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हडकम्प मचा रसूखदारों में – मरवा सकते हैं जसवंती को..

By   /  June 21, 2012  /  6 Comments

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अपनी आन और बान की खातिर ऑनर किलिंग के लिए मशहूर हरियाणा के रसूखदार जसवंती के साथ उनका नाम जुड़ने के भय से जसवंती को मरवा सकते हैं. अपना घर बलात्कार कांड की मुखिया  जसवंती नरवाल ने पिछले दिनों  यह बयान दे कर नेताओं और आला अधिकारियों को परेशानी में डाल दिया है कि कोर्ट में सुनवाई के दौरान वह कई बड़े नामों का खुलासा करेगी जो “अपना घर” की सेवाओं का लाभ उठाते थे. जसवंती का दावा है कि ये सभी नेता और अफसर ‘अपना घर’ में अक्‍सर आते थे. जसवंती के इस बयान ने कई अधिकारीयों तथा रसूखदारों और नेताओं की नींद हराम कर दी है. हरियाणा के पिछले इतिहास को देखते हुए जानकारों को अंदेशा है कि हिरासत में चल रही जसवंती को कहीं मौत के घाट न उतार दिया जाये.
गौरतलब है कि हरियाणा ऐसी हरकतों के लिए कुख्यात है. जब भी किसी के व्यक्ति के कारण हरियाणा में किसी मुख्यमंत्री या बड़े राजनेता के फंसने कि नौबत आयी तो संकट का हल उस व्यक्ति का कत्ल कर निकाला  गया. किसी को गोली मारी गयी तो किसी को पत्थर बांध कर नहर में फेंक दिया गया.  यहाँ तक कि एक मामले में तो पुलिस से एनकाउन्टर कर मरवा दिया गया. अब ये दीगर बात है कि जिस पुलिस डीजीपी कि अगुवाई में ऐसा फर्जी एनकाउन्टर हुआ था उस डीजीपी को इस मामले में जेल की हवा खानी पड़ी.

ऐसे हालातों में सींखचों के पीछे बंद जसवंती को मरवा दिया जाना बहुत आसान सी बात है, कोई बड़ी बात नहीं. यदि दो चार दिन में खबर आये कि जसवंती ने अपनी बदनामी से निराश होकर दीवार से सर टकरा – टकरा कर जान दे दी या सींखचों में चुन्नी फंसा कर लटक गयी इत्यादि बहानों के साथ जसवंती की मौत की खबर कोई अजूबा नहीं होगी.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

6 Comments

  1. आप से निवेदन है की इस पेज को लाइक करें.
    http://facebook.com/AISWC

    दोस्तों ,
    सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं…..
    मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए……
    भरोसे की आंधी चलाये रखना।.
    मिलेगी मंजिल भ्रष्टाचार मिटाने की,
    अपने दिलो मे राष्ट्र-प्रेम समाय रखना।.

    ''असतो मा सद्गमय! मृत्योर्मा अमृतमगमय! तमसो मा ज्योतिर्गमय!''.

    गुरूर्ब्रम्हा गुरूर्विष्णु: गुरूर्देवो महेश्वर:।.
    गुरु: साच्छात् परब्रम्ह तस्मै श्री गुरवे नम: ।।.

  2. Punit Shukla says:

    Congress ke neta hi aage honge?

  3. Punit Shukla says:

    jasvanti ka bhi munh band kar bhanvari jaisa hal karenge yes neta log.

  4. Dr Shashikumar Hulkopkar says:

    It seen in past in such big cases of crime the high lel official / political leader are involved in such crimes . the exposure of them , can always victimised to life denger who had disclosed the secreets

  5. koi ajuba nahi kouki hamare yaha bhi asa hota haii

  6. Imran Rayeen says:

    he raj neta is tarha ki ghinoni harkat kar sakte he.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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