/क्रिकेट के नाम पर भारतीय जनता के साथ धोखा और लूट

क्रिकेट के नाम पर भारतीय जनता के साथ धोखा और लूट

-योगेश गर्ग||

रोमन देशो के कोलोजियम देखे है आपने ? जब भी जनता सिर उठाती थी , राजा को लगता था की अब जनता जन आन्दोलन पर उतर आयी है, जनता समझने लगी है शोषण का विरोध करने वाली है तभी जनता के मनोरंजन और ध्यान भटकाने के लिये खूनी लड़ाइयो वाले खेल शुरु कर दिये जाते थे , सांड और आदमियो और कैदियो को लड़ाया जाता था , जब तक वे मर ना जाये , और जनता सबकुछ भूलकर लड़ाईयो के खेल देखने में मगन हो जाती थी ,आज भी ये चाल बदली नही है बस इसे आजमाने वाले चेहरे बदल गये है । और खेल के तरीके बदल गये है जनता को अब भी मूर्ख बनाया जा रहा है, और जनता नशे में है। अब यही चाल चली जा रही है।

पाकिस्तान के साथ क्रिकेट कूटनीति का मतलब ?
ये सब राजनैतिक प्रंपच है , क्रिकेट के साथ मीडिया जुड़ा है और मीडिया से है प्रसिद्धी , और शोहरत का हर आदमी भूखा है , क्रिकेट से जुड़ी जन भावनाओ को वोट और नोट मे बदलने के लिये ,ये सारा प्रपच रचा गया है , जनता खुश होकर तमाशा देख रही है मीडिया मचाये रखती है क्रिकेट पर हल्ला , जन सामान्य के मुद्दे और जन आदोलन हाशिये पर चले जाते है । ,

विदेशी कम्पनियों कोक,पेप्सी, खेल कम्पनियो और कारपोरेट लाबी, के कारण जानबूझ कर मीडिया क्रिकेट को दिखाता है ,
चैनलो की विज्ञापनो से कमाई और विदेशी कम्पनियो से दलाली से कमाई होती है।

देश के दूसरे खेलो की बर्बादी का कारण ये है कि क्रिकेट मैच दिन भर या पांच दिन तक चलता है , भरपूर विज्ञापन भरपूर पैसा, ये खेल सट्टेबाजी के भी अनुकूल है ,
अन्य खेलो का एक मैच ज्यादा से ज्यादा 2घंटे में निपट जाता है ।
आप समझ गये होगे कि मीडिया अन्य खेलो का प्रचार क्यो नही करता ।

जानिये BCCI की हकीकत क्या है ॥

BCCI की ताकत का अन्दाजा इससे लगाया जा सकता है कि राजीव शुक्ला , काग्रेस सांसद व संसदीय कार्य मंत्री, अरुण जेटली -नेता प्रतिपक्ष भाजपा, शरद पंवार- केन्द्रीय कृषि मंत्री( BCCI और ICC के पूर्व अध्यक्ष सही 6 केन्द्रीय मत्री जुड़े है ।

आई पी एल देश मे …………
* इस बार अरबो रुपये का कालाधन लगा, सट्टेबाजी हुई आई पी एल में कोई जांच नहीं हुई । सट्टेबाज पकड़े गये लेकिन बड़े खिलाड़ी और क्रिकेट के मठाधीश नही पकड़े गये ।
रक्षा सौदो का दलाल अभिषेक वर्मा भी शामिल था लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई ।

* ड्र्ग्स , रेव पार्टी , मैच फिक्सिग , चीयर लीडर के यौन शोषण पर कोई जांच हुई ।

* फ्रेचाइजी ने कितनी रकम BCCI को देकर टीम खरीदी और ये पैसा कहा से आया ? कौई नही जानता । बेनामी कालाधन लगा है ।

* पिछले 2 आई पी एल में भ्रष्टाचार के मामलो में ललित मोदी फरार है , लन्दन में रह रहा है , उसको पकड़ने के लिये इटरपोल की मदद नही ली गई ,देश की कोर्ट सम्मन दे रही है और वो वहां मजे कर रहा है ।

* अब तक फेमा , हवाला, कस्टम , आयकार मामलो के के कुल 1767नोटिस आई पी एल को दिये जा चुके है , कोई कार्यवाही नही हुई है ?
* विदेशो के टेक्स हैवन देशो से कालाधन क्रिकेट मे लगा है , जिसे सफेद बना लिया गया , सरकार नोटिस पे नोटिस लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई है ।
* दाऊद का काला पैसा लगता है क्रिकेट में इसी बात का खुलासा वरिष्ठ पत्रकार ज्योतिर्मय डे ने किया तो उनकी हत्या कर दी गई।

अब आप समझ गये होगे कि पाकिस्तान से क्रिकेट क्यो खेला जा रहा है ?
इन सब कारनामो पर पर्दा डालने के लिये ताकि जनता क्रिकेट में लिपटी देश भक्ति में सब कुछ भूल जाये ।
इसे कहते है क्रिकेट की कूटनीति जिससे आम जनता को मूर्ख बनाया जा रहा है और आप बन रहे है ।
इन सब में खेल बदनाम हो रहा है क्रिकेट , जिसे BCCI ने व्यापार बना दिया ।

इस देश की जनता क्रिकेट , धर्म , और जाति की अफीम खाकर बैठी है जिसे होश मे लाना बहुत कठिन है.

(योगेश गर्ग के फेसबुक पेज से)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.