/अपना घर कांड की वास्तविक रिपोर्ट नहीं दे रही हरियाणा सरकार: शांता सिन्हा

अपना घर कांड की वास्तविक रिपोर्ट नहीं दे रही हरियाणा सरकार: शांता सिन्हा

‘अपना घर’ यौन शोषण मामले में हरियाणा सरकार के ‘ढीलेढाले रवैए’ और ‘बेतुकी’ कार्रवाई रिपोर्ट पर राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग ने राज्य सरकार की खिंचाई करते हुए कड़ी निंदा की है.
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष शांता सिन्हा ने ‘अपना घर’ मामले के सिलसिले में पूर्ण सूचना मुहैया कराने में विफल रहने पर अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है और कहा कि अगर राज्य के अधिकारियों ने उपयुक्त कार्रवाई की रिपोर्ट पेश नहीं की तो उन्हें फिर सम्मन किया जाएगा। सिन्हा ने कहा, ‘मामले में वास्तविक कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने के लिए हमने सरकार को कई निर्देश जारी किए. सरकार ने केवल एक बार जवाब दिया और हमें जो रिपोर्ट दी वह आधी-अधूरी थी और इसमें हमने जो मुद्दे उठाए थे, उनका बामुश्किल ही कोई समाधान है. हम दूसरी बार राज्य के अधिकारियों को तलब करेंगे.’ एनसीपीसीआर की टीम ने नौ मई को अचानक छापे मारे थे जिसके बाद रोहतक स्थित अपना घर में यौन उत्पीडऩ और प्रताडऩा के मामले सामने आए थे और महिलाओं एवं बच्चों सहित करीब 120 बच्चों को बचाया था.

बचाए गए बच्चों के बयानों में हरियाणा के कई रसूखदार लोगों और पुलिस वालों द्वारा इन बच्चों के साथ बलात्कार करने में नाम आने और अपना घर की संचालिका जसवंती का नाम हरियाणा के मुख्यमंत्री हुड्डा के परिवार के साथ जुड़ने से हरियाणा सरकार हर हाल में इस मामले को हल्केपन से ले रही है.

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.