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केयर्न रिफायनरी से हो रहा है अरबों का क्रुड आयल चोरी.. केयर्न रिफायनरी से हो रहा है अरबों का क्रुड आयल चोरी..(0)

बाड़मेर केयर्न में अरबों रुपयो के तेल की चोरी टैंकर ठेकेदारो द्वारा, बाड़मेर में ही स्थापित है तेल शोधक.. चोरी के तेल को खुले आम बेच रहे हैं ये ठेकेदार..  केयर्न बेखबर..

-चन्दनसिंह भाटी||

बाड़मेर रेगिस्तानी धरा में तेल खोजने में कामयाब रही केयर्न इंडिया को उनके ही ठेकेदार अब तक अरबो रुपयो का चुना लगा चुके है मगर केयर्न को इसकी भनक तक नहीं. तेल चोरी के के इस बाड़मेर जिले के कई सफ़ेद पॉश शामिल है मजे की बात है यह सबी सफेदपोश केयर्न इंडिया के अधिकृत ठेकेदार है.

इन सफेदपोशो का दुःसाहस ही है की चोरी के तेल को साफ़ करने के लिए तेज शोधक का मिनी प्लांट बाड़मेर मुख्यालय पर ही स्थापित कर दिया जिसमे क्रूड आयल को साफ़ कर खुले बाज़ार में सस्ते दामो में बेचा जा रहा है

बाड़मेर न्यूज़ ट्रैक ने पुरे घटना क्रम को बारीकी से देखने के बाद इसका खुलासा करने का निर्णय लिया
कैसे होता है क्रूड आयल चोरी

बाड़मेर के एम पी टी नागाणा में केयर्न का सबसे बड़ा तेल कुआ मंगला स्थापित है , इसी कुए से गुजरात के सलाया तक लाइन के जरिये तेल शोधक कारखाने पहुँचाने का काम होता है ,

केयर्न के अन्य तेल कुए भाडखा ,नगर ,गुड़ा , आडेल आदि स्थानो पर हैं , इन कुओ का तेल टैंकरों के जरिये मंगला तक पहुँचाया जाता है , टैंकर उपलब्ध कराने का ठेका गुजरात के गांधीधाम के अग्रवाल रोडलाइन और बाड़मेर के इन आर रोडलाइन को दे रखा है. यह ठेकेदार केयर्न को टैंकर उपलब्ध कराते है।
क्रूड तेल की चोरी का खेल

बाड़मेर के विभिन स्थानो पर स्थित केयर्न के तेल कुओ से करीब सौ से डेढ़ सौ तेल टैंकर प्रतिदिन भरे जाते है. जिसमे केयर्न के भाडखा के समीप स्थित भाग्यम आयल फील्ड से करीब अस्सी टैंकर प्रतिदिन भरे जाते है जिन्है मंगला नागाणा एम पी टी में खाली करना होता है। वहीँ, गुड़ा नगर क्षेत्र से भी सरस्वती रागेश्वरी सहित अन्य कुओं से भी इतने ही टैंकर भरे जाते है , टैंकरों की उपलब्धता का काम गांधीधाम गुजरात की ट्रांसपोर्ट अग्रवाल रोडलाइन और दूसरी बाड़मेर के लोकल फर्म को दे रखा है।

भाग्यम से भरे टैंकर भाडखा भीमड़ा रोड पर तेल के बड़े बड़े तीन स्टोरेज चोरी से बनाये हुए जिन्है बाड़मेर के एक व्यापारी द्वारा दो स्टोरेज औए एक स्टोरेज गुजरात के एक संचालित किया जा रहा है।

इन व्यापारियों की केयर्न के मंगला आयल फील्ड के अधिकारी वर्ग से पूरी तरह सांठ गाँठ कर प्रति  टैंकर बीस हज़ार लीटर क्रूड आयल में से करीब पन्द्रह हज़ार लीटर क्रूड आयल इन निजी स्टोरेज में खाली होता है. इन्है प्रति टैंकर ढाई से तीन लाख रुपये देने की पुख्ता जानकारी मिली. इसी तरह गुड़ा नगर से आने वाले टैंकर बाड़मेर धोरीमन्ना हाई रोड पर स्थित खेत सिंह की प्याऊ के आस पास बने निजी तेल स्टोरेज में खाली होते है
यह तेल स्टोरेज भी बाड़मेर के ही एक व्यापारी का है ,

करोडो के तेल की चोरी प्रतिदिन

केयर्न की साइट से रात को करीब आठ बजे टैंकर भर कर जाते हैं, जो निजी स्टोरेज में करीब रात दस बजे के बाद खाली होते है. यह गोरख धंधा रात भर चलता है ताकि किसी को भनक ना लगे. सुबह तीन चार बजे तक यहाँ केयर्न के टैंकर खाली होते है ,इन टेंकरों के चालकों को इसके लिए अतिरिक्त पैसा मिलता है जो प्रति टैंकर पांच से दस हज़ार रुपये होता है. एक दिन में चारो स्थानो पर करीब डेढ़ सौ टैंकरों से तेल चोरी किया जाता है.

तेल रिफाइन के लिए मिनी प्लांट की स्थापना

बाड़मेर के व्यापारी द्वारा चोरी के तेल खरीदे जाने के बाद उसे बाड़मेर में रिफाइन करने के लिए रिफाइन का मिनी प्लांट स्थापित किया गया है. यह प्लांट बाड़मेर डिगडा रोड पर होना बताया जा रहा है. पहले इस प्लांट में तेल साफ होता था. बाद में इसे बाज़ार की दर से कम कीमत में फैक्टरियों और क्रेशरो सहित कई स्थानो पर आपूर्ति की जाती थी।

बेखबर केयर्न

इस तेल के खेल की भनक केयर्न को नहीं थी. इस क्रूड आयल चोरी से बेखबर केयर्न निश्चिन्त थी कि उनकी कंपनी के सबसे ईमानदार व्यक्ति की देख रेख में तेल आपूर्ति का काम हो रहा था. मगर ईमानदारी की आड़ में प्रतिदिन करोडो रुपयो के क्रूड आयल की हेरा फेरी की जा रही है.

