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पदक का खाता खोला गगन ने..

By   /  July 30, 2012  /  No Comments

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लंदन ओलंपिक खेलों में भारत ने पदक तालिका में अपना खाता खोल लिया है. निशानेबाज गगन नारंग ने ओलंपिक में भारत को पहला कांस्य पदक दिलाया है.उन्होंने ये पदक 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में जीता.

नारंग ने 598 स्कोर किया. वह दुनिया के नंबर एक निशानेबाज इटली के निकोलो काम्प्रियानी और रोमानिया के मेल्डोवीनू एलिन जार्ज के बाद तीसरे स्थान पर रहे. इन दोनों ने 599 के ओलिंपिक रिकार्ड की बराबरी की.

दूसरी ओर नारंग ने लगातार दो सीरिज में 100 स्कोर किया. तीसरी सीरिज में उनका स्कोर 98 रहा. उसने अपना संयम नहीं खोया और चौथी सीरिज में 100 स्कोर करने के बाद आखिरी दो सीरिज में भी परफेक्ट स्कोर किया.

दो बार के विश्व रिकार्डधारी नारंग ने दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल 2010 में चार स्वर्ण और ग्वांग्झू एशियाई खेलों में दो रजत पदक जीते थे. वह मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेल 2006 में भी चार पीले तमगे जीत चुके है.

इससे पहले अभिनव बिंद्रा को इस वर्ग में निराशा हाथ लगी थी.बिंद्रा 10 मीटर एयर राइफल से प्रतियोगिता से बाहर हो गए थे.

2012 लंदन आलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई करने वाले नारंग पहले भारतीय खिलाड़ी थे.

गगन नारंग को पिछले साल भारत के सबसे बड़े खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित किया गया था.

 

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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