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अब राजस्थान शर्मिंदा..अवैध संबंधों के शक में महिला को निर्वस्त्र किया….

By   /  July 23, 2012  /  3 Comments

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राजस्थान के उदयपुर जिले के सराड़ा क्षेत्र के कोलर गांव में रविवार को जातीय पंचायत का तालिबानी रवैया देखने को मिला है जहाँ संबंधों के शक में एक महिला और पुरुष को चार घंटे तक पेड़ से बांधकर रखा गया। दोनों के बाल काट दिए गए और महिला को सरेआम निर्वस्त्र कर दिया गया।

सूचना मिलने के बाद सराड़ा थानाधिकारी शिवप्रकाश टेलर जाब्ते के साथ पहुंचे तो उन्हें भी विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लाठियां भांजीं और बंदूक तानकर ग्रामीणों को तितर-बितर किया, लेकिन जैसे ही पीड़ितों को बंधन मुक्त कराकर जीप में बैठाया गया, ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया।

महिला और पुरुष को पुलिस जीप से उतारकर फिर पीटा गया। पुलिस अधिकारियों ने जैसे-तैसे ग्रामीणों से समझाइश कर दोनों को सराड़ा थाने पहुंचाया। देर रात तक ग्रामीणों और पुलिस अधिकारियों के बीच वार्ता जारी थी। जातीय पंचायत पुलिस के दखल का विरोध कर रही है। उनकी मांग है कि मामला जातीय पंचायत को ही निबटाने दिया जाए।

 

घटना उदयपुर से करीब 60 किमी दूर रविवार अलसुबह पाल सराड़ा के कराकोली फला निवासी प्रकाश तथा उसके पड़ोस में रहने वाली विवाहिता के साथ हुई। ये दोनों करीब पंद्रह दिन पहले घर से भाग गए थे। ग्रामीण ने इन्हें अपने स्तर पर तलाश कर खेरवाड़ा के पास पकड़ लिया था। इस तालिबानी घटना के बावजूद डीएसपी कैलाशदान जुगतावत व एसडीएम के अलावा अन्य कोई बड़े अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे।

उदयपुर एसपी हरिप्रसाद शर्मा ने बताया कि इस मामले में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पहला महिला को निर्वस्त्र करने का और दूसरा राजकाज में बाधा डालने का।  महिला के पति सहित 18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मौके पर पुलिस तैनात की गई है। उधर, उदयपुर के संभाग आयुक्त ने कहा कि वे दिल्ली में हैं। उन्होंने कहा कि महिला को निर्वस्त्र करना वाकई में बर्बरता है। उन्होंने घटना की रिपोर्ट मांगी है।

(भास्कर)

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

3 Comments

  1. des ka kanon kamjor hai

  2. ANJANA MALLA says:

    जननी जन्मभुमिस्चा स्वर्गादपि गरियाशी इशी संदर्भा मे हम यहाँ जननी मतलब माँ उनका आदर करो निरादर मत करो जैसे यहाँ संसार का भार बहन करतेहै वैसे ही माँ ,बहेना भी कृपा और भक्ति यावंग माया का वात्सलायता मई है उनका आदर नहीं कर सकते है तो बहुत दिन तक येह धरती उभर नहीं सखेगा त्राहिमाम त्राहिमाम , आपना बेटी का प्रेम और आदर समझो तब जानोगे आदर करना सीखो ,कमजोर माता समझो आखिर मे माँ काली ,माँ शक्ति ईश्रःटीय़ू मे ही बसती है ,समझो और समझा करो

  3. ONLY DOUGHT व/ओ प्रूफ शाल नोट लीड तो सुच events

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