केयर्न घटना से हतप्रभ जांच शुरू

केयर्न को जब इस गोरख धंधे की जानकारी मिली तो सहसा उन्हैं विश्वास नहीं हुआ मगर प्रारंभिक जांच में ही इस क्रूड तेल चोरी का मामला बड़े सामने आना शुरू हुआ तो कंपनी नेस्थनीय पुलिस के साथ मिल कर पुरे मामले की तह तक पहुँचने का प्रयास कर रही है.

टैंकर पकड़े जाने के बाद तेल चोरी फिलहाल रोकी
गत दिनों सिणधरी पुलिस ने करीब पैंसठ हज़ार लीटर क्रूड आयल से भरे टैंकर पकडे. यह वाकया लगभग एक साथ हुआ. इस टैंकर के पकडे जाने के बाद क्रूड  चोरी में जुटे व्यापारियों ने मामला ठंडा होने तक तेल चोरी का काम रोक दिया। वाही नगर क्षेत्र में बीच रस्ते में टेंकर खाली करे जाने की पुख्ता जानकारी मिली है

केयर्न का बयान

केयर्न के डी जी एम कॉर्पोरेट कम्मुनिकेशन अयोध्या प्रसाद गौड़ ने बताया की इस मामले की जानकारी मिली है पुलिस के साथ मिल कर हम पुरे मामले की तह तक पहुँचने का प्रयास कर रहै है ,इसमे दोषी पाये जाने वालो के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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बाड़मेर स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़झाला, एक पद और दो तनख्वाह का खुला खेल.. बाड़मेर स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़झाला, एक पद और दो तनख्वाह का खुला खेल..(1)

-चंदनसिंह भाटी||
बाड़मेर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग बाड़मेर में लम्बे समय से भ्रष्टाचार की जड़ें गहराती जा रही है. विभाग की हर शाखा में भ्रष्टाचार का बोलबाला है. एक सनसनीखेज मामला सामने आया कि विभाग के कुछ कार्मिक एक पद के विरुद्ध दो मानदेय का भुगतान उठा रहे हैं. मुख्य चिकित्सा अधिकारी जान कर भी अनजान बने है.

विभागीय सूत्रानुसार तेल गैस की खोज में लगी केयर्न इंडिया कंपनी द्वारा विभाग में महत्वपूर्ण योजनाए संचालित की जा रही है. जिसमे एक राजीव गांधी मोबाइल यूनिट और एन डी एस योजना. इन योजनाओ में क्रमश चौबीस और सत्तर कार्मिक अनुबंध पर लगे है, जिनका भुगतान केयर्न द्वारा एक स्वयं सेवी संस्था के माध्यम से किया जाता है. इस संस्था का खाता इंडियन ओवरसीज बैंक में खुला हुआ है. इन योजनाओ में दो समन्वयक के पद पर नियुक्तियां संस्था के माध्यम से की गयी थी. मगर एन आर एच एम् विभाग के अनुबंधित कार्मिको ने षड्यंत्र रच दो समन्वयको को पद से हटा उनके स्थान पर दो जी एन एम् लगा दी. दो समन्वयको का मानदेय कार्मिको ने अपने नाम दर्ज करा लिया. विभाग द्वारा संस्था के माध्यम से दो समन्वयको का मानदेय भुगतान अपने नाम से उठाने लगे. इन कार्मिको का मानदेय इंडियन ओवरसीज बैंक राय कोलोनी में श्री सुजेश्वर सेवा संस्था के खाते में विभाग से जमा होता है. मज़े की बात यह है कि यह भुगतान खुद चिकित्सा अधिकारी पास करते है. लगभग पिछले एक साल से यह गोरख धंधा कार्मिको द्वारा किया जा रहा है.

इस मामले में सनसनीखेज खुलासा यह हुआ कि परियोजना संचालित करने वाली संस्था इन्ही कार्मिको की वरदहस्त वाली है. विभागीय सूत्रानुसार इन दो परियोजनाओ में लगे अनुवंधित कार्मिको को संस्था द्वारा मानदेय का पंद्रह फीसदी कटौती कर के बेंक में जमा कराया जाता है. जबकि विभागीय कार्मिको का पूरा मानदेय बीस हज़ार और दस हज़ार जमा कराये जा रहै हैं.

सूत्रों ने बताया कि परियोजनाओ में कार्मिको के नाम फर्जी नियुक्तिया भी दर्शाई गयी है, जबकि इन पदों पर कभी नियुक्तिया ही नहीं की गयी. विभाग में एन आर एच एम् में नियुक्त अनुबंधित कार्मिक जिसके पास डी पी एम् का अतिरिक्त पदभार है अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर एन आर एच एम् और केयर्न से दोहरा मानदेय उठा सरकारी नियमो को धत्ता वता रहै हैं.

एन आर एच एम् के भ्रष्टाचार के मामलो की जांच के लिए जयपुर से अब तक चार टीमे बाड़मेर आ चुकी है. आश्चर्य जनक तथ्य है कि जांच दलों को विभाग द्वारा दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराये जा रहे हैं. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है कि की विभाग ने संबंधितो से किसी प्रकार के दस्तावेज़ लिए ही नहीं.

