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दाऊद पर दांव … दाऊद पर दांव …(1)

-तारकेश कुमार ओझा||
…दाऊद के दिन पूरे … अब नहीं बच पाएगा डान और उसकी डी. कंपनी , खुफिया एजेंसियों की है पैनी नजर… , रिश्तेदारों पर भी रखी जा रही नजर…. एक राष्ट्रीय चैनल पर दिखाया जा रहा इस आशय का विशेष समाचार पता नहीं क्यों मुझे अच्छा नहीं लगा. एक तरह से यह एक और बचकानी हरकत थी, जिससे कुख्यात डी . कंपनी को बचने का एक और मौका मिल सकता था. क्योंकि सवाल एक अंतर राष्ट्रीय अपराधी का था. मन में सवाल उठा कि यदि सचमुच देश की खुफिया एजेंसियां दाऊद को पकड़ने की कोशिश कर भी रही हो, तो क्या इस तरह की खबरों का प्रसारण उनका खेल नहीं बिगाड़ देगा.

बेशक इस समाचार को दिखाए जाने से कुछ घंटे पहले देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अक्लमंद को इशाऱा काफी है… जैसा कुछ बयान दिया था. जिससे लगने लगा कि शायद सरकार डी. कंपनी के काफी करीब पहुंच चुकी है. लेकिन एेसे दावे तो पहले भी हुए हैं. लेकिन दाऊद बड़े आराम से पाकिस्तान में पूरे कुनबे के साथ एेश की जिंदगी बिताता रहा. बेटे – बेटियों की शादियां करवाता रहा. बालीवुड में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपनी कथित आपराधिक जिंदगी का महिमामंडन करवाता रहा. लेकिन सरकार उसे पकड़ना तो दूर कभी एेसी कोशिश करती भी नजर नहीं आई.

सुना है कि यूपीए -2 सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम दौर में दाऊद को पकड़ कर जनता में अपनी छवि सुधारना चाहती थी. लेकिन एेसा नहीं हो सका. पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे इस पर बड़बोलापन जरूर दिखाते रहे. शिंदे के बड़बोलेपन के दौरान भी मुझे लगा था कि यदि खुफियां एजेंसियां सचमुच उसे पकड़ने की कोशिश करे भी तो एेसे बयान उनकी कोशिशों पर पानी फेर देगी. दाऊद जैसे अंतर राष्ट्रीय अपराधी के मामले में सरकार ही नहीं मीडिया को भी काफी सूझ – बूझ का परिचय देना चाहिए. क्योंकि एक सामान्य अपराधी को भी यदि भनक लग जाए कि उसके खिलाफ कहीं कुछ हो रहा है तो वह तुरंत अपने बिल में घुसने में देर नहीं लगाता. दाऊद तो फिर अंतर राष्ट्रीय स्तर का अपराधी और मानवता का दुश्मन है. जिसे पाकिस्तान समेत कई देशों का समर्थन हासिल है.

साधारणतः पेशेवर अपराधियों को सिर्फ अपनी सुरक्षा और स्वार्थ से मतलब होता है. लेकिन दाऊद एेसा अपराधी है जिसने उस देश को लहुलूहान करने से भी गुरेज नहीं किया, जहां उसने जन्म लिया. देशद्गोहियों के साथ मिल कर अपने देश के बेकसूर लोगों की जानें लेने में वह पिछले दो दशकों से बढ़ – चढ़ कर हिस्सा लेता आ रहा है. यह भी समझना होगा कि दाऊद को एक राष्ट्र का संरक्षण हासिल है. दुनिया के कई देशों में उसके शुभचिंतक है. अब बुढ़ापे में उसकी गिरफ्तारी भी रपट पड़े तो हर – हर गंगे… वाली कहावत को ही चरितार्थ करेगी, फिर भी उस पर शिकंजा कसने से जुड़ी गतिविधियों के मामले में हर किसी को विवेक का परिचय देना होगा. देश में श्रेय लेने की भोंडी होड़ ने इस मानवता के दुश्मन को कानून के शिकंजे से बचने में पहले भी सहायता प्रदान की है. लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि समाज का हर वर्ग अब इससे बचने का संकल्प लेगा.

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बीस ट्रेनी जजों ने की थी लड़की से बदतमीज़ी, हो गए सस्पेंड.. बीस ट्रेनी जजों ने की थी लड़की से बदतमीज़ी, हो गए सस्पेंड..(0)

इलाहाबाद, न्‍याय करने वालों पर ही एक ऐसा आरोप लगा है जो बेहद ही घटिया और शर्मनाक है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 20 ट्रेनी जजों को सस्‍पेंड कर दिया है. इन सभी पर एक लड़की के साथ बदतमीजी करने का आरोप है. कमेटी के जांच के बाद यह आरोप सही साबित हो गया. यह जानकारी दूरदर्शन न्यूज ने ट्विटर पर दी है.

प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक यह फैसला सोमवार को ही ले लिया गया है, लेकिन इस पर मुख्‍य न्‍यायाधीश के दस्‍तखत होने बाकी है. इसलिए इस संबंध में अभी कोई पुख्‍ता खबर नहीं आ रही है. गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब जस्टिस का जिम्मा उठाने वाली न्यायपालिका पर ऐसे आरोप लगे हों.

इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक जज पर भी सेक्शुअल हैरेसमेंट का आरोप लगा था. डिस्टिक कोर्ट की एक फीमेल जज के मुताबिक इस जज ने उनसे एक आइटम नंबर पर डांस करने को कहा. जब उन्होंने ऐसा करने से इंकार किया तो उनका ट्रांसफर एक रिमोट एरिया में कर दिया गया.

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जम्मू-कश्मीर में राहत सामग्रियों से भरी नाव को ‘हाईजैक’ कर राहत पहुँचाने का श्रेय लूट रहे हैं यासीन मालिक.. जम्मू-कश्मीर में राहत सामग्रियों से भरी नाव को ‘हाईजैक’ कर राहत पहुँचाने का श्रेय लूट रहे हैं यासीन मालिक..(1)

नई दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक पर बाढ़ राहत काम में बाधा डालने का आरोप लगा है. युवा कांग्रेस का आरोप है कि यासीन ने राहत सामग्रियों से भरी नाव पर कब्जा कर लिया था. आरोप है कि उन्होंने राहत सामग्री हाईजैक की है. रिपोर्ट के मुताबिक उनका मकसद खुद राहत सामग्री को बांटने का श्रेय लेना था और इसीलिए उन्होंने ऐसा किया.

यासीन पर आरोप है कि 13 सितंबर को जेकेएलएफ चीफ मलिक ने कुछ लोगों के साथ मिलकर सेना द्वारा चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्य में बाधा डाली. बताया जाता है कि जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चीफ यासिन मलिक ने अपने सहयोगियों के साथ 13 सितंबर को राहत सामग्री से भरी नाव को अगवा कर लिया था.

अलगाववादी नेता यासिन मलिक की एक फोटो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. इस फोटो में यासिन मलिक राहत सामग्री से भरी हुई पर कब्जा किए हुए दिखाई दे रहे हैं. वह इस दौरान लाल लिबास में नजर आ रहे हैं. यासिन मलिक की इस हरकत पर लोगों का गुस्सा जमकर फूट रहा है और लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं.

गौर हो कि जम्मू-कश्मीर में राहत और बचाव का काम अब भी जारी है. अब तक 2 लाख 34 हजार लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है. राज्य के हालात पर सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें राहत और बचाव काम को लेकर चर्चा हुई.

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सपा विधायक की करतूत: पीड़ित मीडियाकर्मी व गवाहों के विरुद्ध दर्ज करा दिया लूट व डकैती का झूठा मुकदमा.. सपा विधायक की करतूत: पीड़ित मीडियाकर्मी व गवाहों के विरुद्ध दर्ज करा दिया लूट व डकैती का झूठा मुकदमा..(1)

-प्रकाशचंद बिश्नोई||

औरैया जिले विधायक की करतूत कुछ एक टीवी रिपोटर घर पर अपने दबंग लोगो को भेजकर हमला बोल दिया. लोगों ने घुसकर कर पुरे परिवार को पीटा और साथ ही गर्भवती पत्नी को इतना पीटा गया कि उसकी हालत नाजुक होने के साथ-साथ गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गयी. मीडिया के दबाव में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया लेकिन आरोपियों की गिरफ़्तारी नही की जा रही उल्टे सपा बिधायक के दबाब में वादी मुकदमा और गवाह के विरुद्ध लूट व डकैती जैसी संगीन धाराओ में केस दर्ज किया गया है.

हमलावरों की गिरफ्तारी न होने से व वादी मुकदमा व गवाह के विरुद्ध रपट कायम होने से औरैया जिले के इलेक्ट्रानिक चैनलों से जुड़े मीडियाकर्मियो में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है कभी भी मीडियाकर्मी सड़क पर उतर सकते है.

आशीष द्वारा भेजे गए ईमेल इस प्रकार है:

सर, मै आशीष कुशवाहा पुत्र श्री राजाराम कुशवाहा जो की औरैया में एक टी०वी ० चैनल (चैनल वन ) का रिपोर्टर हूँ और औरैया के एक क़स्बा कंचौसी बाजार महिपलपुरवा थाना दिबियापुर जिला औरैया का निवासी हूँ. २4-08 को मेरे यहाँ पर कुछ लोकल के लोग आए और मेरे घर वालो से मार पीट कर दी. उसी मार पीट में मेरी गर्भवती पत्नी आरती देवी को भी मारा और गिरा कर उस के पेट में लाते मारी, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई.

इसकी सूचना मेने दिबियापुर थाने में दी पर थाना इंचार्ज ने हमसे कहा कि पहले अपनी पत्नी का इलाज कराओ. जब यह जानकारी मैंने पुलिस अधीक्षक औरैया को दी तो उन्होंने भी कहा कि जाँच करेंगे.

