/RTI ने खोली पोल: 12.75 करोड की फिजूलखर्ची

RTI ने खोली पोल: 12.75 करोड की फिजूलखर्ची

मुंबई. प्रदेश कर्ज में डूबता जा रहा है, लेकिन मंत्रियों को इसकी कतई परवाह नहीं लगती। उन्होंने मरम्मत के नाम पर अपने दफ्तर और बंगलों पर करोड़ों की फिजूलखर्ची की है। पिछले दो सालों में राज्य के 23 मंत्रियों ने सिर्फ बंगलों की मरम्मत पर 12.75 करोड़ रुपए खर्च कर डाले।

इनमें सबसे ज्यादा खर्च सहकारिता मंत्री हर्षवर्धन पाटील और विधानसभा अध्यक्ष दिलीप वलसे पाटील ने किया है। आरटीआई यानी सूचना अधिकार कार्यकर्ता चेतन कोठारी की मदद से इसका खुलासा हुआ है।

हर्षवर्धन पाटिल

राज्य के ये सभी 23 मंत्री महानगर के सबसे पॉश इलाके मलाबार हिल पर बने आलीशान सरकारी बंगलों में रहते हैं। केवल वरिष्ठ मंत्रियों को ही इन बंगलों में रहने का मौका मिलता है।

सहकारिता मंत्री व विस अध्यक्ष सबसे खर्चीले

सहकारिता मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने अपने बंगले की मरम्मत पर सबसे ज्यादा रुपया खर्च कराया है। आंकड़े बताते हैं कि सहकारिता मंत्री ने 2010-11 में अपने पर्णकुटी बंगले की मरम्मत पर 97.88 लाख और 2011-12 में 12.10 लाख यानी कुल मिलाकर 1.9 करोड़ रुपए खर्च कराए। दूसरे नंबर पर रहे विधानसभा अध्यक्ष, जिन्होंने दो सालों में कुल 1.5 करोड़ रुपए बंगले की मरम्मत पर खर्च कराए।

खेलमंत्री वल्वी ने किया सबसे कम खर्च

मरम्मत पर सबसे कम रकम खर्च करने वालों में खेल मंत्री पद्माकर वल्वी का नाम आता है। इन दो वर्षो में उन्होंने मात्र 9.89 लाख रुपए बंगले की रखरखाव पर खर्च कराए हैं। वहीं 2011-12 में उन्होंने बंगले की मरम्मत पर सरकार का एक रुपया भी खर्च नहीं कराया।

कहां कितना खर्च

नाम                         बंगले का नाम                खर्च रकम (लाख में)

मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण      वर्षा                                  40.10

उपमुख्यमंत्री अजित पवार        देवगिरी                              21.32

गृहमंत्री आरआर पाटील           चित्रकूट                              48.20

वनमंत्री पतंगराव कदम           अग्रदूत                                54.30

लोकनिर्माण मंत्री जयदत्त        क्षीरसागर सतपुडा                  92.74

कृषिमंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील         सागर                        40.25

जल संसाधन मंत्री सुनील तटकरे         मेघदूत                       98.55

राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात        सेवासदन                    26.23

उद्योग मंत्री नारायण राणो              ज्ञानेश्वरी                      80.20

सामाजिक न्याय मंत्री शिवाजीराव मोघे मुक्तागिरी                  78.60

23 मंत्रियों ने हर साल कराई बंगले की मरम्मत 

आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार पिछले दो सालों में इन 23 मंत्रियों ने हर साल अपने बंगले की मरम्मत कराई, जिस पर 12.75 करोड़ रुपए का खर्च आया। जबकि इस सूची में कुछ और मंत्रियों के नाम भी आते हैं।

मसलन अन्न व नागरिक आपूर्ति मंत्री अनिल देशमुख, ग्राम विकास मंत्री जयंत पाटील, स्कूली शिक्षा मंत्री राजेंद्र दर्डा, विधानपरिषद सभापति शिवाजीराव देशमुख और विधानपरिषद में पूर्व विपक्ष के नेता पांडुरंग फुंडकर, जिन्होंने पिछले वर्ष बंगले की मरम्मत नहीं कराकर सरकार के पैसों की कुछ बचत की।
(भास्कर)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.