लम्बे समय से चल रहे इस भ्रष्टाचार की आड़ में विभागीय कार्मिको की चांदी हो राखी है .सरकारी मानदेय के साथ कंपनियों द्वारा दिया जाने वाली राशी भी इनके द्वारा हडपी जा रही हैं.

इस मामले में केयर्न इंडिया के डी जी एम् कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन अयोध्या प्रसाद गौड़ ने बताया की उन्हैं इस मामले की जानकारी मिली थी इसकी तथ्यात्मक समुक्षा उच्च स्तर पर की जाएगी .यदि ऐसा है तो गलत है.

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हनुमानगढ में डेढ साल की बच्ची से दुष्कर्म, 28 दिन में आजीवन कारावास.. हनुमानगढ में डेढ साल की बच्ची से दुष्कर्म, 28 दिन में आजीवन कारावास..

-जग मोहन ठाकन||
चूरू,२५ सितम्बर. हनुमानगढ टाउन कस्बे में 26 अगस्त को डेढ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने पर सैशन न्यायालय हनुमानगढ द्वारा आरोपी को 28 दिन के भीतर आजीवन कारावास और जुर्माने से दण्डित किया गया है.

अतिरिक्त महानिदेशक अपराध शाखा श्री अजीत सिंह ने प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि परिवादी ने उपस्थित थाना होकर बताया कि मेरी डेढ साल की पुत्री के साथ गुरमेज उर्फ फौजी ने गलत काम कर लिया है. उपरोक्त प्रकरण की जॉच एससी/एसटी एक्ट महिला पुलिस थाना हनुमानगढ में दर्ज कर तफतीश श्री बच्चनसिंह पुलिस उप अधीक्षक एससी/एसटी सैल हनुमानगढ द्वारा शुरू की गई.

अतिरिक्त महानिदेशक ने बताया कि प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा पूर्ण तत्परता के साथ तीन दिन के भीतर अन्वेषण पूर्ण कर मुल्जिम गुरमेजसिंह उर्फ फौजी को गिरफ्तार कर चार्जशीट दिनांक 29.08.2014 को न्यायालय में पेश की गईं. अनुसंधान से मुलजिम गुरमेजसिंह उर्फ फौजी के विरूद्घ एससी/एसटी एक्ट प्रमाणित पाये गये. जिला पुलिस अधीक्षक, हनुमानगढ श्री शरद कविराज ने प्रकरण की सवेदनशीलता एवं गम्भीरता को देखते हुए प्रकरण को केस ऑफिसर स्कीम के तहत लिया जाकर थानाधिकारी महिला थाना श्री देवानन्द पुलिस निरीक्षक को केस ऑफिसर नियुक्त किया गया एंव केस ऑफिसर के द्वारा न्यायालय से दिन प्रतिदिन सुनवाई हेतु निवेदन किया जिस पर प्रकरण दर्ज होने के महज 28 दिन में 24 सितम्बर, 2014 को सेशन न्यायालय हनुमानगढ द्वारा निर्णय दिया गया जिसमें प्रकरण के आरोपी अभियुक्त गुरमेज सिंह उर्फ फौजी को धारा 363 भादस मे तीन साल का कठोर कारावास एंव 2000 रूपये का जुर्माना, 366 भादस मे पांच साल का कठोर कारावास एंव 4000 रुपये का जुर्माना, 376 (2) (1) भादस व धारा 5 (ड) सपठित धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम में दोषी मानते हुये आजीवन कारावास अभियुक्त के शेष प्राकृतिक जीवन तक एंव 25 हजार रुपये के जुर्माना, धारा 3 (2) अनुजाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में आजीवन कारावास से दण्डित किया गया.

अतिरिक्त महानिदेशक अजीत सिंह ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिये है कि इस प्रकार के गम्भीर प्रकरणों का अतिशीघ्र निस्तारण किया जाये. ताकि जनता को समय पर न्याय मिल सके.

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दो लाख रुपये ले लो और गर्भ गिरा दो.. दो लाख रुपये ले लो और गर्भ गिरा दो..

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के काटी क्षेत्र में पंचायत ने ऐसा तालिबानी फरमान सुनाया है, जिसे सुनकर आपके पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी. काटी क्षेत्र के गांव शुभंकरपुर में पंचायत ने दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग बच्ची के गर्भ की कीमत दो लाख रुपये लगाई है. पंचायत ने 23 सितंबर को पीड़िता के परिवार से कहा कि 2 लाख रुपए ले लो और अपनी बेटी का गर्भपात करा दो. इस फैसले के बाद पीड़िता के परिजन आक्रोशित हैं.

गौरतलब है कि पिछले 25 मई को गांव की 13 साल की बच्ची को अरुण नाम के युवक ने अपनी हवस का शिकार बनाया और आरोपी ने बच्ची को धमकी भी दी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो वह उसे बर्बाद कर देगा. दुष्कर्म के कुछ समय बाद ही बच्ची का गर्भ ठहर गया. बच्ची के घरवाले थाने गए लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया.

हालांकि पुलिस का कहना है कि उन्हें कोई आवेदन नहीं मिला है. इसके बाद मामले पर पंचायत बैठी और 2 लाख लेकर गर्भपात कराने का फरमान जारी किया गया.

