Loading...
You are here:  Home  >  दुनियां  >  देश  >  Current Article

मोरल पुलिसिंग के विरोध में शमिता ने उतारे कपडे..

By   /  June 27, 2012  /  3 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

‘मॉरल पुलिसिंग’ को लेकर आम मुंबईकर (मुंबई के निवासी) दो गुटों में बंटा दिख रहा है. जहां एक ओर कुछ लोग एसीपी वसंत ढोबले द्वारा चलाई गई मुहीम के समर्थन में हैं, वहीँ अन्य का मानना है कि मोरल पुलिसिंग के नाम पर उनके व्यक्तिगत जीवन और आजादी को नुकसान पहुंचाया जा रहा है.

गत रविवार को मुंबई में मोरल पुलिसिंग के समर्थन और विरोध में अलग-अलग जगहों पर रैलियां निकली गईं. जहां कार्टर रोड पर लगभग 200 लोगों ने तिरंगे और थर्मोकोल से बने हॉकी स्टिक के साथ शांति मार्च निकाला, वहीँ खार में ढोबले के समर्थन में ‘सिटीजंस फॉर बेटर मुंबई’ नाम से पुलिस कार्यवाही के समर्थन में रैली निकाली गई.

मोरल पोलिसिंग का विरोध करने वालों की मांग थी कि “पुराने कानूनों”, विशेष रूप से ‘बंबई पुलिस अधिनियम 1951’ में तत्काल संशोधन किया जाना चाहिए, क्योंकि इसी आधार पर लोगों का शोषण किया जा रहा है. जबकि दूसरे गुट का मानना है कि शहर में बढ़ रही अराजकता और अनैतिकता पर लगाम लगाने के लिए ढोबले जैसे लोगों की समाज को जरुरत है.

दक्षिण भारतीय सिने ऐक्ट्रेस शमिता शर्मा ने भी मोरल पुलिसिंग का विरोध किया है. उन्होंने शरीर के निजी अंगों को तिरंगे से ढंक कर एक फोटो शूट कराया है जिसका मकसद लोगों को मोरल पुलिसिंग के खिलाफ जागरूक करना है.

गौरतलब, है कि शमिता मोरल पुलिसिंग पर बन रही एक शॉर्ट फिल्म में भी काम कर रही हैं जिसके अगस्त में रिलीज होने की संभावना है.

(भास्कर)

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

3 Comments

  1. Amit Singh says:

    apne kapre utaar kar virodh nahi apni bejati aur sanskriti ki khilli udaa rahi hai motarma.

  2. Dr Shashikumar Hulkopkar says:

    MORALITY in service sector is on downwards trend in all sectors of GOVT, SEMI GOVT <& LOCAL BODIES , CORPORATIONS & this affecting work of interest of common public, prosperity/ development of financial status of normal living conditions etc
    Deep positive actions need of the time Just becoming haf necked is not the solution

  3. सब कुछ ठीक है मगर मोरल पुलिसिंग का इस तरह विरोध ठीक नहीं…
    ये तो पब्लिसिटी स्टंट ही माना जायेगा..

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

Manisa escort Tekirdağ escort Isparta escort Afyon escort Çanakkale escort Trabzon escort Van escort Yalova escort Kastamonu escort Kırklareli escort Burdur escort Aksaray escort Kars escort Manavgat escort Adıyaman escort Şanlıurfa escort Adana escort Adapazarı escort Afşin escort Adana mutlu son

You might also like...

विशाखापत्तनम में नाच रही है मौत..

Read More →
Eyyübiye escort Fatsa escort Kargı escort Karayazı escort Ereğli escort Şarkışla escort Gölyaka escort Pazar escort Kadirli escort Gediz escort Mazıdağı escort Erçiş escort Çınarcık escort Bornova escort Belek escort Ceyhan escort Kutahya mutlu son
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
WhatsApp chat
%d bloggers like this: