/गुवाहाटी कांड का वीडियो रिकॉर्ड करने वाला पत्रकार गिरफ्तार, क्या अखिल गोगोई भी गिरफ्तार होगा?

गुवाहाटी कांड का वीडियो रिकॉर्ड करने वाला पत्रकार गिरफ्तार, क्या अखिल गोगोई भी गिरफ्तार होगा?

गुवाहाटी में लड़की के साथ बदसलूकी करने के मामले में घटना का लाइव विडियो रिकॉर्ड करने वाले कैमरामैन गौरव ज्योति को आज आसाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गौरव ज्योति पर टीम अन्ना के सदस्य अखिल गोगोई ने आरोप लगाया था कि इस कैमरामैन ने लड़कों के हुजूम को लड़की के कपडे उतारने के लिए उकसाया था. गौरव ज्योति को नवनियुक्त वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर भारतीय दंड संहिता की धारा 294, 509 और 34 के तहत गिरफ्तार किया गया है.

गौरतलब है कि गौरव ज्योति ने घटना का पूरा विडियो रिकॉर्ड कर लिया था, जो आसाम से प्रसारित न्यूज़ लाइव चैनल पर प्रसारित भी किया गया मगर आसाम पुलिस ने इस सबके बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया. इसके बाद गौरव ज्योति ने यह वीडियो यूट्यूब पर अपलोड कर दिया. यूट्यूब पर यह वीडियो आते ही सारी दुनिया में हंगामा मच गया.

भारत भर का मीडिया इस मामले पर गंभीरता से खबरें देने लगा तब जाकर गुवाहाटी पुलिस की नींद टूटी और गुनाहगारों को पकड़ने की कवायद शुरू हुई.

इससे पहले टीम अन्ना के सदस्य अखिल गोगोई भी शायद ताड़ी पीकर या अफीम की गोली खाकर सोये हुए थे. मगर जैसे ही यह मामला राष्ट्रीय कैनवास पर आया उसके अगले दिन अखिल गोगोई ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिये पूरे देश को बताया कि गौरव ज्योति नामक कैमरामैन ने भीड़ को उकसाया था और उसकी असल वीडियो रिकॉर्डिंग उनके पास है.

हालाँकि गौरव ज्योति ने तुरंत अखिल गोगोई के आरोप का खंडन भी कर दिया था और साथ साथ अपने संस्थान से इस्तीफ़ा भी दे दिया था ताकि मामले कि जाँच निष्पक्ष हो सके. इसके बाद उस चैनल के संपादक अतनु भुयोन ने भी गौरव ज्योति के समर्थन में अपना पद छोड़ दिया था. लेकिन तब तक मामला राजनैतिक रंग ले चुका था. यहाँ तक कि असम के मुख्यमंत्री भी राजनैतिक आरोपों के घेरे में फंसने लगे थे. ऐसे में कुछ अपराधी तो पकडे गए और कुछ आज तक फरार हैं मगर दो परिवारों के मुखिया बेरोजगार ही नहीं हुए बल्कि एक ऐसे शर्मनाक अपराध के आरोपी बन गए, जिससे उनका कोई रिश्ता ना होते हुए भी आजन्म रिश्ता जुड गया.

इस सब के बावजूद ना तो अखिल गोगोई वह वीडियो प्रस्तुत कर पाए हैं और ना ही अपनी उस कुम्भकरणी नींद जो मीडिया के लगातार चिल्लाने के कारण खुली, की वजह ही बता पायें हैं.

यहाँ सवाल ये भी है कि अखिल गोगोई जिस वीडियो की बात कर रहे हैं उसे रिकोर्ड करने वालों ने युवती को क्यों नहीं बचाया? क्या वोह भी सबूत एकत्र कर रहे थे? यदि वीडियो बनाने के लिए गौरव ज्योति अपराधी है तो अखिल गोगोई भी बराबर का अपराधी माना जाना चाहिए. अखिल गोगोई का अपराध तो ज्यादा बड़ा है. क्योंकि जब तक पूरे देश ने इस घटना की निंदा नहीं की अखिल गोगोई ने मामला छुपाये रखा.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.