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इलाज के नाम पर यौन शोषण करने वाला ढोंगी बाबा धरा गया…

By   /  June 17, 2012  /  6 Comments

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टोने टोटके से इलाज के नाम पर महिलाओं का यौन शोषण करने का एक मामला सामने आया है. नागपुर में एक ढोंगी बाबा शराफत खान सलामत खान ने एक युवती के साथ इलाज के नाम पर अश्लील हरकतें करनी शुरू कर दी तो इस छात्र ने विरोध किया और शोर मचा दिया. शोर सुन कर मौके पर परिजन जमा हो गए तथा सारा माजरा जान परिजन ढोंगी बाबा को पीटते हुए थाने ले ले गए. नंदनवन पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी बाबा को गिरफ्तार कर लिया है.

आरोपी ढोंगी बाबा शराफत खान सलामत खान (60) गांधीनगर निवासी है. शुक्रवार की रात करीब डेढ़ बजे के दौरान वह नंदनवन क्षेत्र में 19 वर्षीय छात्रा का इलाज कराने उसके घर में आया था. बताया  जा रहा है कि इलाज के वक्त बाबा ने छात्रा के परिजनों को दूसरे कमरे में भेज दिया था.

जबकि छात्रा को लेकर स्वयं दूसरे कमरे में बंद हुआ. वहां पर उसने इलाज की आड़ में छात्रा से छेड़छाड़ की. जब छात्रा ने उसकी हरकतों का विरोध किया, तब उसे मंत्रों से भस्म कर जान से मारने की धमकी दी. इस बीच छात्रा ने शोर मचाया, जिससे कुछ लोग जमा हुए.

छात्रा द्वारा छेड़छाड़ किए जाने की बात बताने पर परिजन व लोगों ने उसे थाने तक पीटते हुए उसकी बारात निकाली. इससे वहां पर कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा. छात्रा ने हाल ही में कक्षा 12वीं की परीक्षा पास की है. उसके पिता कॉटन मार्केट में सब्जी दलाल के पास काम करते हैं.

कहा जा रहा है कि एक दिन छात्रा की मां परिचित के साथ हसनबाग में गई थी. वहां पर बाबा ने उसकी पुत्री को बाबूभाई नामक व्यक्ति की छोटी बहन द्वारा जादूटोना किए जाने की बात कही थी. इससे छात्रा की मां डर गई और उसने पति को इसकी जानकारी दी. इसके बाद बाबा को घर में इलाज के लिए लाया गया था, जिसकी आड़ में उसने उक्त घिनौना कृत्य किया. घटना को देखते हुए संदेह है कि बाबा ने और भी कई महिलाओं के साथ उक्त कृत्य किया होगा. लेकिन बदनामी के डर से महिलाएं सामने आने से कतराती रही हैं और बाबा बचते रहा. रात में हुए वाकए से पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर ढोंगी बाबा शराफत खान को गिरफ्तार किया है. मामले की जांच जारी है.

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  • Published: 5 years ago on June 17, 2012
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  • Last Modified: June 17, 2012 @ 3:18 pm
  • Filed Under: अपराध

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

6 Comments

  1. Raman Sanyal says:

    kya hoga hmare india ka. aadha india pagal kr k rkh diya hai in dhongi sadhu santo ne…bccho in babo se…..dur hi rho.

  2. BABA LOG KE CHAKAR ME KABHI NA PADANA CHAYEE KYOKI YE LOG DHONGI HOTE HAI JISSE KI ACCHA ACCHA GHAR BAR TABAH HO JATA HAI.

  3. baba saja mialna chahiay and sabkoa sochana chahia kia baba etana kar sata hia toa apna jiandgia suadhar liya.

  4. Dr Shashikumar Hulkopkar says:

    If you go to any body with pretext on such so called karni, batha etc from any baba they will only give some vibhuti, or some thing to keep with you, i am in belive as ANY BODY CANNOT DO ANY HARMFUL THING< AS IT SAID " LAKH BURA CHAHO HOTA HAI MANJURE KHUDA HOTA HIAI"mthus they had chance to expolite the need ful on pretext of help, & exploitations vitmised WHO IS TO BE BLAMED ????

  5. Aftab Alam says:

    baba ka nak & kan kat dena hi behtar he.

  6. hmare log he murekh h une apne aap per bisbas nhi babba log to aaj kal dukan dari ker rhe h kese ne kha h dunea murkha the beda smjabe keda babba log to feda uthae ge he in cejo ka bad ma pta calta h jab sab kush lut jata h fer rote h or medea k pas jate h pehle ne socte j log.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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