मेरी पत्नी की हालत बिगडती जा रही थी इसी कारण मेने 102 एम्बुलेंस को काल की और अपनी पत्नी को लेकर सरकारी सामुदायिक केंद्र दिबियापुर पंहुचा. वहां पर मेरी पत्नी को मृत बच्चा पैदा हुआ. जब यह सूचना थाना दिबियापुर को दी तो प्रार्थना पत्र लेकर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया और आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कही और हमें घर जाने को कहा.

इसके बाद मुझे चौथे दिन पता चला कि उसी आरोपी ने मेरे ऊपर लूट का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया है. जब मेने जानकारी की कि यह मेरे ऊपर मुकदमा केसे लिखा गया और मेरा मुकदमा क्यों नहीं दर्ज हुआ तो पता चला कि आरोपियों के रिश्तेदार सपा के विधूना विधायक प्रमोद गुप्ता उर्फ़ एल०एस० है और उन्ही के कहने से हमारे ऊपर लूट लिखी गई है और मुझे कहा गया कि तुम्हारा मुकदमा दर्ज नहीं होगा.

जब यह जानकारी मैंने पुलिस अधीक्षक औरैया को दी तो उन्होंने भी प्रार्थना पत्र लेकर मामले को जाँच के लिए लिख दिया. मैंने कई आलाधिकारीयो से गुहार लगाई पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई. F.I.R. दर्ज की पर अभी तक कोई कारवाही नहीं की. आरोपी खुले आम घूम रहे है और आज दिन तक मुझे व मेरे गवाहों को जान से मारने की धमकी देते है और मुकदमा वापस लेने का दवाव बनाते है. पर पुलिस को सूचना देने पर कोई कार्यवाही नहीं होती है.

आज रात को मेरे गवाह पंकज भदौरिया जो की सपा का समर्थक है. उस के ऊपर थाना मंगलपुर कानपुर देहात में डकैती का मुकदमा दर्ज करा दिया गया. अब मुझे सपा सरकार में अपनी जान का खतरा नजर आ रहा है. मैं आप सब के माध्यम से सपा के मुखिया व मुख्यमंत्री अखिलेश जी को बताना चाहता हूँ कि अगर मुझे कुछ भी होता है तो सपा व सपा के विधूना विधायक प्रमोद गुप्ता उर्फ़ एल०एस० व औरैया पुलिस उसके जिम्मेदार होंगे. सरकार से प्रार्थना है कि मुझे न्याय दिलाये क्योकि पुलिस विधायक के दवाव में FIR. को स्पंज करने में लगी है.

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जीजा व बॉयफ्रेंड ने किया दुष्कर्म, लड़की ने आत्महत्या कर ली.. जीजा व बॉयफ्रेंड ने किया दुष्कर्म, लड़की ने आत्महत्या कर ली..(0)

मुंबई। मुंबई में एक बार फिर दिल को झकझोर देनेवाली घटना सामने आई। एक किशोरी ने पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली और सुसाइड नोट में अपने बॉयफ्रेंड और जीजा पर रेप करने का आरोप लगाया। बाद में वकोला पुलिस ने दोनों आरोपियों को रेप व खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतका 17 वर्षीय किशोरी वकोला, सांताक्रूज (पूर्व) में अपने परिजनों के साथ रहती थी और विले पार्ले स्थित एक कॉलेज में बी.कॉम फर्स्ट इयर की छात्रा थी। उसने पंखे में दुपट्टा फंसाकर उस समय फांसी लगा ली, जब उसकी मां घर से बाहर गई हुई थी। मंगलवार रात 9:30 बजे जब उसकी मां वापस घर आई तब उसे घर का दरवाजा अंदर से बंद मिला। उसने यह बात अपने पति को बताई जिसने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। अंदर घुसने के बाद उन्होंने देखा कि उनकी बेटी पंखे से लटक रही है। फिर उन्होंने पुलिस को बुलाया और रात दस बजे पुलिस टीम उनके घर पहुंची। पुलिस टीम को कमरे में सुसाइड नोट मिला।

दो बार हुआ रेप
अपने सुसाइड नोट में किशोरी ने खुलासा किया कि उसके साथ दो बार रेप किया गया। पहली बार 2012 में उसके साथ यह हादसा तब पेश आया जब वह अपनी बहन की शादी में यूपी गई थी। वकोला पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर विलास जोशी ने बताया, ‘लड़की ने चिट्ठी में लिखा है कि बहन की शादी से एक दिन पहले उसके होने वाले जीजा ने उसके साथ रेप किया था। लड़की ने लिखा था कि जिस समय यह घिनौना कृत्य उसके साथ किया गया था उस समय उसकी उम्र महज 14 वर्ष थी और वह अपने परिजनों से इस बारे में कुछ नहीं बोल सकी क्योंकि उसे अपनी बहन की शादी टूटने का डर था।’

इसके बाद वह वापस मुंबई आ गई। कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका एक बॉयफ्रेंड बन गया। उसने शादी करने की बात कर उसके साथ रेप किया और फिर सारे संबंध तोड़ दिए। इससे लड़की अवसाद में चली गई और माता-पिता से यह कहने में डरने लगी कि उसके बॉयफ्रेंड ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए हैं।

वकोला पुलिस ने चिट्ठी के आधार पर लड़की के जीजा और उसके बॉयफ्रेंड को रेप व सुसाइड के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और 306 (सुसाइड के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा। घटना से लड़की के माता-पिता को धक्का पहुंचा है।

