/गुवाहाटी मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, रिपोर्टर का इस्तीफ़ा..

गुवाहाटी मामले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, रिपोर्टर का इस्तीफ़ा..

गुवाहाटी में एक किशोरी को निर्वस्त्र कर उससे छेड़छाड़ किए जाने की घटना के मुख्य आरोपी अमरज्योति कालिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. सूत्रों के अनुसार, कालिता को भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन के बाहर से गिरफ्तार किया गया है. प्रशासन ने उस मिंट बार को भी बंद करवा दिया है, जिसके सामने लड़की से छेड़छाड़ हुई थी.
वहीं इस मामले में भीड़ को उकसाने के आरोपी टीवी पत्रकार ने भी इस्तीफा दे दिया है. हांलाकि ‘न्यूजलाइव’ के पत्रकार गौरव ज्योति ने इस आरोप का खंडन किया है कि उन्होंने भीड़ को उकसाया था. ज्योति ने बताया कि उन्होंने चैनल प्रबंधन से अनुरोध किया है कि जब तक उन्हें आरोपों से बरी नहीं कर दिया जाता तब तक कार्य से मुक्त किया जाए और कहा कि वह समझते हैं कि यह उनकी जिम्मेदारी है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष सुनवाई हो.
एक अन्य घटनाक्रम के तहत आज गुवाहाटी में सैंकड़ो लोगों ने लड़की से हुई छेड़छाड़ के विरोध में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की. उन्होंने न्यूज चैनल न्यूज लाईव पर भी प्रतिबंध लगाने की भी मांग की. इससे पहले पुलिस ने रविवार को दो और आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है . गिरफ्तार युवकों के नाम नबज्‍योति डेका और दिगोंतो बासू है. इससे पहले पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था.
इस मामले ने शनिवार को उस समय नया मोड़ ले लिया. टीम अन्ना के एक सदस्य की मानें तो इस घटना में यूथ कांग्रेस का नेता और एक पत्रकार भी शामिल है. टीम अन्ना के सदस्य अखिल गोगोई ने मीडिया के सामने छह अन्य वीडियो क्लिप पेश किए जिनमें स्थानीय पत्रकार गौरव ज्योति को इस मामले में संलिप्तता दिखाई गई है. गोगोई के मुताबिक इस पत्रकार ने मामले को भड़काने का काम किया.
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्यों ने शनिवार को यहां उस लड़की से मुलाकात की, जिसके साथ भीड़ ने बदसलूकी की थी. लड़की के घर पर हुई इस मुलाकात के बाद आयोग ने बताया कि वहशी भीड़ ने लड़की के शरीर को कई जगह सिगरेट से दागा भी था.
मालूम हो कि गत सोमवार की रात करीब 9.30 बजे व्यस्त जी.एस. रोड स्थित क्लब मिट नामक पब से 17 वर्षीय किशोरी एक अन्य लड़की के साथ निकली. वह ऑटोरिक्शा का इंतजार कर रही थी, तभी 11 लोगों ने उसे घेर लिया. दूसरी लड़की किसी तरह बच कर भागने में कामयाब हो गई.

(अमर उजाला)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.