of the Goverment and its ministers.
Many ministers were and are charged with severe cases of corruption.
They do not care.
They do not care for the injustice happening.
They do not care for the freedom being snatched.

The Government has been covering up its activities and hiding the facts from its citizens.
It has imposed IT Act which allows it to censor the internet as it seems fit.
None other than Department of Telecommunications need to be blamed.
One cannot block on purview of security concerns.

Free will is endangered.

We cannot allow this.
We will not tolerate it anymore.
We will retaliate.

Even if our methods may not seem fit, we won’t stop.
People should not be afraid of their governments.
Governments should be afraid of their people.
Our idea is of a truly free nation.
And an idea cannot be killed.
An idea cannot be hidden.
An idea cannot be CENSORED.

We have successfully compromised the security of many Government websites, as a means to show our aggresion against the injustice.
You can rest assured that no harm will be done to any of the sites. We won’t stop untill our demands are met.
We want all corruption charged officials to be punished severly.
We want the right to freedom of speech to mean more than words.
We want order to the chaos of democracy.
We want able people to lead the country not govern it.

Its time you wake up.
Its time you take charge.
Its time you say, “Enough is enough”
Its time you change your fate.
Its time you show that this won’t go un-noticed.
Its time you take charge.

Its time for Operation India.
Join us if you may.

We are Anonymous.
We are Legion.
We do not forgive.
We do not forget.
Expect us.

 

इस अज्ञात समूह द्वारा जारी वीडियो..

[yframe url=’http://www.youtube.com/watch?v=D8H5Lp4ditE’]

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. AOR NET PAR JO NANGAPAN HAI. WO BAND HONA CHAHIEY YAA NAHI.KYA YE MEDIA WALEY BATEYNGE.

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