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पत्नी को घर पर छोड़ प्रेमिका संग रंगरेलियाँ मनाते थे दरोगा जी.. पत्नी को घर पर छोड़ प्रेमिका संग रंगरेलियाँ मनाते थे दरोगा जी..(0)

बरेली। रंगीन मिजाज खाकी वाले इस बार बुरे फंस गए। पत्नी पर जुल्म ढाते थे और प्रेमिका के साथ सैर-सपाटा करते थे। उनका नाम महिला सिपाही से कई तरह से जोड़ा गया। जांच पड़ताल हुई तो सच्चाई सामने आ गई। कानून और अफसरों की निगाह में दारोगा जी दोषी पाए गए तो उनकी थानेदारी छीन ली गई। फिलहाल चेतावनी देकर उन्हें पुलिस लाइंस भेज दिया गया है।

कम उम्र के एक तेज तर्रार दारोगा जी पर इश्क का भूत चढ़ा तो खुद के लिए वक्त बनाना शुरू कर दिया। बच्चों को उत्तराखंड के बोर्डिग स्कूल भेज दिया। थानेदार थे इसलिए आवास के लिए पत्नी को साथ रखना जरूरी था। उन्हें आवास में ही रखा, मगर खुद कम ही रहते थे। अक्सर घूमने निकल जाते थे। प्रेमिका पर खूब नोट उड़ाते थे। हावभाव और बढ़ते खर्च पर पत्नी ने निगाह रखी तो दारोगा जी की प्रेम कहानी के पर्ते खुलकर सामने आने लगीं।

पिछले दिनों घर में बहाना बनाया और प्रेमिका को लेकर नैनीताल की वादियों में निकल गए। इसकी जानकारी बीवी हुई तो वह बिफर गईं। दारोगा जी घर लौटे तो उन्होंने बखेड़ा खड़ा कर दिया। दारोगा जी की करतूत को उन्होंने रिश्तेदारी में सरेआम कर दिया। दारोगा और अपने परिवार के लोगों को बता दिया कि वे क्या गुल खिला रहे हैं। इससे भड़के दारोगा जी ने पत्नी पर हाथ छोड़ दिया। नाराज पत्नी ने भी मोर्चा खोल दिया और पुलिस के उच्चाधिकारियों को रात में फोन कर पति की शिकायत की दी।

अफसरों के सामने पेश हुई दारोगा की पत्नी

अधिकारियों ने अगले दिन एसओ साहब की पत्नी को चुपके से कार्यालय बुला लिया। शिकायती पत्र लेने के बाद उसकी जांच कराई गई। महिला कांस्टेबल और एसओ साहब के मोबाइल फोन की लोकेशन दो दिन तक एक साथ नैनीताल में थी। यही नहीं कॉल डिटेल में दिन में कई-कई बार फोन पर बात होने का खुलासा हो गया। चूंकि महिला कांस्टेबल की तैनाती बरेली में अन्यत्र है इसलिए एसओ साहब की रोज दस-बारह बार बात होने का कोई मतलब नहीं था।

इसके अलावा दोनों ओर से रात में एसएमएस भेजे जाते थे, दोनों फेसबुक और व्हाट्स-एप से भी जुड़े थे। दिन भर व्हाट्स-एप पर मैसेजिंग होती थी। जांच में एसओ साहब की पत्नी के आरोप पुख्ता हुए तो पुलिस अधिकारियों ने थानेदार से इसका जवाब तलब किया, उनके पास कोई जवाब नहीं था। अधिकारियों ने उन्हें फौरन लाइन हाजिर कर दिया और चेतावनी दी कि आगे इस तरह की शिकायत आई तो खैर नहीं। सख्त कार्रवाई करते हुए पहले निलंबित किया जाएगा फिर विभागीय कार्रवाई भी कराई जाएगी। इसी तरह महिला कांस्टेबल को भी चेता दिया गया है।

(जागरण)

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बाड़मेर एन आर एच एम परियोजना में करोड़ों की हेराफेरी, सी बी आई जाँच की मांग.. बाड़मेर एन आर एच एम परियोजना में करोड़ों की हेराफेरी, सी बी आई जाँच की मांग..(0)

सरकार ने बंद की प्लेसमेंट संस्थाए.. स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ झाला.. करोड़ों की हेराफेरी.. निरस्त प्लेसमेंट एजेंसी को करोड़ों का काम देने की तैयारी में है बाड़मेर का चिकित्सा विभाग.. 

-चंदनसिंह भाटी||

बाड़मेर, बाड़मेर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में लम्बे समय से चल रहे भ्रष्टाचार के चलते न केवल सरकारी नियम ताक पर रखे जा रहे हैं बल्कि सरकार द्वारा निरस्त की गयी प्लेसमेंट संस्था को  अफसरों की मिली भगत से करोड़ों रुपयो का काम आवंटित किया गया हैं. जिसमे स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण स्वास्थ्य समिति के अनुबंधित कार्मिको की खुली मिली भगत शामिल हैं.

