/मैं ग्वेन की भूमिका मे हूँ – एम्मा स्टोन

मैं ग्वेन की भूमिका मे हूँ – एम्मा स्टोन

आने वाली फिल्म द अमेजिंग स्पाइडर-मैन मे स्पाइडर-मैन की प्रेमिका की भूमिका निभा रही अभिनेत्री एम्मा स्टोन का कहना है कि मेरी ग्वेन की भूमिका मे सब से यादगार पल वो था जब ग्वेन स्पाइडर-मैन के सहारे हवा मे झूल रही थी और बैकग्राउंड मे रोमांटिक संगीत बज रहा था. उस समय हवा मे झूलते हुए मुझे काफी डर लग रहा था कि कही मैं गिर न जाऊ लेकिन बैकग्राउंड मे बज रहा संगीत इतना मनमोहक था कि मैं यह सीन बड़े ही आसानी से कर गई. 

अपने किरदार के बारे मे विस्तार से बताते हुए एम्मा स्टोन का कहना है मेरा किरदार फिल्म मे एक सीधी-साधी लड़की का है जो अपना सारा ध्यान सिर्फ पढाई मे लगाती है. वह एक ऐसे परिवार से है जहाँ उसे हर वक्त अपने पिता के खोने का डर लगा रहता है, क्यों कि उस के पिता एक ईमानदार पुलिसवाले है. ऐसे मे उसे पार्कर का हर वक्त साथ मिलता रहता है. जिस वजह से उसे पिटर पार्कर से प्यार हो जाता है.

पूछने पर की क्या अब रिलीज से पहले घबराहट हो रही है? एम्मा ने बताया की हमने फिल्म को एक मिशन के तौर पर लिया अब मिशन पूरा हो चूका है और हमने अपना रोल अदा कर दिया है. अब जब फिल्म बन कर रिलीज होने वाली है तो मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को ये फिल्म जरुर पसंद आएगी.

सोनी पिक्चर की द अमेजिंग स्पाइडर-मैन ३डी मे अमरीका मे रिलीज होने के एक सप्ताह पहले भारत मे २९ जून को रिलीज हो रही है. जिसमे स्पाइडर-मैन के रूप मे दिखेंगे एंड्रयू गारफील्ड और उनकी रियल लाइफ प्रेमिका एम्मा स्टोन दिखेंगी स्पाइडर-मैन की प्रेमिका ग्वेन के किरदार में.

खलनायक की भूमिका मे नजर आयेंगे ब्रिटिश अभिनेता रेस इफंस और उनके बॉस की भूमिका में है हमारे अपने अभिनेता इरफ़ान खान. फिल्म का निर्देशन किया है रोमांटिक फिल्म (५००) डेस् ऑफ सम्मर के निदेशक मार्क वेब्ब ने. इस फिल्म के निर्माता है लौरा जिस्किन, अवि अरद और मैट टोल्मैक.

 

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.