- आलोक पुराणिक|| उन्होने मुझसे पूछा कि क्या मेरा आईक्यू उनकी बातों को समझने का लेवल का है। मैंने कहा-आपकी बातें सुनकर मेरा आईक्यू बढ़ ही जाना है। उन्होने कहा-जा तू कसाब हो जा। मैं तेरी तुलना कसाब से करता हूं। मैंने आपत्ति जाहिर की-ये क्या बदतमीजी है। मैं कसाब क्यों हो जाऊं। उन्होने बताया-अबे [...]
Written by: admin on November 8, 2012.
November 8, 2012 /
No Comment /
Read More

-आलोक पुराणिक|| डिस्क्लेमर-इस व्यंग्य लेख का हाल के मंत्रिमंडल फेरबदल से कोई लेना-देना नहीं है। घंटूजी, मंटूजी, टंटूजी गये। मुन्नूजी, गुन्नूजी, चुन्नूजी आ गये। ओके, चुन्नूजी आ गये हैं, तो क्या करेंगे। अजी वही करेंगे, जो टंटूजी कर रहे थे। ओके, पर टंटूजी कुछ कर कहां रहे थे, सिर्फ टंटा फैला रहे थे। तो क्या [...]
Written by: admin on October 30, 2012.
October 30, 2012 |
Filed under राजनीति,व्यंग्य |
Read More

-आलोक पुराणिक|| खबर है कि झारखंड गिरिडीह में बेवकूफ होटल खूब चल रहे हैं. एक कारोबारी ने होटल खोला, नहीं चला. उसने नाम बदलकर कर दिया बेवकूफ होटल, कारोबार दौड़ने लगा. अब वहां बेवकूफ नंबर टू, महाबेवकूफ जैसे साइनबोर्ड सफलता से चमकते दिखते हैं. क्या पता, कुछ दिनों बाद ये बेवकूफ समूह टूरिस्ट पाइंट बन [...]
Written by: admin on October 16, 2012.
October 16, 2012 |
Filed under व्यंग्य |
Read More

-आलोक पुराणिक|| डेंगू मचा हुआ है. एनबीटी ने अपनी रिपोर्टों में बताया है कि फॉगिंग यानी दवा के छिड़काव से डेंगू के मच्छरों पर कोई खास असर ना पड़ता. ये साइकॉलजिकल ट्रीटमेंट है, मच्छरों का नहीं, पब्लिक का. पब्लिक बहल जाती है. धुआं सा उड़ता है, फॉगिंग से कई बार लगता है जैसे कोहरे से [...]
Written by: admin on October 13, 2012.
October 13, 2012 |
Filed under व्यंग्य |
Read More

2 अक्टूबर को कौन पैदा हुआ था, इसे बता पाना मुश्किल है लेकिन 11 अक्टूबर को कौन पैदा हुआ था बताना बड़ा आसान है। ऐसा क्यों…..? यह सब मीडिया/प्रचार माध्यमों का कमाल है। 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी (बापू) और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी पैदा हुए थे, और 11 अक्टूबर को बिग [...]
Written by: admin on October 10, 2012.
October 10, 2012 |
Filed under व्यंग्य |
Read More

- कुमार रजनीश|| चौकिये मत! यह कोई वयस्कों की समस्याओं का समाधान या इलाज़ करने वाली क्लिनिक या दुकान का नाम नहीं है. मैं भी जब यह पहली बार उस रिक्शेवाले भैया से इसके बारे में सुना था तो चौक गया था. दरअसल बात यह है कि कल शाम जब मैं ऑफिस से घर लौट [...]
Written by: kumarajnish on September 16, 2012.
September 16, 2012 |
Filed under इधर उधर की,व्यंग्य,समाज |
Read More

-आलोक पुराणिक|| 2004-05 से 2010-11 कांग्रेस को मिले बतौर आय 2008 करोड़ रुपये, बीजेपी को मिले 994 करोड़ रुपये, बीएसपी को 484 करोड़ रुपये और तो और पूंजीवाद की धुर विरोधी पार्टी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी को भी 417 करोड़ रुपये मिले। डिमॉक्रेसी के घाट पे बरसे नोट अनेक, ज्यादा धरे कांग्रेस ने सीपीएम को मिले [...]
Written by: admin on September 13, 2012.
September 13, 2012 |
Filed under व्यंग्य |
Read More

-दिलीप सिकरवार|| आओ, आप सबको सुनाते हैं एक लाचार पीएम की कहानी. इसमें ना कोई राजा है ना कोई रानी. एक है बड़ा ज्ञानी-ध्यानी. इसमें ‘मन के हारे जीत है, मन के हारे हार.’ कॉमन मैन का मन अजीब होता है परन्तु अपने मन का मन कौन जाने! वो तो मन ही मन कुछ कहता [...]
Written by: admin on September 5, 2012.
September 5, 2012 |
Filed under व्यंग्य |
Read More

-दिलीप सिकरवार|| साहब हमने एक गलती क्या कर ली, पूरा मोहल्ला हमे घूरने लगा। जबकि यह त्रुटि उन्हीं मोहल्लेवालों की शेखी बघारने के कारण हुई। उनकी बडी-बडी बातों मे आकर हमने अपना खाने-पीने तक से समझौता करना पडा। कारण, जो तुर्रा उन्होंने हमारे दिमाग मे डाला, उससे हम तो विचलित हुए ही धर्मपत्नी उछल पडी। [...]
Written by: admin on July 25, 2012.
July 25, 2012 |
Filed under व्यंग्य |
Read More

-दिलीप सिकरवार|| शिव मामाजी प्रणाम। आप तो कुशल होंगे ही क्योंकि आप सूबे के मुखिया जो ठहरे। उस पर आपके उपर ईश्वर मेहरबान है सो अलग। लक्ष्मी जी का अपार आशीर्वाद आप पर है ही। आप कम आय मे कैसे जिया जाता है शायद भूल गये होंगे। अब आपसे क्या कहूं? आपने हमारे जन्म लेने [...]
Written by: admin on July 12, 2012.
July 12, 2012 |
Filed under व्यंग्य |
Read More