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जल ही जीवन है…… इसे खूब बर्बाद करो…..!!

By   /  June 8, 2012  /  4 Comments

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-विकास सिन्हा||
हम बचपन से पढते आये है कि “जल ही जीवन है” “Save water, Save life” हमारी सरकार भी पानी बचाने के लिए तरह तरह के उपाए करने का वादा करती है. लेकिन सच्चाई यह है कि सरकार के इन वादों का और प्रयासों का मजाक भी बड़े – बड़े सरकारी और शिक्षा संसथान ही उड़ा रहे है. अभी कुछ दिनों पहले कि बात है मैं अपने अपने जीजा जी और अपने दोस्त के साथ पटना गया था पटना बिहार परीक्षा परिषद में कुछ काम था.. जब तक हम लोग वहाँ पहुचे तब तक भोजनावकाश हो चूका था.. तो हमने सोचा कि पटना संग्रहालय पास में ही है क्यु ना संग्रहालय ही घूम आया जाये जब हम पटना संग्राहालय पहुचे तो पहुचते ही नल से पानी आते देख हम बहुत खुश हुए क्युकी हमरा प्यास से बुरा हाल था और आनंद का मंगलवार का उपवास भी था. जब नल से निरंतर पानी बहे जा रहा था तो हमने सोचा कि कोई नल खुला छोड़ गया होगा… लेकिन जब हमने पानी पिया और हाँथ मुह धोए उसके बाद नल को बंद करने का प्रयास किया ताब पता चला कि नल खराब है… तक मेरे मुह से बस यही निकला “जल ही जीवन है, इसे खूब बर्बाद करो”…. मैंने पटना संग्रहालय में काम कर रहे अपने एक मित्र को फोन कर इस बारे में बात किया तो पता चला कि ये कोई आज कि बात नहीं बल्कि ये तो रोज की कहानी है.. रोज ही जब तक पानी आता है इस नल से ऐसे ही पानी बर्बाद होता रहता है… अब इसे किसकी गलती कहे सरकार की या संग्रहालय में काम कर रहे सरकारी अधिकारीयों की जो सब कुछ देखते और जानते हुए भी कुछ नहीं करना चाहते ??? एक बात और बताना चाहूँगा कि ये नल जिस जगह पर है वहाँ कोई अधिकारी ये नहीं कह सकता कि मुझे इस बारे जानकारी नहीं है या मैंने नहीं देखा था. क्युकी ये नल संग्रहालय के मुख्य प्रवेश के पास ही है….. क्या सरकारी दफ्तरों नौकरी लग जाने के बाद हमारे अंदर संवेदनशीलता खत्म हो जाती है ??? क्या सरकारी नौकरी लग जाने के बाद समाज प्रति हमारी कोई जिम्मेदारी होती ???

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About the author

This is Vikas K Sinha, I am basically from Village + Post Bajitpur kasturi, Anchal – Sahdei Buzurg, District – Vaishali, Bihar. but living in Delhi. I am Working in a private company as a office asst. and also doing some social work with my some friends

4 Comments

  1. yes mam only we responsible this….
    I am very upset today because have seen a person who was drinking water from sever and we are wasting water like this 🙁 🙁

  2. it is extremely painful vikas ji , but we are also responsible for it

  3. yeah its very pain full true

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