/कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाबा रामदेव पर पथराव किया…

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाबा रामदेव पर पथराव किया…

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के खिलाफ दिये गये कथित बयान को लेकर आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाबा रामदेव के काफिले को घेरकर पथराव किया, लेकिन इसमें बाबा को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ. पथराव में एक पुलिस उपनिरीक्षक अवश्य घायल हो गये.

बाबा रामदेव गुरुवार को एक निजी कालेज में भाग लेने के बाद जब वापस लौट रहे थे तभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को रोकने का प्रयास किया और पथराव किया. इस पथराव में बाबा को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन उपनिरीक्षक रवि डेहरिया घायल हो गये.

राजधानी के अयोध्या बाईपास पर पथराव की घटना के बाद बाबा रामदेव ने संवाददाताओं से कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज तो गुंडागर्दी की सारी हदें पार कर दीं. इस प्रकार की घटनाओं को यदि अनुमति दी गयी तो देश में अराजकता फैल जायेगी.

बाबा रामदेव ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ कुछ भी कहने से इंकार करते हुए कहा कि वह पिछले एक साल से उन्हें ठग करार देते हुए समुन्द्र में फेंक देने की बात कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने एक साल से उनका नाम भी नहीं लिया. जारी

सिंह को लेकर रायपुर में दिये गये बयान के बारे में पूछे जाने पर बाबा रामदेव ने कहा कि उन्होंने कुछ भी आपत्तिजनक नहीं कहा था. उन्होंने कहा, ‘मैंने यही कहा था कि सिंह के उलजलूल बयानों से उन्हें राजनीतिक तौर पर तो नुकसान हुआ ही है बल्कि पारिवारिक तौर पर भी नुकसान हुआ है.’ बाबा रामदेव ने कहा कि कभी यह नहीं कहा कि उनको किसी प्रकार का कैंसर हो बल्कि सहानुभूति पूर्वक यही सलाह दी थी कि वे अपने खुशहाल भविष्य के लिये इस तरह के बयान नहीं दें.

कांग्रेस पर लोकतंत्र में विश्वास नहीं करने का आरोप लगाते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को इस ओर ध्यान देना चाहिये.

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की हिंसक प्रवृत्ति गलत है और यदि उनके किसी भक्त ने पथराव कर दिया तो कांग्रेसी घर तक नहीं पहुंच पायेंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस दरअसल उनके नौ अगस्त के आंदोलन से घबरा गयी है और यही कारण हैं कि इस प्रकार की हरकतें की जा रहीं हैं.

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों रायपुर में बाबा रामदेव द्वारा सिंह के खिलाफ की गयी टिप्पणी को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने घोषणा की थी कि बाबा रामदेव को मध्यप्रदेश में घुसने नहीं दिया जायेगा. (एजेंसी)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.