/एक दिन बाद नार्दर्न ग्रिड दुबारा फ़ैल, ईस्टर्न ग्रिड का भी बेडा गर्क…इक्कीस राज्यों में बिजली गुल!

एक दिन बाद नार्दर्न ग्रिड दुबारा फ़ैल, ईस्टर्न ग्रिड का भी बेडा गर्क…इक्कीस राज्यों में बिजली गुल!

एक दिन पहले नार्दर्न ग्रिड फेल होने के संकट से देश पूरी तरह उबर नहीं पाया था कि आज नार्दर्न के साथ-साथ ईस्टर्न ग्रिड भी फेल हो गया है. इस संकट के चलते देश के 21 राज्यों में पावर सप्लाई ठप्प पड़ गई है.

ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि राज्यों द्वारा बिजली की अत्यधिक खपत के चलते यह संकट खड़ा हुआ है. हालांकि उन्होंने एक से दो घंटे के भीतर स्थिति के सामान्य होने का आश्वासन दिया है. उत्तर भारत के अलावा आज बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम, के अलावा कई राज्यों को बिजली के संकट का सामना करना पड़ रहा है. पूर्वोत्तर में कई जगह 250 ट्रेनें फंसी हैं तो दिल्ली के पास करीब 150 ट्रेनों के फंसे होने की खबर है. दिल्ली में मेट्रो सेवा पूरी तरह से ठप्प पड़ गई है.

आज पहले उत्तरी ग्रिड के फेल हो जाने से राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में बिजली गुल हो गई. बिजली गुल होने के वजह से दिल्ली मेट्रो सेवा ठप्प्प हो गई है. सीएनजी स्टेशन बंद है. सभी सरकारी गैर सरकारी संस्थानों में भी काम ठप्प हो गया. उत्तरी ग्रिड के बाद ईस्टर्न ग्रिड भी फेल हो गई. इस वजह से पूर्व और पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली की सप्लाई ठप्प पड़ गई है. ट्रेनें पटरियों पर खड़ी रह गई हैं. पश्चिम बंगाल में भी ट्रेन सेवाएं फेल हैं और कोलकाता में भी बिजली चली गई है. बिहार में बिजली चली गई है.

राजधानी दिल्ली की हालत सोमवार से भी बदतर रही. दिल्ली के सबसे बड़े अस्पताल एम्स में भी बिजली की सप्लाई ठप्प है. मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. दिल्ली करीब हरियाणा, नोएडा गाजियाबाद की भी सप्लाई बंद है.

दिल्ली के अपने सारे पावर प्लांट भी ठप्प हो गए और दिल्ली को मात्र 38 मेगावाट बिजली सप्लाई हो रही है. उत्तरी ग्रिड के फेल होने के कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है. सोमवार को तो बदरपुर थर्मल पावर स्टेशन से बिजली मिल रही थी, लेकिन मंगलवार को बदरपुर थर्मल पावर स्टेशन ने भी साथ नहीं दिया.

सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर गड़बड़ी के कारण ऐसा हुआ है. हालांकि पावर ग्रिड विभाग का कहना है कि दो-तीन घंटे के भीतर फिर से बिजली की बहाली हो जाएगी.

हालांकि इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि आखिर क्यों एक दिन के अंतराल में फिर से नार्दर्न ग्रिड फेल हो गई.

गौरतलब है कि सोमवार को राजधानी समेत आठ राज्यों में नार्दर्न ग्रिड के फेल हो जाने से बत्ती गुल रही. जिससे मेट्रो व रेल सेवा भी बुरी तरह से प्रभावित हुई थी. लोगों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ा था.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.