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गत दिनों जिला ग्रामीण स्वास्थ्य समिति के माध्यम से प्लेसमेंट संस्थाओ से निविदाए मांगी गयी. इसी विभाग में गत तीन सालो से अधिकारियो और कार्मिको की मिलीभगत से एक ऐसी संस्था को काम नियम ताक में रख कर दिया जा रहा था जिसका पंजीयन रोजगार सेवा निदेशालय द्वारा 2010 में निरस्त किया जा चूका. हैं चूँकि राज्य सरकार के आदेश के पश्चात नई रोजगार एजेंसियों का पंजीयन और पुरानी एजेंसियों नवीनीकरण पिछले डेढ़ साल से बंद हैं. ऐसे में फिल वक्त कोई रोजगार एजेंसी वैध नहीं ,हैं. मगर इन आर एच एम बाड़मेर के अधिकारियो और कार्मिको की मिलीभगत से एक ऐसी एजेंसी को  गत तीन साल से काम दिया जा रहा हैं, जिसका पंजीयन 2010 में समाप्त हो चुका है. इस एजेंसी ने रोजगार निदेशालय द्वारा जारी पंजीयन प्रमाण पत्र में कूटरचना के तहत पंजीयन वर्ष अवधि बढाकर 2018 कर फर्जी और काटछांट वाला प्रमाण पत्र पेश कर धोखाधड़ी से कार्मिको और अधिकारियो की मिलीभगत से कार्य आवंटन करा लिया. जबकि राज्य में मौजूदा समय में कोई रोजगार सेवा एजेंसी कार्यरत नहीं. इसी संस्था को विभागीय भ्रष्ट कार्मिको ने दो साल पूर्व लाखो रुपयो का कार्य बिना किसी निविदा के नियमो की धज्जिया उड़ा कर दिया था. इस संस्था से इन आर एच एम के कार्मिको और अनुबंधित अधिकारी की भागीदारी हैं. जिसके चलते एक ही एजेंसी को सारे नियम ताक में रख कार्य आवंटित किया जा रहे हैं.

गत तीन साल के इन आर एच एम कार्यो के भौतिक सत्यापन के साथ उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए तो सारी पोल खुल के सामने आ जाएगी. इस आशय का एक ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज बाड़मेर एन आर एच एम परियोजना की जाँच सी बी आई से करने की मांग विभिन संगठनो ने की है.

रोजगार सेवा निदेशालय के अधिकारियो ने स्पष्ट किया हैं कि राज्य सरकार की प्लेसमेंट की नई पॉलिसी आने के बाद रोजगार एजेंसियों के पंजीकरण का कार्य नए सिरे से किया जायेगा. तब तक राज्य की समस्त रोजगार सेवा एजेंसिया निरस्त कर दी गयी हैं जिसकी जानकारी विभाग की वेबसाइट पर दर्ज हैं.

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निठारी काण्ड में सुरेन्द्र कोली की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई एक हफ्ते की रोक.. निठारी काण्ड में सुरेन्द्र कोली की फांसी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई एक हफ्ते की रोक..(0)

निठारी कांड के दोषी सुरेंद्र कोली की फांसी पर एक हफ्ते तक रोक लगा दी गई है. कोली को मेरठ जेल में 12 सितंबर को फांसी देने की तैयारी थी. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कोली की फांसी टल गई है.मेरठ जेल के सुपरिटेंडेंट ने बताया कि डीएम के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट से स्टे ऑर्डर की कॉपी मिली है. इस आदेश में सुरेंद्र कोहली की फांसी पर एक हफ्ते तक स्टे की बात कही गई है.

सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर कहा है कि नियमों के मुताबिक कोली की रिव्यू पीटिशन पर ओपन कोर्ट में सुनवाई होनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट इंदिरा जयसिंह की याचिका पर सुनवाई करने वाला है, ऐसे में न्यायाधीश एच एल दत्तू ने कोली की फांसी पर एक हफ्ते तक रोक लगाने के आदेश दिए.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते अपने एक आदेश में कहा था कि फांसी की सजा पा चुके दोष‍ियों की रिव्यू पीटिशन पर ओपन कोर्ट में सुनवाई हो.

गौरतलब है‍ कि राष्ट्रपति ने 27 जुलाई को कोली की दया याचिका खारिज कर दी थी. कोली के खिलाफ अभी भी हत्या के 11 मामले लंबित हैं. सीबीआई उसके खिलाफ 16 मामलों में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है, जिसमें उसने बच्चों का कथित यौन शोषण किया और फिर हत्या कर दी थी. यह मामला दिसंबर 2006 में उस समय सामने आया जब एक लापता लड़की के बारे में पता चला कि उसकी हत्या कोली ने की थी.

