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लीज पर होती हैं लड़कियां सप्लाई…

By   /  June 15, 2012  /  No Comments

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कारोबार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्राहक के मुंह मांगी रकम देकर अपनी पसंद का ‘सामान’ लेने की चाहत ने देह व्यापार में लगी कम उम्र की लड़कियों को एकमुश्त ‘लीज’ पर देह दलालों को सौंपकर बदले में मोटी रकम के लेनदेन का रहस्योद्घाटन हुआ है। जिले के फागी थानांतर्गत भोजपुरा गांव में तीन दिन पूर्व एक नट परिवार पर हुए जानलेवा हमले में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर कुछ को घायल कर देने की घटना की पड़ताल में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मृतक के इस घटना से सात दिन पहले मुंबई से ‘लीज मनी’ के 15 लाख रुपए लेकर आने के बाद भी लड़कियां सप्लाई नहीं किए जाने के कारण यह दुस्साहसिक वारदात घटित होने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल जयपुर ग्रामीण पुलिस की टीमें मुंबई-दिल्ली में कातिलों को सरगर्मी से तलाश रही है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि 11 जून की रात फागी थाना इलाके के भोजपुरा गांव में जिस तरह डकैतों ने कहर बरपाया उससे ऐसा लगता है कि डकैती डालने वाले बदमाशों को पता था कि घर में रकम कहां रखी हुई है। पुलिस के गहनता से मामले की पड़ताल में सामने आया कि जयपुर के आसपास रहने वाले नट परिवार, जो अपने पुश्तैनी देह व्यापार से जुड़े हुए हैं, वे अपनी लड़कियों को मुंबई, दिल्ली जैसे बड़े शहरों में दलाल के जरिए जिस्मफरोशी के लिए भेजते हैं। इसके लिए वे देह दलालों से लीज की आधी से ज्यादा रकम एडवांस ले रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें हर माह खास पैकेज के रूप में अच्छा-खासा खर्चा मेडिकल व्यय मिलता है। जानकार सूत्रों का कहना है कि जिस लड़की की    जितनी कम उम्र होगी उसकी उतनी ही ज्यादा रकम मिलती है और ज्यादा समय के लिए इन्हें काम धंधा मिलना आसान होता है। 18 से 25 वर्ष के बीच की उम्र की लड़कियां तीन साल के लिए लीज पर भेजी जाती हैं। रघुनाथ नट का पुत्र विजय (24) जिसकी डकैतों ने गोली मारकर हत्या की वह सात दिन पहले मुंबई से लीज के 15 लाख रुपए लेकर आया था। यह रकम जिस समय डाका पड़ा उस समय घर में ही रखी थी। पुलिस जांच में एक बात और सामने आई कि जिन दो लड़कियों की रकम विजय लेकर आया था उनका सौदा पहले दिल्ली के दलालों के साथ हुआ था और रघुनाथ नट ने इनकी एडवांड रकम ले ली थी। लेकिन जब मुंबई के दलालों ने ज्यादा रकम दे दी तो उसने इन युवतियों को उनके हवाले कर दिया। देह दलालों की आपसी प्रतिद्वंद्विता ही इस डकैती और हत्या का कारण तो नहीं है, इस आशंका से पुलिस इंकार नहीं कर रही है। जिस तरह डकैतों ने कहर बरपाया उससे मुंबई, दिल्ली से जुड़े बदमाशों पर निगाहें जमाए हुए हैं। पुलिस की एक टीम मुंबई रवाना की गई है, जो इन लड़कियों को लीज पर लेने वालों से गहनता से पूछताछ करके मामले का खुलासा करने का प्रयास करेगी।

जयपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अशोक नरूका बताते हैं कि इस मामले की जांच में सामने आया कि देह व्यापार करने वाले ये परिवार अपनी लड़कियों से देह व्यापार करवाने के लिए इन्हें मुंबई-दिल्ली के शहरों में बड़े दलालों के जरिए भेजकर मोटी रकम कमा रहे हैं। डकैती डालने वाले भी इसी से जुड़े होने की संभावना है।

(महानगर टाइम्स)

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  • Published: 5 years ago on June 15, 2012
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  • Last Modified: June 15, 2012 @ 12:22 am
  • Filed Under: अपराध

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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