/महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री फोजिया खान के यहां ठहरा था मुंबई हमले का आरोपी अबू जिंदाल……..

महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री फोजिया खान के यहां ठहरा था मुंबई हमले का आरोपी अबू जिंदाल……..

पाकिस्तान के साथ होने जा रही विदेश सचिव स्तर की बातचीत में भारत अबू जिंदाल के नए रहस्योद्घाटन के आधार पर मुंबई हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पाक पर दबाव बना सकता है। इधर ये सामने आया हें की अबू वर्ष 2009 में महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री फौजिया खान के आवास पर ठहरा था। उस वक्त वह पार्षद हुआ करती थीं। हालांकि फौजिया ने इस बात से इंकार किया है कि अबू उनके यहां ठहरा था। उन्होंने कहा कि मेरे सरकारी आवास पर बहुत से लोग ठहरते है। मेरे लिए एक-एक की विश्वसनीयता के बारे जानकारी रख पाना संभव नहीं है। जिंदाल महाराष्ट्र के बीड जिले का निवासी है। सऊदी अरब रवाना होने से पहले वह कुछ समय तक पाकिस्तान में रुका था। सऊदी अरब में वह शिक्षक के रूप में काम कर रहा था, और फोजिया खान भी बीड जिले से ही संबंध रखती है।

गृहमंत्रालय के मुताबिक जिंदाल ने पूछताछ में अपने जुर्म को कबूल कर लिया है। उसने जांच एजेंसियों के सामने कई दूसरे राज का भी खुलासा किया है। इस बीच हमजा की गिरफ्तारी पर अमेरिका ने कहा है कि वह मुंबई हमले में आरोपियों को सजा दिलवाने का पक्षधर है। अमेरिका ने भी 26/11 के एक प्रमुख साजिशकर्ता अबू जिंदाल हमजा की भारत में हुई गिरफ्तारी का स्वागत किया है। अमेरिका ने कहा है कि वह मुंबई हमले के साजिशकर्ताओं को न्याय दिलाने के भारतीय प्रयासों का समर्थन जारी रखेगा। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नूलैंड ने कहा कि इस हमले में अमेरिकी नागरिक भी मारे गए थे, इसलिए शुरुआत से ही इसके साजिशकर्ताओं को सजा दिलाने में अमेरिका की रुचि रही है। उन्होंने कहा कि हम चाहते है कि मुम्बई हमले के सभी साजिशकर्ताओं को न्याय मिले।
मुंबई हमले के साढ़े तीन साल बाद अबू जिंदाल की सऊदी अरब में पहचान और सफलतापूर्वक भारत लाने को सुरक्षा एजेंसियां बड़ी कामयाबी मान रही हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चूंकि जिंदाल खुद हमले के दौरान कराची स्थित वार रूम में मौजूद था। इसीलिए वह हमले की साजिश में ज्यादा विश्वसनीय जानकारी दे रहा है। दिल्ली पुलिस की पूछताछ के दौरान अबू ने स्वीकार किया है कि हमले के दौरान लश्कर-ए-तैयबा आतंकी जकीउर रहमान लखवी भी आतंकियों को निर्देश देने में शामिल था। वार रूम में जिन छह आतंकियों की मौजूदगी के बारे में जिंदाल ने जानकारी दी है, उनमें एक के आईएसआई के अधिकारी भी था।
इधर पाकिस्तान ने कहा है कि जिंदाल भारत का नागरिक है और आई एस आई का अबू जिंदाल हमजा से कोई सम्बन्ध नहीं है.
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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.