/फोकस, हमार में सीबीआई और इनकम टैक्स की रेड

फोकस, हमार में सीबीआई और इनकम टैक्स की रेड

खबर है कि मतंग सिंह के फोकस तथा हमार  टीवी के कार्यालय पर इनकम टैक्स विभाग ने छापा मारा है। खबरों के मुताबिक सुबह छह बजे ही इनकम टैक्स व सीबीआई के करीब पंद्रह अधिकारियों और कुछ आईटी तकनीशियनों की टीम ने फोकस टीवी का नोएडा स्थित कार्यालय घेर लिया और सारी फाइलों व कंप्यूटरों की जांच शुरु कर दी।

मतंग सिंह अपने लंबे वनवास के बाद हाल ही में दोबारा कांग्रेस में शामिल किए गए हैं।

मीडिया दरबार ने इस बारे में जब फोकस टीवी की वाइस प्रेसिडेंट गार्गी बारदोलोई से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने सवाल सुनते ही फोन काट दिया।

गौरतलब है कि फोकस और हमार के सैकड़ों (मौजूदा व छोड़ चुके) कर्मचारियों ने अभी हाल ही में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास संस्थान में चल रही गड़बड़ियों की शिकायत का पुलिंदा भेजा था जो इस प्रकार है:

सेवा में ,

प्रधानमंत्री भारत सरकार ,

प्रधान मंत्री कार्यालय

7,आर सी आर  नई दिल्ली

विषय : फोकस टी वी (ए-29 -30 नोएडा सेक्टर 4 ) के घोर वित्तीय अनियमितता के बारे में

महोदय ,

निवेदन है की हम सभी प्रार्थीगण फोकस व हमार टेलिविजन (ए-29 -30  नॉएडा सेक्टर 4) में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे हैं. फोकस टीवी एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल है जिसकी शुरुआत साल 2008 में हुई थी. नियुक्ति के बाद हम सभी कर्मचारियों का वेतन नियमित तौर पर मिलता रहा और उस वेतन से कर्मचारी भविष्य निधि का पैसा भी कटता रहा. मार्च माह में सभी लोग जो आयकर के दायरे में आते थे उनका टैक्स भी काटा गया. इस मामले में पूछे जाने पर कर्मचारी भविष्य निधि विभाग ने बताया कि फोकस टीवी द्वारा ये रकम जमा नहीं की गई और आयकर भी जमा नहीं किया गया. यही वजह है कि फोकस टीवी ने  हमें आयकर जमा होने के बाद मिलने वाला फॉर्म १६ और आयकर रिटर्न नहीं दिया. फोकस टीवी की ओर से कर्मचारी भविष्य निधि विभाग में अंशदान के तौर पर हमसे लिया गया पैसा जमा नहीं किया गया. यह कंपनी फोकस टी वी एम ३ एम मीडिया प्राईवेट लिमिटेड के नाम से ७ सी डाक्टर्स लेन गोल मार्केट नई दिल्ली में पंजीकृत है. शायद कुछ माह  पूर्व इसका नाम बदल कर पॉजिटिव मीडिया ग्रुप कर दिया गया है .हम सभी लोगो ने कम्पनी के सीए नागेश वी पी गार्गी वरदालोई और सीएफओ समेत कई वरिष्ठ लोगो से आयकर का फॉर्म १६ (2009 -2010 ) देने की मांग की लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला.

फोकस टीवी में करीब 500 कर्मचारी हैं. फोकस टीवी प्रबंधन ईपीएफ में घोटाला  और आयकर की चोरी करके उनके मेहनत की कमाई गायब कर रहा है. आपसे प्रार्थना है कि हम सभी कर्मचारियों के साथ हुई धोखाधडी और फोकस टीवी में हो रही घोर वित्तीय अनियमितता की जांच की जाए. और इस मामले में त्वरित और कठोर कारवाई की जाए. हमारी प्रार्थना है कि कम्पनी के आय व्यय और सभी प्रकार के वित्तीय संव्यवहार की निष्पक्ष जाँच की जाए. हम यकीन है कि प्रबंधन की जानकारी में यहां वित्तीय स्तर पर बहुत बड़ा घोटाला किया जा रहा है. हमें जानकारी मिली है कि फोकस टीवी प्रबंधन अपने जाली कागजातों और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आईपीओ लाना चाहता है और कर्मचारियों के पैसे हड़पने के बाद आमलोगों से भी पैसा बनाना चाहता है.

इस   कंपनी  के  चेयरमैन मतंग सिंह पुराने कांग्रेसी नेता और नरसिम्हा राव सरकार में केन्द्रीय मंत्री रह चुके हैं. केन्द्र सरकार में मंत्री रहने की वजह से श्री मतंग सिंह अपने संबंध और प्रभाव  का फायदा उठाते हैं. बताया जाता है कि इनके रसूख की वजह से ही जांच एजेंसियां और संबंधित विभाग फोकस टीवी के वित्तीय घोटालो की जांच नहीं करते.अगर कोई कर्मचारी कहीं शिकायत करता है तो प्रबंधन की ओर से उसे धमकी दी जाती है. श्री मतंग सिंह और उनके करीबी खुलेआम कहते हैं कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उनकी सीट से ही चुनकर आए हैं और  कांगेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी से निकट संबंधों के कारण उनका कोई कुछ नहीं कर सकता . संक्षेप में फोकस टीवी प्रबंधन अपनी ताकत के बल पर कर्मचारियों को डराना चाहता है और उनकी मेहनत का करोड़ो रुपया हड़प लेना चाहता है.

             अत: आप से विनम्र अनुरोध है की इस —

  • वित्तीय अनियमितता का तुरंत सज्ञान लें
  • कंपनी के सभी खातो की जाँच कराई जाए
  • कंपनी के सभी वित्तीय संव्यवहार की जाँच हो
  • आयकर नहीं जमा करने के लिए फोकस टीवी पर कानूनी करवाई की जाये
  • कर्मचारी भविष्य निधि का पैसा नहीं जमा करने के लिए इन पर कानूनी करवाई की जाये
  • आईपीओ लाने के प्रबंधन की योजना की पूरी जांच हो
  • हम सभी कर्मचारीयो के ईपीएफ का बकाया पैसा  फोकस टीवी जमा कराये
  • कर्मचारीयो को 2009-2010 का फार्म १६ मिले
  • आयकर अधिकारियों जिनके उपर इस कंपनी का आयकर जमा करने का दायित्व था उन पर कठोर करवाई हो
  • भविष्य निधि समय पर जमा न करने वाले अधिकारियो पर कठोर करवाई की जाए

 

प्रेषित प्रति :

  1. सोनिया , यूपीए चेयरपर्सन
  2. पी. चिदम्बरम ,गृहमंत्री ,भारत सरकार
  3. प्रणब मुखर्जी ,वित्त मंत्री, भारत सरकार
  4. मुरली मोनाहर जोशी ,अध्यक्ष लोक लेखा समिति, संसद
  5. सुषमा स्वराज नेता, प्रतिपक्ष, लोक सभा
  6. नमो नारायण मीणा, वित्त राज्य मंत्री, भारत सरकार
  7. श्रम मंत्री भारत सरकार
  8. आयकर आयुक्त दिल्ली
  9. केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त  दिल्ली
  10. डायरेक्टर,  सेबी
  11. डायरेक्टर, डी आर आई हेडक्वार्टर
  12. प्रवर्तन निदेशालय                                          प्रेषक :-

                                     फोकस और हमार टी वी के कर्मचारी

                                              

 

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.