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दाऊद पर दांव … दाऊद पर दांव …(1)

-तारकेश कुमार ओझा||
…दाऊद के दिन पूरे … अब नहीं बच पाएगा डान और उसकी डी. कंपनी , खुफिया एजेंसियों की है पैनी नजर… , रिश्तेदारों पर भी रखी जा रही नजर…. एक राष्ट्रीय चैनल पर दिखाया जा रहा इस आशय का विशेष समाचार पता नहीं क्यों मुझे अच्छा नहीं लगा. एक तरह से यह एक और बचकानी हरकत थी, जिससे कुख्यात डी . कंपनी को बचने का एक और मौका मिल सकता था. क्योंकि सवाल एक अंतर राष्ट्रीय अपराधी का था. मन में सवाल उठा कि यदि सचमुच देश की खुफिया एजेंसियां दाऊद को पकड़ने की कोशिश कर भी रही हो, तो क्या इस तरह की खबरों का प्रसारण उनका खेल नहीं बिगाड़ देगा.

बेशक इस समाचार को दिखाए जाने से कुछ घंटे पहले देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अक्लमंद को इशाऱा काफी है… जैसा कुछ बयान दिया था. जिससे लगने लगा कि शायद सरकार डी. कंपनी के काफी करीब पहुंच चुकी है. लेकिन एेसे दावे तो पहले भी हुए हैं. लेकिन दाऊद बड़े आराम से पाकिस्तान में पूरे कुनबे के साथ एेश की जिंदगी बिताता रहा. बेटे – बेटियों की शादियां करवाता रहा. बालीवुड में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपनी कथित आपराधिक जिंदगी का महिमामंडन करवाता रहा. लेकिन सरकार उसे पकड़ना तो दूर कभी एेसी कोशिश करती भी नजर नहीं आई.

सुना है कि यूपीए -2 सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम दौर में दाऊद को पकड़ कर जनता में अपनी छवि सुधारना चाहती थी. लेकिन एेसा नहीं हो सका. पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे इस पर बड़बोलापन जरूर दिखाते रहे. शिंदे के बड़बोलेपन के दौरान भी मुझे लगा था कि यदि खुफियां एजेंसियां सचमुच उसे पकड़ने की कोशिश करे भी तो एेसे बयान उनकी कोशिशों पर पानी फेर देगी. दाऊद जैसे अंतर राष्ट्रीय अपराधी के मामले में सरकार ही नहीं मीडिया को भी काफी सूझ – बूझ का परिचय देना चाहिए. क्योंकि एक सामान्य अपराधी को भी यदि भनक लग जाए कि उसके खिलाफ कहीं कुछ हो रहा है तो वह तुरंत अपने बिल में घुसने में देर नहीं लगाता. दाऊद तो फिर अंतर राष्ट्रीय स्तर का अपराधी और मानवता का दुश्मन है. जिसे पाकिस्तान समेत कई देशों का समर्थन हासिल है.

साधारणतः पेशेवर अपराधियों को सिर्फ अपनी सुरक्षा और स्वार्थ से मतलब होता है. लेकिन दाऊद एेसा अपराधी है जिसने उस देश को लहुलूहान करने से भी गुरेज नहीं किया, जहां उसने जन्म लिया. देशद्गोहियों के साथ मिल कर अपने देश के बेकसूर लोगों की जानें लेने में वह पिछले दो दशकों से बढ़ – चढ़ कर हिस्सा लेता आ रहा है. यह भी समझना होगा कि दाऊद को एक राष्ट्र का संरक्षण हासिल है. दुनिया के कई देशों में उसके शुभचिंतक है. अब बुढ़ापे में उसकी गिरफ्तारी भी रपट पड़े तो हर – हर गंगे… वाली कहावत को ही चरितार्थ करेगी, फिर भी उस पर शिकंजा कसने से जुड़ी गतिविधियों के मामले में हर किसी को विवेक का परिचय देना होगा. देश में श्रेय लेने की भोंडी होड़ ने इस मानवता के दुश्मन को कानून के शिकंजे से बचने में पहले भी सहायता प्रदान की है. लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि समाज का हर वर्ग अब इससे बचने का संकल्प लेगा.

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बीस ट्रेनी जजों ने की थी लड़की से बदतमीज़ी, हो गए सस्पेंड.. बीस ट्रेनी जजों ने की थी लड़की से बदतमीज़ी, हो गए सस्पेंड..(0)

इलाहाबाद, न्‍याय करने वालों पर ही एक ऐसा आरोप लगा है जो बेहद ही घटिया और शर्मनाक है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 20 ट्रेनी जजों को सस्‍पेंड कर दिया है. इन सभी पर एक लड़की के साथ बदतमीजी करने का आरोप है. कमेटी के जांच के बाद यह आरोप सही साबित हो गया. यह जानकारी दूरदर्शन न्यूज ने ट्विटर पर दी है.

प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक यह फैसला सोमवार को ही ले लिया गया है, लेकिन इस पर मुख्‍य न्‍यायाधीश के दस्‍तखत होने बाकी है. इसलिए इस संबंध में अभी कोई पुख्‍ता खबर नहीं आ रही है. गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब जस्टिस का जिम्मा उठाने वाली न्यायपालिका पर ऐसे आरोप लगे हों.

इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक जज पर भी सेक्शुअल हैरेसमेंट का आरोप लगा था. डिस्टिक कोर्ट की एक फीमेल जज के मुताबिक इस जज ने उनसे एक आइटम नंबर पर डांस करने को कहा. जब उन्होंने ऐसा करने से इंकार किया तो उनका ट्रांसफर एक रिमोट एरिया में कर दिया गया.

