Loading...
You are here:  Home  >  अपराध  >  Current Article

पुलिस महानिरीक्षक पर यौन उत्पीडन का आरोप, पाक से मांगी शरण

By   /  July 7, 2012  /  1 Comment

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

हरियाणा पुलिस प्रशासन के लिए मुश्किलें खड़ी करने वाली यमुनानगर की  38 वर्षीया अरविंदर कौर  ने शुक्रवार को अटारी बार्डर पर अच्छा-खासा हंगामा खड़ा कर दिया। भारतीय कानून व्यवस्था से असंतुष्ट अरविंदर पाकिस्तान में राजनीतिक शरण लेने के लिए जा रही थी, मगर जरूरी दस्तावेज न होने के कारण उसे बार्डर पर ही रोक लिया गया और उसने वहीं पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू कर दिया।

अरविंदर कौर का कहना है कि उसके साथ नाइंसाफी हुई है और उसे कहीं भी इंसाफ नहीं मिला। भारत में उसकी जान को खतरा है। यहां कानून व्यवस्था, लोकतंत्र तथा इंसानियत सभी खत्म हो गए हैं। इसलिए वह पाकिस्तान में शरण लेना चाहती है। अब वह इस बात पर अड़ गई है कि जब तक उसे इंसाफ या फिर पाकिस्तान जाने का वीजा नहीं दिया जाता, वह यहीं रहेगी।

एलएलबी पास अरविंदर कौर की शादी 2001 में यमुनानगर में ही अजमेर के रहने वाले दलजीत सिंह से हुई थी। इसके बाद पति-पत्नी में दहेज को लेकर विवाद खड़ा हो गया। तदोपरांत मामला पुलिस में गया और काफी समय तक चलता रहा। इसके बाद अरविंदर कौर ने तत्कालीन एसएसपी महिंदर सिंह अहलावत (रिटा. आईजी) पर पैसे मांगने और फिर सेक्सुअल उत्पीड़न का आरोप लगाया।

मामला अदालत में गया और जब उससे पूछा गया कि उसके साथ बलात्कार हुआ या फिर कोशिश की गई तो उसने बलात्कार करने की कोशिश की बात कही और अहलावत को जमानत मिल गई। यही नहीं अरविंदर कौर ने चौटाला परिवार के लिए भी मुश्किलें खड़ी करने की कोशिश की। इस पर भी बेवजह आरोप-प्रत्यारोप के कारण कई मामले दर्ज हुए थे।

(भास्कर)

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email
  • Published: 5 years ago on July 7, 2012
  • By:
  • Last Modified: July 7, 2012 @ 4:20 am
  • Filed Under: अपराध

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. अरविंदर कौर हो सकता है सही बोल रही हों ….लेकिन राजनेतिक शरण पाकिस्तान से क्यों ..? ये तो आसमान से गिरे और खजूर पे अटके …कम से कम देश तो ढंग का चुनती……

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

पनामा के बाद पैराडाइज पेपर्स लीक..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: