/नरेन्द्र मोदी को फंसायेंगे फर्जी सेक्स स्कैंडल में…

नरेन्द्र मोदी को फंसायेंगे फर्जी सेक्स स्कैंडल में…

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की तेज रफ्तार बढती लोकप्रियता ने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का सुख चैन छीन लिया है. जिसके चलते इन कांग्रेस नेताओं ने मोदी की लोकप्रियता की हवा निकलने के लिए कमर कस ली है और जल्द ही एक फर्जी सेक्स सीडी के सहारे नरेन्द्र मोदी का सेक्स स्कैंडल (फर्जी) सामने आने वाला है. यह दावा किया है शिवसेना के मुखपत्र “दोपहर का सामना” ने.

शिवसेना के मुखपत्र “दोपहर का सामना” में `सेक्स सीडी मोदी की` शीर्षक से छपी खबर में दावा किया गया है कि कांग्रेस ने इसके लिए एक गोपनीय टास्क फोर्स का गठन किया है. इस टास्क फोर्स को मोदी की छवि को धूमिल करने के लिए एक फर्जी सेक्स सीडी बनाने की जिम्मेदारी दी गई है. इसके लिए तमिल फिल्म अभिनेत्री और पंजाबी मूल की एनडीए की एक ऑफिस कार्यकर्ता को शामिल किया गया है. इन दोनों को मोटी रकम दी गई है.

“दोपहर का सामना” के हिंदी संस्करण में लिखा गया है कि मोदी को विधानसभा चुनाव में हराने के लिए कांग्रेस ने एक सीक्रेट टास्क फोर्स का गठन किया है. यही टीम मोदी की फर्जी सेक्स सीडी बना रही है. अखबार ने कांग्रेस के गोपनीय सूत्रों के हवाले से कहा कि इस काम के लिए तमिल अभिनेत्री को मुंबई में फ्लैट भी दिया गया है. यह अभिनेत्री दो तमिल फिल्मों में मुख्य भूमिका निभा रही है. पंजाबी मूल की एक महिला को चंडीगढ़ में फ्लैट दिया गया है. ये दोनों महिलाएं शपथ पत्र देकर नरेंद्र मोदी के साथ अपने रिश्ते स्वीकार करेंगी. ये दोनों महिलाएं इस बात के लिए भी तैयार हैं कि उनकी तस्वीर का इस्तेमाल सीडी में किया जा सके.’
अखबार के मुताबिक, कांग्रेसी टास्क फोर्स ने पहले नरेंद्र मोदी से जुड़े सारे कागजात और प्रॉजेक्ट खंगाले लेकिन उसे कोई ऐसी चीज नहीं मिली जिससे मोदी को भ्रष्टाचार में घसीटा जाए. इसके बाद टास्क फोर्स ने फर्जी सेक्स सीडी बनाने का फैसला किया. अखबार ने यह भी बताया है कि टास्क फोर्सों और कुछ टीवी चैनलों के बीच इस फर्जी सेक्स सीडी को लेकर सौदेबाजी हो रही है. गुजरात में इसी साल नवंबर में विधानसभा चुनाव हैं. अखबार के मुताबिक मोदी को हराने के लिए कांग्रेस की नजर केशुभाई पटेल पर भी है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.