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थूक चाटने से इनकार किया था, कुछ ही घंटों बाद नग्न लाश मिली.. थूक चाटने से इनकार किया था, कुछ ही घंटों बाद नग्न लाश मिली..(1)

जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल में किशोरी ने स्वयंभू पंचायत के थूक चाटने के आदेश को मानने से इनकार कर दिया और कुछ ही घंटों बाद मंगलवार सुबह उसकी नग्न लाश घर के पास रेल की पटरियों पर पड़ी मिली. बताया जा रहा है कि गांव की उस तथाकथित पंचायत का नेतृत्व राज्य में सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस की महिला पार्षद कर रही थीं. किशोरी के परिवार ने रेप और हत्या के आरोप में दर्ज कराए केस में 13 लोगों को आरोपी बनाया है. पार्षद नमिता रॉय के पति भी आरोपियों में से एक हैं. इस मामले में पुलिस ने अब तक एक शख्स को गिरफ्तार किया है.

बताया जाता है कि जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी गांव की इस किशोरी की उम्र लगभग 15 वर्ष थी और उसे आखिरी बार उस समय देखा गया था, जब सालिशी सभा (गांव की खुद बनाई हुई पंचायत या अदालत) के आदेश पर वह अपने पिता की पिटाई का विरोध कर रही थी. सालिशी सभा ने खेती के लिए किराये पर लिए पावर टिलर का किराया नहीं चुका पाने पर उसके पिता को दंडित करने का फैसला किया था. जब किशोरी ने गांव वालों को अपने पिता के साथ मारपीट करने से रोकने की कोशिश की तो ‘पंचायत’ का गुस्सा उस पर निकला. किशोरी इस घटना के बाद अचानक लापता हो गई और फिर कुछ ही घंटों के बाद उसकी लाश रेल की पटरियों के पास पड़ी मिली.
लाश को सबसे पहले देखने वाले गणेश प्रसाद ने बताया, ‘सुबह करीब सवा आठ बजे मैंने लाश देखी. मैंने इससे पहले इस तरह का कुछ नहीं देखा था. अगर कोई ट्रेन के नीचे कट जाता है, तो उसके टुकड़े हो जाने के बावजूद बदन पर कपड़े होते हैं, लोकिन इस मामले में सिर्फ कंधे पर कपड़ा था.’ पंचायत में किशोरी को प्रताड़ित करने के आरोपियों का कहना है कि उसने खुदकुशी कर ली है. हालांकि, इसको खारिज करते हुए लड़की के मामा का कहना है कि इन लोगों ने खुलेआम धमकी दी थी.

उन्होंने कहा, ‘मेरे बहनोई को पीटा गया और मेरी भांजी ने इसका विरोध किया. इसके बाद इन लोगों ने उसे धमकी दी थी. अगर उसने आत्महत्या की है, तो उसके बदन पर कपड़े क्यों नहीं थे? मुझे लगता है कि उन्होंने पहले उसके साथ रेप किया और फिर हत्या कर दी.’ किशोरी के पिता को अनिल बर्मन का पैसा चुकाना था और पुलिस ने अभी तक बर्मन को ही गिरफ्तार किया है. तृणमूल कांग्रेस ने मामले में किसी भी तरह का हाथ होने से इनकार किया है, लेकिन मामला राजनीतिक रंग ले चुका है. राज्य की विपक्षी पार्टी सीपीएम के छात्र कार्यकर्ताओं ने इस घटना के विरोध में राज्यभर में विरोध-प्रदर्शनों का आह्वान किया है.

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स्वामी नित्यानंद का पोटेंसी टेस्ट होगा.. स्वामी नित्यानंद का पोटेंसी टेस्ट होगा..(0)

स्वयंभू धर्मगुरु नित्यानंद का पोटेंसी टेस्ट होगा. सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश बुधवार को दिया.

दरअसल कर्नाटक हाईकोर्ट ने 2010 के रेप केस में नित्यानंद का पोटेंसी टेस्ट कराने का आदेश दिया था. नित्यानंद ने हाईकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ चुनौती दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि रेप बेहद ही गंभीर अपराध है. ऐसे में नित्यानंद के पुरुषत्व का टेस्ट जरूरी है. इसके अलावा कोर्ट ने यह भी साफ किया कि नित्यानंद पर लगे आरोपों की सुनवाई बेंगलुरु के कोर्ट में होगी.

जस्टिस रंजना देसाई और जस्टिस एनवी रमन की बेंच ने यह फैसला सुनाया.

nithyananda-need-not-take-potency-test-supreme-court

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नकली नोट खपाने का गढ़ बना छत्तीसगढ़.. नकली नोट खपाने का गढ़ बना छत्तीसगढ़..(0)

-प्रतीक चौहान||

रायपुर। अन्य राज्यों के मुकाबले पिछड़ा समझे जाने वाला छत्तीसगढ़ अब नकली नोट को खपाने वाले लोगों का गढ़ बनता जा रहा है। वो इसलिए क्योंकि  पिछले तीन सालों में प्रदेश में खपाए गए नकली नोटों के आकड़े देखकर आप हैरान हो जाएंगे। पिछले तीन साल में छत्तीसगढ़ पुलिस ने कुल 141 कार्रवाई की, इसमें 129 लोगों को आरोपी बनाकर उनके पास से 17 लाख से अधिक के नकली नोटों को जब्त किया है। हालांकि इसके बावजूद प्रदेश में नकली नोटों की खेप आने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत कई जिले नकली नोटों की तस्करी करने वालों की नजर में हैं। नकली नोटों की आए दिन बढ़Þती शिकायतों को देखते हुए नकली और असली नोटों की पहचान करने वाली मशीनों को अब छोटे दुकानदारों ने भी रखना शरू कर दिया है। पहले यह मशीनें केवल बैंक और बड़ा लेनदेन करने वाले व्यापारियों के पास होती थी लेकिन अब यह मशीनें  हर छोटे-बडे शोरूम में देखी जा सकती हैं।

