/‘टीआरपी- मास्टर’ को कुर्सी संभालते ही झटका, आजतक लुढ़का, एबीपी ने की बराबरी

‘टीआरपी- मास्टर’ को कुर्सी संभालते ही झटका, आजतक लुढ़का, एबीपी ने की बराबरी

टीआरपी के आंकड़ों में नए नाम के साथ उतरे एबीपी न्यूज़ को जोरदार सफलता मिली है। बाइसवें हफ्ते में चेहरा बदल कर मैदान में आए एबीपी ने दिखा िया कि नाम बदलने से लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई, उल्टे बढ़ ही गई। 1.4 अंकों की बढ़त के साथ एबीपी की टीआरपी 16.3 पर पहुंच गई। उधर नंबर वन चैनल आजतक ने अंको का गोता लगाया और वह भी 16.3 पर पहुंच गया। लिस्ट में हालांकि आजतक और एबीपी दोनों को 16.3 अंक मिले हैं लेकिन एबीपी को शायद .03 अंको की मामूली बढ़त के कारण उपर रखा गया है।

ऐसा माना जा रहा है कि एबीपी को यह उछाल उसके करोड़ों खर्च कर चलाए गए विज्ञापन अभियान के कारण मिला है, लेकिन आजतक को मिली शिकस्त से चैनल में भी कइयों को आश्चर्य हो रहा है। ग़ौरतलब है कि पिछले ही हफ्ते आजतक की कमान नए चैनल हेड सुप्रिय प्रसाद को सौंपी गई है। सुप्रिय को टीआरपी मास्टर कहा जाता है और उनके बतौर आउटपुट हेड आते ही आजतक ने अपनी खोई हुई नंबर वन की पोजीशन इंडिया टीवी से छीन ली थी।

बाइसवें हफ्ते की टीआरपी लिस्ट इस प्रकार है-

ABP NEWS  ————- 16.3 (+1.4)
AJTAK         ————- 16.3 (-1.3)
INDIA TV   ————- 15.5 (+0.3)
ZEE NEWS  ————- 11.5 (1.7)
NEWS24     ————– 09.2 (-0.2)
IBN-7         ————– 08.7 (+0.6)
NDTV INDIA ———-6.1 (-0.3)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.