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संकटमोचक रहे प्रणब मुखर्जी के संकट नहीं हो रहे कम…

By   /  July 8, 2012  /  2 Comments

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राष्ट्रपति पद के लिए युपीए के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. कांग्रेस के संकट मोचक रहे प्रणब मुखर्जी 13 जुलाई को मुंबई आने से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री राम जेठमलानी ने मुखर्जी के संकट बढ़ाते हुए उन पर कई आरोप लगाकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है.

राम जेठमलानी ने शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को चिट्ठी लिख कर एनडीए के उम्मीदवार पी. संगमा का समर्थन करने की अपील की है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री जेठमलानी ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी पर कई गंभीर आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि मुखर्जी राष्ट्रपति पद के लायक नहीं है. लिहाजा शिवसेना और सपा को एनडीए उम्मीदवार संगमा का समर्थन करना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने सभी दलों से राष्ट्रपति चुनाव में अंतरात्मा की आवाज पर मतदान करने का आह्वान किया है.

जेठमलानी का आरोप है कि इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री काल के दौरान जब देश में आपातकाल घोषित किया गया था, तब प्रणब मुखर्जी ने लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया था. उन्होंने कहा कि इंदिरा की उस सरकार में मुखर्जी मंत्री थे और संजय गांधी के सबसे करीबी माने जाते थे.

लिहाजा देश में आपातकाल लगाये जाने के लिए अब उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए. इसके साथ ही जेठमलानी ने आरोप लगाया है कि यूपीए सरकार में वित्त मंत्री की हैसियत से भी मुखर्जी ने देश की ‘ब्लैकमनी’ को वापस लाने की दिशा में कोई भी कड़े कदम नहीं उठाये हैं.

गौरतलब है कि 13 जुलाई को प्रणब मुखर्जी मुंबई आने वाले हैं. बताया जा रहा है कि वे इस दौरान शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे से मुलाकात करेंगे और समर्थन देने के लिए उनका शुक्रिया भी अदा करने वाले हैं. परंतु उनके मुंबई आने से पहले एनडीए की ओर से जेठमलानी ने उन पर हमला बोलकर महाराष्ट्र में भी राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी बढ़ा दी है.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. dear joa bha mar jansea mia joabhia galat hua joa bhia kiya uaskoa saja mialna chahia deas kiya sayha gadariya hia janta ka biaswas toada hia.

  2. sangma or parnab , klam teeno hi ek jaise hain
    hmare desh ka rashtrpati subrmanym ya lk advani ji ko hona chahiye

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