नकली नोटों का धंधा करने वाले अब 100 रुपये और 1,000 रुपये को टारगेट कर रहे हैं। यह बात रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने कही है। हालांकि अब भी सबसे ज्यादा नकली नोट 500 के ही आने की आशंका है, जो पारंपरिक तौर पर उनका फेवरेट रहा है। बैंकिंग सिस्टम ने फाइनेंशियल ईयर 2014 में 500 रुपये के 2.52 लाख पीस नकली नोट पकड़े। साल भर पहले इनकी संख्या 2.81 लाख थी। वहीं 1,000 रुपये के नकली नोट 1.10 लाख पकड़े गए। साल भर पहले बैंकिंग सिस्टम ने 98,459 नकली नोट 1,000 रुपये के पकड़े थे। फाइनेंशियल ईयर 2014 में 100 रुपये के 1.18 लाख नकली नोट पकड़े गए, जो साल भर पहले की तुलना में 10,000 पीस ज्यादा थे। आरबीआई ने हाल में रिलीज अपने एनुअल रिपोर्ट में ये बातें कही हैं।

आरबीआई की एनुअल रिपोर्ट में लिखा गया है, 2013-14 में 1,000 और 100 रुपये के नकली नोट क्रमश 11.8 पर्सेंट और 9.8 पर्सेंट बढ़े। वहीं 500 रुपये के नकली नोटों में 10.3 पर्सेंट की कमी दर्ज की गई। आरबीआई की रिपोर्ट में सिर्फ बैंकिंग सिस्टम की ओर से पकड़े गए नकली नोटों का जिक्र है। इसमें राज्य पुलिस और दूसरी एन्फोर्समेंट एजेंसियों के डेटा नहीं हैं। 

पूरे देश में पकड़े नकली नोट के आंकड़े
वर्ष                 नकली नोटों की संख्या        नकली नोटों का मूल्य
2009-10              670631            26 करोड़ 81 लाख 54 हजार 186 रुपए
2010-11              556970            24 करोड़ 76 लाख 78 हजार 200 रुपए
2011-12              538502            26 करोड़ 50 लाख 16 हजार 311 रुपए

छत्तीसगढ़ तीन साल में पकडेÞ गए मामले
वर्ष 2011 में कुल 67 मामलों में 61 आरोपी और कुल जब्त 2 लाख 78 हजार 350 रुपए
वर्ष 2012 में  55 मामलों में कुल 38 आरोपी और  कुल जब्त 6 लाख 49 हजार 450 रुपए
वर्ष 2013 में 19 मामलों में 30 आरोपी और कुल जब्त 7 लाख 93हजार 300 रुपए

पकडे गए नोटों की कुल संख्या
 100    के नकली नोट        1510
 500    के नकली नोट         2761
 1000  के नकली नोट         184

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गैंगरेप का बदला गैंगरेप से लिया.. गैंगरेप का बदला गैंगरेप से लिया..(0)

क्या गैंगरेप का बदला गैंगरेप से लेने की शुरुआत हो गई है? उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में अपनी बहन से हुई दरिंदगी का बदला एक शख्स ने इसी तरह से लिया. आरोप है कि एक युवक अपनी बहन से रेप के आरोपी की बहन को अपने 6 साथियों के साथ बंदूक की नोंक पर घर से उठाकर जंगल ले गया, जहां तीन युवकों ने युवती से रेप किया. हिंदी अखबार ‘नवभारत टाइम्स’ ने यह खबर दी है.

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवती को बदहवास हालत में छोड़ फरार हो गए. सोमवार सुबह गांव वालों ने लड़की को जंगल में पड़ा देख पुलिस को जानकारी दी. पुलिस युवती को थाने ले आई, लेकिन कई घंटों तक उसे थाने में बैठाए रखा. बाद में मीडिया के पहुंचने पर पुलिस ने 5 युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. पीड़ित लड़की ने बताया कि बदला लेने की नीयत से इस घटना को अंजाम दिया गया है. मामला दर्ज कर पुलिस ने युवती को मेडिकल के लिए भेज दिया है.

मीडिया के आने के बाद पुलिस ने दर्ज किया केस
मामला मुजफ्फरनगर के थाना ककरोली क्षेत्र के खेड़ी फिरोजाबाद का है. यहां रविवार देर रात 19 वर्षीय लड़की को गांव के सात युवकों ने बंदूक की नोंक पर अगवा कर लिया. उस वक्त युवती और उसकी मां घर में अकेली थीं. आरोपी युवक पास ही के गांव मिर्जापुर टिल्ला के जंगल में युवती को ले गए. आरोप है कि तीन युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया. युवती के बेहोश हो जाने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए.