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जम्मू-कश्मीर में राहत सामग्रियों से भरी नाव को ‘हाईजैक’ कर राहत पहुँचाने का श्रेय लूट रहे हैं यासीन मालिक.. जम्मू-कश्मीर में राहत सामग्रियों से भरी नाव को ‘हाईजैक’ कर राहत पहुँचाने का श्रेय लूट रहे हैं यासीन मालिक..(1)

नई दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक पर बाढ़ राहत काम में बाधा डालने का आरोप लगा है. युवा कांग्रेस का आरोप है कि यासीन ने राहत सामग्रियों से भरी नाव पर कब्जा कर लिया था. आरोप है कि उन्होंने राहत सामग्री हाईजैक की है. रिपोर्ट के मुताबिक उनका मकसद खुद राहत सामग्री को बांटने का श्रेय लेना था और इसीलिए उन्होंने ऐसा किया.

यासीन पर आरोप है कि 13 सितंबर को जेकेएलएफ चीफ मलिक ने कुछ लोगों के साथ मिलकर सेना द्वारा चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्य में बाधा डाली. बताया जाता है कि जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चीफ यासिन मलिक ने अपने सहयोगियों के साथ 13 सितंबर को राहत सामग्री से भरी नाव को अगवा कर लिया था.

अलगाववादी नेता यासिन मलिक की एक फोटो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. इस फोटो में यासिन मलिक राहत सामग्री से भरी हुई पर कब्जा किए हुए दिखाई दे रहे हैं. वह इस दौरान लाल लिबास में नजर आ रहे हैं. यासिन मलिक की इस हरकत पर लोगों का गुस्सा जमकर फूट रहा है और लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं.

गौर हो कि जम्मू-कश्मीर में राहत और बचाव का काम अब भी जारी है. अब तक 2 लाख 34 हजार लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है. राज्य के हालात पर सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें राहत और बचाव काम को लेकर चर्चा हुई.

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सपा विधायक की करतूत: पीड़ित मीडियाकर्मी व गवाहों के विरुद्ध दर्ज करा दिया लूट व डकैती का झूठा मुकदमा.. सपा विधायक की करतूत: पीड़ित मीडियाकर्मी व गवाहों के विरुद्ध दर्ज करा दिया लूट व डकैती का झूठा मुकदमा..(1)

-प्रकाशचंद बिश्नोई||

औरैया जिले विधायक की करतूत कुछ एक टीवी रिपोटर घर पर अपने दबंग लोगो को भेजकर हमला बोल दिया. लोगों ने घुसकर कर पुरे परिवार को पीटा और साथ ही गर्भवती पत्नी को इतना पीटा गया कि उसकी हालत नाजुक होने के साथ-साथ गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गयी. मीडिया के दबाव में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया लेकिन आरोपियों की गिरफ़्तारी नही की जा रही उल्टे सपा बिधायक के दबाब में वादी मुकदमा और गवाह के विरुद्ध लूट व डकैती जैसी संगीन धाराओ में केस दर्ज किया गया है.

हमलावरों की गिरफ्तारी न होने से व वादी मुकदमा व गवाह के विरुद्ध रपट कायम होने से औरैया जिले के इलेक्ट्रानिक चैनलों से जुड़े मीडियाकर्मियो में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है कभी भी मीडियाकर्मी सड़क पर उतर सकते है.

आशीष द्वारा भेजे गए ईमेल इस प्रकार है:

सर, मै आशीष कुशवाहा पुत्र श्री राजाराम कुशवाहा जो की औरैया में एक टी०वी ० चैनल (चैनल वन ) का रिपोर्टर हूँ और औरैया के एक क़स्बा कंचौसी बाजार महिपलपुरवा थाना दिबियापुर जिला औरैया का निवासी हूँ. २4-08 को मेरे यहाँ पर कुछ लोकल के लोग आए और मेरे घर वालो से मार पीट कर दी. उसी मार पीट में मेरी गर्भवती पत्नी आरती देवी को भी मारा और गिरा कर उस के पेट में लाते मारी, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई.

इसकी सूचना मेने दिबियापुर थाने में दी पर थाना इंचार्ज ने हमसे कहा कि पहले अपनी पत्नी का इलाज कराओ. जब यह जानकारी मैंने पुलिस अधीक्षक औरैया को दी तो उन्होंने भी कहा कि जाँच करेंगे.

मेरी पत्नी की हालत बिगडती जा रही थी इसी कारण मेने 102 एम्बुलेंस को काल की और अपनी पत्नी को लेकर सरकारी सामुदायिक केंद्र दिबियापुर पंहुचा. वहां पर मेरी पत्नी को मृत बच्चा पैदा हुआ. जब यह सूचना थाना दिबियापुर को दी तो प्रार्थना पत्र लेकर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया और आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कही और हमें घर जाने को कहा.

इसके बाद मुझे चौथे दिन पता चला कि उसी आरोपी ने मेरे ऊपर लूट का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया है. जब मेने जानकारी की कि यह मेरे ऊपर मुकदमा केसे लिखा गया और मेरा मुकदमा क्यों नहीं दर्ज हुआ तो पता चला कि आरोपियों के रिश्तेदार सपा के विधूना विधायक प्रमोद गुप्ता उर्फ़ एल०एस० है और उन्ही के कहने से हमारे ऊपर लूट लिखी गई है और मुझे कहा गया कि तुम्हारा मुकदमा दर्ज नहीं होगा.

जब यह जानकारी मैंने पुलिस अधीक्षक औरैया को दी तो उन्होंने भी प्रार्थना पत्र लेकर मामले को जाँच के लिए लिख दिया. मैंने कई आलाधिकारीयो से गुहार लगाई पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई. F.I.R. दर्ज की पर अभी तक कोई कारवाही नहीं की. आरोपी खुले आम घूम रहे है और आज दिन तक मुझे व मेरे गवाहों को जान से मारने की धमकी देते है और मुकदमा वापस लेने का दवाव बनाते है. पर पुलिस को सूचना देने पर कोई कार्यवाही नहीं होती है.

