/हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटालाः पुलिस उपाधीक्षक ने पर्यवेक्षण रिपोर्ट में हिन्दुस्तान के छापाखाना और संपादकीय कार्यालय का ब्यौरा पेश किया

हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटालाः पुलिस उपाधीक्षक ने पर्यवेक्षण रिपोर्ट में हिन्दुस्तान के छापाखाना और संपादकीय कार्यालय का ब्यौरा पेश किया

-श्रीकृष्ण प्रसाद||

मुंगेर, 25जुलाई । विश्व के सनसनीखेज दैनिक हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटाले में पुलिस अधीक्षक पी0 कन्नन के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक अरूण कुमार पंचालर की ओर से समर्पित ‘पर्यवेक्षण-टिप्पणी‘ में 200 करोड़ के सरकारी विज्ञापन घोटाले में शामिल नामजद अभियुक्तों के भागलपुर और मुंगेर मुख्यालय स्थित घटनास्थलों क्रमशः प्रिंटिंग प्रेस,संपादकीय कार्यालय, व्यापारिक कार्यालय, मुंगेर कार्यालय, कम्प्यूटर कक्ष, प्रिंटिंग प्रेस की मशीन आदि का पूर्ण ब्यौरा पेश किया गया है ।

‘पर्यवेक्षण-टिप्पणी‘ में आरक्षी उपाधीक्षक ने प्रथम घटनास्थल के रूप में भागलपुर स्थित दैनिक हिन्दुस्तान के प्रिंटिंग प्रेस, प्रिंटिंग प्रेस की मशीन, संपादकीय कार्यालय और व्यापारिक कार्यालय को माना है और उसका पूर्ण विवरण ‘प्रथम घटनास्थल‘ के रूपमें पेश किया है और लिखा है कि –‘‘इस कांड का प्रथम घटनास्थल भागलपुर जिला के विश्वविद्यालय थानान्तर्गत परबत्ती मोहल्ला में धोबिया काली चौक के निकट स्थित दैनिक हिन्दुस्तान का कार्यालय है जिसका मुख्य निकास उत्तर रूख का एन0एच0 -80 पर है । उत्तर रूख में दो लोहे का ग्रील का गेट बड़ा साईज का लगा हुआ है । अन्दर जाने पर प्लास्टर का आंगणनुमा है , उसके बाद तीन मंजिला भवन है जिसे उजले रंग से व्हाईट वाश किया हुआ है । उक्त भवन के सबसे नीचे में प्रेस की मशीन लगी हुई है जिसमें छपाई का कार्य किया जाता है । उसके उपर द्वितीय तल्ले पर फ्रेंचाईजी का कार्यालय एवं स्टोर रूम है एवंतीसरे तल्ले पर एडिटोरियल एवं कामर्शियल कार्यालय है । इसी कार्यालय पर वादी द्वारा घटनाकारित किये जाने की बात बतायी गयी है । घटनास्थल के उत्तर में एन0एच0-80 पक्की रोड, जो पूरब की ओर भागलपुर स्टेशन एवं पश्चिम की ओर नाथनगर की ओर जाती है तथा रोड के पार विश्वविद्यालय व छात्रावास स्थित है तथा पश्चिम में पक्की सड़क व धोबिया काली स्थान मंदिर स्थित है । घटनास्थल पर इसके अतिरिक्त अन्य कोई उल्लेखनीय बात नहीं पायी गयी ।

‘पर्यवेक्षण-टिप्पणी‘ में आरक्षी उपाधीक्षक ने इस विज्ञापन घोटाले के द्वितीय घटनास्थल के रूपमें दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर मुख्यालय स्थित हिन्दुस्तान कार्यालय को माना है और द्वितीय घटनास्थल का पूर्ण व्योरा पेश किया है और कहा है कि –‘‘इस कांड का द्वितीय घटनास्थल कोतवाली थानान्तर्गत बेकापुर स्थित दैनिक हिन्दुस्तान का कार्यालय है जो बेकापुर में सुषमा देवी भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित है । इस भवन के सबसे उपर में मकान मालिक हेमन्त सिंह । सुषमा देवी के पुत्र। स्वयं रहते हैं । हिन्दुस्तान कार्यालय के ठीक नीचे एंगल ब्रोकिंग शेयर एजेन्सी का कार्यालय तथा भवन के सबसे निचले हिस्से में न्यू एकता ज्वेलर्स व ब्यूटी फैशन की दुकान है । हिन्दुस्तान कार्यालय में सीढ़ी, जो इस भवन के पश्चिम की तरफ गली में है, को चढ़ने के बाद तीन कमरे हैं ।सीढ़ी चढ़ने के ठीक बाद दाहिनी तरफ कम्प्यूटर कक्ष, उससे सटे पूरब की ओर सरकुलेशन रूम एवं सरकुलेशन रूम से सटे बांए व सीढ़ी के ठीक सामने एडिटिंग -रूम है । इस भवन के पूरब में अम्बिका श्रृंगार एवंगिफ्ट व जेनरल स्टोर है ।पश्चिम में गली के बाद डा0 डी0एस0 बनर्जी का क्लिनिक, उत्तर में परती जमीन तथा दक्षिण में मुख्य सड़क, जो पी0एन0 बी0 चौक से जुबली वेल तक जाती है तथा सड़क के बाद निवास भवन स्थित है ।घटनास्थल पर इसके अतिरिक्त अन्य कोई उल्लेखनीय बात नहीं पायी गयी ।