पुलिस ने आरोपी गुलजार, शाहिद और गुड्डू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर युवती को मेडिकल के लिए भेज दिया. युवती ने पुलिस को बताया कि बदला लेने के लिए उसके साथ इस घटना को अंजाम दिया गया. पिछले महीने गांव के ही अर्जुन, सोनू और अन्य पर एक युवती को अगवा कर गैंग रेप और हत्या की कोशिश का आरोप लगा था.

अभी नहीं गिरफ्तार हुए पहले मामले के आरोपी
मामला 26 अगस्त को ककरोली थाने में दर्ज हुआ था. पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ 363, 366, 376, 329, 307 धाराओ में केस दर्ज किया था. पुलिस ने युवती को बरामद कर आरोपी अर्जुन की बहन को पूछताछ के बाद रविवार शाम परिजनों के हवाले कर दिया था. इसके बाद पीड़िता से गैंग रेप की वारदात हुई.

पुलिस अभी पहले वाले गैंग रेप के आरोपी अर्जुन और सोनू को गिरफ्तार नहीं कर पाई है. हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है. मिर्जापुर टिल्ला के चौकी इंचार्ज रविंदर शर्मा ने बताया की युवती बदहवास हालत में मिली थी. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

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रांची बहुचर्चित तारा शाहदेव के मामले में आरोपी रंजीत सिंह कोहली उर्फ़ रकीबुल हसन ने पुलिस पूछताछ में सरकारी अधिकारियों को लड़की सप्लाई करने की बात कबूल कर ली है. इसके साथ ही तारा शाहदेव ने अपने पति पर जो भी आरोप लगाए हैं, पुलिस जांच में उनकी पुष्टि होती दिख रही हैं. इस बीच, निष्पक्ष जांच को लेकर बढ़ते दबाव और रकीबुल के राज्य के कई पुलिस अधिकारियों और हाई प्रोफाइल लोगों से संबंध को देखेत हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है.

महिला शूटर तारा शाहदेव ने आरोप लगाया था कि रंजीत सिंह कोहली उर्फ़ रकीबुल हसन ने खुद को हिन्दू बताते हुए उनसे शादी की और उसके बाद मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए दबाव डालने लगे. तारा ने हिन्दू रीति-रिवाज से विवाह के अगले दिन जबरन निकाह करवाने का आरोप भी लगाया था. इस मामले में जिस काजी द्वारा निकाहनामा पढ़वाने की बात कही गई थी, शुक्रवार को वह सामने आ गए. काजी मोहम्मद मुस्तफी ने कहा कि उन्हें 8 जुलाई को वे ब्लेयर अपार्टमेंट में निकाह करवाने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वल्दीयतनामा में साइन नहीं होने की वजह से उन्होंने निकाहनामे पर दोनों के साइन नहीं करवाए थे.

दूसरी तरफ, शुक्रवार को कोर्ट ने रंजीत सिंह कोहली उर्फ़ रकीबुल हसन को तीन दिनों के पुलिस रिमांड में भेज दिया. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जगन्नाथपुर थाने में पूछताछ के दौरान उसने सेक्स रैकेट चलाने की बात कबूल ली. बताया जा रहा है कि उसने प्रशासन और न्यायपालिका से जुड़े करीब तीन दर्जन लोगों के नाम भी पुलिस के सामने उजागर किए, जिनके पास वह लड़कियां पहुंचाता था. रकीबुल ने तारा के उस आरोप की पुष्टि की कि वह मंत्रियों समेत रसूखदार लोगों को स्टेशन रोड स्थित होटेल अकॉर्ड में ले जाता था.

तारा ने कहा था कि इस मामले में जिन मंत्री, जज और पुलिस ऑफसरों के नाम सामने आए हैं, उनकी सीबीआई जांच कराई जाए. शुक्रवार को महिला शूटर ने दावा किया था कि राज्य के एक वर्तमान मंत्री तो रकीबुल के कहने पर रात एक बजे अपनी लालबत्ती लगी गाड़ी और सिक्यॉरिटी गार्ड छोड़ होटल अकॉर्ड के कमरा नंबर 307 में जाते थे. तारा ने कहा था कि इन लोगों के जाल में 19 से 22 साल की कई लड़कियां फंसीं हुई हैं, जिन्हें ये लोग नामी कॉलेजों में एडमिशन और पैसे का लालच देकर भेजते हैं.

सूत्रों के अनुसार, रंजीत ने पुलिस को बताया है कि झारखंड के एक जिले में पोस्टेड डीएसपी रैंक के एक पुलिस अधिकारी जब रांची आते थे, तब उसके अशोक नगर रोड नंबर छह स्थित किराए के मकान या अशोक विहार स्थित मकान में ठहरते थे. वहां वह लड़कियों को भेजता था. इन दोनों घरों का इस्तेमाल वह बाहर से रांची आने वाले अधिकारियों को ठहराने के लिए करता था और अय्याशी के लिए लड़कियां भेजता था. इस मामले में देवघर में पोस्टेड एक जज का नाम भी आ रहा है, जबकि हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार विजिलेंस मुश्ताक अहमद पहले ही निलंबित हो चुके हैं.

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