आज रात को मेरे गवाह पंकज भदौरिया जो की सपा का समर्थक है. उस के ऊपर थाना मंगलपुर कानपुर देहात में डकैती का मुकदमा दर्ज करा दिया गया. अब मुझे सपा सरकार में अपनी जान का खतरा नजर आ रहा है. मैं आप सब के माध्यम से सपा के मुखिया व मुख्यमंत्री अखिलेश जी को बताना चाहता हूँ कि अगर मुझे कुछ भी होता है तो सपा व सपा के विधूना विधायक प्रमोद गुप्ता उर्फ़ एल०एस० व औरैया पुलिस उसके जिम्मेदार होंगे. सरकार से प्रार्थना है कि मुझे न्याय दिलाये क्योकि पुलिस विधायक के दवाव में FIR. को स्पंज करने में लगी है.

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जीजा व बॉयफ्रेंड ने किया दुष्कर्म, लड़की ने आत्महत्या कर ली.. जीजा व बॉयफ्रेंड ने किया दुष्कर्म, लड़की ने आत्महत्या कर ली..(0)

मुंबई। मुंबई में एक बार फिर दिल को झकझोर देनेवाली घटना सामने आई। एक किशोरी ने पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली और सुसाइड नोट में अपने बॉयफ्रेंड और जीजा पर रेप करने का आरोप लगाया। बाद में वकोला पुलिस ने दोनों आरोपियों को रेप व खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतका 17 वर्षीय किशोरी वकोला, सांताक्रूज (पूर्व) में अपने परिजनों के साथ रहती थी और विले पार्ले स्थित एक कॉलेज में बी.कॉम फर्स्ट इयर की छात्रा थी। उसने पंखे में दुपट्टा फंसाकर उस समय फांसी लगा ली, जब उसकी मां घर से बाहर गई हुई थी। मंगलवार रात 9:30 बजे जब उसकी मां वापस घर आई तब उसे घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। उसने यह बात अपने पति को बताई जिसने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर घुसने के बाद उन्होंने देखा कि उनकी बेटी पंखे से लटक रही है। फिर उन्होंने पुलिस को बुलाया और रात दस बजे पुलिस टीम उनके घर पहुंची। पुलिस टीम को कमरे में सुसाइड नोट मिला।

दो बार हुआ रेप
अपने सुसाइड नोट में किशोरी ने खुलासा किया कि उसके साथ दो बार रेप किया गया। पहली बार 2012 में उसके साथ यह हादसा तब पेश आया जब वह अपनी बहन की शादी में यूपी गई थी। वकोला पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर विलास जोशी ने बताया, ‘लड़की ने चिट्ठी में लिखा है कि बहन की शादी से एक दिन पहले उसके होने वाले जीजा ने उसके साथ रेप किया था। लड़की ने लिखा था कि जिस समय यह घिनौना कृत्य उसके साथ किया गया था उस समय उसकी उम्र महज 14 वर्ष थी और वह अपने परिजनों से इस बारे में कुछ नहीं बोल सकी क्योंकि उसे अपनी बहन की शादी टूटने का डर था।’

इसके बाद वह वापस मुंबई आ गई। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका एक बॉयफ्रेंड बन गया। उसने शादी करने की बात कर उसके साथ रेप किया और फिर सारे संबंध तोड़ दिए। इससे लड़की अवसाद में चली गई और माता-पिता से यह कहने में डरने लगी कि उसके बॉयफ्रेंड ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए हैं।

वकोला पुलिस ने चिट्ठी के आधार पर लड़की के जीजा और उसके बॉयफ्रेंड को रेप व सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और 306 (सुसाइड के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा। घटना से लड़की के माता-पिता को धक्का पहुंचा है।

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पत्नी को घर पर छोड़ प्रेमिका संग रंगरेलियाँ मनाते थे दरोगा जी.. पत्नी को घर पर छोड़ प्रेमिका संग रंगरेलियाँ मनाते थे दरोगा जी..(0)

बरेली। रंगीन मिजाज खाकी वाले इस बार बुरे फंस गए। पत्नी पर जुल्म ढाते थे और प्रेमिका के साथ सैर-सपाटा करते थे। उनका नाम महिला सिपाही से कई तरह से जोड़ा गया। जांच पड़ताल हुई तो सच्चाई सामने आ गई। कानून और अफसरों की निगाह में दारोगा जी दोषी पाए गए तो उनकी थानेदारी छीन ली गई। फिलहाल चेतावनी देकर उन्हें पुलिस लाइंस भेज दिया गया है।

कम उम्र के एक तेज तर्रार दारोगा जी पर इश्क का भूत चढ़ा तो खुद के लिए वक्त बनाना शुरू कर दिया। बच्चों को उत्तराखंड के बोर्डिग स्कूल भेज दिया। थानेदार थे इसलिए आवास के लिए पत्नी को साथ रखना जरूरी था। उन्हें आवास में ही रखा, मगर खुद कम ही रहते थे। अक्सर घूमने निकल जाते थे। प्रेमिका पर खूब नोट उड़ाते थे। हावभाव और बढ़ते खर्च पर पत्नी ने निगाह रखी तो दारोगा जी की प्रेम कहानी के पर्ते खुलकर सामने आने लगीं।