‘‘पर्यवेक्षण-टिप्पणी‘‘ के पृष्ठ-02 में आरक्षी उपाधीक्षक ने अभियोजन साक्ष्य के रूप में कांड के सूचक मंटू शर्मा, पे0 स्व0 गणेश शर्मा, सा0‘ पुरानीगज, थाना- कासिम बाजार, जिला-मुंगेर, का वयान उद्धृत किया है । आरक्षी उपाधीक्षक ने ‘अभियोजन -साक्ष्य‘ को पेश करते हुए लिखा है कि –‘‘इस कांड के वादी मंटू शर्मा, पे0 स्व0 गणेश शर्मा, सा0- पुरानीगंज, थाना- कासिम बाजार, जिला-मुंगेर का वयान लिया गया । उन्होंने अपने वयान में प्राथमिकी एवं घटना का पूर्णरूपेण समर्थन करते हुए आगे बताया है कि वे एक समाजसेवी हैं । इस कांड के अभियुक्तगण देश के एक बड़े मीडिया हाउस मेसर्स हिन्दुस्तान टाइम्स लिमिटेड, जिसे बाद में बदलकर मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड किया गया है, के संपादकीय बोर्ड एवं प्रबंधन के अधिकारी से संपादकीय निदेशक तक जुड़े हुए हैं ।प्राथमिक अभियुक्त शोभना भरतिया, अध्यक्ष, हिन्दुस्तान प्रकाशन समूह ।दी हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड। ,प्रधान कार्यालय-18-20,कस्तुरवा गांधी मार्ग, नई दिल्ली के द्वारा संचालित इस कंपनी के द्वारा देश के विभिन्न भागों से हिन्दी और देवनागरी लिपि में ‘हिन्दुस्तान‘ शीर्षक से दैनिक समाचार पत्रों को प्रकाशित किया जा रहा है ।

सभी अभियुक्तों के विरूद्ध प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित:

मुंगेर पुलिस ने कोतवाली कांड संख्या-445/2011 में सभी नामजद अभियुक्त ।1। शोभना भरतिया,अध्यक्ष, दी हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड,नई दिल्ली,।2।शशि शेखर,प्रधान संपादक,दैनिक हिन्दुस्तान,नई दिल्ली, ।3। अकु श्रीवास्तव, कार्यकारी संपादक,हिन्दुस्तान,पटना संस्करण,।4। बिनोद बंधु, स्थानीय संपादक, हिन्दुस्तान,भागलपुर संस्करण,और ।5। अमित चोपड़ा, मुद्रक एवं प्रकाशक,मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड,नई दिल्ली, के वि
रूद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराएं 420/471/476 और प्रेस एण्ड रजिस्ट्र्ेशन आफ बुक्स एक्ट,1867 की धाराएं 8।बी0।, 14 एवं 15 के तहत लगाए गए सभी आरोपों को अनुसंधान और पर्यवेक्षण में ‘सत्य‘ घोषित कर दिया है ।

सांसदों से इस विज्ञापन घोटाले को संसद में उठाने की अपीलः देश के माननीय सांसदों से इस विज्ञापन घोटाले को आगामी संसद सत्र में उठाने की अपील की गई है ।देश की आजादी के बाद यह पहला मौका है कि माननीय सांसद देश के कोरपोरेट मीडिया के अरबों-खरबों के सरकारी विज्ञापन घोटाले को ससबूत सदन के पटल पर रख सकेंगें ।अबतक अखबार ही देश के भ्रष्टाचारियों को अपने अखबारों में नंगा करता आ रहा है । अब माननीय सांसद भी आर्थिक अपराध में डूबे शक्तिशाली मीडिया हाउस के सरकारी विज्ञापन घोटाले को संसद में पेश कर आर्थिक भ्रष्टाचारियों को नंगा कर सकेंगें ।

श्रीकृष्ण प्रसाद

गिरफतारी का आदेश और आरोप-पत्र समर्पित होना बांकी है:

विश्व के इस सनसनीखेज हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटाले में पुलिस अधीक्षक के स्तर से पर्यवेक्षण रिपोर्ट -02 जारी होने के बाद अब कानूनतः इस कांड में सभी नामजद अभियुक्तों के विरूद्ध गिरफतारी का आदेश और आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित करने की प्रक्रिया शेष रह गई है ।देखना है कि मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के नेतृत्व में बिहार में आर्थिक अपराधियों के विरूद्ध चले रहे युद्ध में सरकार कब तक इस मामले में गिरफतारी का आदेश और आरोप-पत्र न्यायालय में समर्पित करने का आदेश मुंगेर पुलिस को देती है ?

दैनिक जागरण भी सरकारी विज्ञापन घोटाले में शामिलः

बिहार में दैनिक जागरण भी दैनिक हिन्दुस्तान की तर्ज पर बिहार में बिना निबंधन का अखबार प्रत्येक जिले से बदले हुए फारमेट में स्थानीय समाचारों की प्रमुखता के साथ मुद्रित,प्रकाशित और वितरित कर भागलपुर और मुजफफरपुर संस्करणों के नाम से अवैध ढंग से सरकारी विज्ञापन लम्बे समय से प्राप्त करता आ रहा है और करोड़ों-अरबों में सरकारी राजस्व को चूना लगाता आ रहा है ।

मुंगेर से श्रीकृष्ण प्रसाद की रिपोर्ट, मोबाइल नं0-09470400813

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.