/नरेंद्र मोदी भी थे हमजा के निशाने पर, 8 मानव बम छुट्टे घूम रहे हैं भारत में…

नरेंद्र मोदी भी थे हमजा के निशाने पर, 8 मानव बम छुट्टे घूम रहे हैं भारत में…

26/11 के मुंबई हमले के आरोपी सैयद जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू हमजा के छिपने और उसकी गिरफ्तारी की कहानी जितनी दिलचस्‍प है, उसके इरादे उतने ही खौफनाक। दिल्‍ली पुलिस ने 25 जुलाई को उसकी गिरफ्तारी की बात सार्वजनिक की। लेकिन कहा जा रहा है कि उसे कुछ दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था और डीएनए टेस्‍ट कराने के बाद इस बारे में ऐलान किया गया। डीएनए टेस्‍ट उसकी पहचान पुख्‍ता करने के लिए जरूरी था। बताया जाता है कि अंसारी ने 26 नाम रख रखे थे। वह सऊदी अरब में रह रहा था और वहां से लौटने पर 21 जून को दिल्‍ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया।
ऐसी खबरें आ रही हैं कि मुंबई हमले में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद वह इस तरह का एक और हमला अंजाम देना चाहता था। उसके निशाने पर नरेंद्र मोदी भी थे। दरअसल, वह चर्चा में ही तभी आया था जब उसने मोदी की हत्‍या की साजिश रची थी। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि गिरफ्तारी से ठीक पहले जबीउद्दीन भारत में 26/11 से भी बड़े आतंकी हमले की तैयारी कर रहा था।
महाराष्ट्र एटीएस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके के 8 युवकों को जबीउद्दीन ने पाकिस्तान में आतंकी ट्रेनिंग दी थी। इन युवकों के बारे में बताया जा रहा है कि ये सभी भारत में हैं और 2008 के बाद भारत में हुए सभी धमाकों में इन 8 युवकों का हाथ है और इनके पीछे जबीउद्दीन का दिमाग काम कर रहा था। यह बात भी सामने आई है कि जबीउद्दीन ने बतौर इलेक्ट्रिशियन बीड के पुलिस के दफ्तरों समेत कई सरकारी इमारतों में काम किया है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल जबीउद्दीन से पूछताछ कर रही है। स्पेशल सेल के बाद एनआईए जबीउद्दीन से पूछताछ करेगी। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि पूछताछ के दौरान जबीउद्दीन ने माना है कि जब कराची के एयरपोर्ट और कैंटोनमेंट एरिया के बीच मौजूद कंट्रोल रूम में बैठकर मुंबई हमले को अंजाम देने वालों को निर्देश दिए जा रहे थे, तब पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का अधिकारी समीर अली भी उस कमरे में मौजूद थे।
इसके अलावा जबीउद्दीन ने यह भी माना है कि आईएसआई ने पाकिस्तान में उसके छुपने के लिए सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध करवाया था। यही नहीं, आईएसआई ने जबीउद्दीन को पाकिस्तानी पासपोर्ट भी दिया था, जिसे लेकर वह सऊदी अरब में रह रहा था। जबीउद्दीन ने कहा कि जब कसाब ने उसका नाम मुंबई हमले से जुड़े मुकदमे में लिया तो वह सऊदी अरब भाग गया।

जबीउद्दीन को हिरासत में लेने के लिए मुंबई पुलिस ने मंगलवार को तीज हजारी कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने इस मामले में दिल्ली पुलिस को 27 जून तक जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। मुंबई की एक अदालत ने जबीउद्दीन के मामले में प्रोडक्शन वॉरंट भी जारी कर दिया।

मुंबई क्राइम ब्रांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जबीउद्दीन को कसाब के सामने बैठाकर, दोनों से पूछताछ की जाएगी। मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम जबीउद्दीन से पूछताछ करने मंगलवार को दिल्ली आई। गौरतलब है कि मुंबई हमले को अंजाम देने वाले आतंकी कसाब ने अपने बयान में कहा था कि जबीउद्दीन ने अबू हमजा, अबू काफा और लखवी के साथ पाकिस्तान के समुद्र तट से 10 आतंकियों को विदा किया था।

इस बीच, जबीउद्दीन का परिवार बीड शहर में मौजूद मकान से भाग गया है। वहां, स्थानीय पुलिस के जवान तैनात हैं।

दूसरी तरफ, भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 4-5 जुलाई को विदेश सचिवों के बीच होने वाली बातचीत में जबीउद्दीन के खुलासों पर चर्चा की जा सकती है। वहीं, इस मुद्दे पर पाकिस्तान बैकफुट पर आ गया है। पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा है कि भारत ने जबीउद्दीन को लेकर सूचनाएं उसके साथ साझा नहीं की हैं।

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.