पिछले दिनों घर में बहाना बनाया और प्रेमिका को लेकर नैनीताल की वादियों में निकल गए। इसकी जानकारी बीवी हुई तो वह बिफर गईं। दारोगा जी घर लौटे तो उन्होंने बखेड़ा खड़ा कर दिया। दारोगा जी की करतूत को उन्होंने रिश्तेदारी में सरेआम कर दिया। दारोगा और अपने परिवार के लोगों को बता दिया कि वे क्या गुल खिला रहे हैं। इससे भड़के दारोगा जी ने पत्नी पर हाथ छोड़ दिया। नाराज पत्नी ने भी मोर्चा खोल दिया और पुलिस के उच्चाधिकारियों को रात में फोन कर पति की शिकायत की दी।

अफसरों के सामने पेश हुई दारोगा की पत्नी

अधिकारियों ने अगले दिन एसओ साहब की पत्नी को चुपके से कार्यालय बुला लिया। शिकायती पत्र लेने के बाद उसकी जांच कराई गई। महिला कांस्टेबल और एसओ साहब के मोबाइल फोन की लोकेशन दो दिन तक एक साथ नैनीताल में थी। यही नहीं कॉल डिटेल में दिन में कई-कई बार फोन पर बात होने का खुलासा हो गया। चूंकि महिला कांस्टेबल की तैनाती बरेली में अन्यत्र है इसलिए एसओ साहब की रोज दस-बारह बार बात होने का कोई मतलब नहीं था।

इसके अलावा दोनों ओर से रात में एसएमएस भेजे जाते थे, दोनों फेसबुक और व्हाट्स-एप से भी जुड़े थे। दिन भर व्हाट्स-एप पर मैसेजिंग होती थी। जांच में एसओ साहब की पत्नी के आरोप पुख्ता हुए तो पुलिस अधिकारियों ने थानेदार से इसका जवाब तलब किया, उनके पास कोई जवाब नहीं था। अधिकारियों ने उन्हें फौरन लाइन हाजिर कर दिया और चेतावनी दी कि आगे इस तरह की शिकायत आई तो खैर नहीं। सख्त कार्रवाई करते हुए पहले निलंबित किया जाएगा फिर विभागीय कार्रवाई भी कराई जाएगी। इसी तरह महिला कांस्टेबल को भी चेता दिया गया है।

(जागरण)

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बाड़मेर एन आर एच एम परियोजना में करोड़ों की हेराफेरी, सी बी आई जाँच की मांग.. बाड़मेर एन आर एच एम परियोजना में करोड़ों की हेराफेरी, सी बी आई जाँच की मांग..(0)

सरकार ने बंद की प्लेसमेंट संस्थाए.. स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ झाला.. करोड़ों की हेराफेरी.. निरस्त प्लेसमेंट एजेंसी को करोड़ों का काम देने की तैयारी में है बाड़मेर का चिकित्सा विभाग.. 

-चंदनसिंह भाटी||

बाड़मेर, बाड़मेर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में लम्बे समय से चल रहे भ्रष्टाचार के चलते न केवल सरकारी नियम ताक पर रखे जा रहे हैं बल्कि सरकार द्वारा निरस्त की गयी प्लेसमेंट संस्था को  अफसरों की मिली भगत से करोड़ों रुपयो का काम आवंटित किया गया हैं. जिसमे स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण स्वास्थ्य समिति के अनुबंधित कार्मिको की खुली मिली भगत शामिल हैं.

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गत दिनों जिला ग्रामीण स्वास्थ्य समिति के माध्यम से प्लेसमेंट संस्थाओ से निविदाए मांगी गयी. इसी विभाग में गत तीन सालो से अधिकारियो और कार्मिको की मिलीभगत से एक ऐसी संस्था को काम नियम ताक में रख कर दिया जा रहा था जिसका पंजीयन रोजगार सेवा निदेशालय द्वारा 2010 में निरस्त किया जा चूका. हैं चूँकि राज्य सरकार के आदेश के पश्चात नई रोजगार एजेंसियों का पंजीयन और पुरानी एजेंसियों नवीनीकरण पिछले डेढ़ साल से बंद हैं. ऐसे में फिल वक्त कोई रोजगार एजेंसी वैध नहीं ,हैं. मगर इन आर एच एम बाड़मेर के अधिकारियो और कार्मिको की मिलीभगत से एक ऐसी एजेंसी को  गत तीन साल से काम दिया जा रहा हैं, जिसका पंजीयन 2010 में समाप्त हो चुका है. इस एजेंसी ने रोजगार निदेशालय द्वारा जारी पंजीयन प्रमाण पत्र में कूटरचना के तहत पंजीयन वर्ष अवधि बढाकर 2018 कर फर्जी और काटछांट वाला प्रमाण पत्र पेश कर धोखाधड़ी से कार्मिको और अधिकारियो की मिलीभगत से कार्य आवंटन करा लिया. जबकि राज्य में मौजूदा समय में कोई रोजगार सेवा एजेंसी कार्यरत नहीं. इसी संस्था को विभागीय भ्रष्ट कार्मिको ने दो साल पूर्व लाखो रुपयो का कार्य बिना किसी निविदा के नियमो की धज्जिया उड़ा कर दिया था. इस संस्था से इन आर एच एम के कार्मिको और अनुबंधित अधिकारी की भागीदारी हैं. जिसके चलते एक ही एजेंसी को सारे नियम ताक में रख कार्य आवंटित किया जा रहे हैं.

गत तीन साल के इन आर एच एम कार्यो के भौतिक सत्यापन के साथ उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए तो सारी पोल खुल के सामने आ जाएगी. इस आशय का एक ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज बाड़मेर एन आर एच एम परियोजना की जाँच सी बी आई से करने की मांग विभिन संगठनो ने की है.

