/प्यार के नाम पे दिया धोखा, स्टेशन से उठाकर किया गैंगरेप

प्यार के नाम पे दिया धोखा, स्टेशन से उठाकर किया गैंगरेप

एक जमाना था जब लोग अपनी माशूका के लिए मर मिटने को तैयार रहते थे, लेकिन आज के आशिक तो उसे रुसवा करने तक में गुरेज नहीं करते. कुछ ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में सामने आया है. 15 साल की एक छात्रा को रेलवे स्टेशन परिसर से अगवा करने के बाद सामूहिक दुराचार का मामला सामने आया है. छात्रा के पिता की शिकायत पर फौरी जांच के बाद शनिवार रात जीआरपी ने चार युवकों के खिलाफ गैंग रेप का केस दर्ज किया है. आरोपी युवकों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम भेजी गई है.

जबलपुर (मध्यप्रदेश) में बैंड पार्टी में काम करने वाला एक व्यक्ति 17 मई को परिवार समेत कुर्ला-पटना एक्सप्रेस से मिर्जापुर जिले स्थित पैतृक गांव जा रहा था. कक्षा आठ में पढ़ने वाली 15 वर्षीय बेटी भी उसके साथ थी. रात करीब सवा 12 ट्रेन इलाहाबाद जंक्शन पर रुकी तो लड़की बोतल में पानी भरने के लिए प्लेटफार्म पर उतरी, तो लौटी नहीं. काफी खोजबीन की गई पर उसका पता नहीं चला. छात्रा दो जून को अपने परिजनों के पास मिर्जापुर पहुंची. उसने बताया कि स्टेशन पर उसे चार युवक मिले जो झांसा देकर बाहर ले गए. फिर उसे मारुति वैन से दारागंज ले जाया गया. वहां चार-पांच दिन रखकर युवकों ने बलात्कार किया. शनिवार को छात्रा के साथ पिता ने जीआरपी थाने आकर चार युवकों के खिलाफ नामजद करते हुए अर्जी दी. उनके खिलाफ बलात्कार का केस लिखा गया.

जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों में विकास मिर्जापुर और संतोष बिंद हंडिया के भीटी का रहने वाला है. अभिषेक और गप्पू दारागंज के रहने वाले हैं. वे रायबरेली में किराए के कमरे में साथ रहकर पढ़ाई करते हैं. इन चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है. छात्रा का शनिवार रात पुलिस ने मेडिकल कराया.

पीड़िता के पिता ने बताया कि उसकी बेटी और पत्नी को पेट में दर्द की शिकायत रहती है. वह उन दोनों को लगभग हर माह जबलपुर से मिर्जापुर के अदलहाट इलाके में एक वैद्य के पास ले जाता रहा है. करीब डेढ़ साल पहले ट्रेन में ही मिर्जापुर का विकास केसरी मिला था. रायबरेली में रहकर पढ़ाई करने वाला विकास भी इलाहाबाद से ट्रेन में मिर्जापुर जा रहा था. विकास को भी पेट दर्द की शिकायत थी इसलिए वह भी अदलहाट में वैद्य के पास गया थ. धीरे-धीरे उसने लड़की से दोस्ती गांठ ली. फोन पर उससे बात करने लगे. पुलिस के मुताबिक छात्रा ने जबलपुर से आने से पहले विकास को बताया था कि वह मिर्जापुर आ रही है. विकास अपने दोस्तों के साथ वैन लेकर स्टेशन पहुंच गया था.

(प्रभात खबर)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.