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जीएनएन से एस के राय की छुट्टी !

By   /  May 19, 2011  /  4 Comments

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अभी अभी मिली जानकारी के अनुसार जी एन एन से उसके मैनेजिंग एडिटर एस के राय को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है . सूत्रों के मुताबिक २० मई से चैनल को डिश टी वी पर  कम से कम अढाई घंटे का प्रसारण शुरू करना था लेकिन एस के राय बतौर मैनेजिंग एडिटर तैयारियां करने में असफल रहे. जिसके चलते चैनल के मैनेजमेंट की त्योरियां चढ़ गयीं और उनसे इस्तीफा मांग लिया गया . हालाँकि एस के राय ने मीडिया दरबार से बातचीत में कहा हैं कि ऐसा कुछ नहीं है.
लेकिन सूत्रों का कहना है कि उनकी विदाई कि खबर कर्मचारियों को दे दी गई है.

गौरतलब हैं कि अपकमिंग न्यूज़ चैनल जी एन एन न्यूज़ के कर्मचारियों में एस के राय के खिलाफ भरी असंतोष व्याप्त है जिसके चलते वरिष्ठ पत्रकार अतुल सिंघल ने संस्थान को गुडबाय कह कर न्यूज एक्सप्रेस का दामन थाम लिया है।

 

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

4 Comments

  1. Mohan says:

    दीपक जी, गोपियाँ तो कृष्ण की होती थी, रावण के साथ नहीं……..

  2. deepak says:

    शिव जी की बारात मे कई गोपियाँ भी है जगदीश भाई .

  3. jagdish says:

    haaa haaa ……… ab shivji ki barat ka kya hoga ?

  4. ajay says:

    भैया आपकी जानकारी अधूरी है . राय को बाहर का रास्ता दिखाया जा चूका है. मनेजमेंट को आखिर कब तक बेवक़ूफ़ बनाया जा सकता है.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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