रोजगार सेवा निदेशालय के अधिकारियो ने स्पष्ट किया हैं कि राज्य सरकार की प्लेसमेंट की नई पॉलिसी आने के बाद रोजगार एजेंसियों के पंजीकरण का कार्य नए सिरे से किया जायेगा. तब तक राज्य की समस्त रोजगार सेवा एजेंसिया निरस्त कर दी गयी हैं जिसकी जानकारी विभाग की वेबसाइट पर दर्ज हैं.

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निठारी काण्ड में सुरेन्द्र कोली की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई एक हफ्ते की रोक.. निठारी काण्ड में सुरेन्द्र कोली की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई एक हफ्ते की रोक..(0)

निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली की फांसी पर एक हफ्ते तक रोक लगा दी गई है. कोली को मेरठ जेल में 12 सितंबर को फांसी देने की तैयारी थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कोली की फांसी टल गई है.मेरठ जेल के सुपरिटेंडेंट ने बताया कि डीएम के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट से स्टे ऑर्डर की कॉपी मिली है. इस आदेश में सुरेंद्र कोहली की फांसी पर एक हफ्ते तक स्टे की बात कही गई है.

सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर कहा है कि नियमों के मुताबिक कोली की रिव्यू पीटिशन पर ओपन कोर्ट में सुनवाई होनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट इंदिरा जयसिंह की याचिका पर सुनवाई करने वाला है, ऐसे में न्यायाधीश एच एल दत्तू ने कोली की फांसी पर एक हफ्ते तक रोक लगाने के आदेश दिए.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते अपने एक आदेश में कहा था कि फांसी की सजा पा चुके दोष‍ियों की रिव्यू पीटिशन पर ओपन कोर्ट में सुनवाई हो.

गौरतलब है‍ कि राष्ट्रपति ने 27 जुलाई को कोली की दया याचिका खारिज कर दी थी. कोली के खिलाफ अभी भी हत्या के 11 मामले लंबित हैं. सीबीआई उसके खिलाफ 16 मामलों में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है, जिसमें उसने बच्चों का कथित यौन शोषण किया और फिर हत्या कर दी थी. यह मामला दिसंबर 2006 में उस समय सामने आया जब एक लापता लड़की के बारे में पता चला कि उसकी हत्या कोली ने की थी.

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थूक चाटने से इनकार किया था, कुछ ही घंटों बाद नग्न लाश मिली.. थूक चाटने से इनकार किया था, कुछ ही घंटों बाद नग्न लाश मिली..(1)

जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल में किशोरी ने स्वयंभू पंचायत के थूक चाटने के आदेश को मानने से इनकार कर दिया और कुछ ही घंटों बाद मंगलवार सुबह उसकी नग्न लाश घर के पास रेल की पटरियों पर पड़ी मिली. बताया जा रहा है कि गांव की उस तथाकथित पंचायत का नेतृत्व राज्य में सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस की महिला पार्षद कर रही थीं. किशोरी के परिवार ने रेप और हत्या के आरोप में दर्ज कराए केस में 13 लोगों को आरोपी बनाया है. पार्षद नमिता रॉय के पति भी आरोपियों में से एक हैं. इस मामले में पुलिस ने अब तक एक शख्स को गिरफ्तार किया है.

बताया जाता है कि जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी गांव की इस किशोरी की उम्र लगभग 15 वर्ष थी और उसे आखिरी बार उस समय देखा गया था, जब सालिशी सभा (गांव की खुद बनाई हुई पंचायत या अदालत) के आदेश पर वह अपने पिता की पिटाई का विरोध कर रही थी. सालिशी सभा ने खेती के लिए किराये पर लिए पावर टिलर का किराया नहीं चुका पाने पर उसके पिता को दंडित करने का फैसला किया था. जब किशोरी ने गांव वालों को अपने पिता के साथ मारपीट करने से रोकने की कोशिश की तो ‘पंचायत’ का गुस्सा उस पर निकला. किशोरी इस घटना के बाद अचानक लापता हो गई और फिर कुछ ही घंटों के बाद उसकी लाश रेल की पटरियों के पास पड़ी मिली.
लाश को सबसे पहले देखने वाले गणेश प्रसाद ने बताया, ‘सुबह करीब सवा आठ बजे मैंने लाश देखी. मैंने इससे पहले इस तरह का कुछ नहीं देखा था. अगर कोई ट्रेन के नीचे कट जाता है, तो उसके टुकड़े हो जाने के बावजूद बदन पर कपड़े होते हैं, लोकिन इस मामले में सिर्फ कंधे पर कपड़ा था.’ पंचायत में किशोरी को प्रताड़ित करने के आरोपियों का कहना है कि उसने खुदकुशी कर ली है. हालांकि, इसको खारिज करते हुए लड़की के मामा का कहना है कि इन लोगों ने खुलेआम धमकी दी थी.

उन्होंने कहा, ‘मेरे बहनोई को पीटा गया और मेरी भांजी ने इसका विरोध किया. इसके बाद इन लोगों ने उसे धमकी दी थी. अगर उसने आत्महत्या की है, तो उसके बदन पर कपड़े क्यों नहीं थे? मुझे लगता है कि उन्होंने पहले उसके साथ रेप किया और फिर हत्या कर दी.’ किशोरी के पिता को अनिल बर्मन का पैसा चुकाना था और पुलिस ने अभी तक बर्मन को ही गिरफ्तार किया है. तृणमूल कांग्रेस ने मामले में किसी भी तरह का हाथ होने से इनकार किया है, लेकिन मामला राजनीतिक रंग ले चुका है. राज्य की विपक्षी पार्टी सीपीएम के छात्र कार्यकर्ताओं ने इस घटना के विरोध में राज्यभर में विरोध-प्रदर्शनों का आह्वान किया है.

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