/चचेरी बहन को भी नहीं छोड़ा, दोस्तों को भी परोस दी…

चचेरी बहन को भी नहीं छोड़ा, दोस्तों को भी परोस दी…

पटौदी थाना क्षेत्र के गांव राजपुरा में एक युवक ने तीन अन्य दोस्तों के साथ चचेरी बहन से सामूहिक दुष्कर्म किया। उसने 20 वर्षीय बहन की अश्लील तस्वीरें खींची और उसे ब्लैकमेल करता रहा। पुलिस ने मामला दर्ज कर शुक्रवार सुबह तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
पटौदी थाना अंतर्गत गांव राजपुरा निवासी अंजलि (काल्पनिक नाम) गुड़गांव के रेलवे रोड स्थित डीएसडी कॉलेज से बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई ओपन से कर रही है। रविवार को कॉलेज में उसकी क्लास लगती है। दिसंबर 2011 में रविवार के दिन वह कॉलेज आई थी। तभी मेडिसिटी अस्पताल में कार्यरत गांव के ही युवक मनीष ने उसे फोन कर नौकरी दिलाने की बात कही। मनीष ने युवती को राजीव चौक बुलाया। वहां बाइक पर बैठाकर सुभाष चौक के पास एक कमरे में ले गया और उससे दुष्कर्म किया।
युवती के मुताबिक, कुछ देर बाद युवती का चचेरा भाई भीम भी वहां आ गया। अंजलि की अश्लील तस्वीरें भीम ने खींच लीं और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप है कि बाद में वह लोग ब्लैकमेल करते रहे।फोन कर उसे बुलाते और दुष्कर्म करते। 1 जून को भी आरोपियों ने उसे फोन कर बुलाया और बसई गांव में ले गए। वहां राजपुरा के प्रवीन और एक अन्य रोहित के साथ मिलकर भीम और मनीष ने सामूहिक दुष्कर्म किया।
गुरुवार को राजस्थान में ट्रक चालक की नौकरी करने वाला युवती का भाई घर आया तो युवती ने उसे घटना की जानकारी दी। देर शाम दोनों सदर थाने पहुंचे और मामले की शिकायत दी। पुलिस ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मनीष, भीम और प्रवीन को गिरफ्तार कर लिया।रोहित की तलाश की जा रही है। तीनों को अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया है।

यशवंत यादव,थाना प्रभारी, सदर का कहना है कि चारों युवकों ने अपने गांव की ही युवती को हवस का शिकार बनाया। तीन को गिरफ्तार किया गया।चौथे की भी जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.