Loading...
You are here:  Home  >  अपराध  >  Current Article

अपना घर या नेताओं और अफसरों की एय्याशी का अड्डा? बड़े बड़े नाम शामिल!!

By   /  June 9, 2012  /  4 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

शारीरिक प्रताडऩा व यौन शोषण का अड्डा बने ‘अपना घर’ पर लगे आरोपों की तह में जाने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक कमेटी गठित की है। यह कमेटी आज रोहतक जाकर स्‍थानीय लोगों के अलावा जिला प्रशासन और पुलिस से भी बातचीत करेगी।

आयोग की सदस्‍य शमिना शफीक का कहना है कि शनिवार को पैनल लोगों से मिलेगा और जिला प्रशासन और पुलिस से रिपोर्ट मांगेगा।

दूसरी ओर, संस्‍था की संचालक जसवंती ने यह कह कर नेताओं और आला अधिकारियों को परेशानी में डाल दिया है कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान वह कई बड़े नामों का खुलासा करेगी। जसवंती का दावा है कि ये सभी नेता और अफसर ‘अपना घर’ में अक्‍सर आते थे। यही नहीं, संस्थान में स्पेशल ब्यूटी पार्लर पाया गया। जिसमें जिले की कई महिला अधिकारी और वीआईपी फ्री में मसाज का मजा लेती थीं। यहां की लड़कियों से जबरन यह काम कराया जाता था।

वहीं, पुलिस ने शुक्रवार को ही ‘अपना घर’ को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) एमएस मान के निर्देश पर सील कर दिया है। इससे पहले हिसार से रोहतक पहुंचे एडीजीपी मान ने आईजी आफिस में अपना घर मामले की जांच से जुड़े रोहतक पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने साफ कहा कि नवगठित विशेष दल हर रिकॉर्ड का अपने ढंग से जांच करेगा। इसलिए अपना घर को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए।

केस की अगली सुनवाई 15 को

9 मई को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने केंद्र व राज्य सरकार की आर्थिक सहायता से चलने वाली ‘अपना घर’ संस्था पर छापा मारा था। छापे के दौरान लड़कियों व महिलाओं ने संस्था की संचालिका जसवंती व अन्य पर यौन शोषण, शारीरिक शोषण, मारपीट व बच्चों की खरीद फरोख्त का आरोप लगाया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जसवंती, उसके दामाद जयभगवान, बेटी सिम्मी, ममेरे भाई सतीश, ममेरी बहन शीला, भाई जसवंत व काउंसलर वीना को केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। इस समय सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में है। केस की अगली सुनवाई 15 जून को होगी।

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

4 Comments

  1. b l tiwari says:

    ies jaanch mai jo bhi naam aajaye wo sabhi naam unke photo sahit unke pariwar ko bheje jaaye orr pure desh ke samne laaye jaay ki ye wo raakchhash hai un ki betiyo k/matyo / bahino ko bhi bhenje jaiy duniya ko bataya jjaye ki rakchhaso kiye surat bhi dekho poora desh choraho par thooke ke ien ke muh par laanat hai.

  2. b l tiwari says:

    हे भगवन मेरे देश के लोगो की आतियामा मरगयी है किया भारत की मातायो की कोंह्क मै पत्थर पद्गाये गए है क्या अब चर्त्तिय्वान पुरशो का जन्नम होना बन्द होगया है क्या इएतना पाप घिनोना क्रित्तय जो मुह से कहा भी नहीं जा सकता है ये मेरे भारत बाशियो इएतन कियो गिर रहे हो की दुनिया के सामने मै ये भी नहीं बता सकता की मै इएस देश का निवाशी हूँ क्या तुम्हारे परिवार मै माँ /बहन /बहु /बेटिया / नहीं रहती है क्या तुम अपने परिवार माँ बहिनों से यही आचरण वाव्ह्हर करोगे लानत है तुम पर तुम्हरे मुह पर थूकने की भी इच्छा नहीं करती मेरा थूकि भी गंद्दा होजायेगा शर्म करो कला मुह करके गन्न्दे गाटेर मै गिरो जा कर

  3. Dinesh Chand says:

    what'll happen of this country? bastards are making their presence felt everywhere.they should be hanged straightway and such N G Os should be banned immediately to stop this nonsense forever. the officers involved in such cases should be terminated with immediate effect and sent to work at factories/agriculture labors without paying them any single pie for this lifelong.

  4. Kapill says:

    Ayashi ka adda nahin: Ayashi ka adda nahin: bus stand kaho: kyunki bus stand jitni crowt thi

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

पनामा के बाद पैराडाइज पेपर्स लीक..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: