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पांच साल बाद दारू पीकर वानखेड़े स्टेडियम में फिर हंगामा मचा सकते हैं शाहरुख

By   /  May 18, 2012  /  5 Comments

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जरा शाहरुख की आंखों पर ग़ौर से नजर डालें तो सारी हक़ीकत खुद बयां हो जाएगी

वानखेडे स्टेडियम में दारू पीकर हंगामा मचाने के आरोपों से घिरे शाहरुख ने आखिरकार महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन यानि एमसीए के अधिकारियों को मना ही लिया। इस मामले में शुक्रवार को हुई बैठक में शाहरुख खान पर मैदान में घुसने पर सिर्फ पांच साल का प्रतिबंध लगाया गया है। पहले की खबरों में आजीवन प्रतिबंध की बात की गई थी

एमसीए अध्यक्ष विलासराव देशमुख की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद पत्रकारों को इस बारे में जानकारी दी गई। देशमुख ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि शाहरुख खान अगले पांच वर्षो तक वानखेडे स्टेडियम में नहीं घुस सकते हैं। देशमुख ने कहा कि मैदान में शाहरुख का रवैया नियमों के खिलाफ था इसलिए अब वह दर्शक के रूप में भी स्टेडियम में नहीं जा सकेंगे।

गौरतलब है कि शाहरुख खान ने बुधवार रात एमसीए के अधिकारियों के साथ जम कर बदसलूकी की थी और उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया था। उनके इस व्यवहार को एमसीए अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख ने भी काफी गंभीरता से लिया था। हालांकि शाहरुख खान ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने घटना के समय शराब नहीं पी रखी थी।

उधर समाचार एजेंसी एएफपी ने जो तस्वीरें जारी की हैं उसमें साफ दिख रहा है कि शाहरुख की आंखें नशे से बोझिल हैं। खबरों की मानें तो शाहरुख को कड़ी सजा देने को लेकर एमसीए में ही दो गुट बन गए थे। एमसीए के जिन अधिकारियों को शाहरुख के गुस्से का सामना करना पड़ा वो सब किंग खान को कड़ी सजा के पक्ष में थे। इस गुट में एमसीए के कोषाध्यक्ष रवि सावंत, संयुक्त सचिव नितिन दलाल और छह कार्यकारी सदस्य शामिल थे।

बहरहाल,  प्रतिबंध के फैसले को दोनों ही गुट अपनी अपनी जीत मानने में जुटे हैं। उधर शाहरुख के करीबी माने जाने वाले बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा है कि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है। शुक्ला का कहना है कि इस बारे में अंतिम फैसला बीसीसीआई लेगी।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

5 Comments

  1. Aadi Chauhan says:

    yae News dhakhne ke liyae 5 saal tak ka wait karna padega.

  2. Pankaj Garg says:

    hiii

  3. Salman, Amir Or sabki sari daru Utar jay gi……….

  4. Suresh Verma says:

    Jabalpur Bhejo Salman ki sari daru Utar jay gi……….

  5. Bhawesh nana patil says:

    I.P.L. Ko band kr do aur in actors ko kaho ki jakr achchi film banate.
    Bharat me naitikta ka saman ho raha hai

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